शनिवार, 7 अप्रैल 2018

नहरों के किनारे उखाड़े पेड़ कौन संभाले-हनुमानगढ क्षेत्र




पीलीबंगा 7-4-2018.

हनुमानगढ़ जिले भर में पिछले एक साल से सिंचाई विभाग के द्वारा नहरों का नव निर्माण एवं पटड़ा निर्माण का कार्य चल रहा है जिसमें पूर्व में वन विभाग के लगाए हुए पेड़ों को  उखाड़ा जा रहा है।

उखाड़े गए पेड़ों को नहर के पास ही इधर उधर फेंकने की हालत में डाला जाता है। अधिकांश पेड़ नहरों  से निकाली गई मिट्टी में दब रहे हैं। कितने पेड़ उखाड़े गए? इनकी गिनती और हिसाब क्या है?

पेड़ों को उखाड़े जाने के बाद की संपूर्ण संपदा को उठाने का कोई समाधान नहीं होना लापरवाही दर्शाता है वहीं उखाड़े गए पेड़ों की संपदा के चोरी की संभावनाएं भी हैं।


ज्ञात रहे यह कार्य पिछले एक वर्ष से मुंडा माईनर,रणजीतपुरा माईनर,अराईयांवाली माईनर, जाखड़ावाली माईनर,चौहिलांवाली माईनर,पीलीबंगा माईनर,निहाल सिंह वाला माईनर,दौलतांवाली माईनर,सूरतगढ़ ब्रांच,एनडीआर की सभी नहरों पर यह कार्य चल रहा है। जहां एक तरफ नेहरों का नव निर्माण किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है।यहां तक कि वन विभाग के बड़े अधिकारी भी इस बारे में कोई सख्त कदम नहीं उठा रहे।आस पास के ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग समय रहते नहीं चेत रहा है और जब नुकसान हो जाएगा तो इसकी भरपाई कौन करेगा।इस संबंध में कई जागरुक पर्यावरण प्रेमियों ने आवाज उठाई है।

( समस्त फोटो व सामग्री- हरीश हैरी)

 संपादन - ०   करणीदानसिंह राजपूत ०


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