शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

शिक्षा व स्वास्थ्य दोनों क्षेत्र महत्वपूर्ण- जिला कलक्टर एन.शिवप्रसाद मदान




 श्रीगंगानगर, 28 दिसम्बर 2018.
 जिला कलक्टर एन.शिवप्रसाद मदान ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां मजबूत हो, इसके लिये शिक्षा व स्वास्थ्य दोनो क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। बच्चों का स्वास्थ्य ठीक होगा तो उसकी शिक्षा भी अच्छी होगी तथा आने वाली पीढ़ियों के युवा मजबूत होगें, तभी राष्ट्र के अच्छे नागरिक तैयार होगें।
जिला कलक्टर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का व्यवसाय ऐसा है, जो अपने कर्तव्यों के साथ-साथ आमजन की सेवाएं कर आशीर्वाद प्राप्त करते है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीड़ित या दुर्घटना के अवसर पर बहते खून के समय जब उपचार पाता है, तो उसकी आत्मा से स्वतः ही दुआएं निकलती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को सेवा करने का एक ऐसा अवसर मिला है कि वे गरीब जन की बेहतर सेवा उपचार के माध्यम से कर सकते है।

अन्य जिलों की तुलना के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी तुलना करें
 जिला कलक्टर ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिये जो पेरामीटर तय किये गये है, उसके अनुरूप हमें आगे बढ़ना है। गंगानगर जिले को अच्छा प्रदर्शन करने के लिये प्रदेश के अन्य जिलों के अलावा अच्छे कार्य कर रहे राज्यों से भी तुलना करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह जिला कृषि उत्पादन में अग्रणी जिला है। यहां के लोगों का जीवन अच्छा है। फिर भी किसी भी रोगी को सही समय पर सही उपचार मिले, इसके लिये प्रत्येक चिकित्सक को तत्पर रहना चाहिए। किस रोगी का कहां पर अच्छा उपचार हो सकता है, उसे वही रेफर किया जाये।
ब्लॉक स्तर पर मजबूत होगी मॉनिटरिंग
जिला कलक्टर श्री एन.शिवप्रसाद मदान ने कहा कि स्वास्थ्य के पेरामीटर के अनुसार कार्य हो तथा स्वास्थ्य के क्षेत्रा को मजबूती प्रदान करने के लिये ब्लॉक स्तर पर मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिले की रैंकिंग के साथ-साथ ब्लॉक स्तर पर बेहतर कौन है, इसकी भी रैंकिंग की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो कार्य प्रतिदिन किया जा रहा है, उस कार्य में ईमानदारी से 20 प्रतिशत तक की ओर वृद्धि की जाये तो लक्ष्यों में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि स्वतः ही हो जायेगी, जो हमारे लक्ष्य से कही ज्यादा की उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि जो कार्य किया जाये उसे उत्साह से मन से किया जाये तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने कहा कि सैक्टर स्तर की बैठक नियमित होनी चाहिए। आशा व एएनएम द्वारा किये जाने वाले कार्यों की मॉनिटरिंग हो। टीकाकरण से लेकर प्रसव तक के कार्यों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाये। स्वास्थ्य कार्य कर्ताओं को डोर-टू-डोर जाकर गर्भवती महिलाओं की जानकारी रखनी चाहिए। कई बार गर्भवती महिला अपने पीहर से ससुराल या ससुराल से पीहर आ जाती है, जिससे दोहरी प्रविष्टियां होने की आंशका रहती है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली बैठकों में तहसीलवार क्षेत्रा बांट कर आयोजित होने वाली बैठकों का निरीक्षण का कार्यक्रम भी तैयार किया जाये। जिले में अच्छा कार्य करने वाली आशाओं व एएनएम को पुरस्कृत भी किया जायेगा।
एएनसी अच्छा होने पर मॉ-बच्चा स्वस्थ रहेगें
जिला कलक्टर ने कहा कि एन्टीनेन्टल केयर के अंतर्गत माह नवम्बर 2018 में एएनसी रजिस्ट्रेशन के लक्ष्यों के विरूद्ध 24371 रजिस्ट्रेशन किये गये है। उन्होंने कहा कि एएनसी ठीक प्रकार से किया जायेगा, तो प्रसव से लेकर मॉ व बच्चे के स्वास्थ्य तक अच्छा रहेगा। मातृत्व के बारे में सभी तरह की जानकारियां होने पर बच्चे की जान भी बचाई जा सकती है। इसलिये मॉ व शिशु की सुरक्षा के लिये एन्टीनेन्टल केयर एक जरूरी कार्यक्रम है।
निशुल्क दवा व निशुल्क जांच में कोई कमी न रहे
जिला कलक्टर ने कहा कि चिकित्सालयों में निशुल्क दवा वितरण व निशुल्क जांच में किसी तरह की कोई कमी नही रहनी चाहिए। सभी चिकित्सालयों में पर्याप्त दवा का स्टॉक उपलब्ध होना चाहिए। रोगियों की जांच के लिये जो उपकरण स्थापित है, वे सभी वर्किंग में होने चाहिए। चिकित्सालयों के उपकरण खराब होने पर ऑनलाईन प्रविष्टि दर्ज करें। संबंधित फर्म निर्धारित समय में उपकरण ठीक करेगी।
चिकित्सीय संस्थाएं साफ वातावरण में होनी चाहिए
जिला कलक्टर ने कहा कि जिला चिकित्सालय से लेकर ग्रामीण स्तर तक संचालित सीएचसी व पीएचसी में साफ-सफाई के साथ-साथ चद्दरें धुली हुई होनी चाहिए। अगर किसी सीएचसी या पीएचसी में चदद्रे कटी फटी या बहुत पुरानी है तो चिकित्सालय के लिये 10 हजार रूपये तक की राशि खर्च कर तत्काल व्यवस्थाएं दुरस्त की जा सकती है।
पीएम सुरक्षित मातृत्व के दिन विशेष ध्यान रखा जाये
आने वाले महिलाओं को खाने के लिये गुड, चना या बिस्कुट दिये जाये

