शुक्रवार, 16 मार्च 2018

चुनाव से पहले वसुंधरा यात्रा निकालेंगी, अप्रैल से

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अप्रैल 2018  माह में चुनावी यात्रा शुरू करेंगी जो सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में  100 दिन पूरे कर  मई के अंत में समाप्त होगी। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया संपूर्ण यात्रा में साथ रहेंगे।

‌ यात्रा का मकसद विधानसभा चुनाव 2018  की आचार संहिता लागू होने से पहले लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना है। 

‌यात्रा के दौरान मंत्री और सरकारी अधिकारी साथ रहेंगे,जिससे समस्याओं का तत्काल मौके पर निराकरण कर दिया जाए। यात्रा को वैसे तो प्रशासनिक रूप दिया जा रहा है,लेकिन इसका असली मकसद चुनाव से पूर्व लोगों से सीधा सम्पर्क साधना है। वसुंधरा राजे की चुनावी यात्रा की तैयारियों में जुटे एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी सीएम के साथ दौरे पर नहीं जा सकेंगे,इसलिए पहले ही यह यात्रा निकाली जा रही है । इस कारण यात्रा को औपचारिक रूप से कोई नाम नहीं दिया रहा।

मंत्री और पार्टी नेताओं के बीच इसे चुनावी यात्रा बताया जा रहा है। परिवहन मंत्री युनूस खान,सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी और संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ वसुंधरा राजे की यात्रा का रोड़मैप तैयार करने में जुटे हैं । उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी वसुंधरा राजे विधानसभा चुनाव से पहले यात्राएं निकालती रही है । वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव से पूर्व वसुंधरा राजे ने " सुराज संकल्प यात्रा " और वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव से पूर्व "सुराज संकल्प यात्रा "निकाली थी।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार  16 -3-2018 को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इन राजनीतिक चर्चाओं पर छाए बादल भी छट जाएंगे। संभवता राज्य कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्रियों को इससे जुड़े संकेत भी दे ​दिए जा सकते है। बदलाव की बयान में कुछ मंत्रियों को परफोर्मेंस के आधार पर हटाए जाने और कुछ के विभाग बदले जाने की चर्चाएं भी है। हालांकि प्रदेश भाजपा संगठन के मुखिया मंत्रिमंडल में बदलाव को मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार बताते है।



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