बुधवार, 11 अप्रैल 2018

मुख्यमंत्री को जनसंवाद में मिली परिवेदनाओं के निस्तारण में ढील




*  जिला कलक्टर नाखुश-तेजी लाने का सख्त निर्देश *

श्रीगंगानगर, 11 अप्रैल 2018.

लोगों ने मुख्यमंत्री वसुंधराराजे को परिवेदनाएं देते हुए सोचा होगा कि अब सुनवाई जरूर हो जाएगी,मगर अधिकारियों ने रेस्पांस नहीं दिया। यह बैठक में प्रगट हुआ और कलक्टर को निर्देश जारी करने पड़े।ःः।।।

 मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान आई परिवेदनाओं को लेकर संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वो उस परिवेदना का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करवाएं। प्रत्येक बुधवार को सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की होने वाली समीक्षात्मक बैठक में जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने ये कहा। कलक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सुरतगढ़, श्रीगंगानगर और सादुलशहर में जो भी परिवेदनाएं आई हैं सभी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने ब्लॉक स्तरीय अधिकारी को संबंधित एसडीएम के पास भेज कर उनकी कॉपी ले लें और उनका अलग से रजिस्टर मेंटेन करें। साथ ही आगामी दो दिन में संबंधित एसडीएम को रिपोर्ट करें कि अब तक कितने मामलों का निस्तारण हो चुका है। परिवेदनाओं की पावती भी संबंधित व्यक्ति को नहीं दी है तो तत्काल दें। जिला कलक्टर ने परिवेदनाओं को लेकर चिकित्सा और बिजली विभाग के अलावा अन्य विभागों द्वारा ज्यादा रस्पोंस नहीं आने आने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि परिवेदनाओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान जल्द से जल्द कीजिए ताकि जनता को राहत मिले। जिला कलक्टर ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में आई समस्याओं का पूर्ण निस्तारण नहीं हो जाएगा तब तक प्रत्येक बुधवार को इसका रिव्यू किया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्रा जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सूरतगढ़ में कुल 643, श्रीगंगानगर में 677 और सादुलशहर में कुल 692 परिवेदनाएं आईं थी जिनमें से पंचायतीराज, शिक्षा, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन और मेकिकल की सर्वाधिक परिवेदनाएं हैं। 


                                बैठक में जिला कलक्टर ने इसके अलावा सरकार की फ्लैगशिप स्कीमों की समीक्षा करते हुए नगर परिषद द्वारा अब तक 1349 पेंशनरों का वैरिफिकेशन नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर परिषद में अब तो तीन तीन अधिकारी लगा दिए हैं अब भी काम नहीं हुआ तो कब होगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए तीसरी किश्त गरूवार तक जारी करने के निर्देश दिए। राजश्री योजना को लेकर महिला अधिकारिता के सहायक निदेशक को इसकी मॉनिटरिंग करने और चिकित्सा विभाग को इसकी बकाया पहली और दूसरी किश्त जल्द जारी करवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों और विभिन्न स्कीमों की समीक्षा की। चिकित्सा से संबंधित लैब में आ रही जांचों में भिन्नता को लेकर जिला कलक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि लैब स्थापना को लेकर गाइड लाइन की पूरी पालना की जाए। साथ ही इसको लेकर उच्च स्तर पर इसकी जानकारी दी जाए ताकि गलत रिपोर्ट देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।  


                             बैठक में सामाजिक न्याय अधिकारिता के अधिकारी द्वारा सूरतगढ़ में बालिका छात्रावास की जगह पर कई लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत कलक्टर से करने पर जिला कलक्टर ने एडीएम सुरतगढ़ को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी अपनी जमीनों का ध्यान रखें। अगर विभाग की जमीन पर कहीं कोई कब्जा करता है तो सबसे पहले एफआईआर दर्ज करवाएं और फिर आगे की कार्रवाई तुरंत करें। 


                           बैठक में जिला कलक्टर ने 14 अप्रैल से 15 मई तक चलने वाले ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत जिले के चयनित 111 गांवों में केन्द्र सरकार की सात अलग अलग स्कीमों में 100 फीसदी टार्गेट हासिल करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। इसको लेकर बुधवार को 10 बजे मीटिंग बुलाई गई है। जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल में कई विभागों के अधिकारी नहीं आने पर जिला कलक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कलक्टर की रात्रि चौपाल में संबंधित विभाग का जिला स्तरीय अधिकारी पहुंचे, अगर वो किसी कारणवश नहीं आ सकता तो ब्लॉक लेवल का अधिकारी वहां पहुंचे। ब्लॉक लेवल अधिकारियों में भी सिंचाई, बिजली और पीएचईडी विभाग के तो अधिशाषी अभियंता पहुंचे।  


                          बैठक में जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम के अलावा एडीएम विजीलेंस श्री वीरेन्द्र कुमार वर्मा, एडीएम सुरतगढ़ श्री सीएम वर्मा, यूआईटी सचिव श्री कैलाश शर्मा, एसडीएम सादुलशहर श्री निलाभ सक्सेना, एसडीएम श्रीगंगानगर श्री यशपाल आहुजा, एडीपीसी श्रीमती रीना छिंपा, डीवाईएसपी श्री चेतराम सेवटा, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पशुपालन के संयुक्त निदेशक डॉ. राजकुमार मिढ्ढा, आयुर्वेद से डॉ. कृष्ण चंद्र, महिला अधिकारिता के सहायक निदेशक श्री विजय कुमार, सामाजिक न्याय अधिकारिता के श्री बीपी चंदेल, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश शर्मा, नगर परिषद सचिव श्री लाजपत बिश्नोई समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय और अन्य अधिकारी मौजूद थे।



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