गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

विधानसभा घेराव की किसानों की चेतावनी-सरकार परेशान-जयपुर में भारी पुलिस बल



22-2-2018.

विधानसभा घेरने की चेतावनी को लेकर विभिन्न हिस्सों से एकजुट हुए हजारों किसानों द्वारा राजधानी की ओर कूच करने से हड़कम्प मचा हुआ है। यहां राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है और ऐसे में नाराज किसान विधानसभा घेराव की मंशा को लेकर जयपुर पहुंचने को आतुर हैं। किसान दोपहर से पहले सीकर से चल पड़े थे, जो जयपुर के नजदीक चौमूं तक पहुंच गए हैं।

यहां पुलिस ने रोका तो हाईवे पर बैठे

जयपुर के नजदीक चौमूं टोल के पास किसानों ने जमावड़ा लगा लिया है। यहां उन्हें पुलिस ने रोकने की कोशिश की थी। ऐसे में सीकर हाईवे जाम हो गया है। जाम के चलते वाहन अटक गए हैं। जब से किसानों ने इस घेराव का ऐलान किया है, तब से सरकार से लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों तक में हड़कंप मचा हुआ है। किसानों को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस के पहरे लगे हुए हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में युवा किसान भी शामिल हैं। इससे सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।


पुलिस ने 80 किसान नेताओं को किया अंदर


उग्र आंदोलन के अंदेशे को भांपते हुए राजस्थान सरकार ने दो दिन पूर्व ही किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमराराम, पेमाराम सहित 80 से ज्यादा किसान नेताओं को जेल में डाल दिया है। बावजूद इसके किसान जयपुर कूच के लिए आमादा है। अब इस आंदोलन में राजपा विधायक किरोड़ी लाल मीणा और विधायक हनुमान बेनीवाल भी किसानों के साथ आ गए हैं।


जयपुर में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात


आज सुबह से ही किसान जयपुर की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने जगह-जगह रोकना प्रारंभ कर दिया है। जिस कारण कई सड़कों पर जाम लग गया है। किसान आंदोलन की आग सुलगने की आहट के चलते सरकार ने बड़ी संख्या में जयपुर व अन्य जिलों में पुलिस बल तैनात किया है।


ये हैं मांगें और ये शहर रखा था बंद

इससे पूर्व किसानों के आह्वान पर बुधवार को सीकर बंद रखा गया। बंद के दौरान पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया। किसानों ने ऐलान किया है कि यदि उन्हें जयपुर जाने से रोका गया तो वे चक्काजाम और धरना प्रदर्शन उसी स्थल पर प्रारंभ कर देंगे। गौरतलब है कि किसान पूर्ण कर्ज माफी और राजस्थान सरकार के साथ पूर्व में हुए लिखित समझौते की मांग को पूर्ण करने पर अड़े हुए हैं।



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