सोमवार, 30 अप्रैल 2018

सुब्रह्मण्यम स्वामी के ये बोल राजनीति में तूफान ला सकते हैं

अमृतसर (स.ह., वड़ैच) :भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधि एवं न्याय मंत्री और मौजूदा सांसद डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि दीपावली से पहले अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र का भव्य मंदिर बनाने का काम शुरू होगा और 2 सप्ताह के भीतर कांग्रेस के बड़े नेता व पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम जेल जाएंगे। रविवार को अमृतसर में माधव निकेतन के मंच से ‘विश्व संवाद समिति’ पर देवर्षि नारद जयंती (पत्रकारिता दिवस) पर ‘पत्रकारिता में सोशल मीडिया का स्थान’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत करते हुए डा. स्वामी ने अपनी लच्छेदार बातों से कांग्रेस पर सीधे निशाना साधा।


श्री हरिमंदिर साहिब में आकर धन्य हो गया हूं

डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका और परिक्रमा में सेवा की। एस.जी.पी.सी. की तरफ से उन्हें सूचना अधिकारी सर्बजीत सिंह ने सम्मानित किया। उन्हें धार्मिक पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया। डा. स्वामी ने कहा कि मैं श्री हरिमंदिर साहिब में आकर धन्य हो गया। 

 


स्वामी के ये बोल राजनीति में ला सकते हैं भूचाल


मैं भिंडरावाला का दोस्त रहा हूं, उन्होंने कभी मेरे से बात करते हुए खालिस्तान की मांग नहीं की थी। 1984 में जो श्री हरिमंदिर साहिब में हुआ उसमें विदेशी ताकतें शामिल थीं, इसका सबूत मैं आने वाले दिनों में दूंगा। यह घटना पूर्व नियोजित थी जिसकी स्क्रिप्ट कांग्रेस ने लिखी थी। सोनिया गांधी 2 दिन पहले मॉस्को गई हैं। मुझे लगता है कि वह भी 2019 के चुनाव को लेकर सोशल मीडिया को हथकंडा बनाने के लिए कोई चाल चलने गई हैं। वैसे सोनिया गांधी के पिता मॉस्को में कैद थे, वह हिटलर की फौज के सिपाही थे, बाद में उन्हें सजा पूरी होने से पहले रिहा कर दिया गया था। सोनिया गांधी के परिवार में कोई ग्रैजुएट नहीं है, वह खुद 5वीं पास हैं और एक रैस्टोरैंट में नौकरी करती थीं। हालांकि चुनाव लडऩे के समय सोनिया गांधी ने लिखा था कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने उन्हें इंगलिश की डिग्री दी थी। मैं कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी गया वहां पूछा तो पता चला कि सोनिया गांधी को कोई डिग्री दी ही नहीं गई थी। मैंने संसद में यह बात कही तो सोनिया गांधी ने कहा कि टाइपिंग मिस्टेक हो गई थी, अगर वह टाइपिंग मिस्टेक थी तो सदी की सबसे बड़ी टाइपिंग मिस्टेक के लिए गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में सोनिया गांधी का नाम दर्ज होना चाहिए। वरुण गांधी व मेनका गांधी को मैं सोनिया गांधी का परिवार नहीं मानता वह भाजपा के पारिवारिक सदस्य हैं।जवाहर लाल नेहरू को पंडित जवाहर लाल नेहरू कांग्रेस ने इसलिए कहा क्योंकि देश में हिन्दू परिवारों को पंडित बताकर वोट हासिल करना था जबकि गांधी परिवार सदैव अंग्रेजी व अंग्रेजों के पक्षधर रहा है। न तो रंग में कोई फर्क है और न काम में। देश का इतिहास तोड़-मरोड़ कर पढ़ाया जाता रहा है और आजादी के बाद से सत्ता में रही कांग्रेस खामोश रही क्योंकि जो कांग्रेस चाहती थी वही स्कूलों में पढ़ाया जाता रहा है। डा. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री तो 10 साल रहे लेकिन उनकी हालत सर्कस के उस शेर की तरह थी जो इशारों पर नाचता भी है और गुर्राता भी है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का बेटा जेल से लौटा है अब उनकी बारी है, 2 सप्ताह में जब चिदंबरम जेल जाएंगे तब उनसे पूछूंगा कि ‘हिन्दू आतंकवादी’ किसे कहते हैं। लंदन के मशहूर सेंट जोसन स्कूल में बच्चों को संस्कृति पढऩा लाजिमी कर दिया गया है और भारत में संस्कृति हटाने व अंग्रेजी लाने पर कांग्रेस सदैव जोर देती रही। 


मैं प्रधानमंत्री होता तो इंकम टैक्स हटा देता


पंचनद की बैठक में डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो इंकम टैक्स हटा देता, रोजगार को बढ़ावा देने के लिए व्यापार नीति सरल करता, सेविंग पर ब्याज बढ़ा देता और कर्ज पर ब्याज कम कर देता। पंजाब में भाजपा अकाली पार्टी की नौकरी कब तक करेगी। आखिर भाजपा अपना स्टैंड क्यों नहीं लेती के सवाल पर स्वामी ने कहा कि अमित शाह सुनते ही नहीं हैं, मैं क्या करूं। स्वामी ने कहा कि पैट्रोल के दाम कम होने चाहिएं। पड़ोसी देश चीन अगर सही दिशा में चल रहा है तो हमें लडऩे की जरूरत नहीं है, लेकिन डरने की भी जरूरत नहीं है। जी.एस.टी. व नोटबंदी को जल्दबाजी में उठाया कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत थी लेकिन प्लानिंग के साथ। उन्होंने हंसते हुए कहा कि जेतली साहिब जब बीमार हुए और ऑप्रेशन कराने गए तो मोदी साहेब ने उनसे हस्ताक्षर करवा लिए ताकि काम रुके नहीं। 

साभार पंजाब केसरी 30-4-2018.



7 पत्रकारों समेत 29 लोगों की मौत 49 घायल

काबुल:30-4-2018. अफगानिस्तान के काबुल में आज सुबह हुई विस्फोट की दो घटनाओं में  7 पत्रकारों समेत 29 लोगों की मौत हो गई और 49 घायल हो गए। काबुल एम्बुलेंस सेवा के प्रमुख मोहम्मद असीम के मुताबिक , पहले विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई और 11 घायल हो गए।  पुलिस अधिकारी जान आगा ने बताया कि पहले विस्फोट के तुरंत बाद दूसरा विस्फोट हुआ। इसमें एक पत्रकार की मौत हो गयी और दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए। 


घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया

काबुल पुलिस के प्रमुख दाऊद अमीन ने बताया कि यहां जिस इलाके में हमले हुए हैं , वहां कई विदेशी कार्यालय हैं। वजीर अकबर खान अस्पताल के निदेशक मोहम्मद मौसा जहीर ने बताया कि विस्फोट में घायल लोगों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। इस्लामिक स्टेट समूह के स्थानीय सहयोगी संगठन और तालिबान देशभर में लगातार हमले कर रहे हैं। तालिबान आमतौर पर जहां सरकारी संस्था और सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं , तो वहीं दूसरी ओर आईएस के आतंकी शिया अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। दोनों समूह अफगानिस्तान में सख्त इस्लामिक कानून स्थापित करना चाहते हैं।

सांसद निहालचंद ने लोहागढ़ हेड व रिलाईनिंग कार्यो का किया अवलोकन

श्रीगंगानगर, 30 अप्रेल। सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री निहालचंद ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के लोहागढ हेड (496 आरडी) पर चल रहे रिलाईनिंग व निर्माण कार्यां का अवलोकन किया। लोहागढ़ हेड पर 50 मीटर लम्बाई 20 मीटर चौडाई तथा 25 फिट गहराई का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिस पर 4 करोड़ रूपये की लागत आयेगी। इस कार्य में 30 हजार सीमेंट के थैले तथा 110 मैट्रिक टन सरिया लगेगा। श्री निहालंचद ने आरडी 496 से 520 तक चल रहे रिलाईनिंग के कार्यों का अवलोकन किया। इस रिलाईनिंग कार्य पर 72 करोड रूपये की राशि व्यय की जायेगी। इसी प्रकार आरडी 582 पर क्रोस रेगुलेटर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। क्रोस रेगुलेटर निर्माण पर 30 करोड़ रूपये की राशि व्यय होगी। मसीतावाली हेड से नीचे की नहर की रिलाईनिंग कार्य को देखा। इस रिलाईनिंग कार्य पर 20 करोड़ रूपये की राशि व्यय होगी। 

निहालचंद ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इंदिरा गांधी नहर परियोजना के सुदृढ़ीकरण व नवीनीकरण के लिये 3092 करोड़ रूपये की राशि खर्च करने का प्रावधान किया है, जिससे किसानों का भला होगा तथा सिंचाई क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी।





रविवार, 29 अप्रैल 2018

रेलमंत्री पीयूषगोयल ने कारपोरेट तरीके से करोड़ो रू लिए- कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने रेल मंत्री पीयूष गोयल पर कॉरपोरेट स्टाइल में घूस लेने का आरोप लगाया है और पीएम नरेंद्र मोदी से उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि गोयल की कंपनी द्वारा किया गया वित्तीय लेन देन ‘‘लाभ पहुंचाने की दागदार कथा, शुचिता का घोर उल्लंघन तथा हितों का टकराव’’ है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को आधारहीन तथा दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए खारिज कर दिया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री के रूप में पद संभालने के चार माह बाद गोयल ने फ्लैशनेट इन्फो सॉल्यूशन्स (इंडिया) लिमिटेड की अपनी पूर्ण हिस्सेदारी पीरामल ग्रुप को बेच दी। उन्होंने कहा कि गोयल और उनकी पत्नी के स्वामित्व वाली हिस्सेदारी को पीरामल समूह की कंपनी को करीब 1000 प्रतिशत प्रीमियम पर बेचा गया और इस समूह का अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में रूचि है। गोयल ने इस कंपनी को साल 2000 में पांच लाख रुपये की पूंजी से खड़ा किया था लेकिन 2014 में उसे 48 करोड़ रुपये में बेच दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि गोयल ने मंत्री बनने के तुरंत बाद पीएमओ की वेबसाइट में अपनी संपत्ति में इसका जिक्र नहीं किया और यह ‘‘हितों के टकराव का स्पष्ट मामला है।’’ खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि यह मोदी सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों में से एक मंत्री की यह ‘‘लाभ पहुंचाने की दागदार कथा, शुचिता का घोर उल्लंघन तथा हितों का टकराव’’ है। उन्होंने प्रश्न किया, ‘‘प्रधानमंत्री नारा लगाते हैं कि ‘न खाऊंगा और न ही खाने दूंगा’ क्या प्रधानंमत्री इस बात का जवाब देंगे कि क्यों उनके पसंदीदा कैबिनेट मंत्री तथा कर्नाटक प्रभारी के तौर पर पीयूष गोयल और उनकी पत्नी ने मिल कर संदेहास्पद वित्तीय लेन देन किया। क्या वह भारत की जनता को इसका जवाब देंगे।’’

शनिवार, 28 अप्रैल 2018

वह अवतरित हुई,आनंदित हुए हम

दिव्यता

विजयश्री:रिंकु
जन्म 9 अप्रेल 1981 गमन 28 अप्रेल 1984.


 






















वह अवतरित हुई
आनन्दित हुए

हम
सब।

उसके 

हाव भाव
देते रहे

दिव्य संदेश।

परी सी उड़ गई
एक दिन
विलीन हो गई
आकाश में।


छोड़ गई
स्मृतियों में
अनन्त
संदेश।

..........
श्रीमती विनीता सूर्यवंशी-करणीदानसिंह राजपूत  :  माता-पिता
योगेन्द्र प्रतापसिंह-रीतिका-अनाया  :  लघु भ्राता-भाभी-भतीजी

रवि प्रतापसिंह-साक्षी: लघु भ्राता-भाभी

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

राजस्थान में प्रदेशाध्यक्ष महिला को बनाओ और आधी टिकटें महिलाओं को दो





वसुंधरा की नारी शक्ति के आगे डगमग भाजपा हाईकमान

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान में कुछ महीनों से कहा जा रहा है आरोप लगाए जा रहे हैं वसुंधरा राजे कमजोर पड़ रही है। भारतीय जनता पार्टी उनकी अगुवाई वाले नेतृत्व में कमजोर पड़ रही है इसलिए आगामी चुनाव में कोई नया चेहरा आना चाहिए। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बदलने का निर्णय और कार्यवाही इसी श्रंखला में पहला कदम रहा।भा ज पा प्रदेश अध्यक्ष को को बदला जाने की योजना के तहत प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी का त्यागपत्र 16 अप्रैल 2018 को केंद्रीय कमान ने ले लिया और 18 को मंजूर भी कर लिया। अशोक परनामी को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का अति निकट माना जाता है और उन पर आरोप है कि उन्होंने वसुंधरा राजे के दिशा निर्देश पर ही संगठन के समस्त कार्य किए। 


भारतीय जनता पार्टी का अलग अलग स्थानों पर संगठन के रूप में अलग अलग चेहरा सामने आता है। सारे राजस्थान के लोगों को मालूम है और भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मालूम है कि विधायक गण के हाथ खुले रखने के लिए स्थानीय संगठन नगर मंडल देहात मंडल आदि को विधायकों  पर ही छोड़ दिया गयाथा।विधायकों ने अपनी मनमर्जी से उन पदों पर कार्यकर्ताओं को मनोनीत करवाया। जब भाजपा का विधायक अपनी मनमर्जी से संगठन में मनोनयन करवाता है तो निश्चित रुप से वह अपनी ही मर्जी से करवाएगा और ऐसा ही हुआ।अब ऊपर से लेकर नीचे तक कोई कमजोरी रही और उसका असर हुआ है तो उससे दिल्ली की केंद्रीय कमान भी अपने आप को अलग नहीं रख सकती।जो कुछ हुआ उसमें उनकी सहमति रही थी।

 राजस्थान में उपचुनाव में 2 संसदीय क्षेत्र और 1 विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की पराजय और कांग्रेस की जीत के मध्य नजर वसुंधरा राजे और संगठन पर आरोप लगाए जाने लगे। लेकिन इस हार का कारण केवल राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा  और पार्टी के अध्यक्ष अशोक परनामी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

 इन उप चुनावों के परिणाम में केंद्रीय सरकार की भी अनेक नीतियां जनता को प्रभावित करने में रही। जनता ने उन नीतियों से भी भी भाजपा के विरुद्ध अपना मत प्रकट किया।

 केंद्रीय कमान ने प्रदेशाध्यक्ष पद पर से अशोक परनामी को हटाने की कार्यवाही की और अपनी इच्छा से अन्य को इस पद पर मनोनीत करना चाहा। वसुंधरा राजे ने और राजनीतिक सोच रखने वालों का यह विचार रहा कि यह कार्यवाही आगामी चुनाव से पहले वसुंधरा राजे के पर कतरने वाली वाली है। निश्चित रूप से वसुंधरा राजे को भी यह बात यह निर्णय अखरा और उन्होंने एक प्रकार से मुख्यमंत्री पद और संगठन की मर्यादाओं के अनुरूप अपना विरोध प्रकट किया।

 अपनी प्रभावी शक्ति दिखाई जिससे केंद्रीय कमान तुरंत  अपनी मर्जी का अध्यक्ष मनोनीत नहीं कर पाई। राजस्थान में वसुंधरा राजे की शक्ति को इनकार नहीं किया जा सकता। केंद्रीय कमान को राजस्थान की यह शक्ति वसुंधरा ने व्यक्तिगत रूप से दिखा भी दी।

 इस हालात में वसुंधरा राजे की मर्जी के विपरीत कोई भी अध्यक्ष मनोनीत नहीं किया जा सकता और आने वाले चुनाव में वसुंधरा राजे की मर्जी के विपरीत प्रत्याशी भी खड़े नहीं किए जा सकेंगें। 

वसुंधरा राजे की नारीशक्ति को देखते हुए राजस्थान मे भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर महिला नेता को ही मनोनीत किया जाना चाहिए। आगामी विधानसभा चुनाव में भी नारी शक्ति का प्रचंड  रूप दिखाने के लिए 200 सीटों में से आधी सीटें महिला नेताओं को दी जानी चाहिए।  राजस्थान में नगर पालिकाओं में में और पंचायतों में आधी सीटों पर महिलाओं ही दिए जाने का प्रावधान है इसलिए अच्छा यही है कि कानून बने या ना बने लेकिन महिलाओं की बहुत पुरानी मांग को राजस्थान विधानसभा से आगे लाया जाए।

भाजपा आधी सीटों पर महिलाओं को खड़ा करके समस्त दलों पर अपनी नारी शक्ति दिखलाए। राजस्थान का यह कदम सराहनीय कदम होगा और संपूर्ण भारत के लिए अनुकरणीय उदाहरण भी होगा।







जेल की दीवार फांदकर शाबिर और इरफान 2 कैदी फरार

जेल की दीवार फांदकर शाबिर और इरफान 2 कैदी फरार

जयपुर 27-4-2018.

राजस्थान के दौसा जिले की बांदीकुई की कौलाना जेल से दो कैदी दीवार फांदकर फरार हो गए। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और फरार कैदियों को पकडऩे के लिए जेल कर्मचारी भी उनके पीछे भागे लेकिन दोनों कैदी पकड़ में नहीं आए।

दौसा के जेलर राधेश्याम ने बताया कि आज सवेरे लगभग साढ़े छह और सात बजे के बीच जेल में नाश्ते की तैयारी चल रही थी तभी दो कैदी साबिर खां (24) तथा इरशाद (26) जेलकर्मियों की नजर बचाकर दीवार के समीप पहुंच गए और दीवार फांदकर फरार हो गए।

उन्होंने बताया कि इनमें साबिर 24 जनवरी 2018 से तथा इरशाद 26 दिसम्बर 2017 से डकैती के आरोप में विचाराधीन कैदी के रुप में जेल में बंद थे। जेल प्रशासन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

पहले भी हो चुके हैं फरार 

बताया जा रहा है कि जो कैदी फरार हुए हैं वो पहले भी अन्य जेलों से भी फरार हो चुके हैं। फिलहाल जैसे ही खबर लगी कि दो कैदी फरार हो गए हैं, जेल महकमें में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर एसडीएम, सीओ बांदीकुई, सहित आला अधिकारी पहुंचे। मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई है इसकी जांच पड़ताल चल रही है। वहीं फरार कैदियों की खोजबीन में जगह-जगह दबिश दी जा रही है।

श्रीगंगानगर जिले में राजस्व लोक अदालत अभियान गांवों की तारीखें


श्रीगंगानगर, 27 अप्रेल। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 1 मई 2018 से 30 जून 2018 तक राजस्व लोक अदालव अभियान न्याय आपके द्वार 2018 का आयोजन किया जायेगा। राजस्व शिविरों के लिये जिला प्रशासन ने ग्राम वार तिथियों का निर्धारण किया गया है। 

जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने बताया कि

 1 मई 2018 को 18 जैड और 3 सी छोटी, सादुलशहर में नारायणगढ़, 3 ओ, चानणा, गंगूवाला और कीकरवाली, 9 एलएमबी, 17 एमडीए, 8एसटीबी तथा गुरूसर मोडिया ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित किये जायेगें। 

2 मई 2018 को ग्राम पंचायत 8 एचएच, 2 एफएफए, बींझबायला, लूहारा, 10 केडी, 10 सरकारी तथा 13एसडी में, 

3 मई को  गांव चकमहाराजका, फुसेवाला, राजपुरा, समेजा, 14 एपीडी, 2 केएम व ढाबा में, 

4 मई को गांव 4 एलएल, बुधरवाली, जीवनदेसर, बाजुवाला, 6 जेकेएम, 78 जीबी, 4 केपीडी, 50 जीबी, गोविन्दसर व 1 एलएम में, 

7 मई को गांव 2 एमएल, 3 ई छोटी, 13 एमडी, संघर, 17 एसटीपी-पालीवाला में, 

8 मई को गांव 11 एलएनपी 6 एलएनपी, मोरझण्डाखारी, मानकसर, तामकोट, डाबला, 27 ए, 6 एसकेएमए, 8 बीजीडी रघुनाथपुरा में, 

9 मई को गांव मंदेरा, मुकन, 83 एलएनपी, कंवरपुरा, थांदेववाला, 17 केएनडी-ए, 3केएसडी (सुखचैनपुरा) व भागववानगढ में,

 10 मई को गांव दौलतपुरा, धर्मसिंहवाला, 8 वी, जलौकी, 43 पीएस, 75 एनपी, 61 जीबी, 3/4 आरएसएम, 2 जीबीए व ऐटा में, 

11 मई को गांव रोहिडावाली, छापावांली, खरलां, 54 एलएनपी, 22 पीएस, 66 आरबी, 30 एपीडी, 2 केएलडी, 15 बीएलडी (रतनेववाला) व सरदारपुराबीका में, 

14 मई को गांव बखताना, चक केरा, 56 एफ, 8 केबी व भोजेवाला में,

 15 मई को गांव साधुवाली, अलीपुरा, अरायण, 4 जेजे, 3 एमके, उडसर, 21 एसजेएम (खोखरावाली), 12 एमएलडी-ए, 1 एमएसडी (मघेववाली ढाणी) व घमंडिया में, 

16 मई को गांव पक्की, कोठा, 25 एच, रिडमलसर, ख्यालीवाला, 3 केडी, 48 जीबी-ए (रेडबग्गी) व सरदारपुरा खर्था में, 

17 मई  को गांव लठ्ठावाली, रोटाववाली, 48 जीजी, 20 बीबी ए प्रथम, मोहकमवाला, 6/8 एलपीएम, 9 एमडी, 19 जीडी, 7 जीबी व निरवाना में, 

18 मई को गांव खाटलबाना, खैरूवाला, रतनपुरा, सतजण्डा, नानूवाला, 4 एसपीएस (सलीमपुरा), 4 बीएलडी व रायावाली में,

 21 मई को गांव 4 एमएल, 5 ई छोटी, खाटसजवार, कमीनपुरा, 11 पी (पतरोडा), 17 जीबी व मानेवाला में,

 22 मई को गांव संगतपुरा, 61 एफ, 16 बीबी, 7 एसजेएम, 6 डीडी व ठेठार में, 

23 मई को गांव बुर्जवाली, 5 एलएल, मलकाना कलां, नरसिंहपुरा, 11 टीके, 10 डीओएल, 42 जीबी, बीरमाना व हरदासवाली में,

 24 मई को गांव 4 जैड, पन्नीवाली, धरिंगावाली, 8 एनएन-ए, 71 आरबी, 18 पी, 1 एसकेएम-ए, 4 जेएसडी (बुगिया), सरदारगढ व 7 एसजीएम में, 

25 मई को गांव जोधेवाला, 13 जी छोटी, गदरखेडा, मांझुवास, 22 पीटीडी-बी, 3 एमडी, 5 पीएसडी-ए, 10 बीएलएम-ए (बिलौचिया) व पदमपुरा में, 

28 मई को गांव साहूवाला, कीलांवाली, मलकाना खुर्द, 4 केएसएम (बाण्डा गांव)व 8 एसएचपीडी में, 

29 मई को गांव साहिबसिंहवाला, तख्तहजारा, 10 ओ (तेजेवाला), घमूडवाली, 10 टीके, 11/12 एनडी (नाहरावाली), 2 एमएलडी-ए, 12 जीबी व गोपालसर में, 30 मई को गांव हिन्दुमलकोट, 42 एच, डेलवां, मुकलावा, झोंटावाली, 7 एपीडी (भातीवाला) व फरीदसर में, 

31 मई को गांव गणेशगढ, डूंगरसिंहपुरा, बहरामपुरा बोदला, 7 एस (कीकरवाली), 19 बीबी, 72 जीबी, 2 एमजीएम-बी, 41 जीबी व रंगमहल में, 

एक जून को गांव 18 जीजी, फरसेवाला, संगराना, 6 पी, 8 केएनडी-बी, भगवानसर व 4 केएसआर में, 

4 जून को गांव महिंयावाली, हाकमाबाद, रडेवाला, 74 जीबी व सादकवाला में, 

5 जून को गांव मटीलीराठान, मम्मडखेडा, रतेवाला, 68 एनपी, 20 एलएम (लूणिया), 5 एमएलडी-ए व 6 बीएलएम में,

 6 जून को गांव चूनावढ, 14 एफएफ, 69 एलएनपी, लिखमेवाला, 30 पीएस-ए, 13 डीओएल, 5 एएस (मोटासर) व माणकसर में, 

7 जून को गांव 9 जैड, 6 वीं धनूर, घुद्धूवाला, 7 पीएस, 22-ए (ए), 6 जैडडब्ल्यूएम व रामसरा जाखडान में, 

8 जून को गांव कोनी, करडवाला, 52 जीजी, फकीरवाली, भादवांवाला, फौजुवाला, 4 एलएम, 9 पीएसडी-ए, 3 एसडी (मसानीवाला) व भैरूपुरा में, 

11 जून को गांव मिर्जेवाला, ताखरांवाली, मौडां, 90 जीबी व गुडली में, 

12 जून को गांव 18 एमएल, मन्नीवाली, 2 डब्ल्यू, 5 केके, सावंतसर, खाटां, 59 जीबी (रामसिंहपुर), 7 एमएलडी-बी, 29 जीबी (शिवपुरी) व सोमासर में, 

13 जून को गांव ओडकी, बडोपल, 1 पीएस, भोमपुरा, 12 केएनडी-ए, 6 एपीडी व जानकीदासवाला में, 

14 जून को गांव 3 वाई, नूरपुरा, नग्गी, 34 एलएनपी, 5 टीके, 12 एच (हिशामकी), 2 जीडी-बी, 8 जीएम (गोमावाली) व बख्तावरपुरा) में, 

15 जून को गांव 3 एच छोटी, 39 आरबी, लखाहाकम, 1 एलएसएम (बाण्डा कॉलोनी), 22 आरजेडी, 28 जीबी व उदयपुर गोदारान में,

 18 जून को गांव नेतेवाला, चैतरामवाला, 2 एक्स, 54 जीबी व मोकलसर में, 

19 जून को गांव मनफूलसिंहवाला, बनवाली, मोटासर खूनी, 4 बीबी, मालसर, करडवाली, 15 एबी, 1 एमएलके-सी, 1 जीबी-ए (जैतसर देईदासपुरा व करडु में, 

20 जून को गांव ततारसर, 9 एफ-ए, 3 आरबीए, सरदारपुरा बीका व 8 पीएसडी-बी में, 

21 जून को गांव मोहनपुरा, सरदारपुरा जीवन, 25 एफ, सावंतसर, 16 पीएस, 65 जीबी, 2 आरकेएम-ए, 10 एएस व सिंगरासर में, 

22 जून को गांव 27 जीजी, 23 बीबी बैरा, श्यामगढ, 2 पीजीएम, 2 जीएमबी व ठुकराना, 

25 जून को गांव लादूवाला, भागसर, 15 ओ, 16 एएस (कुपली) व राजपुरा पीपरेन में, 

26 जून को गांव कालिया, 14 एएस, 11 ईई-ए, ठंडी ठाकरी, 2 एसटीआर व मालेर में,

 27 जून को गांव 10 जैड, मोहल्ला, 7 डीडी, 12 एनआरडी, 7 केएनडी-ए, 24 जीबी व राजियासर में, 

28 जून को गांव 5 जी छोटी, लालगढ जाटान, रूपनगर, 35 बीबी, बगीचा व 24 एएस-सी में, 

29 जून को गांव दुल्लापुर केरी, शिवपुर, 5 बीबी-ए व गांव रायसिंहनगर में राजस्व शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 


गुरुवार, 26 अप्रैल 2018

वसुंधरा की शाह से भेंट , राजस्थान का भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की जल्दी घोषणा

राजस्थान में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही कशमकश के बीच मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नई दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व के साथ बैठक समाप्त हो गई।

राजस्थान में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को लेकर चल रही कशमकश के बीच मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नई दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व के साथ बैठक हुई है।

 ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अब किसी भी वक्त राजस्थान में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति का ऐलान किया जा सकता है।

दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में सीएम राजे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह , महासचिव रामलाल, वी सतीश समेत राजे केबिनेट के कई मंत्रियों ने राजस्थान में नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर मंत्रणा की। इस बैठक में नए प्रदेशाध्यक्ष को लेकर तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई है।

बताया जा रहा है कि वसुंधरा ने केन्द्रीय नेतृत्व को राजी कर लिया है। ऐसे में वसुंधरा की पसंद पर केन्द्रीय नेतृत्व मुहर लगा सकता है। इससे पहले जोधपुर से सांसद और मोदी सरकार में केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का नाम सबसे आगे चल रहा था।

गजेन्द्र को मोदी और शाह की पसंद माना जा रहा है। वसुंधरा की शाह से मुलाकात के बाद अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि केन्द्रीय नेतृत्व प्रदेश भाजपा की कमान वसुंधरा खेमे की पसंद को ही दे सकता है।

देर रात या शुक्रवार सुबह तक नाम की घोषणा भी की जा सकती है। नाम की घोषणा होने के साथ ही ये भी साफ़ हो जाएगा कि राजस्थान में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा की कमान किसे सौंपी जा रही है।


बुधवार, 25 अप्रैल 2018

खौलते दूध से नहा साधु ने की भविष्यवाणी: 2019 में किस की सरकार? जानिए



April 25, 2018 loktantratodayliv

नई दिल्ली. क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर लोगों का दिल जीतने में कामयाब होंगे. या विरोधी उन्हें मात देने में. लोगों के जेहन में यह सवाल पैदा हो गया है. लेकिन साधु ने बेहद चौकाने वाली भविष्यवाणी की है.

अगर एक साधु की भविष्यवाणी को सच माना जाए तो 2019 मोदी के लिए कुछ खास खुशी का साल नहीं होगा.


यूपी के सोनभद्र में एक बाबा ने 2019 लोकसभा चुनावो को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है. जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया.

दरअसल सोनभद्र में गोववर्द्धन पूजा के बाद खोलते हुए गर्म दूधसे नहाने की परंपरा है. स्थानीय लोगो का मानना है यह परंपरा 5000 सालो से चली आ रही है. गोवर्धन पूजा के दिन यहाँ बीर लोरिक पत्थर की पूजा भी होती है और इसी पूजा के दौरान गरम दूध से नहाने की परंपरा है.


पूजा के आयोजक रोशन लाल यादव के मुताबिक यहाँ खुद भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन की पूजा की थी. इसी परंपरा के अनुसार पुजारी और जजमान दोनों को ही गर्म दूध से नहाना होता है.


जानकारी के अनुसार बीर लोरिक पत्थर की पूजा के दौरान गर्म दूध से स्नान करने की परंपरा चल रही थी. इसी दौरान एक बाबा ने कुछ ऐसी भविष्यवाणियाँ कर डाली जिससे वहां का माहौल राजनितिक हो गया.


बाबा ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा, केंद्र में मिली-जुली सरकार बनेगी. साथ ही बाबा ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि अगली बार सूबे में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी. साधु की इस भविष्यवाणी से लोग हैरान है. यहां के स्थानीय लोगों का ऐसा विश्वास है कि खौलते इस दूध से नहाने जो लोग बेईमान होते हैं, वे जल जाते हैं. जबकि ईमानदार लोगों पर इस खौलते दूध का असर नहीं होता है.

साभार लोकतंत्र लाईव

25-4-2018.

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सूरतगढ़ विधान सभा चुनाव 2013 का संपूर्ण परिणाम

राजनीतिकार और 2018 में चुनाव लड़ने के इच्छुक खुली और छिपी तैयारी कर रहे नेता जाने किसको कितने वोट मिले।


खबर- करणीदानसिंह राजपूत
 सूरतगढ़ विधानसभा के 2013 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के राजेन्द्रसिंह भादू विजयी रहे। बसपा के डूंगर राम गेधर दूसरे और कांग्रेस के गंगाजल मील तीसरे नम्बर रहे। कुल 17 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा जिनके प्राप्त मतों का विवरण इस चित्र मे दिया गया है।



सूरतगढ़, 8 दिसम्बर 2013.
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भाजपा राजेन्द्र भादू सूरतगढ़ के विधायक:खूब जीते


कांग्रेस गंगाजल मील दुबारा नहीं
खा सके मिठाई- 


तीसरे नम्बर पहुंचे

खास रपट- करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 8 दिसंबर 2013.
भारतीय जनता पार्टी राजेन्द्रसिंह भादू विधायक चुन लिए गए है और उनकी यह जीत खूब हुई है। कांग्रेस के विधायक गंगाजल मील इस चुनाव में बुरी तरह से पिटे हैं कि नगरपालिका सूरतगढ़ के पापुलर अध्यक्ष बनवारीलाल और अन्य पापुलर लोगों का सहारा और साथ भी दुबारा मिठाई नहीं खा सके। यह कैसे हुआ? अब आगे का सारा समय सोचने का ही है।

 
सूरतगढ़ विधानसभा का रिकार्ड रहा है कि लगातार दो बार केवल मनफूलसिंह भादू ही 1962 व 1967 में जीते थे। उसके बाद लगातार कोई दुबारा नहीं जीता। दुबारा चुनाव लड़ा तो पराजय मिली। हां सुनील बिश्रोई दूसरी बार हारने के बाद तीसरी बार खड़े होने पर जीते मगर चौथी बार हार गए थे। उनकी पत्नी 1998 में जीती लेकिन 2003 में दुबारा चुनाव लड़ा तब भाजपा के अशोक नागपाल से बुरी तरह से हारी।गंगाजल मील दुबारा खड़े हुए और हाथ पसार पसार वोट मांगे लेकिन लोगों ने वोट नहीं दिए।
गंगाजल मील मुझे मत दो मुझे मत दो का राग अलापते रहे। प्रार्थना करते रहे। मुझे वोट दो।

लेकिन जनता ने उसका अर्थ अपने हिसाब से लगाया और दुहराया-मत दो..मत दो। यानि कि वोट मत दो।
नतीजा सबके सामने हैं। सताईस हजार की हार कम नहीं होती और उससे भी ज्यादा पीड़ा तीसरे नम्बर पर लगा दिए जाने की जिंदगी भर सालती रहेगी। अब यह इतिहास में लिखा जा चुका है और इसे कोई बदल भी नहीं सकता।
राजेन्द्र भादू को भाजपा के जबरदस्त बहुमत का लाभ मिलेगा और काम करने का अच्छा अवसर जो कई साल की पराजय के बाद मिला है।
उम्मीद की जानी चाहिए कि जनता की आशाओं पर वे खरे साबित होंगे।
राजेन्द्र भादू को काम करते वक्त यह भी ध्यान में रखना होगा कि जनता ने भाजपा की टिकट होते हुए भी रामप्रताप कासनिया को 2008 में और कांग्रेस की टिकट होते हुए भी गंगाजल मील को 2013 में तीसरे नम्बर पर पहुंचा दिया।


राजनीति में यही सच्च है कि जनता चाहती है तब सिर पर बैठाती है और मारती है तब बुरी तरह से मारती है।



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8-12-2013
अपडेट 29-1-2018.
अपडेट  25-4-2018.
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मंगलवार, 24 अप्रैल 2018

तहसीलदार व चालक को रिश्वत लेने में एसीबी ने गिरफ्तार किया:

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने मंगलवार 24-4-2018  सोजत के तहसीलदार और उनके ड्राइवर को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। 10 हजार रुपए की रिश्वत की यह रकम जमीन का नामांतरण खोलने की एवज में ली गई थी। एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। एसीबी अजमेर जोन के पुलिस अधीक्षक कैलाशचंद्र विश्नोई के निर्देशन में यह कार्रवाई भीलवाड़ा एसीबी की टीम ने की।


एसपी कैलाशचंद्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सत्यनारायण वर्मा, सोजत तहसीलदार है। जबकि सह आरोपी तहसीलदार का ड्राइवर दुर्गाराम है। उनके खिलाफ स्थानीय व्यक्ति राजमल मेवाड़ा ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने नामांतरण खोलने के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन किया था। जिसकी एवज में तहसीलदार सत्यनारायण वर्मा अपने ड्राइवर के मार्फत 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहे है। इस पर भीलवाड़ा एसीबी की टीम ने ट्रेप रचा।


सत्यापन के दौरान ली 5 हजार रुपए की रिश्वत


- जिसमें एसीबी सत्यापन के दौरान आरोपियों ने 5000 रुपए की रिश्वत ली। शेष रकम 10 हजार रुपए लेकर परिवादी राजमल को मंगलवार को बुलाया।

 तहसीलदार सत्यनारायण के ड्राइवर दुर्गाराम ने ज्योंही रिश्वत की रकम ली। तभी आसपास मौजूद एसीबी टीम ने दुर्गाराम को धरदबोचा।

इसके बाद रिश्वत में लिप्त आरोपी सत्यनारायण वर्मा को भी एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

( आपसे मांग रहा है कोई रिश्वत तो संपर्क करें नजदीकी एसीबी से)

सोमवार, 23 अप्रैल 2018

सूरतगढ में मुख्यमंत्री के हाथ में दी गई शिकायतों का भी निस्तारण नहीं-राज का डर नहीं रहा


* करणीदानसिंह राजपूत की स्पेशल रिपोर्ट *

सूरतगढ 23 अप्रेल 2018.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हाथ में सूरतगढ में  सौंपी गई शिकायतों परिवेदनाओं को निस्तारण नहीं किया जा रहा जबकि 1 महीना होने को आया है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों का सर्विस रूल के तहत कड़ी कार्यवाही का भय निकल चुका है और वे लापरवाह हो चुके हैं। मुख्यमंत्री को प्रस्तुत शिकायतों पर कार्यवाही नहीं हो तो राजकाज और व्यवस्था का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। यह लापरवाही सरकारी रिपोर्ट में उजागर हुई है। मुख्यमंत्री  को 27 मार्च 2018 को सूरतगढ़ दौरे के दौरान आमजन द्वारा प्रस्तुत परिवेदनाओं, शिकायतों के विधिनुसार निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को भिजवाया गया था। परन्तु संबंधित विभागों द्वारा परिवादों का अभी तक निस्तारण किया जाकर रिपोर्ट उपखण्ड अधिकारी सूरतगढ़ को प्रस्तुत नही की गई है। 

एसडीएम सूरतगढ की कलक्टर को प्रस्तुत रिपोर्ट में खुलासा हुआ है।

उपखंड अधिकारी ने परिवादों को निम्न अधिकारियों को निस्तारण के लिए भिजवाया मगर निस्तारण नहीं हुआ। 

1.सचिव कृषि उपज मंडी समिति सूरतगढ

2.एसडीओ, बीएसएनएल सूरतगढ़, 3.प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ,

4. मैनेजर केन्द्रीय सहकारी बैंक सूरतगढ,

5. ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी सूरतगढ

6.ईओ नगरपालिका सूरतगढ

7. रसद निरीक्षक सूरतगढ़, 

8.अधिशाषी अभियंता जोधपुर डिस्काम सूरतगढ, 

9.अधिशाषी अभियंता पीएचईडी सूरतगढ,

10. पुलिस उपअधीक्षक सूरतगढ़, 11.डाकपाल डाकघर सूरतगढ़,

12.अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी सूरतगढ़, 

13.रेलवे सूरतगढ़,

14. तहसीलदार सूरतगढ़, 

15.परिवहन उपनिरीक्षक सूरतगढ़, 16.अधिशाषी अभियंता, जल संसाधन सूरतगढ़, 

17.क्षेत्रीय वन अधिकारी सूरतगढ़, 18.सीडीपीओ सूरतगढ

19.श्रम निरीक्षक गंगानगर,

20. विकास अधिकारी पंचायत समिति सूरतगढ, 

21.बीसीएमओ सूरतगढ

22.राजस्थान रोडवेज श्रीगंगानगर, 23.प्रधानाचार्य, सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरतगढ।

उपखंड अधिकारी की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि इनको बार-बार पत्र जारी करने एवं दूरभाष पर निर्देशित किये जाने के उपरांत भी परिवादों के निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नही की गई है। 

अब अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इनके कार्यालय, जिला कार्यालय में लम्बित परिवादों का 24 अप्रेल 2018 को दोपहर 2 बजे तक निस्तारित कर एसडीएम सूरतगढ़ को आवश्यक रूप से सूचित करेगें। 

विदित रहे कि जिला कलेक्टर ने जिला स्तरीय हर सप्ताह होने वाली दो बैठकों में परिवेदनाओं को निस्तारण करने के निर्देश दिए मगर निस्तारण नहीं होने पर उपखंड अधिकारी सूरतगढ़ से 2 दिन में जवाब मांगा तब जिला कलक्टर को उपखंड अथिकारी की ओर से यह जवाब दिया गया।

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शनिवार, 21 अप्रैल 2018

सूरतगढ़ में नए राजस्व तहसीलदार मंगतूराम होंगे

 सूरतगढ़ 20 अप्रैल 2018.

 राजस्व तहसीलदार मंतूराम को बाड़मेर से सूरतगढ़ स्थानांतरित किया गया है। सूरतगढ़ के तहसीलदार अजीत गोदारा को श्री बिजयनगर में लगाया गया है आदेश तत्काल प्रभावित हुए हैं

रिश्वत लेते अपर लोक अभियोजक को ACB टीम ने पकड़ा


एसीबी टीम के  साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का भी मुकदमा


चूरू। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चूरू टीम ने शुक्रवार को सुजानगढ़ एडीजे कोर्ट के अपर अभियोजक कुंभाराम आर्य को उसके घर से 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस दौरान आरोपी ने एसीबी टीम के साथ मारपीट भी की।

एसीबी प्रभारी रमेश चंद्र माचरा के अनुसार गांव चाडवास के परिवादी सुरेश कुमार सोनी ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी कि कुछ माह पूर्व उसकी बहन को एक गांव का ही अमन नाम का युवक परेशान करता था। इससे तंग आकर  बहन ने सुसाइड कर लिया था।

इस मामले में अमन की शुक्रवार 20-4-2018 को कोर्ट में पेशी थी। लोक अभियोजक कुंभाराम आर्य ने परिवादी से संपर्क कर अमन की जमानत खारिज करने की एवज में 5000 की रिश्वत मांगी। शिकायत मिलके के बाद मामले का सत्यापन गुरूवार को कर ट्रेप का आयोजन किया गया।

शुक्रवार को एपीपी कुंभाराम ने परिवादी को रिश्वत ₹5000 घर पर ही देने की बात कही। टीम ने रसायन पावडर लगा नोट देकर परिवादी को कुंभाराम के घऱ भेजा। 

 परिवादी ने जैसे हीआरोपी को पैसे दिए एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। इस दौरान एसीबी टीम के साथ आरोपी कुंभाराम वहां से धक्का-मुक्की कर भागने का प्रयास करने लगा और उसके परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। लेकिन जाप्ते के साथ पहुंची टीम ने उसे दबोच लिया। 

एसीबी प्रभारी रमेश माचरा ने बताया कि इस बाबत सुजानगढ़ थाने में राजकार्य में बाधा डालने और टीम के साथ मारपीट करने के आरोप में अलग से मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


क्या बददुआ सच्च में लग जाती है? वैज्ञानिक युग में क्या सोचते हैं?

