मंगलवार, 12 जून 2018

भय्यूजी महाराज ने गोलीमार आत्महत्या क्यों की


जाने माने आध्यात्मिक गुरु और सामाजिक कार्यकर्ता इभय्यूजी महाराज ने मंगलवार 12-6-2018 को खुद को गोली मार ली। उन्हें घायल अवस्था में इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई है। खुदकुशी के कारण का पता नहीं चल सका है। भय्यूजी ने पहली पत्नी की मौत के बाद पिछले साल ही दूसरी शादी की थी। 


इंदौर पुलिस के इंस्पेक्टर जयंत राठौड़ ने बताया कि भय्यूजी ने खुद को सिर में गोली मारी। सुसाइड नोट में परेशान होने का जिक्र और कोई जिम्मेदार नहीं।


यह पता नहीं चल सका है कि भय्यूजी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। बता दें कि भय्यूजी राजनीति में गहरी पैठ रखते थे। हाल ही में शिवराज सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था। हालांकि, उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि संतों के लिए पद का महत्व नहीं होता। हमारे लिए लोगों की सेवा का महत्व है। 

पिछले साल अप्रैल 2017 में भय्यूजी महाराज ने दूसरी शादी की थी। उन्‍होंने ग्वालियर की डॉक्‍टर आयुषी के साथ सात फेरे लिए थे। भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी का डेढ़ साल पहले (नवंबर 2015 में) निधन हो गया था। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जो पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही है। भय्यूजी महाराज कुछ समय पूर्व सार्वजनिक जीवन से संन्यास की घोषणा कर चुके थे, लेकिन अचानक उन्‍होंने शादी का फैसला लेकर सबको चौंका दिया था।


भय्यूजी महाराज का मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर स्थित है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार जैसी हस्तियां उनके आश्रम आ चुकी हैं। भय्यूजी महाराज के पिता महाराष्ट्र में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। भय्यूजी महाराज ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे को मनाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। कांग्रेस के नेता विलासराव देशमुख ने भय्यूजी महाराज से विशेष आग्रह किया था, जिसके बाद भय्यूजी महाराज ने अन्‍ना हजारे से संपर्क साधा था।



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