जिला कलक्टर श्री एन.शिवप्रसाद मदान ने कहा कि प्रत्येक माह की 9 तारीख को प्रधानमंत्रा सुरक्षित मातृत्व दिवस के दिन चिकित्सालय आने वाली महिलाओं को घर से निकलने के बाद चिकित्सालय में ठहरने तक काफी लम्बा समय लग जाता है, ऐसे में महिलाएं भूखी न रहे, इसके लिये उन्हें खाने के लिये पोष्टिक के तौर पर गुड, चने या बिस्कुट आदि देने की स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की जाये। उन्होंने राजश्री योजना की प्रगति व भुगतान के संबंध में संतोष व्यक्त किया।
104 व 108 एम्बुलेंस का अचानक होगा निरीक्षण
जिला कलक्टर ने कहा कि सरकार द्वारा जिले के रोगियों की सुविधा के लिये एम्बुलेंस 104 व 108 की सुविधा प्रदान की गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी इन वाहनों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करें तथा सरकार द्वारा निर्धारित पेरामीटर की पालना सुनिश्चित की जाये। इन रोगी वाहनों में ऑक्सीजन के सिलेण्डर इत्यादि व एसी व अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाये।
प्रगतिरत कार्य फरवरी माह तक पूर्ण हो
जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन-जिन योजनाओं के माध्यम से निर्माण व विकास कार्य संचालित है, वे सभी कार्य फरवरी 2019 तक आवश्यक रूप से पूर्ण होने चाहिए। उन्हांने कहा कि निर्माण व विकास कार्यों की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। अगर कही गुणवत्ता में कमी आयी तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगें। 

 
बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहता, पीएमओ डॉ. पवन सैनी सहित जिले के ब्लॉक सीएमएचओ तथा चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया।



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