गुरुवार, 15 मार्च 2018

अमित शाह, नरेंद्र मोदी की जोड़ी पर उपचुनाव हार के बाद अपनोँ के हमले


उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी के अंदरखाने आवाज उठने लगी है। पहली बार नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी अपनों के निशाने पर है। योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी नेता मोर्चा खोल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी के अंदरखाने आवाज उठने लगी है। पहली बार नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी अपनों के निशाने पर है। योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी नेता मोर्चा खोल रहे हैं। कोई खुलकर नसीहत दे रहा है तो इशारों ही इशारों में। यह पहला मौका है, जब उपचुनाव में हार के बहाने मोदी-शाह की जोड़ी को एक साथ इतने हमलों से दो-चार होना पड़ा है। इससे पहले बिहार चुनाव में हार के समय भी कुछ नेता बीजेपी नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठ चुके हैं । हालांकि वह मुख्य चुनाव था। जबकि इस बार उपचुनाव में हार के बाद पार्टी के अंदरखाने घमासान मची है।

पार्टी के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद निशाना साधने का मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट कर जहां नरेंद्र मोदी पर हमला बोला वहीं बीजेपी को नसीहत देते हुए जीत के बाद यादव अखिलेश और मायावती को बधाई दी। अपने एक ट्वीट में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “मैं लगातार कहता रहा हूं कि अहंकार, गुस्सा और अतिआत्मविश्वास राजनीति में सबसे बड़े दुश्मन हैं। चाहे यह ट्रंप, मित्रों या विपक्षी नेताओं की ओर से हो” सिन्हा ने भले इस ट्वीट में मोदी का नाम नहीं लिया मगर जिस तरह से मोदी अपने संबोधनों में ‘मित्रों’ का जिक्र करते हैं, माना जा रहा है कि सिन्हा ने मोदी पर निशाना साधा है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘ आगे कठिन समय है। सर, यूपी-बिहार के उपचुनाव के नतीजों ने आपको और हमारे लोगों को सीटबेल्ट बांधने का संदेश दिया है। उम्मीद है कि भविष्य में हम इस संकट से निपट सकेंगे। ये नतीजे राजनीतिक भविष्य के बारे में भी बताते हैं, इसे हल्के में नहीं हम ले सकते।’ एक अन्य ट्वीट में जहां उन्होंने उपचुनाव में जीत के लिए मायावती और अखिलेश यादव को बधाई दी वहीं योगी आदित्यनाथ के लिए दुख व्यक्त किया। कहा कि मित्र योगी जी के लिए काफी दुखी महसूस कर रहा हूं, जो अपने गृह क्षेत्र में ही हार गये। अतिआत्मविश्वास के कारण यह हार हुई।

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में योगी आदित्यनाथ पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ऐसे नेताओं को बड़े पद देना लोकतंत्र में आत्महत्या करने जैसा है,जो नेता अपनी सीट पर जीत नहीं दिला सकते।मैं समझता हूं कि इन सब चीजों को ठीक करने के लिए अब भी समय है।” आजमगढ़ से बीजेपी के पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

उन्होंने कह दिया कि पूजापाठ करने वाला कितना सरकार चलाएगा। साथ ही योगी पर एक जाति विशेष के लिए काम करने का आरोप लगाया। कहा कि अगर इसी तरह दलित और पिछड़ों की सरकार में उपेक्षा हुई तो 2019 में भी बीजेपी का यही हाल होगा। बीजेपी को उपचुनाव में हार के बाद सहयोगी दल शिवसेना के हमलों का भी सामना करना पड़ा है। पार्टी नेता संजय राउत ने राम का अपमान करने वाले नरेश अग्रवाल को पार्टी में लिए जाने को हार के कारण बताया।

जनसत्ता आनलाईन 15-3-2018.

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