* करणीदानसिंह राजपूत *

अनेक बार कई लोग खुद के बारे में,अपने ही लोगों के लिए या दूसरों के बारे में नकारात्मक सोच रखते हुए या अचानक गुस्सा आने पर,किसी प्रकार से दुखी होने पर बददुआ कह डालते हैं। 

लोग अपने ही घर परिवार के लोगों या दोस्तों के बारे में गलत सोचते या बोलते वक्त सोचते नहीं। लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम रहता है कि  किसी समय में निकले बोल या सोच विनाशकारी हो सकती है। इसका बुरा असर खुद पर भी हो जाए।

प्राचीनकाल में ऋषि मुनि किसी व्यक्ति या देवताओं को शाप या आशीर्वाद दे देते थे जो तत्काल ही फलीभूत हो जाता था। 

 वे शाप देते मगर क्षमा मांगने पर या अन्य कारण से मुक्ति का समाधान भी बता देते थे। 

ऐसा माना जाता है कि आज भी आशीर्वाद और शाप फलीभूत होते हैं।

 सामान्य मनुष्य के शाप या आशीर्वाद असामान्य असाधारण रुप में  फलीभूत हो जाए तो आश्चर्य नहीं।

हालांकि एक समय विशेष में दिए गए शाप निश्चित ही फलीभूत हो जाते हैं इसलिए कहा जाता है कि निर्बल की हाय मत लो। सब कुछ होते हुए भी व्यक्ति निर्बल हो सकता है,पीड़ित लाचार हो सकता है।


आप मानें कि परिवार के ही व्यक्ति के मुंह से या मन के भीतर से  किसी तरह से दुखी पीड़ित होने पर अपमानित होने पर परिवार के ही किसी भाई बंधु बहन या अन्य सदस्य के प्रति निकली बददुआ,हाय,दुराशीस का फल अनेक बार बहुत जल्दी प्रगट हो जाता है कि पुरानी घटना से नई घटना अपने आप जुड़ जाती है। ऐसी घटनाओं पर सत्ताधारी नेता,अपार संपत्ति के मालिक और उच्च पदाधिकारी सरकारी गैरसरकारी अधिकारी नजदीकी संगी साथी भी कुछ नहीं कर पाते। ऐसी हालत या घटना पर कहा जाता है। भगवान को यही मंजूर था। विधि के विधान को कोई टाल नहीं सकता। भगवान के आगे किसी की नहीं चलती। बस! इन शब्दों से दिलासा सांत्वना दी जाती है। सभी जाधते हैं कि यह सब कुछ दिन चलता है और प्रभावित को तो जीवन भर भोगना पड़ता है।पने या दूसरों के बच्चों को गालियां न दें, ना ही कोसें। 

 माता-पिता भी अनेक बार बच्चों को कहना न मानने पर, न पढ़ने पर कह देते हैं कि तू न ही होता तो अच्छा था, या घर से चला जा, मर जा।

घर परिवार में वाद विवाद पर मर जाने तक का कह देना।

नाश हो जाने या विनाश हो जाने की कल्पना करना, इसके बारे में सोचना या अपने ही घर परिवार के विनाश का शाप देना बहुत ही विनाशकारी साबित होता है। आप जो कहते हैं वही आपकी ओर लौट कर आता है।

बहुत ज्यादा गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के बारे में कुछ लोग यह भी बोलते रहते हैं कि अच्छे है कि भगवन इसे जल्दी उपर उठा ले। 

ऐसे लोगों को 'काली जुबान' का कहा जाता है जो अक्सर दूसरों के बारे में बुरा-बुरा ही बोलते रहते हैं। ऐसे लोगों से यदि आपका विवाद हो जाए तो वे तुरंत ही आपको शाप देने लगेंगे। 

वे अक्सर कहते हैं कि फलां  फलां  व्यक्ति का कभी भला नहीं होगा, वो तो तड़फ-तड़फ कर मरेगा, वो तो कुत्ते की मौत मरेगा। अरे वो तो जिंदगी में कुछ नहीं कर सकता। ऐसे लोगों की सोच नकारात्मक होती है। लोग खुद शापित होते हैं और दूसरों को भी शाप देते रहते हैं।

 तूझे तेरे किए का दंड अवश्य मिलेगा।भयानक दंड मिलने की चेतावनी दे दी जाती है।

यदि आपने किसी गरीब, भिखारी, अबला या बच्चे का दिल दुखाया है तो उसके दिल से आपके लिए जो बद्दुआ निकलेगी उससे आपको कोई नहीं बचा सकता।

जितना असर उसकी दुआ में होता है उतना ही असर उसकी बद्दुआ में होता है। 

ऐसा भी माना जाता है कि कई बार बददुआ उलट कर लौटती है और बददुआ देने वाले पर ही लग जाती है। दूसरों को गड्ढे में गिराने के लिए अपने ही घर के आगे खोदे गड्ढे में दूसरा गिरे या न गिरे खुद गिर जाते हैं।

कभी सोच कर देखा जाए किसी को पति मरने की बददुआ उलटी लौटे तब क्या होता है? किसी को भी बददुआ देने से पहले सोचा जाए और यह भी किसी को पीड़ित न किया जाए।

वैसे तो विज्ञान का युग है। शब्द की शक्ति को इस तरह से माना जाए या न माना जाए।

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018

आर्म लाइसेंस प्रकरण निस्तारण शिविर: वृद्ध स्थानांतरित भी कर सकेंगे


श्रीगंगानगर, 20 अप्रैल। पुराने आर्म लाइसेंस प्रकरणों के विचारधीन आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए निम्न थाना क्षेत्रों के शिविर निम्न तारीखों में जिला मुख्यालय पर लगेंगे।

25  अप्रैल 2018 को पुलिस थाना पदमपुर, जैतसर, मटीलीराठान, श्रीकरणपुर, सादुलशहर, श्रीबिजयनगर क्षेत्र।

26 अप्रैल को पुलिस थाना मुकलावा, रामसिंहपुर, गजसिंहपुर, सूरतगढ, घमुडवाली, केसरीसिंहपुर, हिन्दुमलकोट व अनूपगढ क्षेत्र।

27 अप्रैल 2018 को पुलिस थाना लालगढ जाटान, समेजा कोठी, जवाहरनगर, चुनावढ सदर, रायसिंहनगर, रावला क्षेत्र के आवेदनकर्ताओं के लिए विशेष शिविर का आयोजन जिला मुख्यालय (न्याय शाखा जिला कलक्टर श्रीगंगानगर) पर रखा गया है।


जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री ज्ञानाराम ने बताया कि आयुध नियम 2016 के अनुसार वृद्ध शस्त्र अनुज्ञाधारी अपनी स्वेच्छा से अपना शस्त्र अनुज्ञा पत्र अपने पति, पत्नी,, भाई, बहिन, पुत्र, पुत्री, दामाद व पौत्र के नाम स्थानान्तरित कर सकता है। शस्त्र अनुज्ञा पत्र स्थानान्तरण करने वाला वृद्ध व्यक्ति, महिला अपने आधार कार्ड के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी सहमति प्रदान करेगा, करेगी तथा जिसके नाम सहमति दी जा रही है, वह स्वयं उपस्थित होकर यह साक्ष्य प्रस्तुत करेगा कि उसके नाम से पूर्व में कोई शस्त्र अनुज्ञा पत्र नहीं  है।

( पूरा विवरण अपने थाने से पूछ सकते हैं।)

अब तो जागो, कब तक सोते रहोगे?

उठ जाग मुसाफिर भोर भई,

अब रैन कहां जो सोवत है?

जो सोवत है वो खोवत है,

जो जागत है सो पावत है।

यह भजन गीत या जागृति संदेश  50 से अधिक सालों से गूंज रहा है। चाहे देवालय हो चाहे, निवास स्थान, चाहे कोई आयोजन यह समय पर जागने का संदेश सुनाया जा रहा है।

 यह भजन,गीत किसने लिखा और कब लिखा?

यह तो मालूम नहीं मगर लिखने वाले को भी यह अनुमान नहीं हुआ होगा कि आने वाले सालों में यह जगाने का संदेश गूंजता रहेगा। 

समय पर जागने वाले ही सब कुछ पा लेते हैं और दिन में भी सोने वाले सब कुछ खो देते हैं। कितना सटीक संदेश है कि दिन निकलने से कुछ पहले भोर में ही जाग लेना चाहिए।

20-4-2018.

करणीदानसिंह राजपूत,

 सूरतगढ़


गुरुवार, 19 अप्रैल 2018

सीएम जनसंवाद प्रकरण निपटाने में 3 एसडीएम 2 दिन में स्थिति बताएंगे

* जिला बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों से जवाब तलब होगा*

श्रीगंगानगर, 19 अप्रैल। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि जिला स्तरीय बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिए जाएंगे। उनसे 15 दिवस में जवाब लिया जाएगा, नोटिस में पूछा जाएगा कि क्यो ना उनके विरूद्ध 17 सीसीए की कार्यवाही अमल में लाई जाए। 

जिला कलक्टर गुरूववार 19-4-2018  को कलैक्ट्रेट सभाहॉल में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान आए प्रकरणों का तत्काल व गंभीरतापूर्वक निपटारा करे। उन्होने निर्देश दिए कि सूरतगढ, गंगानगर व सादुलशहर एसडीएम को आगामी दो दिवस में अपने-अपने प्रकरणों की ताजा स्थिति से अवगत करवाना होगा। 

जिला कलक्टर ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार आगामी माह से न्याय आपके द्वार कार्यक्रम प्रारम्भ होगा, जिसमें राजस्व, समाज कल्याण, पशु पालन, चिकित्सा, महिला बाल विकास, विद्युत, पेयजल, आयोजना, सैनिक कल्याण, पंचायतीराज, श्रम, कृषि, रसद तथा आयुर्वेद विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी। सभी विभाग ब्लॉकवार एक अधिकारी को उत्तरदायित्व सौंपेंगे। ब्लॉक स्तरीय अधिकारी प्रत्येक शिविर में उपस्थित रहेंगे। उन्होने कहा कि प्रत्येक विभाग एक एडवांस टीम का गठन करेंगे, जो शिविर से पूर्व गांव में जाकर समस्याओं का निदान करेंगे। 

जिला कलक्टर ने ग्राम स्वराज अभियान की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि चिन्हित 111 गांवों में कोई भी महिला बिना गैस कनैक्शन के या कोई परिवार विद्युत कनैक्शन के बिना न रहे। भारत सरकार के निर्देशानुसार उज्ज्वला, उजाला, सौभाग्य, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति  बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना तथा मिशन इन्द्र धनुष योजनाओं का सौ प्रतिशत नागरिकों  को लाभ दिया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री हैल्प लाईन, भामाशाह, अन्नपूर्णा भण्डार, अनपूर्णा रसोई, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, फसल बीमा योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राजश्री, शुभशक्ति योजना तथा शहर में 20 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़कों  की अब तक की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। 

बैठक में नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी, न्यास सचिव श्री कैलाशचंद्र शर्मा, एसडीएम श्री यशपाल आहूजा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 नरेश बंसल, अधीक्षण अभ्रियन्ता विद्युत श्री संजय वाजपेई, सहायक निदेशक समाज कल्याण श्री बी.पी. चन्देल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

इस उपस्थिति से मालूम पड़ता है कि कई अधिकारी सरकार के निर्देशों की परवाह नहीं कर रहे यहां तक कि मुख्यमंत्री के निर्देशों की भी परवाह नहीं कर रहे।


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पृथ्वीराज मील के ससुर विधायक धर्मपाल चौधरी का निधन-

अलवर जिले की मुंडावर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक धर्मपाल चौधरी का बुधवार 18-4-3018 मध्य रात को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 

धर्मपाल चौधरी को सीने में दर्द के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान उन्‍होंने रात करीब तीन बजे अंतिम सांस ली. 

उनका पार्थिव शरीर गुरुवार 19-4-2018  को दोपहर बाद पैतृक गांव जाट बहरोड़ पहुंचेगा. दोपहर बाद करीब 3 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके निधन पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत अन्य भाजपा नेताओं ने दुख जताया है.

अलवर राठ क्षेत्र के जाट नेताओं में धर्मपाल चौधरी का सिक्‍का माना जाता था. धर्मपाल चौधरी साल 2003, 2008 और 2014 में भाजपा से विधायक पद के लिए चुने गए थे.  

भाजपा की पिछली सरकार के कार्यकाल में उन्‍हें संसदीय सचिव बनाकर राज्‍यमंत्री का दर्जा दिया गया था. चौधरी अलवर जिले की जाट महासभा के  2000 से 2014 तक लगातार अध्यक्ष भी रहे थे.



बुधवार, 18 अप्रैल 2018

वसुंधरा के खास अशोक परनामी का भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से इस्तीफा: बड़े बदलाव होंगे





*  करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने इस्तीफा दे दिया है। 

 अब नया प्रदेश अध्यक्ष किसे बनाया जाएगा इस बारे में अभी तक साफ़ नहीं हो पाया है।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय संगठन के इशारे पर परनामी ने इस्तीफा दिया है। वहीं इस बात को लेकर पहले से ही क़यास लगने शुरू हो गए थे कि परनामी को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया दिया जाएगा। उपचुनाव में पार्टी को मिली हार और संगठन में कमज़ोर होती पकड़ के चलते उनकी जगह किसी अन्य को ये महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी देने की बात सामने आई है।

गौरतलब है कि परनामी पिछले कुछ समय से विवादों की वजह से सुर्ख़ियों में रहे थे। उनके अतिक्रमण को बढ़ावा देने सम्बन्धी बयान से पार्टी की किरकिरी हुई थी। उनके विवादित बयान की खबर को राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद हाईकोर्ट तक में सुनवाई हुई थी और उन्हें माफ़ी मांगनी पड़ी थी।

बीजेपी की रणनीति का हिस्सा!

आगामी चुनावों को देखते हुए राजस्थान भाजपा अब जातिगत समीकरण साधने की रणनीति बना रही है। इसके तहत केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी और सांसद ओम बिड़ला में से किसी एक को अब भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हाल ही हुए उपचुनावों में भाजपा की करारी हार का कारण भी जातिगत समीकरण मे गड़बड़ी होना माना जा रहा है।

इन चुनावों में भाजपा के परंपरागत वोटर रहे ब्राह्मण, वैश्य और राजपूत समाज की नाराजगी भाजपा की हार का मुख्य कारण रही। अब इन समाजों को पार्टी के साथ फिर से जोड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है। ऐसे में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी पर गाज गिरी है। उन्हें इसका खामीयाजा अपनी कुर्सी गवाकर चुकाना पड़ा है। परनामी को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के साथ ही अब अधिकांश प्रदेश पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष की भी छुट्टी होने के संकेत हैं।

लोगों में फिर से अपनी पकड़ बनाने के लिए संगठनात्मक कामकाज प्रदेश प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी सतीश और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ही संभाल रहे हैं। अर्जुन राम मेघवाल और ओम बिड़ला पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निकट होने के साथ ही आरएसएस की पहली पसंद भी हैं।

इसी के साथ मेघवाल और बिड़ला को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विरोधी खेमे का माना जाता है। वहीं अरूण चतुर्वेदी पूर्व में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। साथ ही उन्हे संघ के स्वयंसेवक के नाते कई सालों तक काम करने का अनुभव भी प्राप्त है।

‌सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अरूण चतुर्वेदी को अध्यक्ष बनवाना चाहती हैं। इसके लिए सीएम राजे ने प्रदेश में आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ दो बार बातचीत कर चुकी है और केंद्रीय नेतृत्व तक भी अपनी बात पहुंचा चुकी है। चतुर्वेदी को मध्यम मार्गीय माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम शीघ्र तय कर लिया जाएगा।

भाजपा को बदलाव से कितना लाभ मिल पाएगा? यह समय ही बतलाएगा।









मंगलवार, 17 अप्रैल 2018

सड़क हादसे में घायल, DSP ममता के पति का निधन


सूरतगढ 17-4-2018.

श्री सुरेश जी ठाकराणी पुत्र स्वर्गीय श्री गौरीशंकर जी ठाकराणी निवासी आवासन मंडल कालोनी सूरतगढ ( पिछला निववास विश्वकर्मा गेट बीकानेर) कल सड़क दुर्घटना में  घायल हो गए थे और आज 17-4-2018 को

श्री गंगानगर में ईलाज के दौरान परलोक सिधार गए।

दिवंगत सुरेश जी DSP श्रीमती ममता के पति थे। ममता के सगे भाई शिव औझा भी कुछ समय पहले आकस्मिक हादसे में संसार छोड़ गए।

सूरतगढ में इस दुखद खबर ने सभी को शोकाकुल कर डाला।

भगवान दिवंगत आत्मा को शाँतिप्रदान करे और इस संकट की घङी में उनके परिजनों को दुख: सहने की शक्ति प्रदान करे।

सोमवार, 16 अप्रैल 2018

विमल पटावरी ने सचिन पायलट के समक्ष कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की

सूरतगढ़ 16 अप्रैल 2018.

 वाणिज्य कर विभाग के सेवानिवृत्त अतिरिक्त आयुक्त विमल कुमार पटावरी ने आज जयपुर में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट व  राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे के समक्ष कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

  इस अवसर पर अजमेर के सांसद रघु शर्मा अलवर के सांसद डॉक्टर करण सिंह यादव नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी उपाध्यक्ष व मीडिया चेयरपर्सन डॉक्टर अर्चना शर्मा जयपुर शहर जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास आदि उपस्थित थे।






शनिवार, 14 अप्रैल 2018

सूरतगढ़ भीमराव अंबेडकर भवन का शिलान्यास 48 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान

* करणीदानसिंह राजपूत*

 सूरतगढ़ 14 अप्रैल 2018.

 बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर यहां पंचायत समिति भवन के सामने भीमराव अंबेडकर भवन का शिलान्यास विधायक राजेंद्र सिंह भादू और नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा के हाथों से हुआ।

 इस अवसर पर आयोजित समारोह में विधायक राजेंद्र सिंह भादू, श्रीमती काजल छाबड़ा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर चांदमल वर्मा, पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया,मेघवाल समाज के जिला अध्यक्ष परसराम भाटिया, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन ओझा,   इंजीनियर अशोक आसेरी, बाबूलाल पीपल, पार्षद अजय धींगड़ा,आदि ने डॉ भीमराव अंबेडकर के के जीवन वृतांत पर अपने अपने विचार प्रस्तुत किए। मंच संयोजन पी.डी.शर्मा ने किया।


 इस समारोह हो हो मंच कार्यक्रम के बाद शिलान्यास पट्टी गांव का अनावरण किया गया पूर्व में निर्मित Samudayik Bhawan सामुदायिक भवन में स्थापित बाबा साहेब की आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया अनेक लोगों ने बाबा साहब का नमन किया।

समारोह में उपखंड अधिकारी श्रीमती सीता शर्मा,पंचायतसमिति प्रधान श्रीमती बिरमादेवी,भाजपा नगरमंडल के अध्यक्ष महेशकुमार सेखसरिया, भाजपा देहात मंडल राजियासर के अध्यक्ष पेपसिंह राठौड़ सहित अनेक मान्य नर नारियों ने भाग लिया।





शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

सीबीआई ने पकड़ा रेप आरोपी विधायक,युवती भाई कहती थी * भाजपा सरकार ने फजीहत करवाई*


13-4-2018.

सीबीआई टीम सुबह साढ़े 4 बजे के करीब विधायक के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंची। हिरासत में लेने से पहले सीबीआई ने विधायक से घर पर ही लंबी पूछताछ की। हालांकि, जब अफसर उनके घर पहुंचे तो वहां विधायक के बहुत सारे समर्थक इकट्ठे हो गए और हंगामा करने लगे। वे सीबीआई अधिकारियों को विधायक के पास जाने से रोकने लगे थे।

April 13, 2018 


उन्नाव गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने शुक्रवार तड़के हिरासत में ले लिया। इस मामले में उनसे लंबी पूछताछ की गई। सीबीआई टीम सुबह साढ़े 4 बजे के करीब विधायक के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंची। हिरासत में लेने से पहले सीबीआई ने विधायक से घर पर ही लंबी पूछताछ की। हालांकि, जब अफसर उनके घर पहुंचे तो वहां विधायक के बहुत सारे समर्थक इकट्ठे हो गए और हंगामा करने लगे। वे सीबीआई अधिकारियों को विधायक के पास जाने से रोकने लगे। इसके बाद अफसरों को सख्ती दिखानी पड़ी। अफसरों ने सेंगर समर्थकों को कड़े शब्दों में कहा कि अगर उनका ऐसा ही बर्ताव रहा तो यूपी पुलिस उनको नहीं बचा पाएगी। अफसरों ने समर्थकों से कहा कि वे उनका रास्ता नहीं रोक सकते। अगर उन्हें उनका काम करने से रोका गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इसके बाद, विधायक के समर्थक कुछ नर्म पड़े और अधिकारियों को रास्ता दिया।

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई अब विधायक को दिल्ली ले जाने की कोशिश में है। एजेंसी आरोपी विधायक को रिमांड पर लेकर इस मामले में पूछताछ कर सकती है। वहीं, कुछ पुलिस अधिकारियों से भी इस मामले में पूछताछ होने की संभावना है। दरअसल, यूपी पुलिस पर विधायक को लेकर नरम रुख अपनाने का आरोप लग रहा है।


गुरुवार को भी हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाते हुए पूछा था कि आखिर अभी तक विधायक की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

बता दें कि इस मामले को लेकर यूपी की योगी आदित्य नाथ सरकार की काफी आलोचना हो रही है। खुद बीजेपी नेताओं ने कुलदीप पर बरती जा रही नरमी को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि एक विधायक के लिए पूरी पार्टी को दांव पर नहीं लगाया जा सकता। हालांकि, बीजेपी के ही कुछ विधायक सेंगर के बचाव में खड़े होते नजर आए थे। एक विधायक ने तो यहां तक कहा कि पीड़ित लड़की कुछ महीने पहले भी एक अन्य शख्स पर रेप का झूठा मुकदमा दर्ज करा चुकी है।


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उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई ने शुक्रवार तड़के हिरासत में ले लिया और पूछताछ की। इस मामले में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पता चला है कि किसी जमाने में आरोपी विधायक और पीड़ित महिला के परिवार में ‘मैत्रीपूर्ण रिश्ते’ थे। मखी गांव में दोनों परिवारों के घर आमने-सामने हैं। पीड़ित लड़की और उसके भाई-बहन विधायक को ‘भइया’ कहते थे। पिछले साल जून में विधायक ने उसे ‘नौकरी’ देने की बात कहकर घर बुलाया। इसके बाद वह एक रिश्तेदार के साथ आरोपी विधायक के घर गई और यह वारदात हो गई। पीड़ित ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में दोनों परिवारों के बीच के रिश्तों और उन घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया है, जिसके बाद पिछले साल उसके साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ।


17 साल की पीड़िता ने कहा, “पिछले साल 4 जून की बात है। मुझे एक कमरे में जाने के लिए कहा गया, जहां उसने मेरे साथ रेप किया गया। बाद में मुझसे कहा गया कि अगर मैंने इस बारे में किसी को बताया तो मेरे पिता और परिवार को मार दिया जाएगा। मैंने इसके बारे में किसी को नहीं बताया। हालांकि, कुछ दिन बाद 11 जून को उसके कुछ लोगों ने मेरा अपहरण कर लिया। उन्होंने कुछ दिनों तक मेरा गैंगरेप किया और मुझे किसी को बेच दिया। वहां से मुझे छुड़ाया गया।

 इस मामले को यूपी सरकार ने सीबीआई को सौंपा है। इसके बाद, गुरुवार को आरोपी विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने पॉक्सो समेत कई धाराओं में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले पीड़ित के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। आरोपी विधायक के भाई पर पीड़ित के पिता को पीटने का आरोप है।


पीड़िता ने कहा, “हम सब उनको भैया कहते थे। हमारे बड़े पापा उनके साथ थे। कभी-कभी वो (विधायक) घर आते थे और दादी से कहते थे कि अंडा फ्राई करके खिलाओ तो दादी उन्हें बनाकर खिलाती थी।” पीड़ित ने बताया कि पिछले साल गैंगरेप की वारदात के बाद जब वह घर लौटी तो अपने रिश्तेदार के पास दिल्ली चली गई। पीड़ित ने बताया, “दिल्ली में पहली बार मैंने अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने चाचा को जानकारी दी।”


पीड़ित ने आगे बताया, “17 अगस्त 2017 को मैं और चाचा लखनऊ गए और वहां सीएम योगी आदित्य नाथ के घर पर अपनी दरख्वास्त दी। उन्होंने हमारी दरख्वास्त किसी और व्यक्ति को सौंप दी और कुछ नहीं हुआ।” पीड़ित ने आगे बताया कि जब सीएम से निजी तौर पर मिलने से भी कुछ नहीं हुआ तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी।


पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। और तो और, पुलिसवालों ने नसीहत दी कि वह इस मामले में बीजेपी विधायक को न लाए। लेकिन पिछले हफ्ते जब पीड़ित ने अपने पिता के साथ मारपीट की घटना सुनी तो अगली ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंची, ताकि सीएम आदित्य नाथ से मुलाकात कर सके।


श्रीगंगानगर जिला: विशेष योग्यजन प्रमाणीकरण शिविरों की तारीख



श्रीगंगानगर,13-4-2018.

 मुख्यमंत्री के जन संवाद 27 से 29 मार्च 2018 के दौरान दिये गये निर्देशों की अनुपालना में पंचायत समिति मुख्यालय पर प्रमाणीकरण के लिये विशेष योग्यजन शिविरों की घोषणा की गई है।

 पंचायत समिति परिसर अनूपगढ में 16 अप्रेल 2018 को, पंचायत समिति परिसर घडसाना में 18 अप्रेल को, व्यापार मंडल श्रीबिजयनगर में 20 अप्रेल को, पंचायत समिति परिसर रायसिंहनगर में 23 अप्रेल को, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पदमपुर में 25 अप्रेल को, पंचायत समिति परिसर सादुलशहर में 27 अप्रेल को, पंचायत समिति परिसर सूरतगढ़ में 2 मई को, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करणपुर में 4 मई को तथा श्रीजगदम्बा अंध विधालय हनुमानगढ़ रोड़ श्रीगंगानगर में 7 मई 2018 को शिविर लगाया जायेगा। शिविर के प्रभारी अधिकारी संबंधित एसडीएम तथा सहायक प्रभारी संबंधित बीडीओ होगें। 


भाजपा प्रधान को अविश्वास से हटाने में भाजपा सदस्य भी साथ रहे

*अजमेर की पीसांगन पंचायत समिति में भाजपा की बुरी हार*

# भाजपा के सदस्यों ने ही पूर्व सांसद स्वर्गीय सांवरलाल जाट के समर्थक # प्रधान को हटाया।

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12-4-2018.

अजमेर के हाल ही के लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद अब 12 अप्रैल को जिले की पीसांगन पंचायत समिति में भी भाजपा की बुरी तरह हार हो गई। भाजपा के लिए शर्मनाक बात ये है कि पंचायत समिति के भाजपा सदस्यों ने ही अपनी पार्टी के प्रधान दिलीप पचार को हटवा दिया। कांग्रेस ने भाजपा के प्रधान के खिलाफ जो अविश्वास का प्रस्ताव रखा उस पर 12 अप्रैल को मत विभजन हुआ। 39 सदस्यों में से 33 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, इसमें से 32 मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में रहे यानि मात्र 1 सदस्य ने भाजपा के प्रधान का समर्थन किया, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी भाजपा की स्थिति कितनी खराब है। अपनी पार्टी के प्रधान को बचाने के लिए भाजपा देहात अध्यक्ष बीपी सारस्वत ने सत्ता की पूरी ताकत लगा दी, लेकिन नसीराबाद के कांग्रेस विधायक रामनारायण गुर्जर के सामने एक नहीं चली, इसे गुर्जर की राजनीतिक कुशलता ही कहा जाएगा कि भाजपा के सदस्यों ने भी अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। असल में दिलीप पचार भाजपा के सांसद स्व. सांवरलाल जाट की पसंद के थे। चुनाव में 39 सदस्यों में से 18 कांग्रेस और 18 ही भाजपा के जीते थे, 3 सदस्य निर्दलीय चुने गए, लेकिन सांसद जाट ने अपने प्रभाव से दिलीप पचार को प्रधान बनवा दिया। सांवरलाल जाट के निधन के बाद से ही पचार के खिलाफ आवाज उठने लगी थी, लेकिन उपचुनाव की वजह से मामला टलता रहा। अब पचार को हटवाने में ही भाजपा के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। 12 अप्रैल को भाजपा के सदस्य एडवोकेट अशोक सिंह रावत भंवर सिंह खोरी, अंजलि पराशर, शकुंतला ठाडा और संगीत रावत तो वोट डालने ही नहीं गए। अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस के सतपाल सिंह ने 13 सदस्यों के साथ रखा था। जानकार सूत्रों के अनुसार नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ऐसी गतिविधियां भाजपा को नुकसान पहुंचाएगी। पंचायतीराज के नियमों के अनुसार अब उपप्रधान किस्मत कंवर को प्रधान का चार्ज दिया जाएगा।

भाजपा का सुपड़ा साफः

कांग्रेस के देहात अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि पीसांगन पंचायत समिति का घटनाक्रम बताता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में अजमेर जिले से भाजपा का सुपड़ा साफ हो जाएगा। राठौड़ ने इसे प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व की जीत बताया है। भाजपा के प्रधान को हटाने के लिए राठौड़ ने विधायक गुर्जर का भी आभार जताया।

एस.पी.मित्तल) (12-04-18)

गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

"मोदी गो बैक"-प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी के विरूद्ध गुब्बारे उड़ाए गए



चेन्नई : ब्रिटिश राज में साइमन कमीशन के विरोध में आजादी की लड़ाई में भाग ले रहे लोगों ने नारा लगाया था, 'साइमन गो बैक।' 

आजाद भारत में गो बैक का नारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाया गया है।

यह नारा तमिलनाडु के लोगों ने लगाया।  मामला कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड का है। जिसके गठन को लेकर लगातार तमिलनाडु में प्रदर्शन हो रहे हैं।


मंगलवार को जहां इस मामले को लेकर आईपीएल मैच के दौरान जमकर प्रदर्शन हुआ था। वहीं गुरुवार  12-4-2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी पार्टियों ने मोदी को काले झंडे दिखाने के साथ मोदी गो बैक के नारे वाले गुब्बारे उड़ाए।


नई दिल्ली से विशेष विमान से पीएम मोदी चेन्नई पहुंचे थे। जहां केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, पोन राधाकृष्षण और मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन ने उनका स्वागत किया। तभी विरोध कर रहे लोगों ने मोदी गो बैक के गुब्बारे उड़ाए।

इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हो सकता है कि मोदीएयरपोर्ट से सीधे डिफेंस एक्सपो चले जाएं तो ये विरोध प्रदर्शन उन्हें नहीं दिखेगा, लेकिन वे ये काले गुब्बारे देख सकते हैं, जो चीख-चीख कर तमिल जनता की मांग को बता रहे हैं।


करुणानिधि ने पहनी काले रंग की पोशाक


मोदी की इस यात्रा का द्रमुक सहित विपक्षी पार्टियों ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड और कावेरी जल नियामक समिति गठित करने में नाकाम रहने पर केंद्र सरकार की निंदा की। प्रदर्शनकारियों के समर्थन में करुणानिधि ने विरोध स्वरूप काले रंग की पोशाक पहनी और जनता के सामने आए।


'बोर्ड का गठन न करना साजिश है'


मोदी का विरोध वाइको ने भी किया। वाइको तमिलनाडु के जाने पहचाने चेहरों में से एक हैं। प्रदर्शनकारी ने उनकी अगुवाई में राजभवन तक मार्च किया। प्रदर्शन कर रहे लोग काले रंग के कपड़े पहनने के साथ ही काले रंग के झंडे ले रखे थे। साथ में काले गुब्बारे में भी हवा में उड़ा रहे थे। इस दौरान वाइको ने कहा कि कावेरी बोर्ड का गठन नहीं करना एक साजिश है। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यताओं ने कबूतर को काले रिबन में बांधकर उन्हें उड़ाकर अपना विरोध जताया।


IIT में हुआ प्रदर्शन


इससे पहले कैंसर संस्थान से सटे आईआईटी-मद्रास में मोदीके लिए एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जहां आईआईटी के छात्रों ने नरेंद्र मोदी का जोरदार विरोध किया। हालांकि मोदी के इस दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। IIT चेन्नई के मैकेनिकल साइंस ब्लॉक में IIT के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों के हाथों में मोदीके खिलाफ नारे लिखे हुए प्लेकार्ड थे। हालांकि आईआईटी कैंपस पहुंचने के साथ ही मोदी ने हेलिकॉप्टर के जरिए उड़ान भरी और सीधे डिफेंस एक्सपो पहुंच गए।


FIR- लड़की को करीबी महिला ले गई थी विधायक सेंगर के पास, फिर हुआ रेप


बलात्कार पीड़िता की मां ने तहरीर में कहा है कि उनकी बेटी की पैदाइश 2002 की है। चार जून 2017 को मुहल्ले की शशि नामक महिला उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर विधायक के ठिकाने पर ले गई। जहां विधायक ने बलात्कार किया। विरोध करने पर उन्होंने बेटी को पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। बलात्कार के वक्त आरोपी महिला आंगन में थी।


जनसत्ता ऑनलाइनApril 12, 2018 


उन्नाव के कथित गैंगरेप की घटना में नौ महीने बाद पुलिस ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ केस दर्ज किया। बलात्कार पीड़िता के पिता की पिटाई से मौत की घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा। सत्ताधारी दल के विधायक से जुड़ा मामला होने के कारण राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने से शासन भी दबाव में आया। जिसके बाद एक्शन होना शुरू हुआ। पीड़िता की मां ने पुलिस को जो तहरीर सौंपी है, उसके मुताबिक बेटी की उम्र महज 16 साल है।एसआईटी के साथ इस मामले की जांच सीबीआई को सौपी गई है।


