शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

भाजपा नेता के घर मेंं बोर्ड परीक्षा:पुलिस का छापा

23-2-2018.

उत्तर प्रदेश के अतरौली में एक बड़े गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। अतरौली के गांव तेवथू में भाजपा नेता व स्कूल प्रबंधक के घर में प्रशासन की टीम ने एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में छापा मारकर 62 लोगों को इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपी लिखते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यहां से करीब सौ और मुहर लगी हुई कॉपियां भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया है। अतरौली थाना क्षेत्र के गांव तेवथू के बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज के प्रबंधक राज कुमार शर्मा का घर स्कूल के ठीक सामने बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि राज कुमार शर्मा के साथ रहने वाले व उनके भतीजे भाजपा नेता के घर में यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियां लिखी जाती हैं।  पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और एसडीएम शिवकुमार व सीओ सुरेश कुमार मलिक ने फोर्स के साथ बताए गए घर पर छापा मार दिया। घर को चारों ओर से घेर लिया गया। सूचना इतनी सटीक थी कि जिस कमरे में कॉपी लिखी जा रही थीं, पुलिस ने सीधा उसी कमरे को घेरा। जैसे ही पुलिस को देखा तो उनमें भगदड़ मच गई और कॉपियां आधी छोड़कर भागने लगे। यहां तक कि वह लोग पुलिस से भी भिड़ने लगे।  सीओ और उनके चालक सुधीर चौधरी को अपनी रिवाल्वर व सुरक्षा गार्डों को अपनी राइफल तक निकालनी पड़ गई, तब जाकर यह लोग काबू में आ सके। पकड़े गए लोगों में 53 युवक, तीन पेपर सॉल्व करने वाले, तीन किशोर के साथ तीन युवतियां भी शामिल हैं। इनकी कुल संख्या 62 है। पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने मौके से गनियावली कालेज के प्रबंधक राम कुमार शर्मा को भी पकड़ा है।  कॉलेज प्रबंधक का भाई डीआईओएस दफ्तर में लिपिक के पद पर तैनात है। इधर, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर 59 लड़कों और तीन लड़कियों, कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ नकल अधिनियम व धारा 384 के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह के मुताबिक राज कुमार शर्मा के भतीजे भूवेन्द्र शर्मा उर्फ चुनमुन भाजपा के सदस्य हैं।

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शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के विधानसभा क्षेत्र में नकल का गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा। अतरौली के गांव तेवथू में कॉपियां लिखने का पहला मामला पकड़ में आया है। इसके अलावा कई अन्य स्कूल भी ऐसे हैं, जहां सौ कॉपी प्रतिदिन लिखकर लगाई जा रही हैं। 

सवाल यह है कि डीआईओएस ऑफिस
से यूपी बोर्ड की इतनी बड़ी संख्या में कॉपियां आखिर शिक्षा माफिया तक पहुंची कैसे। जबकि प्रत्येक कॉपी में कोडिंग है। शिक्षा माफिया के गलियारे से इसका जवाब भी मिल रहा है। बताया जा रहा है कि डीआईओएस ऑफिस में तैनात एक लिपिक के माध्यम से यह कॉपियां सीधे माफिया के पास पहुंचती हैं। इसमें बड़ा लेनदेन किया जाता है। इन कॉपियां को रिकार्ड में हेरफेर कर फर्जी तरीके से शिक्षा माफिया के पास पहुंचाया जाता है। 

‘अमर उजाला’ ने इस बाबत खबर भी प्रकाशित की थी कि शिक्षा माफिया ने सीसीटीवी कैमरों और अधिकारियों के दौरों से बचने के लिए खुलेआम नकल कराने का तरीका बदला और रुपये लेकर कॉपी लगाने का धंधा शुरू कर दिया। ‘अमर उजाला’ ने यह भी खुलासा किया था कि कई सेंटर ऐसे हैं, जहां सौ से दो सौ कॉपी दो से तीन हजार रुपये लेकर प्रति पाली के हिसाब से लगाई जा रही हैं। यह तो अभी पहली कार्रवाई है अगर अधिकारी इसी तरह छापेमारी करते रहे तो कई स्कूलों में जखीरा बरामद होगा। बताया जाता है कि इसी लिपिक पर पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई भी हुई थी। बाद में भाजपा सरकार आने पर उसे फिर से डीआईओएस ऑफिस में अटैच किया गया। 

डीआईओएस कार्यालय के कर्मी का भाई भी पकड़ा

डीआईओएस ऑफिस में तैनात एक कर्मी के भाई राम कुमार शर्मा का गांव गनियावली में कॉलेज है। गनियावली का सेंटर बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज तेवथू में है। तेवथू में पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए लोगों में लिपिक का कॉलेज प्रबंधक भाई राम कुमार शर्मा भी शामिल है। 

2015 में भी इसी कालेज में नकल कराने के प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज हुई थी

बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज तेवथू में 11 मार्च 2015 को कोतवाली में परीक्षार्थी नदीम अहमद की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें इसी कॉलेज प्रबंधक पर नकल के लिए रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर मारपीट कर चित्रकला की परीक्षा से बाहर करने का आरोप लगाया गया था। तब सूचना पर मजिस्ट्रेट की गाड़ी मौके पर पहुंची थी और 9.40 बजे बच्चों को परीक्षा में शामिल कराया गया था। इतना सब कुछ होने के बाद भी ऐसे विद्यालयों को डीआईओएस ऑफिस की मिलीभगत से हर साल परीक्षा केंद्र बना दिया जाता है।

छापा पड़ते ही पुलिस पर हमलावर हो गए सॉल्वर

तेवथू में घर में कॉपी लिखे जाने की सूचना पर एसडीएम शिवकुमार व सीओ सुरेश कुमार मलिक ने बाइक से छापा मारा। जैसे ही वह बताए गए कॉलेज प्रबंधक के घर पहुंचे तो देखा गेट अंदर से बंद था। सीओ ने बिना देरी किए दूसरे मकान की छत से होते हुए करीब 20 फुट की ऊंचाई से एक पुलिस कर्मी के साथ प्रबंधक के घर में घुस गए। पहले उन्होंने घर का गेट खोला। तब तक उनकी गाड़ियां कुछ ही देर में वहां पहुंच गईं। सीओ एसडीएम की दोनों गाड़ियों में केवल छह पुलिस कर्मी थे। उसके बाद फोर्स के साथ सीधे उस कमरे तक जा पहुंचे, जहां कॉपियां लिखी जा रही थीं।

सीओ की कमांडो ट्रेनिंग का मिला फायदा

एसडीएम और सीओ को खुद अंदाजा नहीं था कि कॉपी लिखने वाले इतनी बड़ी तादात में होंगे। उन्होंने जैसे ही छापा मारा तो कमरे की भीड़ देखकर उनके होश उड़ गए। माफिया की भीड़ भी पुलिस पर टूट पड़ी। जमकर गुत्थम-गुत्था होने लगी। इस पर पुलिस ने अपनी कमांडो ट्रेनिंग का इस्तेमाल किया और पल भर में पूरी प्लानिंग बनाकर अपने चालक व छह पुलिस कर्मियों के बल पर 58 लोगों को काबू में कर लिया। यहां तक कि माफिया को काबू में करने के लिए पुलिसकर्मियों को अपने हथियार तक निकालने पड़े। बाद में थाने और चौकी से पुलिस पहुंच गई और सबको बस में बैठाकर थाने लाया गया।

नकल का ट्रेंड बदला.. कॉपिया लिख रहे साल्वर

इस बार की परीक्षा में नकल पर हुई सख्ती से जब परीक्षार्थी हजारों की संख्या में परीक्षा छोड़ने लगे तो नकल माफिया ने नया तरीका इजाद किया सीधे लिखी लिखाई कॉपियां लगा कर परीक्षार्थी पास कराए जाएं। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कुछ खास लोगों को सेट किया गया। जब वो सेट हो गए तो निर्धारित संख्या से अधिक की उत्तर पुस्तिकाएं अलग अलग परीक्षा केंद्रों पर पहुंची। मसलन परीक्षा केंद्र पर परिक्षार्थियों की संख्या हकीकत में 70 है तो वहां 100 कॉपियां भेजी गई। बची हुई 30 कॉपियों को साल्वर के माध्यम से लिखवा कर नकल कराई गई। पूरी बोर्ड परीक्षा में एक दो पेपर होने के बाद यही तरीका अपनाया गया। हाल ही में इगलास में इसका खुलासा हुआ था। अब अतरौली में बड़े पैमाने पर ये खेल सामने आया है। यही नहीं अधिकांश परीक्षा केंद्रों के संचालकों ने पहले से ही बढ़ी हुई परीक्षार्थी संख्या दर्शा कर इस प्लान को साकार रूप दिया। अगर शुरुआत से ही परिक्षार्थियों की संख्या की सही जांच होती तो शायद ये संभव नहीं होता। 

भुड़िया स्कूल के बंडल में बदली कॉपियां

 थाना छर्रा क्षेत्र के गांव भुड़िया छबीलपुर स्थित लाला रामश्री देवी इंटर कॉलेज के खिलाफ भी जेडी ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए सेंटर को डिबार करने की संस्तुति की है।संयुक्त शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को शाम की पाली में इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान की परीक्षा में उन्होंने अपने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी कि बंडल को अपने सामने सील कराएंगे। इसके बाद जेडी संकलन केंद्र केएमवी पहुंच गए। उन्होंने देखा कि जिन लोगों के हाथों बंडल जमा करने को भेजा गया था, वह दूसरे थे और बंडल लेकर दूसरे आए। चेक किया तो संकलन पर्ची पर कटिंग थी। बंडल को खोलकर देखा तो उसमें छेड़छाड़ की गई। इतना ही नहीं छह कॉपियां अतिरिक्त थीं। इससे साफ है कि बंडल रास्ते में खोलकर कॉपियां लगाई गईं।


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