सोमवार, 24 सितंबर 2018

रावतसर में पालिकाध्यक्ष के पति हरवीर सहारण की गोलियां मार हत्या:राजनीति में तूफान की आशंका




रावतसर में पालिकाध्यक्ष के पति हरवीर सहारण की सोमवार 24-9-2018 को
दिनदहाड़े उपखंड कार्यालय परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद मौके पर हड़कंप मच गया. पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है.जानकारी के अनुसार वारदात दोपहर करीब 12 बजे रावतसर उपखंड अधिकारी के कार्यालय परिसर में हुई. रावतसर पालिकाध्यक्ष नीलम सहारण का पति हरवीर सहारण किसी काम से उपंखड कार्यालय आया हुआ था। करीब 12 बजे अचानक एक व्यक्ति ने हरवीर पर अंधाधुध फायरिंग कर दी, जिससे वह लहूलहान होकर वहीं गिर पड़ा. वारदात के तत्काल बाद हमलावर वहां से भाग गया। लोगों ने हरवीर को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया. वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया।
हनुमानगढ़ के राजकीय अस्पताल में घायल हरवीर को ले जाया गया जहां ईलाज के बीच मौत हो गई।
 जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप भी वहां मौजूद थे. वे वहां किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हुए थे। हरवीर की हालात को देखकर डॉ. रामप्रताप ने भी चिकित्सकों के साथ मिलकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया।


डॉ. रामप्रताप ने खुद हरवीर को सीपीआर दी. लेकिन अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण हरवीर ने दम तोड़ दिया। ह
हरवीर पर भी हत्या के दो मामले दर्ज हैं और वह हाल ही में जमानत पर छूट कर आया था।

+ पूर्व का एक समाचार 15 मई

18 साल बाद हत्या के मामले में नगर पालिका चेयरमैन के पति हरवीर सहारण गिरफ्तार

जयपुर। एसओजी राजस्थान ने 18 साल पहले हुई एक युवक की हत्या के मामले में अब गिरफ्तारी की है। यह मामला हाल ही एसओजी के पास आया था। एसओजी ने त्वरित अनुसंधान करते हुए मुख्य अभियुक्त हरवीर सहारण पुत्र रामजस सहारण पालिका अध्यक्ष के पति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया । यह मामला स्थानीय रावतसर  पुलिस और सीआईडी सीबी तक गया, लेकिन तीन बार एफआर लगाने के बाद इस मामले में गिरफ्तारी हुई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस एवं एसओजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि नौ अप्रेल, 2003 को नोरा देवी जाट निवासी परबतसर के परिवाद पर थाना रावतसर में एक प्रकरण इस आशय का दर्ज हुआ था कि मेरा पुत्र प्रेम कुमार आयु 30 वर्ष दिनांक 09.11.2001 से गायब है। जिसकी मैंने 18.11.2001 को थाना रावतसर में गुमशुदगी दर्ज करायी थी तथा प्रेम कुमार को गायब करवाने का शक हरवीर सहारण पर जताया था लेकिन हरवीर सहारण राजनीतिक पहुंच का व्यक्ति होने से मेरी रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं हुयी। अब हमारे घर पर गुमनाम पत्र आ रहे हैं कि मेरे पुत्र की हत्या हरवीर सहारण व उसके साथियों ने की है। हत्या कर शव को जला दिया है। उक्त रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर स्थानीय पुलिस द्वारा अनुसंधान किया गया। अनुसंधान से मामला अदम सबूत का माना जाकर सन 2003 में ही एफआर अदम सबूत में दे दी गयी थी।

- लूट के अभियुक्त ने कहा, हत्या करके शव जला दिया
2016 में लूट एवं डकैती के मामले में थाना सरदार शहर में गिरफ्तार अभियुक्त वजीर खां ने पूछताछ में इस मामले का खुलासा कर हरवीर सहारण, पप्पूराम मेघवाल, भीम बेनीवाली, रणजीत मेघवाल, मांगेस तारण के साथ मिलकर प्रेमकुमार की हत्या कर शव जलाना स्वीकार किया था। जिस पर पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ के आदेश से मामले को रि-ओपन कर अनुसंधान एसएचओ रावतसर द्वारा शुरू किया गया। इसके पश्चात मामले का अनुसंधान एसएचओ सरदारशहर ओमप्रकाश गोदारा, पुलिस निरीक्षक द्वारा किया जाकर मामले में अभियुक्त वजीर खां को गिरफ्तार किया गया तथा हरवीर सहारण व अन्य व्यक्तियों को अभियुक्त माना गया। अनुसंधान के दौरान ही हरवीर सहारण के पिता रामजस के परिवाद पर महानिरीक्षक बीकानेर रेंज, बीकानेर के आदेश पर अग्रिम अनुसंधान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ निर्मला विश्नोई एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायसिंहनगर भरतराज के द्वारा किया गया। जिसमें अनुसंधान से मामला पुन: अदम सबूत का मानते हुये प्रकरण में एफआर अदम सबूत एवं गिरफ्तारशुदा अभियुक्त वजीर खां के लिये 169 सीआरपीसी के तहत अनुशंषा की गयी।
 तत्पश्चात मुख्यमंत्री कार्यालय के निदेर्शानुसार उक्त प्रकरण की पत्रावली अग्रिम अनुसंधान हेतु एसओजी को प्राप्त हुयी। जिस पर प्रकरण का गहन अनुसंधान आईजी एसओजी दिनेश एम एन के निकट सुपरविजन में करन शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसओजी के नेतृत्व में चिरंजीलाल मीना, उप अधीक्षक पुलिस के द्वारा शुरू किया गया। गहन अनुसंधान के पश्चात वारदात के मुख्य अभियुक्त हरवीर सहारण पुत्र रामजस सहारण निवासी वार्ड नंबर 13, रावतसर, जिला हनुमानगढ हाल पार्षद वार्ड नंबर 13 एवं पालिका अध्यक्ष पति नगरपालिका रावतसर को गिरफ्तार किया गया है।

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निलम्बन आदेश ने बढ़ा दी नीलम की और ताकत – पुन: कार्यभार ग्रहण करने से पहले किया शक्ति प्रदर्शन

 July 19, 2018 

हनुमानगढ़ जिले में सत्तारूढ़ भाजपा के कतिपय नेताओं का रावतसर नगरपालिका की अध्यक्ष नीलम सहारण पर कथित भ्रष्टाचार-पद के दुरुपयोग के आरोप लगवाकर निलम्बित करवा देेने का दांव उल्टा पड़ गया है। जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा निलम्बन आदेश स्थगित कर दिये जाने के बाद बुधवार को नीलम सहारण ने जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष का कार्यभार फिर से ग्रहण कर लिया। अपने सैकड़ों-हजारों समर्थकों के साथ नीलम सहारण जुलूस के रूप में पालिका कार्यालय में पहुंचीं, जहां उन्होंने फिर से कार्यभार सम्भाला। उनके जुलूस में कांग्रेस-भाजपा के भी अनेक चेहरे दिखाई दिये। इस शक्ति प्रदर्शन से अब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नोहर विधानसभा हलके के समीकरण बदलने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बता दें कि नीलम सहारण को पिछले सप्ताह स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप में निलम्बित कर दिया था। इसके अगले ही दिन उनकी जगह राधा शर्मा को कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष बना दिया गया। अपने निलम्बन के विरुद्ध नीलम सहारण ने जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर सुनवाई के बाद कल मंगलवार को स्थगन आदेश जारी कर दिया गया। जैसे ही यह आदेश जारी होने की सूचना रावतसर में आई, नीलम सहारण के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। उस समय कार्यालय में मौजूद राधा शर्मा तुरंत ही अपने घर लौट गईं। राधा शर्मा को अढ़ाई दिन भी इस कुर्सी पर बैठना नसीब नहीें हुआ। नीलम सहारण ने पुन: कार्यभार सम्भालने के इस मौके को जाने नहीं दिया। उन्होंने आज इसे अपने शक्ति प्रदर्शन में तब्दील कर दिया। इस शक्ति प्रदर्शन में उनके विरोधियों के हौसले पस्त कर दिये हैं। राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा चल निकली है कि भाजपा के इन कतिपय नेताओं को नीलम सहारण को निलम्बित करवाने का पंगा लेना ही नहीं चाहिए था। निलम्बन के इस मामले ने नीलम सहारण को न केवल राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का मौका मिल गया, बल्कि लोगों में उनके प्रति सहानुभूति पहले से भी ‘यादा हो गई है। बता दें कि नीलम सहारण के पति हरवीर सहारण को लगभग दो माह पूर्व एसओजी ने 17-18 वर्ष पुराने एक हत्याकांड में गिरफ्तार कर लिया था। दो-तीन जने और भी पकड़े गये थे। इसके बाद एक और पुराने हत्याकांड का भी खुलासा हुआ। तब से हरवीर सहारण न्यायिक हिरासत में हैं। पिछले कुछ समय से हरवीर सहारण नोहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे थे। उनकी यह सक्रियता भाजपा के कतिपय नेताओं की आंख की किरकरी बन गया। समझा जाता है कि इसी किरकिरी को मिटाने के लिए 17-18 वर्ष पुराने हत्याकांड की फाइल को फिर से बाहर निकलवाया गया, जबकि अनेक अधिकारी इस मामले की जांच के बाद एफआर लगा चुके थे। माना जा रहा है कि अगर हरवीर सहारण की चुनाव से पहले जमानत नहीं हो पाई, तो नोहर विधानसभा क्षेत्र से नीलम सहारण ताल ठोक सकती हैं। इसी गर्ज से आज उन्होंने अपनी राजनीतिक ताकत का और क्षेत्र में पकड़ मजबूत होने का प्रदर्शन किया। नीलम सहारण इससे पहले भी एक बार पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं, जब नेाहर से मौजूदा विधायक अभिषेक मटोरिया पहली बार विधायक चुने गये थे। उस समय मटोरिया ने पालिकाध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़ा था। विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने पालिकाध्यक्ष का पद त्याग दिया था। शेष रहती डेढ़ वर्ष की अवधि के दौरान नीलम सहारण पालिकाध्यक्ष रही थीं। अब उनकी निगाहें विधानसभा चुनाव पर हैं।
नई कुर्सी पर विराजित
लगभग तीन वर्ष से पालिकाध्यक्ष नीलम सहारण बुधवार दोपहर को दोबारा कार्यभार ग्रहण करने नगरपालिका कार्यालय में गईं, तो उन्हेांने अपनी पुरानी कुर्सी का त्याग कर दिया। उनके कार्यालय मेें आने से पहले ही कुर्सी को बदला जा चुका था। उनके कार्यालय में नई कुर्सी रखी गईं। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हुईं। इन चर्चाओं में कहा गया कि शायद पहले वाली कुर्सी को अशुभ मानते हुए हटाया गया है। दूसरी चर्चा यह है कि इस कुर्सी पर अढ़ाई दिन के लिए कोई और बैठा था, इसलिए नीलम को इस कुर्सी पर बैठना गवारा नहीं हुआ। दूसरी ओर कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष बनी राधा शर्मा के साथ तो और भी ‘यादा खांटी हो गई। उन्हें लगा था कि कोई कुर्सी से हटा नहीं पायेगा। उन्होंने अपने नाम की दो नेम प्लेटें बनवाईं। एक नेम प्लेट उनके कार्यालय पर और दूसरी उनके निवास पर लगाई गई। पालिका कार्यालय से उनकी नेम प्लेट हटा दी गई। अलबत्ता अब उनके घर की नेम प्लेट पर पूर्व पालिकाध्यक्ष अंकित हो गया। नीलम सहारण ने कार्यभार सम्भालने के बाद सफाई कर्मियों की नियुक्ति में धांधली होने के आरोप लगाते हुए धरने पर बैठे हुए वाल्मीकि समाज के लोगों के पास जाकर बातचीत की। उन्हें आश्वस्त किया कि इसकी पूरी जांच की जायेगी, लेकिन उन्होंने धरना नहीं हटाया। इस बीच एक और घटनाक्रम भी हुआ। अधिशाषी अधिकारी ने कल मंगलवार सुबह पालिका के सात संविदाकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया था, लेकिन दोपहर को जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश जारी किये जाने का पता चलने पर इन सभी कर्मियों को वापिस कार्य पर ले लिया गया।

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