बुधवार, 19 सितंबर 2018

रेलगाड़ियों के सामने पशुओं के आने से समयपालन को नुकसान


*वर्ष 2018 में अगस्त माह तक 607 घटनाओं के कारण 905 ट्रेनें हुई प्रभावित* 


- रेलवे जागरूकता अभियान चलायेगा तथा पशु मालिकों के खिलाफ  कार्यवाही भी करेगा -


श्रीगंगानगर, 19 सितम्बर 2018.

रेल संचालन में गाड़ियों की संरक्षा और समयपालनता  रेलवे की प्राथमिकता है। यात्री संरक्षित तथा समयानुसार यात्रा करें इसके लिये रेलवे सदैव अपने प्रयास करता है, लेकिन कई बार इस प्रकार की घटनाऐं हो जाती है, जिसके कारण ट्रेनें देरी से संचालित होती है साथ ही उनकी संरक्षा भी प्रभावित होती है। इन्हीं कारणों में से एक है, पटरी पर गाड़ियों के सामने जानवरों का आना। इस कारण से गाड़ियों की गति कम करनी पड़ती है और उनको रोकना भी पड़ता है, जिसके कारण गाड़ियॉ विलम्ब से चलती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 


    उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में इस वर्ष अगस्त माह तक जानवरों के ट्रेनों के सामने आने की 607 घटनायें दर्ज की गई है, जिसके कारण 905 ट्रेनें प्रभावित हुई है।

 जयपुर मण्डल पर 250, अजमेर मण्डल पर 120, बीकानेर मण्डल पर 95 तथा जोधपुर मण्डल पर 142 घटनाऐं दर्ज की गई है।

 जानवरों के पटरी पर ट्रेन से टकराने से संरक्षा भी प्रभावित होती है। विगत तीन वर्षों में जानवरों के टकराने से 2 ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाऐं भी हुई है। इसके अतिरिक्त जानवरों के टकराने से रेल इंजन को भी नुकसान पहुॅचता है। 

    राजस्थान क्षेत्र में पशुपालन एक प्रमुख व्यवसाय है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अधिक संख्या में पशु चारा चरने के लिये इधर-उधर जाते रहते हैं और वो चरते-चरते पटरी पर आ जाते हैं।

 ट्रेन की चपेट में आकर पशु अपनी जान गंवा देते है। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिये पशु-पालकों को उन्हें पटरी और उसके आस-पास नहीं लाना/छोड़ना चाहिये। उपरोक्त घटनाओं को ध्यान रखते हुए रेल प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं पर कार्यवाही करने जा रहा है। रेलवे ट्रेक पर जानवरों को खुला छोड़ने से होने वाली दुर्घटना से बचने के लिये रेल प्रशासन उन क्षेत्रों की पहचान कर जहॉ इस प्रकार की घटनाएं अधिक होती है, वहॉ जागरूकता अभियान चलाया जायेगा तथा पशु पालकों को पहले समझाया जायेगा।  उसके पश्चात भी इस तरह की घटनाएं होने पर जानवरों के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगा जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। 

    रेलवे द्वारा समयपालनता के लिये प्रयास किये जाते है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं इसको प्रभावित करती है इसके पश्चात् भी उत्तर पश्चिम रेलवे इस वर्ष अगस्त माह तक मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में 86 प्रतिशत समयपालना को प्राप्त कर भारतीय रेलवे में द्वितीय स्थान पर है। 




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