शनिवार, 17 मार्च 2018

वसुंधरा राजे का राज ताज कायम रहेगा, पर बदल जाएगी सरकार और संगठन की सूरत।

 

जयपुर से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर।

16 मार्च को राजस्थान में सरकार और संगठन में हलचल होती रही।

 जयपुर से लेकर दिल्ली तक बैठकों के दौर चले। इधर, जयपुर में राष्ट्रीय महासचिव वी सतीश, प्रदेश संगठन के महासचिव चन्द्रशेखर, प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के साथ मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। दिल्ली में सीएम वसुंधरा राजे ने मोर्चा संभाला। कई केन्द्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय नेताओं के साथ सीएम ने मुलाकात की। सीएम 15 मार्च से ही दिल्ली में डेरा जमाए हुए थी। 16 मार्च को राजनीतिक घटनाक्रम हुआ उससे प्रतीत होता है कि वसुंधरा राजे को राजस्थान की सीएम के पद से नहीं हटाया जाएगा, लेकिन सरकार और संगठन की सूरत पूरी तरह बदल दी जाएगी। 

सीएम के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं। एक ब्राह्मण समुदाय और दूसरा राजपूत समाज से होगा। यह भी माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में व्यापक तौर पर फेर बदल होगा।

 अलवर और अजमेर के लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को जो हार मिली है उसके मद्देनजर इन दोनों जिलों के मंत्रियों पर गाज गिर सकती है। कहा जा रहा है कि हटाए गए मंत्रियों को संगठन में खपया जा सकता है। यह देखना होगा कि मंत्री पद से हटाए गए विधायक संगठन में कितनी मुस्तैदी के साथ काम करेंगे।

 असल में उपचुनावों में जो हार मिली है उससे भाजपा नेतृत्व घबराया हुआ है। चूंकि राजस्थान में नवम्बर में ही विधानसभा के चुनाव होने हैं ऐसे में भाजपा नेतृत्व कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। 

सूत्रों की माने तो भाजपा के दिल्ली स्थित नए कार्यालय में राजस्थान को लेकर एक वार रूम भी बनाया गया है। इस वार रूम के जरिए ही राजस्थान की सारी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। 

अगले एक दो दिन में ही मंत्रियों से इस्तीफे लिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि 16 मार्च से शुरू होने वाले नवरात्र के दिनों में मंत्रिमंडल और संगठन में फेर बदल किया जाए। 

भाजपा के बड़े नेताओं को मानना है कि उपचुनाव में 17 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का संगठन कमजोर रहा था। कागजों में पन्ना प्रमुख तक बनाए गए, लेकिन हकीकत में मतदान वाले दिन सारी व्यवस्था फेल हो गई। ऐसे में अलवर और अजमेर के संगठन में भी बड़ा परिवर्तन हो सकता है। 

सूत्रों के अनुसार वसुंधरा राजे को सीएम के पद से हटाने को लेकर कोई विचार विमर्श नहीं हो रहा है। भाजपा हाईकमान का मानना है कि फिलहाल सारी गतिविधियां राजे के नेतृत्व में ही चलाई जाएगी। हो सकता है कि अप्रैल माह से वसुंधरा राजे प्रदेशव्यापी यात्रा शुरू कर दें। चूंकि सीएम का धर्म-कर्म में बहुत विश्वास है इसलिए नवरात्र में वे माता  त्रिपुरा सुंदरी के मंदिर से भी अपनी यात्रा की घोषणा कर सकती हैं।

नहीं लिया किसी मंत्री का इस्तीफा-परनामीः

मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों की जयपुर में हुई बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने मीडिया से कहा कि किसी भी मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में वो रणनीति तैयार की गई, जिसके अंतर्गत आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करार जवाब दिया जा सके। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में फेर बदल का विशेषाधिकार मुख्यमंत्री के पास होता है।

 


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