शुक्रवार, 9 मार्च 2018

प्रधानमंत्री की झुंझुनूं सभा में वसुंधरा विरोधी माहौल:


8 मार्च 2018 को राजस्थान के झुंझुनूं में महिला दिवस पर हुई सभा में भले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीएम वसुंधरा राजे की प्रशंसा की हो, लेकिन सभा में वसुंधरा विरोधी माहौल साफ तौर पर नजर आ रहा था।

इसे सरकार की विफलता भी कहा जाएगा कि सैकड़ों वसुंधरा विरोधी युवक काले झंडे लेकर सभा में पहुंच गए। गंभीर बात तो यह है कि ऐसे युवकों के हाथों में भाजपा के झंडे थे। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में  जैसे ही वसुंधरा राजे ने भाषणा शुरू किया, वैसे ही युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पहले से ही तैयार होकर पहुंचे युवकों ने वसुंधरा विरोध माहौल का वीडियो भी बनाया। 

शायद यह इसलिए किया गया हो कि उनके विरोध की खबरे अखबारों व चैनलों में नहीं आएगी और  सोशल मीडिया ही काम आएगा। 

यही वजह रही कि 9 मार्च को दिन भर वसुंधरा विरोधी माहौल के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे।


 एक में  वीडियो में नारा लगाया गया, मोदी तुझ से बैर नहीं, वसुंधरा तेरी खैर नहीं। कुछ युवा राष्ट्रीय स्वाथ्य मिशन से भी जुड़े हुए थे। हालांकि सरकार ने इस बात के प्रयास किए थे कि प्रधानमंत्री की सभा में कोई विघ्न न हो लेकिन जब तक वसुंधरा राजे बोलती रही, तब तक नारेबाजी होती रही। 

वसुंधरा राजे के बाद अब पीएम मोदी ने बोलना शुरू किया तो माहौल शांत हो गया। सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री की सभा में काले झंडे कैसे पहुंच गए?

जबकि काले वस्त्र पहनने वालों तक को सभा स्थल पर  प्रवेश नहीं दिया गया। यहां तक कि काले रंग की साड़ी पहन कर आई महिलाओं को भी बाहर ही रोक दिया। जाहिर है कि सभा में भी सुरक्षा में चूक हुई है। हालांकि  प्रधानमंत्री की सभा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीएम राजे दो बार झुुंझुनूं आईं। तैयारियों के दिशा निर्देश स्वयं सीएम ने दिए। लेकिन इसके बावजूद भी माहौल वसुंधरा विरोधी देखने को मिला, असल में हाल ही में उपचुनावों में सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों  में भाजपा की करारी हार के बाद से ही प्रदेश में वसुंधरा राजे को हराने की आवाज उठने लगी। ऐसी आवाज को प्रधानमंत्री की सभा में बने वसुंधरा विरोधी माहौल से और बल मिलेगा। भाजपा नेतृत्व के सामने फिलहाल विधानसभा के चुनाव है। 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें