बुधवार, 21 फ़रवरी 2018

दिल्ली की सरकार और मुख्यसचिव का विवाद-रिपोर्ट

आम आदमी पार्टी की सरकार एक बार फिर विवादों में घिर गई है। मुख्य सचिव से मारपीट मामले में अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट से उनके साथ मारपीट की पुष्टि होती है। उनके चेहरे पर कट के निशान और सूजन पाई गई है। बता दें कि सोमवार आधी रात को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में सीएम अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में विधायकों पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हाथापाई के आरोप में आप विधायक प्रकाश जारवाल और सीएम केजरीवाल के सलाहकार को हिरासत में ले लिया गया है।

बाद में सीएम के सलाहकार वीके जैन को पूछताछ कर छोड़ दिया गया। वहीं आज मारपीट के आरोपी विधायक अमानतुल्लाह खान ने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया। उनका कहना है कि वह देश के कानून का सम्मान करते हैं और इसीलिए वह सरेंडर कर रहे हैं। हालांकि वह अपनी बात पर अब भी कायम हैं और कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। कहा जा रहा है कि यह जांच केजरीवाल और मनीष सिसोदिया तक पहुंच सकती है।

आम आदमी पार्टी के एक रीट्वीट के अनुसार आज सुबह ही दिल्ली पुलिस ने सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन को उनके महारानी बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। इस मसले को लेकर मंगलवार को दिन भर सियासत तेज रही। मुख्य सचिव की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

उन्होंने सीएम आवास पर मीटिंग के बहाने बुलाकर हमला करने का आरोप लगाया है। मुख्य सचिव ने ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान व अन्यों पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर घर बुलाने, सरकारी काम में बाधा डालने, ड्यूटी के दौरान हमला करने, जान से मारने की धमकी, बंधक बनाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

इससे नाराज आईएएस एसोसिएशन ने एलजी से शिकायत दर्ज करा दोषी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, दिल्ली सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध में कामकाज ठप कर दिया है। मुख्य सचिव ने कहा कि वह सोमवार रात करीब 12 बजे सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री आवास गए। वहां पहले से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित 10 से 11 विधायक मौजूद थे।

एक विधायक उन पर चिल्लाने लगा और अपशब्द कहे

बैठक में सरकार के तीन साल पूरे होने पर विज्ञापन को लेकर बात शुरू ही हुई थी कि एक विधायक उन पर चिल्लाने लगा और अपशब्द कहे। साथ ही उन्हें एससी एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी। अचानक बगल में बैठे विधायक अमानतुल्लाह खां ने पहले उनके सिर पर मारा और धक्कामुक्की करने लगे। इसमें उनका चश्मा भी नीचे गिर गया।

उधर, सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। बैठक में मौजूद विधायक प्रकाश जारवाल व अजय दत्त का कहना है कि वह मुख्य सचिव से 2.50 लाख लोगों को राशन नहीं मिलने को लेकर सवाल पूछ रहे थे।

मुख्य सचिव ने जवाब देन से मना करते हुए जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया। साथ ही कहा कि उनके बॉस एलजी हैं। विधायक के प्रति उनकी जवाबदेही नहीं है। प्रकाश जारवाल व अजयदत्त ने पुलिस आयुक्त समेत एससी एसटी आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है।

उपमुख्यमंत्री बोले, आरोप बेबुनियाद
मुख्य सचिव के लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ लोग सरकार के तीन साल के कामकाज को खराब करना चाहते हैं। इसलिए सचिवालय का माहौल भी खराब कर दिया है। मारपीट का आरोप पूरी तरह से गलत है। विधायकों ने राशन नहीं दिए जाने पर मुख्य सचिव से जवाब मांगा था। उसे लेकर बातचीत में थोड़ी गरमागरमी हुई थी, लेकिन मारपीट का आरोप निराधार है।-मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री

सचिवालय में पर्यावरण मंत्री के साथ मारपीट का आरोप


हड़ताल पर गए अधिकारियों व कर्मचारियों पर पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के साथ मारपीट का आरोप लगा है। दिल्ली सचिवालय में दोपहर साढ़े 12 बजे अधिकारी कामकाज ठप कर प्रथम तल पर बैठे थे।

उसी समय सचिवालय से बाहर जा रहे पर्यावरण मंत्री व सरकार के खिलाफ अधिकारियों और कर्मचारियों ने नारेबाजी की। मंत्री के साथ धक्कामुक्की न हो, इसे रोकने गए उनके सहयोगी हिमांशु के साथ मारपीट की गई। बीच बचाव करने गए पर्यावरण मंत्री के साथ भी मारपीट की गई।

राजनीतिक अखाड़ा बना सचिवालय, सरकार का कामकाज ठप
मारपीट की खबर आने के बाद दिल्ली सचिवालय राजनीतिक अखाड़ा बन गया । दिनभर चले शिकायतों के दौर के बीच मंगलवार को सरकार का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। दिल्ली सचिवालय में दास कैडर के अधिकारी मुख्य सचिव के समर्थन में हड़ताल पर चले गए।


आईएएस एसोसिएशन के आरोप
 . मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सीएम आवास पर आप विधायकों ने पिटाई की।
. विज्ञापन को लेकर बैठक बुलाई गई थी। सरकार उसे रोके जाने का कारण जानना चाहती थी।
. हमने किसी भी तरह का हड़ताल नहीं किया है। सिर्फ विरोध में काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।

सरकार का जवाब
. मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई, मगर मारपीट का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद।
. बैठक विज्ञापन को लेकर नहीं, बल्कि दिल्ली में ढाई लाख लोगों के राशन नहीं मिलने पर बुलाई थी।
. साजिशन सरकार के कामकाज को खराब करने के लिए सचिवालय में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है।
. हमारे नेता पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के साथ मारपीट की गई। डीडीसी उपाध्यक्ष के साथ भी धक्कामुक्की हुई।


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