बुधवार, 26 सितंबर 2018

अशोक नागपाल भी सूरतगढ से तैयार:भाजपा टिकट के दावेदार

- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ से 2003 से 2008 तक भाजपा से विधायक रहे अशोक नागपाल 10 साल शांत रहने के बाद अब 2018 के चुनाव में पुनः सूरतगढ़ से भाजपा टिकट के दावेदार हो गए हैं। समर्थकों के स्टीकर और हार्डिंग पर उनका नागपाल का चेहरा नजर आने लगा है। 

नागपाल को पहले श्रीगंगानगर और सूरतगढ में कहीं एक से चुनाव में उतारे जाने के समाचार चर्चित रहे थे। भाजपा टिकट मिलने पर सूरतगढ से सफल होना आसान लगता है। श्रीगंगानगर से भाजपा टिकट के दावेदार काफी हो गए हैं।

नागपाल ने सूरतगढ़ का चुनाव 2003 में भारी बहुमत से जीता था। लोकप्रिय कांग्रेस महिला नेता श्रीमती विजय लक्ष्मी बिश्नोई को नागपाल ने पराजित किया था। बिश्नोई संसदीय सचिव रही थी। 

सन 2008 में भाजपा का मूड देखकर नागपाल ने टिकट का दावा पेश नहीं किया। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया को भाजपा ने ताकतवर मानकर टिकट दी,मगर कासनिया को जबरदस्त पराजय मिली और तीसरे क्रम पर पहुंच गए। कांग्रेस के गंगाजल मील ने जीत प्राप्त की तथा निर्दलीय राजेंद्रसिंह भादू दूसरे क्रम पर रहे। भादू ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सन 2013 में भाजपा ने भादू को चुनाव में उतारा। भादू चुनाव जीते और विधायक बन गए। नागपाल ने 2008 और 2013 के चुनावों में पार्टी नेताओं का मूड देखा और पार्टी निर्णय को स्वीकार किया व निर्देश के अनुसार काम करते रहे। पार्टी ने जिलाध्यक्ष बनाया मगर वे कुछ नेताओं के चक्र के शिकार हो गए। पार्टी ने पद छीना और सदस्यता से भी हटा दिया। भाजपा ने पुनः सदस्य भी बना लिया लेकिन निर्देशानुसार नागपाल चुप रहे। 

फिर चर्चा हुई कि श्रीगंगानगर सूरतगढ में से किसी एक स्थान से चुनाव में उतर सकते हैं।

नागपाल से आज 26-9-2018 को गंभीरता से चर्चा हुई। नागपाल ने कहा कि पार्टी ने टिकट दिया तो चुनाव में उतरेंगे और टिकट के प्रबल दावेदार हैं।






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