शनिवार, 19 मई 2018

सूरतगढ के सीसीटीवी कैमरे लावारिस हालत मैं खराब :कैसे पकड़ेंगे अपराध

* 129 करोड़ रुपए बजट वाली नगरपालिका के पास 10 लाख  रुपए भी नहीं है*

  -  करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ शहर में लगे हुए सीसीटीवी कैमरों पर भरोसा करना खतरे से खाली नहीं होगा।

 एक अप्रैल 2018 से कैमरों का रखरखाव और मेंटेनेंस आदि सभी बंद हैं और 2-3 स्थानों को छोड़कर सभी जगहों के कैमरे खराब पड़े हैं। 

 शहर में सन 2012 में कैमरे लगाए गए थे और उसके बाद उनके उपकरण आदि में बदलाव नहीं हुआ और बैटरियां भी नहीं बदली गई। सामान्य रूप से बैटरी 3 साल तक ही चल पाती है लेकिन 5 साल बीतने के बावजूद उन्हीं बैटरियां से काम चलाया जा रहा है।  पिछले वर्ष सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव का ठेका 31 हजार रू प्रतिमाह का था लेकिन नए ठेके में न्यूनतम रकम 51हजार रुपए प्रतिमाह की आई। उसके बाद नए ठेकेदार को आदेश ही नहीं दिया गया। पुराने ठेकेदार का कार्य 31 मार्च को समाप्त हो गया था। प्रतिमाह रकम अधिक होने का कारण  आदेश जारी नहीं किए गए। रकम अधिक होने का कारण यह है कि पुरानी मशीनरी में रखरखाव बढ जाता है। नगरपालिका के पिछले ईओ जुबेर खान ने मशीनरी में बदलाव के लिए जानकारी ली तब ठेकेदार ने करीब 3:50 लाख रूपय की रकम बताई थी। लेकिन यह रकम भी उपलब्ध नहीं हुई।  इस रकम के अलावा नया ठेका 6 लाख 12 हजार वार्षिक माने तो रकम 10 लाख रुपए के करीब बनती है। आश्चर्य यह है कि नगरपालिका का वार्षिक बजट 125 करोड़ के करीब है और इतने बजट वाली नगरपालिका के पास साल भर में सीसीटीवी कैमरे रखरखाव के लिए 10 लाख रुपए भी उपलब्ध नहीं है। 

पुलिस और पूरा शहर आपराधिक मामलों में सीसीटीवी कैमरों पर भरोसा करता है लेकिन रखरखाव के अभाव में आधे से ज्यादा कैमरे खराब हो चुके हैं और अब लावारिस हालत में उनका कोई रखरखाव भी नहीं हो रहा।

 नगरपालिका सूरतगढ़ की ओर से मानकसर चौक, इंदिरा सर्किल,  सुभाष चौक,महाराणा प्रताप चौक, बडोपल रोड का पीपल चौक, चेतक पॉइंट के कैमरे सही हालत में नहीं है। इंदिरा गांधी पार्क खेजड़ी हनुमान मंदिर राजकीय चिकित्सालय में भी कैमरे लगे हैं लेकिन रखरखाव के अभाव में ये भी खराब होकर बंद हो सकते हैं। 

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