मंगलवार, 4 सितंबर 2018

सूरतगढ:श्याम सखा मंडल और महिला मंडल का जन्माष्टमी पर्व:

सूरतगढ़। श्री श्याम सखा मण्डल व महिला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में लाहौटी चौक पर आयोजित  जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया।पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम रात्रि 2 बजे तक जारी रहा। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमने को विवश हो गये। पूजा-अर्चना में यजमान के रूप में समाजसेवी प्रवीण छाबड़ा, पुनीत नागपाल व राजू डोडा सपरिवार शामिल हुए।   इसके बाद भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ। जिसमें बीकानेर के मास्टर भंवर अली सहित रजनी मोदी, राजपाल स्वामी, दिनेश सागर, काजल सैनी, शुभम कुमार ने भजनों की प्रस्तुतियों से मंत्र-मुग्ध कर दिया। इस दौरान श्याम आर्ट गु्रप श्रीगंगानगर के कलाकारों की सचेतन झांकियां आकर्षण का केन्द्र रही। झांकियों के कलाकारों के साथ महिला-पुरूषों ने खूब नृत्य किया। कार्यक्रम में राधा-कृष्ण व सुदामा के रूप में करीब सवा सौ बच्चे सज-धज कर कार्यक्रम में पहुंचे। इन सभी बच्चों का संस्था की तरफ से स्मृति चिन्ह देकर स मान किया गया। सभी श्रद्धालुओं को खजाना भी दिया गया। जिसमें सोने-चांदी के सिक्के भी थे। पहली बार श्याम बाबा की हुंडी भी श्रद्धालुओं को दी गई। रात्रि 12 बजे श्री कृष्ण भगवान के जन्मोत्सव की थाली बजा व केक काटकर खुशियां मनाई गई। इस दौरान पूरा पंडाल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...’ से गूंज उठा। संस्था की ओर से बनाये गये नये चलने वाले रथ का लोकार्पण भी पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस रथ पर बाबा के शीश का भव्य श्रंृगार किया गया। रथ का आकर्षण देखते ही बनता था। अध्यक्ष संजय डागा ने सभी सहयोगियों का आभार जताते हुए बताया कि सखा मण्डल ने एकादशी पर होनी वाली श्याम संध्या के लिये यह विशेष रथ तैयार करवाया है। इस मौके पर आतिशबाजी, पुष्प वर्षा, इत्र वर्षा भी की गई। कार्यक्रम में अध्यक्ष संजय डागा, सचिव निर्मल जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल सरना, उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल, कोषाध्यक्ष लाला सोनी, वरिष्ठ सदस्य नीरज चौधरी, अजय कालड़ा, अंकुर लड़ोइया, राहुल सैनी, पवन पेड़ीवाल, अंकुश बजाज, रोहित जैन, रवि गिल्हौत्रा, मोनू ओझा, मुरली ओझा, धीरज अग्रवाल, ओम बिहानी, हिमांशु जैन, विकास झालडिय़ा, राकू स्वामी, अशोक भार्गव, सखा मण्डल की मधु मूंदड़ा, सुमन पेड़ीवाल, मनोज अग्रवाल, बजरंग सरावगी आदि का विशेष योगदान रहा। पूजा-अर्चना पंडित पवन शास्त्री ने करवाई। रात्रि को जोत के बाद पंजीरी व पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। 



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