मंगलवार, 20 मार्च 2018

मंथली लेते आबकारी इंस्पेक्टर जी एसीबी से पकड़े गए।



 हनुमानगढ़ 20-3-2018.

आबकारी विभाग के  इंस्पेक्टर  हुकम सिंह  मीणा को  आज  भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के  द्वारा  रिश्वत लेने पर  रंगे हाथों  गिरफ्तार किया गया।

 इस कार्यवाही में  उनका  ड्राइवर सिपाही  हरबंस लाल भी  गिरफ्तार किया गया। 

यह कार्यवाही  बीकानेर  चौकी के  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  रजनीश पूनिया के नेतृत्व में  की गई। 

अयालकी  गांव के  शराब ठेकेदार  सुनील कुमार ने  17 मार्च को  बीकानेर में शिकायत की, आबकारी इंस्पेक्टर  हुकुम सिंह मीणा  ठेके का  सही संचालन  करने के नाम पर  ₹3000 प्रतिमाह वसूली कर रहा है। वह  रिश्वत देना नहीं चाहता।

 हुकुम सिंह  पूर्व में ₹3000  ले चुका अब वह  फरवरी और मार्च की  2 माह की  रकम ₹6000 मांग रहा है।

 शिकायत का  सत्यापन कराया गया  और  आज  हुकुम सिंह ने  रिश्वत प्राप्त की  और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने  तुरंत छापा मारा। रिश्वत की रकम  हुकम सिंह मीणा की कमीज़ की जेब से बरामद हुई।

एक और  घोर आश्चर्य जनक  बात भी हुई। हुकम सिंह के  मोबाइल फोन के कवर में  एक कागज की परची  मिली है जिसमें  शराब ठेकों से  प्राप्त की गई  रकम आदि का  उल्लेख किया हुआ है।

 आबकारी और पुलिस विभाग का भय निकल चुका है।

 श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलो में लगातार भ्रष्टाचार निरोधक विभाग द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने की कार्यवाहियों के बावजूद रिश्वत लेने का खेल थम नहीं रहा है. 

ऐसे में स्पष्ट रूप से यह लिखना उचित होगा कि पकड़े जाने के अलावा जो बड़े अधिकारी हैं उनकी शह के बिना रिश्वत का खुला खेल नहीं चल सकता।जहां-जहां पर गिरफ्तारियां हुई है। वहां के अधिकारियों और जिला अधिकारियों को भी दंडित किया जाना चाहिए।

 सबसे बड़ी बात यह है कि सूरतगढ़ में आईजी और एसपी की मौजूदगी में मीटिंग छोड़ कर थानेदार जी ने रिश्वत प्राप्त की और गिरफ्तार हुआ।

 अब श्री गंगानगर जिले में मुख्यमंत्री के दौरे की खबरों के बीच हनुमानगढ़ के आबकारी इंस्पेक्टर ने रिश्वत प्राप्त कर ली।

 हनुमानगढ़ गंगानगर जिले में पहले भी आबकारी विभाग के पुलिस विभाग के अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। इसे प्रतिपक्ष की ओर से भाजपा सरकार का सुशासन कहा जा सकता है।



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