मंगलवार, 9 अक्तूबर 2018

चुनाव में निजी जीवन के आरोप नहीं लगा सकेंगे

श्रीगंगानगर, 9 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा आम चुनाव 2018 की घोषणा के तहत चुनाव शान्तिपूर्वक स्वतंत्रा, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढ़ग से सम्पन्न कराये जाने व श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रा के सभी मतदाता विशेषकर कमजोर वर्ग के मतदाता बिना किसी भय के अपने सवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिये कानून व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना नितान्त आवश्यक है। इसके लिये दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। 

जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट श्री ज्ञानाराम ने सभा रैली के दौरान कोई भी व्यक्ति धर्म जाति सम्प्रदाय, भाषा आदि के आधार पर वैमनस्य फैलाने, तनाव बढ़ाने या उकसाने कार्य नही करेगा। सभा रैली के दौरान कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के निजी जीवन या निजता पर कोई लांछन लगाने संबंधी कोई गतिविधियां या कार्य नही करेगा तथा किसी उम्मीदवार एवं राजनैतिक व्यक्ति के घर के आगे किसी प्रकार का प्रदर्शन नही करेगें। कोई भी व्यक्ति किसी वैधानिक स्वीकृति, किसी कार्यक्रम या मीटिंग में विघ्न, बाधा या किसी प्रकार का अवरोध पैदा नही करेगा। कोई भी व्यक्ति सभा रैली के दौरान साम्प्रदायिक सद्भाव को ठेस पहुंचाने वाले नारे नही लगायेगा, न ही ऐसा भाषण देगा और न ही इस प्रकार के पम्पलेट, पोस्टर, चुनाव सामग्री छपवायेगा और न ही वितरित करेगा। न ही ओडियों, विडियों के माध्यम से किसी प्रकार का प्रचार करेगा। 

आदेशानुसार उम्मीदवार राजनैतिक व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की लिखित पूर्व अनुमति के बिना जुलुस, सभा, रैली एवं सार्वजनिक मीटिंग का आयोजन नही कर सकेगा। परन्तु यह प्रतिबंध विवाह समारोह या शव यात्रा पर लागू नही होगा। साथ ही इस प्रकार की प्रत्येक सभा, जुलुस एवं सार्वजनिक मीटिंग की अनुमति आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन आयोग भारत के निर्देशों की पालना के अंतर्गत होगी। जिसका स्पष्ट उल्लेख अनुमति देने वाले अधिकारी द्वारा किया जायेगा। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें