सोमवार, 1 अक्तूबर 2018

नगरपालिका सूरतगढ का करोड़ों रू.कहां गया?


* करोड़ों का बजट- विकास के दावे मगर सेवानिवृत्त को ग्रेच्युटी देने को पैसा नहीं?

-  करणीदानसिंह राजपूत --


1 अक्टूबर 2018.

  पालिका की ओर से ठेकेदारों आदि को तो भुगतान होता रहता है लेकिन सेवानिवृत्त को मामूली भुगतान में कमजोरी आ जाती है। ठेकेदारों को तो पेमेंट होता है,मगर कर्मचारियों को ग्रेच्युटीआदि देने में नगरपालिका की हालत छप्पनिया आकाल जैसी हालत में भूखी हो जाती है। आखिर ठेकेदारों को देने के लिए रूपया कहां से आता है? ठेकेदारों के प्रति उदारता से कौनसा स्वार्थ जुड़ा है?

जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं,उनमें अनेक अपने पैसे के लिए ढाई तीन साल से चक्कर लगा लगा कर थक चुके हैं। मालूम हुआ है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी के लाखों रुपए नगर पालिका की ओर बकाया चल रहे हैं मगर बोर्ड को कोई परवाह नहीं है और न अन्य जनप्रतिनिधियों को। 

सेवानिवृत्त कर्मचारियों में चतुर्थ श्रेणी व सफाई कर्मचारियों को भी अपने पैसे के लिए लिए परेशान होना पड़ रहा है।

सेवानिवृत्त होने वाले सफाई कर्मचारियों का हिसाब भी नहीं हो पाया है।

नगर पालिका का पिछला बजट 195 करोड रुपए का था और चालू वित्त वर्ष का बजट 125 करोड़ का 125 करोड़ का 125 करोड़ का बजट 125 करोड़ का 125 करोड़ का 125 करोड़ का है। इतने भारी-भरकम बजट के होते नगर पालिका में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर देने के लिए रूपया क्यों नहीं है? यह सवाल जनप्रतिनिधियों और पालिका बोर्ड को कटघरे में खड़ा करता है। आखिर इतना रूपया कहां जाता है?

नगरपालिका कर्मचारियों को 2 माह से वेतन नहीं मिला है और आगे कितने दिन और निकल जाएंगे इसका कोई अंदाजा नहीं है। वेतन कहां अटका है? क्या यह जिम्मेदारी नगरपालिका बोर्ड व अधिशासी अधिकारी की नहीं है?

नगर पालिका के अंदर करीब 450 कर्मचारी हैं। इनमें करीब 50 मंत्रालयिक  कर्मचारी व अधिकारी हैं बाकी सहायक कर्मचारी व सफाई कर्मचारी आदि हैं।

 सूचना है कि कर्मचारियों को आजतक अगस्त माह का वेतन नहीं मिला वहीं सितंबर माह भी बीत चुका है।



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