शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

सीबीआई ने पकड़ा रेप आरोपी विधायक,युवती भाई कहती थी * भाजपा सरकार ने फजीहत करवाई*


13-4-2018.

सीबीआई टीम सुबह साढ़े 4 बजे के करीब विधायक के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंची। हिरासत में लेने से पहले सीबीआई ने विधायक से घर पर ही लंबी पूछताछ की। हालांकि, जब अफसर उनके घर पहुंचे तो वहां विधायक के बहुत सारे समर्थक इकट्ठे हो गए और हंगामा करने लगे। वे सीबीआई अधिकारियों को विधायक के पास जाने से रोकने लगे थे।

April 13, 2018 


उन्नाव गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने शुक्रवार तड़के हिरासत में ले लिया। इस मामले में उनसे लंबी पूछताछ की गई। सीबीआई टीम सुबह साढ़े 4 बजे के करीब विधायक के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंची। हिरासत में लेने से पहले सीबीआई ने विधायक से घर पर ही लंबी पूछताछ की। हालांकि, जब अफसर उनके घर पहुंचे तो वहां विधायक के बहुत सारे समर्थक इकट्ठे हो गए और हंगामा करने लगे। वे सीबीआई अधिकारियों को विधायक के पास जाने से रोकने लगे। इसके बाद अफसरों को सख्ती दिखानी पड़ी। अफसरों ने सेंगर समर्थकों को कड़े शब्दों में कहा कि अगर उनका ऐसा ही बर्ताव रहा तो यूपी पुलिस उनको नहीं बचा पाएगी। अफसरों ने समर्थकों से कहा कि वे उनका रास्ता नहीं रोक सकते। अगर उन्हें उनका काम करने से रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इसके बाद, विधायक के समर्थक कुछ नर्म पड़े और अधिकारियों को रास्ता दिया।

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई अब विधायक को दिल्ली ले जाने की कोशिश में है। एजेंसी आरोपी विधायक को रिमांड पर लेकर इस मामले में पूछताछ कर सकती है। वहीं, कुछ पुलिस अधिकारियों से भी इस मामले में पूछताछ होने की संभावना है। दरअसल, यूपी पुलिस पर विधायक को लेकर नरम रुख अपनाने का आरोप लग रहा है।


गुरुवार को भी हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाते हुए पूछा था कि आखिर अभी तक विधायक की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

बता दें कि इस मामले को लेकर यूपी की योगी आदित्य नाथ सरकार की काफी आलोचना हो रही है। खुद बीजेपी नेताओं ने कुलदीप पर बरती जा रही नरमी को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि एक विधायक के लिए पूरी पार्टी को दांव पर नहीं लगाया जा सकता। हालांकि, बीजेपी के ही कुछ विधायक सेंगर के बचाव में खड़े होते नजर आए थे। एक विधायक ने तो यहां तक कहा कि पीड़ित लड़की कुछ महीने पहले भी एक अन्य शख्स पर रेप का झूठा मुकदमा दर्ज करा चुकी है।


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उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने शुक्रवार तड़के हिरासत में ले लिया और पूछताछ की। इस मामले में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पता चला है कि किसी जमाने में आरोपी विधायक और पीड़ित महिला के परिवार में ‘मैत्रीपूर्ण रिश्ते’ थे। मखी गांव में दोनों परिवारों के घर आमने-सामने हैं। पीड़ित लड़की और उसके भाई-बहन विधायक को ‘भइया’ कहते थे। पिछले साल जून में विधायक ने उसे ‘नौकरी’ देने की बात कहकर घर बुलाया। इसके बाद वह एक रिश्तेदार के साथ आरोपी विधायक के घर गई और यह वारदात हो गई। पीड़ित ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में दोनों परिवारों के बीच के रिश्तों और उन घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया है, जिसके बाद पिछले साल उसके साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ।


17 साल की पीड़िता ने कहा, “पिछले साल 4 जून की बात है। मुझे एक कमरे में जाने के लिए कहा गया, जहां उसने मेरे साथ रेप किया गया। बाद में मुझसे कहा गया कि अगर मैंने इस बारे में किसी को बताया तो मेरे पिता और परिवार को मार दिया जाएगा। मैंने इसके बारे में किसी को नहीं बताया। हालांकि, कुछ दिन बाद 11 जून को उसके कुछ लोगों ने मेरा अपहरण कर लिया। उन्होंने कुछ दिनों तक मेरा गैंगरेप किया और मुझे किसी को बेच दिया। वहां से मुझे छुड़ाया गया।

 इस मामले को यूपी सरकार ने सीबीआई को सौंपा है। इसके बाद, गुरुवार को आरोपी विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने पॉक्सो समेत कई धाराओं में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले पीड़ित के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। आरोपी विधायक के भाई पर पीड़ित के पिता को पीटने का आरोप है।


पीड़िता ने कहा, “हम सब उनको भैया कहते थे। हमारे बड़े पापा उनके साथ थे। कभी-कभी वो (विधायक) घर आते थे और दादी से कहते थे कि अंडा फ्राई करके खिलाओ तो दादी उन्हें बनाकर खिलाती थी।” पीड़ित ने बताया कि पिछले साल गैंगरेप की वारदात के बाद जब वह घर लौटी तो अपने रिश्तेदार के पास दिल्ली चली गई। पीड़ित ने बताया, “दिल्ली में पहली बार मैंने अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने चाचा को जानकारी दी।”


पीड़ित ने आगे बताया, “17 अगस्त 2017 को मैं और चाचा लखनऊ गए और वहां सीएम योगी आदित्य नाथ के घर पर अपनी दरख्वास्त दी। उन्होंने हमारी दरख्वास्त किसी और व्यक्ति को सौंप दी और कुछ नहीं हुआ।” पीड़ित ने आगे बताया कि जब सीएम से निजी तौर पर मिलने से भी कुछ नहीं हुआ तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी।


पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। और तो और, पुलिसवालों ने नसीहत दी कि वह इस मामले में बीजेपी विधायक को न लाए। लेकिन पिछले हफ्ते जब पीड़ित ने अपने पिता के साथ मारपीट की घटना सुनी तो अगली ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंची, ताकि सीएम आदित्य नाथ से मुलाकात कर सके।


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