शनिवार, 5 मई 2018

सूरतगढ सीट:कांग्रेस भाजपा में ऊंची पहुंच से किसको मिल सकती है टिकट: * रिपोर्ट- करणीदानसिंह राजपूत*


- किसकी तिकड़म पड़ेगी भारी-

भाजपा और कांग्रेस के टिकटार्थियों का अपनी अपनी पार्टी में आपस में मेल तक नहीं है। अभी तक यह आवाज वक्तव्य नेताओं का नहीं आया है कि पार्टी जिसे टिकट देगी उस प्रत्याशी का पूरी ईमानदारी के साथ साथ देंगे। भारतीय जनता पार्टी के टिकटार्थियों की ओर से ऐसा कोई वक्तव्य अभी तक नहीं आया। कांग्रेस के टिकटार्थियों की तरफ से भी ऐसा वक्तव्य नहीं आया।

 दोनों पार्टियों के टिकटार्थी नेता और उनके समर्थक कार्यकर्ता अलग-थलग अपनी अपनी डफली डफली और अपना अपना राग अलाप रहे हैं।

जनता को अभी तक यह मालूम नहीं है कि कांग्रेस पार्टी में किसे टिकट मिलेगा? फिलहाल तो नेताओं की तरफ से भी कोई वक्तव्य नहीं आया है कि वह चुनाव में टिकट मांगेगा और टिकट मिलने पर ही चुनाव लड़ेगा।

अखबारी लाइन में लगे हुए लोग राजनीति में रुचि रखने वाले लोग ही कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के टिकटार्थियों के नाम प्रचारित करने में लगे हुए  हैं।

राजस्थान में वसुंधरा राजे की भाजपा सरकार की स्थिति इस समय विकट हालात में है और जनता के बीच आवाज उठ रही है की राज बदला जाएगा।कांग्रेस पार्टी यह मानकर चल रही है कि राजस्थान में भाजपा जा रही है और कांग्रेस आ रही है। कांग्रेस अपने आप को राजस्थान में मजबूत और आगे भाजपा सरकार का विकल्प मान रही है। मगर सूरतगढ़ में कांग्रेस के टिकटार्थी नेताओं का आपस में कोई मेल नहीं है।

 फिलहाल कांग्रेस के जो नाम जनता के बीच प्रचलित हो रहे हैं उन नामों पर गौर करें।

1.पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू चार बार चुनाव लड़े दो बार जीते दो बार हारे।

 जब पीलीबंगा सीट में सूरतगढ तहसील का बड़ा क्षेत्र पड़ता था जो अब सूरतगढ सीट है। 

2.गंगाजल मील पहली बार पीलीबंगा से भाजपा टिकट पर लड़े और हारे।बाद में कांग्रेस चले गए। कांग्रेस टिकट। पर

सूरतगढ़ से दो चुनाव लड़े पहली बार जीते दूसरी बार पराजित हुए। 

3.बलराम वर्मा ओबीसी के पॉपुलर व्यक्ति है और विधायक का चुनाव सूरतगढ़ पीलीबंगा से लड़ चुके हैं और अच्छे खासे वोट भी बटोर चुके हैं।

4.परमजीत सिंह रंधावा जो अनूपगढ़ पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं। 5.अमित कड़वासरा जो पिछले चुनाव 2013 में जमींदारा पार्टी की ओर से चुनाव में उतरे और करीब 19000 वोट वोट प्राप्त कर लिए थे। अब कांग्रेस में प्रवेश कर चुके हैं। 

6.गगनदीप सिंह विडिंग युवा नेता जो पहले युवक कांग्रेस सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष थे और अब वर्तमान में श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र संपूर्ण के अध्यक्ष हैं।

7. राकेश बिश्नोई जो टिबा क्षेत्र में सिंगरासर एटा माइनर आंदोलन के प्रमुख प्रणेता रहे हैं।

8. इनके अलावा विमलकुमार जैन (पटावरी)जो संयुक्त निदेशक वाणिज्य कर विभाग सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस ज्वाइन की है। सूरतगढ के मूल निवासी हैं। 

समझा जाता है कि टिकट सरदार हरचंदसिंह सिद्धु,गंगाजल मील और बलराम वर्मा के बीच में रहेगी।

 -------

भाजपा से टिकटार्थियों में 


1.विधायक राजेंद्रसिंह भादू पूर्व के तीन चुनावों का अनुभव और अब मुख्यमंत्री राजे तक पहुंच।

2.पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया।चुनावों के अनुभवी। 

3.पूर्व विधायक अशोक नागपाल

  (राजस्थान मेंं कई सीटों पर संघ की महत्वपूर्ण राय रहेगी। ऐसा राजनीतिक सोच के लोगों का मानना है)

राजनीति में समय कार्य आदि से केवल पूर्वानुमान ही लगाया जा सकता है। अभी आगे के 6 महीनों में कितने हालात बदलेंगें? अभी कहा नहीं जा सकता।

हां, इतना कहा जा सकता है कि जनता भाजपा से बहुत नाराज है। चुनाव में दस बारह प्रत्याशियों के लड़ने की उम्मीद है।

राजनैतिक दल और भी उतरेंगे मगर टक्कर त्रिकोणीय भाजपा कांग्रेस और बसपा में ही संभावित है।

****************












कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें