रविवार, 14 अक्तूबर 2018

सूरतगढ:भाजपा टिकट का युद्ध शुरू: रणकपुर में बोले टिकटार्थी नेता



* करणीदानसिंह राजपूत *

भारतीय जनता पार्टी की सूरतगढ सीट की टिकट के लिए युद्ध शुरू हो चुका है। रणकपुर में 14 अक्टूबर 2018 को तीन प्रबल दावेदारों ने अपनी बात रखते हुए दावेदारी की है।

भाजपा की टिकट के लिए प्रबल दावेदारों में वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू,पूर्व विधायक अशोक नागपाल  और पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कसनिया ने टिकट के लिए अपनी दावेदारी नेताओं के समक्ष प्रकट की है। 

वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने क्षेत्र में कराए गए विकास के दावे के हिसाब सेे टिकट देने का आग्रह किया।

पूर्व विधायक अशोक नागपाल और पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कसनिया ने सर्वे के आधार पर टिकट दिए जाने का आग्रह किया है।

रणकपुर में संगठन की मीटिंग में टिकटार्थियों को शामिल नहीं किया गया। उन्हें सभा हाल से बाहर जाने का कहा गया और बाद में संगठन की राय जानी गई।

 संपूर्ण जिले की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई और उसके बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के बारे में अलग अलग जानकारियां ली गई।

सूरतगढ़  सीट को अखबारों व चर्चाओं में भाजपा की कमजोर सीट माना जाता रहा है मगर वर्तमान विधायक और पूर्व के दो विधायकों के द्वारा टिकट की मांग किए जाने से सूरतगढ़ सीट की स्थिति कमजोर होने का कथन सच्च नजर नहीं  आता। अगर यहां भाजपा की स्थिति बेहद कमजोर होती तो कोई भी ऊंखली में सिर देने को तैयार नहीं होता। लेकिन इस सीट को वर्तमान विधायक राजेंद्रसिंह भादू छोड़ने को तैयार नहीं है वहीं कासनिया और नागपाल काबिज होना चाहते हैं।

अगर इस सीट पर पार्टी बदलाव करे और भादू कासनिया के अलावा किसी अन्य वर्ग को मौका दे तो नागपाल के भाग्य में टिकट आ सकता है। जनमानस जीत पक्की के लिए बदलाव चाहता है तथा यह तथ्य पार्टी के जयपुर नेताओं तक भी जानकारी में है। सूरतगढ सीट पर अशोक नागपाल का कार्यकाल 2003 से 2008 तक रहा। उसके बाद उन्होंने टिकट का आवेदन नहीं किया। भाजपा ने 2008 में कासनिया को टिकट दिया लेकिन पराजय और तीसरा क्रम मिला। कांग्रेस के गंगाजल मील ने जीत प्राप्त की और राजेंद्र भादू निर्दलीय रूप में दूसरे क्रम पर रहे। सन 2013 के चुनाव से पहले भादू ने भाजपा की सदस्यता लेली। वसुंधरा राजे की थपकी से सन 2013 में भादू को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया। भादू ने जीत हासिल की और कांग्रेस के गंगाजल मील को तीसरे क्रम पर धकेल दिया।

अब भाजपा की टिकट की दावेदारी में किसका दावा मजबूत माना जाता है,उसका इंतजार सभी को है।



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