मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

जोधपुर में अक्षरधाम का शिलान्यास अशोक गहलोत से करवाना बड़ा महत्ता रखता है



 इसके चलते गहलोत सोनिया गांधी से मिलने नहीं गए।

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5 फरवरी को राजस्थान के जोधपुर शहर में देश-विदेश में विख्यात अक्षरधाम मंदिर का शिलान्यास कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा किया गया। गहलोत के द्वारा अक्षरधाम का शिलान्यास किया जाना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गहलोत को 5 फरवरी को दिल्ली में राजस्थान के नवनिर्वाचित सांसद रघु शर्मा और डॉ. करण सिंह यादव के साथ कांग्रेस की शीर्घ नेता श्रीमती सोनिया गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलना था, लेकिन दिल्ली दौरा छोड़कर गहलोत ने 5 फरवरी को शिलान्यास समारोह में भाग लिया। समारोह में गहलोत का अभिनंदन करने में अक्षरधाम के प्रतिनिधियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। अक्षरधाम से जुड़े प्रमुख स्वामी ने कहा कि जोधपुर में रियायती दर पर भूमि का आवंटन भी मुख्यमंत्री रहते हुए अशोक गहलोत ने ही किया था।

गुजरात चुनाव में अक्षरधाम की भूमिकाः

हाल ही में सम्पन्न हुए गुजरात चुनाव में अक्षरधाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अक्षरधाम का पुराना नाता रहा है। चुनाव के दौरान भी एक समारोह में मोदी को अहमदाबाद के अक्षरधाम में आमंत्रित किया गया। चुनाव में अक्षरधाम का झुकाव भाजपा की ओर ही था। हालांकि अशोक गहलोत की पहल पर अहमदाबाद के अक्षरधाम में राहुल गांधी का भी स्वागत किया गया।

एस.पी.मित्तल) (05-02-18)





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