एफआईआर की क्या है कहानीः


बलात्कार पीड़िता की मां ने तहरीर में कहा है कि उनकी बेटी की पैदाइश 2002 की है। चार जून 2017 को मुहल्ले की शशि नामक महिला उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर विधायक के ठिकाने पर ले गई। जहां विधायक ने बलात्कार किया। विरोध करने पर उन्होंने बेटी को पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। बलात्कार के वक्त आरोपी महिला आंगन में थी। पीड़िता की मां ने कहा कि उसी वक्त वह थाने में केस दर्ज कराने गई मगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इस तहरीर पर उन्नाव जिले की माखी थाने की पुलिस ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और बलात्कार में कथित तौर पर सहयोग करने वाली महिला शशि के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 363 और 506 के तहत केस दर्ज किया है। प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी के मुताबिक मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना सीबीआई के हवाले कर दी गई है।

उन्नाव घटना में अब तक हुई कार्रवाईःउन्नाव की घटना में बलात्कार पीड़िता के पिता की मौत के मामले में डीआईजी कारागार और उन्नाव के जिलाधिकारी के स्तर से दो अलग-अलग जांच कराई गई। रिपोर्ट में बलात्कार पीड़िता के पिता के इलाज में लापरवाही उजागर होने पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. डीके द्वेदी, इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. प्रशांत उपाध्याय को जहां निलंबित कर दिया गया, वहीं डॉ. मनोज कुमार, डॉ. जीपी सचान और डॉ. गौरव अग्रवाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। वहीं सीओ, दारोगा सहित आधे दर्जन पुलिसकर्मी भी इस घटना में अब तक सस्पेंड हो चुके हैं।

बुधवार, 11 अप्रैल 2018

मुख्यमंत्री को जनसंवाद में मिली परिवेदनाओं के निस्तारण में ढील




*  जिला कलक्टर नाखुश-तेजी लाने का सख्त निर्देश *

श्रीगंगानगर, 11 अप्रैल 2018.

लोगों ने मुख्यमंत्री वसुंधराराजे को परिवेदनाएं देते हुए सोचा होगा कि अब सुनवाई जरूर हो जाएगी,मगर अधिकारियों ने रेस्पांस नहीं दिया। यह बैठक में प्रगट हुआ और कलक्टर को निर्देश जारी करने पड़े।ःः।।।

 मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान आई परिवेदनाओं को लेकर संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वो उस परिवेदना का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करवाएं। प्रत्येक बुधवार को सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की होने वाली समीक्षात्मक बैठक में जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने ये कहा। कलक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सुरतगढ़, श्रीगंगानगर और सादुलशहर में जो भी परिवेदनाएं आई हैं सभी विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने ब्लॉक स्तरीय अधिकारी को संबंधित एसडीएम के पास भेज कर उनकी कॉपी ले लें और उनका अलग से रजिस्टर मेंटेन करें। साथ ही आगामी दो दिन में संबंधित एसडीएम को रिपोर्ट करें कि अब तक कितने मामलों का निस्तारण हो चुका है। परिवेदनाओं की पावती भी संबंधित व्यक्ति को नहीं दी है तो तत्काल दें। जिला कलक्टर ने परिवेदनाओं को लेकर चिकित्सा और बिजली विभाग के अलावा अन्य विभागों द्वारा ज्यादा रस्पोंस नहीं आने आने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि परिवेदनाओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान जल्द से जल्द कीजिए ताकि जनता को राहत मिले। जिला कलक्टर ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में आई समस्याओं का पूर्ण निस्तारण नहीं हो जाएगा तब तक प्रत्येक बुधवार को इसका रिव्यू किया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्रा जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सूरतगढ़ में कुल 643, श्रीगंगानगर में 677 और सादुलशहर में कुल 692 परिवेदनाएं आईं थी जिनमें से पंचायतीराज, शिक्षा, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन और मेकिकल की सर्वाधिक परिवेदनाएं हैं। 


                                बैठक में जिला कलक्टर ने इसके अलावा सरकार की फ्लैगशिप स्कीमों की समीक्षा करते हुए नगर परिषद द्वारा अब तक 1349 पेंशनरों का वैरिफिकेशन नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर परिषद में अब तो तीन तीन अधिकारी लगा दिए हैं अब भी काम नहीं हुआ तो कब होगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए तीसरी किश्त गरूवार तक जारी करने के निर्देश दिए। राजश्री योजना को लेकर महिला अधिकारिता के सहायक निदेशक को इसकी मॉनिटरिंग करने और चिकित्सा विभाग को इसकी बकाया पहली और दूसरी किश्त जल्द जारी करवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिला कलक्टर ने विभिन्न विभागों और विभिन्न स्कीमों की समीक्षा की। चिकित्सा से संबंधित लैब में आ रही जांचों में भिन्नता को लेकर जिला कलक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि लैब स्थापना को लेकर गाइड लाइन की पूरी पालना की जाए। साथ ही इसको लेकर उच्च स्तर पर इसकी जानकारी दी जाए ताकि गलत रिपोर्ट देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।  


                             बैठक में सामाजिक न्याय अधिकारिता के अधिकारी द्वारा सूरतगढ़ में बालिका छात्रावास की जगह पर कई लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत कलक्टर से करने पर जिला कलक्टर ने एडीएम सुरतगढ़ को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी अपनी जमीनों का ध्यान रखें। अगर विभाग की जमीन पर कहीं कोई कब्जा करता है तो सबसे पहले एफआईआर दर्ज करवाएं और फिर आगे की कार्रवाई तुरंत करें। 


                           बैठक में जिला कलक्टर ने 14 अप्रैल से 15 मई तक चलने वाले ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत जिले के चयनित 111 गांवों में केन्द्र सरकार की सात अलग अलग स्कीमों में 100 फीसदी टार्गेट हासिल करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। इसको लेकर बुधवार को 10 बजे मीटिंग बुलाई गई है। जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल में कई विभागों के अधिकारी नहीं आने पर जिला कलक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कलक्टर की रात्रि चौपाल में संबंधित विभाग का जिला स्तरीय अधिकारी पहुंचे, अगर वो किसी कारणवश नहीं आ सकता तो ब्लॉक लेवल का अधिकारी वहां पहुंचे। ब्लॉक लेवल अधिकारियों में भी सिंचाई, बिजली और पीएचईडी विभाग के तो अधिशाषी अभियंता पहुंचे।  


                          बैठक में जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम के अलावा एडीएम विजीलेंस श्री वीरेन्द्र कुमार वर्मा, एडीएम सुरतगढ़ श्री सीएम वर्मा, यूआईटी सचिव श्री कैलाश शर्मा, एसडीएम सादुलशहर श्री निलाभ सक्सेना, एसडीएम श्रीगंगानगर श्री यशपाल आहुजा, एडीपीसी श्रीमती रीना छिंपा, डीवाईएसपी श्री चेतराम सेवटा, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पशुपालन के संयुक्त निदेशक डॉ. राजकुमार मिढ्ढा, आयुर्वेद से डॉ. कृष्ण चंद्र, महिला अधिकारिता के सहायक निदेशक श्री विजय कुमार, सामाजिक न्याय अधिकारिता के श्री बीपी चंदेल, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश शर्मा, नगर परिषद सचिव श्री लाजपत बिश्नोई समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय और अन्य अधिकारी मौजूद थे।



बच्ची का गैंगरेप हत्या, पुलिस अधिकारी ने भी मारने से पहले रेप किया

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आठ वर्षीय बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म और जघन्या हत्या की चार्जशीट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक रेप और हत्या का मास्टरमाइंड रिटायर्ड राजस्व अफसर संजी राम निकला, जो कि आठ आरोपियों में से एक है।


जनसत्ता ऑनलाइननई दिल्ली | April 11, 2018 


जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय बालिका की सामूहिक बलात्कार के बाद जनवरी में हत्या कर दी गई थी।


जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आठ वर्षीय बालिका के साथ जनवरी में हुए सामूहिक दुष्कर्म और जघन्य हत्या की घटना में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी है।  चार्जशीट में रेप और हत्या का मास्टरमाइंड रिटायर्ड राजस्व अफसर संजी राम निकला। उसे बेटे विशाल और भतीजे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने केस की जांच से जुड़े विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया , सुरिंदर कुमार, प्रवेश कुमार, सहायक पुलिस इंस्पेक्टर और हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज को भी सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची के पिता मोहम्मद यूसुफ ने 12 जनवरी को हीरानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा था कि उनकी बच्ची दस जनवरी को जानवरों के लिए घास लाने नजदीक के जंगल गई थी, जहां से वापस नहीं लौटी।


पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद साजिशकर्ता रिटायर्ड अफसर संजी राम के नाबालिग भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। 22 जनवरी को यह मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक, बलात्कार और हत्या की साजिश रचने में राम का ही हाथ था। उसने बच्ची के किडनैप, दुष्कर्म और हत्या की योजना बनाई। उसने विशेष पुलिस अधिकारी खजूरिया और एक नाबालिग को अपनी साजिश में शामिल किया। दीपक अपने दोस्त विक्रम के साथ सात जनवरी की शाम बिटू मेडिकल स्टोर गया और इपिट्रिल दवा के दस टैबलेट खरीदे, जिसका नाम उसके चाचा ने सुझाया था।


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चार्जशीट के मुताबिक, इसी शाम राम ने भतीजे को लड़की का अपहरण करने को कहा। लड़की अक्सर जंगल में आती थी। दस जनवरी को जब लड़की अपने जानवरों को खोज रही थी, उसी दौरान राम के भतीजे ने जानवरों के जंगल में होने की बात कही और अपने साथ थोड़ी दूर ले गया। फिर उसने लड़की की गर्दन पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। पिटाई से बच्ची बेहोश हो गई तो नाबालिग ने उसका रेप किया। इसके बाद उसके साथी मन्नू ने भी रेप किया। फिर वे लड़की को मंदिर परिसर में ले गए, जहां उसे प्रार्थनाकक्ष में बंधक बनाकर रखा।


चार्जशीट के मुताबिक, 11 जनवरी को नाबालिग आरोपी ने एक अन्य आरोपी विशाल जंगोत्रा को लड़की के किडनपैपिंग के बारे में जानकारी दी। कहा कि अगर वह भी हवस बुझाना चाहता है तो मेरठ से जल्दी आ जाए। 12 जनवरी को विशाल जंगोत्रा रसना पहुंचा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे आरोपी मंदिर गए और वहां भूखे पेट बंधक बनी लड़की को नशे की तीन गोली दी। आरोप है कि जब राम ने कहा कि अब बच्ची की हत्या कर शव को ठिकाने लगाना होगा तो बच्ची की जांच में शामिल विशेष पुलिस अधिकारी खजूरिया ने कहा-थोड़ा इंतजार करो, मैं भी बलात्कार करूंगा। सभी ने आठ वर्षीय लड़की का सामूहिक बलात्कार किया। फिर गला घोंटकर और सिर पर पत्थर से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। फिर 15 जनवरी को शव को जंगल में फेंक दिया।चार्जशीट के मुताबिक पुलिस टीम ने केस से बचाने के लिए रेप का आरोपी नाबालिग की मां से डेढ़ लाख रुपये घूस भी ली।

( साभार)


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