बुधवार, 29 अगस्त 2018

भूमि आवंटन पर कांग्रेस सरकार की रोक को वसुंधरा ने हटाया: जानें भूमि कहां की है?


जयपुर 29-8-2018.

‌राज्य सरकार ने सीमा से सटे जैसलमेर जिले की इंदिरा गांधी नहर परियोजना की दूसरे चरण की बारानी भूमि आवंटन पर गत करीब नौ साल से लगी रोक हटाकर बड़ा सियासी दांव खेला है। कैबिनेट ने मंगलवार को सर्कुलेशन से इसके प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

 अब जैसलमेर जिले में अगले कुछ दिनों में भूमि आवंटन के लिए आवेदन लेने का काम शुरू होगा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जैसलमेर में राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान 24 अगस्त को जमीन आवंटन से रोक हटाने की घोषणा की थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट के समक्ष पेश किया।

 जैसलमेर जिले में लाखों-करोड़ों बीघा बारानी भूमि उपलब्ध है। अब आमजन सहित अस्पताल, स्कूल, कार्यालयों, सड़क एवं रेल लाइन के लिए भी बारानी भूमि दी जा सकेगी। आवंटन उपनिवेशन आयुक्त जैसलमेर करेंगे।

2008 में आए थे 27 हजार आवेदन

1976 से जैसलमेर में बारानी भूमि आवंटन पर रोक थी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उनके पिछले कार्यकाल में भी चुनाव से ठीक पहले 18 अगस्त, 2008 को रोक को हटाया था। इसके बाद करीब 27 हजार से अधिक आवेदन सरकार के पास आए थे। हालांकि दिसम्बर 2008 में प्रदेश में सरकार बदली और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने। गहलोत ने 25 अगस्त 2009 को बारानी जमीन आवंटन पर फिर रोक लगा दी। इसके चलते आवंटन के लिए आए सभी आवेदन खारिज कर दिए गए।

रोक हटाने की मांग काफी समय से चल रही थी।


जिले के भाजपा नेताओं व लोगों ने बार-बार भूमि आवंटन से रोक हटाने के लिए मांग उठाई और जनवरी में हजारों जिलावासियों ने इसे लेकर पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी के नेतृत्व में प्रदर्शन भी किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया।


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