रविवार, 7 अक्तूबर 2018

राजस्थान रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल खत्म:किस नारे से खत्म हुई?

राजस्थान में राज्य पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों की करीब 23 दिन से जारी हड़ताल शनिवार रात 12 बजे खत्म हुई। देर रात राजस्थान रोडवेज संयुक्त मोर्चे ने रोडवेज की हड़ताल समाप्त करने निर्णय लिया। इसी के साथ ही रात 12 बजे से सरकारी बसों का संचालन एक बार फिर शुरू हो गया।

राजस्थान में पिछले 23 दिनों से रोडवेज के पहिए थमे हुए थे। प्रदेश में रोडवेजकर्मियों की हड़ताल 17 सितम्बर से चल रही थी। जिसे शनिवार रात 12 बजे रोडवेज संयुक्त मोर्चे ने हड़ताल समाप्त कर रोडवेज बसों को सुचारु रूप से चलाने का निर्णय लिया है। रोडवेज के पदाधिकरियों ने ये निर्णय प्रदेश में आचार सहिंता लगने के बाद लिया है। रोडवेज सयुंक्त मोर्चे के इस निर्णय के बाद आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार से नाराज़ रोडवेजकर्मी

राजस्थान के रोडवेजकर्मी हड़ताल वापिस लेने के साथ ही सरकार से नाराज़ हैं। हड़ताल वापिस लेने के निर्णय के साथ संयुक्त मोर्चे ने बीजेपी से नाराजगी जताते हुए, भाजपा भगाओ, रोडवेज बचाओ का नारा दिया और साथ ही चुनावों में भाजपा का विरोध करने का निर्णय लिया। साथ ही सीएम वसुंधरा राजे, यूनुस खान और राजपाल सिंह शेखावत का पुरजोर विरोध करने की बात कही।

 

ये थीं रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख चार मांगे

-सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देय सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान

-नवीन बसों की खरीद

-रोडवेज कर्मचारियों को राज्य सरकार के अनुरूप सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन और पेंशन भत्ते 

- रिक्त पदों को भरने की स्वीकृति दी जाए।

 

 

 


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