शुक्रवार, 18 मई 2018

डाक्टर पति पत्नी को 7-7साल की जेल,फर्जी कं बना कमाई की,हास्पिटल सरकार को सौंपा

*राजस्थान में यह पहला फैसला*

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कोटा कोर्ट ने गुरुवार 17-5-2018 को  फैसला सुनाते हुए पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक सम्पति अर्जित करने के मामले में एमबीएस अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सा अधिकारी सहित 7 आरोपियों को सात, पांच और तीन साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने सजा के साथ सभी आरोपियों पर कुल 1 करोड़ 25 लाख का भारी जुर्माना भी लगाया है.सहायक निदेशक अभियोजन एसीबी कोर्ट कोटा एहसान अहमद ने बताया कि वर्ष 2003 में जयपुर एसीबी ने तत्कालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच की थी. जांच में पाया गया की वर्ष 1982 से 1998 तक डॉ. आरपी शर्मा ने पद का दुरुपयोग कर टीटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के नाम से प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर फर्जी निवेश किया. आरोपी ने इसमें अपनी पत्नी डॉ. मोहिनी शर्मा, ससुर तेजकरण शर्मा, सास चंद्रकांता शर्मा सहित गीतांजलि शर्मा, किशन गोपाल और असलम पठान को शामिल कर संपत्ति को अपने कब्जे में रखा. इस अवधि में आरोपी ने 55 लाख 42 हजार 429 रुपये की सम्पति अर्जित की. जांच में पाया गया कि इन्होंने 33 लाख से ज्यादा की आय अवैध रूप से अर्जित की.


इस पर एसीबी ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया. गुरुवार को मामले में एसीबी कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी डॉ. आरपी शर्मा और उनकी पत्नी मोहिनी शर्मा को 7-7 साल की सजा व 50-50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया. वहीं डॉ. आरपी शर्मा के ससुर तेजकरण शर्मा एवं सास चंद्रकांत शर्मा को 3-3 साल की सजा व 5-5 लाख रुपए जुर्माना और अन्य तीन आरोपियों को 5-5 साल की सजा व 5-5 लाख के जुर्माने से दंडित किया है. साथ ही अदालत ने टीटी हॉस्पिटल को भी सरकारी कब्जे में लेने के आदेश जारी किए हैं.

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आय से अधिक सम्पति के मामले में गुरुवार को एसीबी कोर्ट ने डॉक्टर दम्पति सहित पांच आरोपितों को सजा सुनाई |


कोटा . आय से अधिक सम्पति के मामले में गुरुवार को एसीबी कोर्ट ने डॉक्टर दम्पति सहित पांच आरोपितों को सजा सुनाई | इसमे से डॉक्टर दम्पति को 7-7 साल की सजा और 50 -50 लाख के जुर्माने से दंडित किया। जबकि सास-ससुर को तीन साल की सजा और 5 -5 लाख का जुर्माना किया। वही बाकि तीन आरोपितों को 5 साल की सजा सुनाई गयी और 5 -5 लाख का जुर्माना किया। | अदालत ने सभी आरोपितों को जेल भेज दिया। वहीं सास और ससुर को जमानत पर छोड़ दिया।


जानकारी के अनुसार कैशवपुरा स्थित टीटी हॉस्पिटल के मालिक डॉ. आरपी शर्मा ने फर्जी कंपनी बनाकर परिजनों को शेयर होल्डर बनाया था। इस मामले में वर्ष 2003 में जयपुर एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए कोटा में उनके हॉस्टिल पर छापा मारा।


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एसीबी ने डॉ. शर्मा की कम्पनी व हॉस्पिटल से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जिसमें सामने आया कि आरोपितों ने अवैध रूप से फर्जी कम्पनी बनाकर 35 लाख रुपए अर्जित किए। इस मामले में एसीबी ने डॉ. आरपी शर्मा, पत्नी मोहिनी शर्मा, ससुर तेजकरण, सास चंद्रकांता सहित तीन अन्य आरोपितो को गिरफ्तार कर एसीबी कोर्ट में पेश किया। जहां से डॉक्टर दम्पति सहित पांच जनों को जेल भेज दिया गया। जबकि ससुर और सास को जमानत पर छोड़ दिया गया।



सजा सुनते ही रोने लगी डॉ. मोहिनी


एसीबी कोर्ट ने जैसे ही 7 साल की सजा सुनाई तो डॉक्टर आरपी शर्मा की पत्नी मोहिनी दहाड़े मार-मार कर रोने लगी। पुलिस पहरे में उन्हें जेल भेज दिया गया। जानकारी के निजी हॉस्पिटल सरकार के हवाले कर दिया गया है। अब इसका संचालन सरकार द्वारा किया जाएगा।

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