शनिवार, 28 अप्रैल 2018

वह अवतरित हुई,आनंदित हुए हम

दिव्यता

विजयश्री:रिंकु
जन्म 9 अप्रेल 1981 गमन 28 अप्रेल 1984.


 






















वह अवतरित हुई
आनन्दित हुए

हम
सब।

उसके 

हाव भाव
देते रहे

दिव्य संदेश।

परी सी उड़ गई
एक दिन
विलीन हो गई
आकाश में।


छोड़ गई
स्मृतियों में
अनन्त
संदेश।

..........
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