शुक्रवार, 25 मई 2018

राजस्थान मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बसपा समझौते की संभावनाएं





 25 मई 2018.


कर्नाटक में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस में उत्साह है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है।


कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बुधवार को बेंगलुरु में शपथ ग्रहण समारोह में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती की मुलाकात भविष्य की राजनीति का संकेत देने के लिए काफी है। इस मुलाकात से प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में यह उम्मीद जगी है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बसपा के साथ गठबंधन हो सकता है।


मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बसपा का प्रभाव है। पिछले चुनाव में बसपा ने मध्य प्रदेश में चार और छत्तीसगढ़ में एक सीट जीती थी। ऐसे में पार्टी का एक बड़ा तबका चुनाव में बसपा और दूसरे दलों के साथ गठबंधन की वकालत कर रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि इन प्रदेशों में या तो भाजपा है या कांग्रेस है। जो छोटी पार्टियां हैं, वह कुछ सीट चाहती हैं तो देने में कोई ऐतराज नही है।


छत्तीसगढ़ में पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच वोट प्रतिशत में अंतर एक फीसदी से भी कम था। कांग्रेस को 40.29 और भाजपा को 41.18 फीसदी वोट मिले थे। जबकि इन चुनाव में बसपा ने 4.27 फीसदी वोट के साथ एक सीट जीती थी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बसपा का वोट मिल जाए, तो भाजपा की राह आसान नहीं होगी। मध्य प्रदेश में भी भाजपा की मुश्किलें बढ़ जाएगीं।


मध्य प्रदेश के प्रभारी दीपक बाबरिया भी समान विचार वाली पार्टियों के साथ आने की वकालत कर चुके हैं। उनका कहना है कि प्रदेश की जनता शिवराज सिंह चौहान के कुशासन से मुक्ति चाहती है।

राजस्थान में भाजपा की वसुंधराराजे सरकार से भी लोग नाराज हैं और यह नाराजगी प्रगट होने लगी है।


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