बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

राजस्थान मध्यप्रदेश के उपचुनावों में भाजपा की हार: सत्ता विरोधी लहर

* करणीदानसिंह राजपूत *

केन्द्र और राजस्थान व मध्यप्रदेश में भाजपा का राज होते हुए दोनों राज्यों। में उपचुनावों में लोकसभा व विधानसभा की सीटों पर हारना शर्मनाक ही माना जाएगा। 

हार भी उस कांग्रेस के सामने हुई जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने कांग्रेस मुक्त का नारा दिया था।

यह पराजय राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की नीति पर सीधे चोट करती हैं।

वसुंधराराजे तो अब इधर उधर भागती घूम रही हैं। यही हाल शिवराजसिंह का भी होगा। दोनों राज्यों में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। 

मध्य प्रदेश में दो सीटों के उपचुनाव ने मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार को चिंतित कर रख दिया। मुंगावली और कोलारस दोनों सीटों पर कांग्रेस ने परचम लहरा दिया। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए यह चौथा झटका है। साल के आखिर में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में शिवराज कैंप में बेचैनी लाजिमी है। आमतौर पर माना जाता है कि उपचुनावों में सत्ताधारी दलों का पलड़ा ही हावी रहता है। मगर, यह मान्यता राजस्थान और मध्य प्रदेश के हालिया हालिया उपचुनाव के नतीजों ने गलत साबित कर दी है।

मध्य प्रदेश में भाजपा की हार की शुरुआत 24 नवंबर 2015 से हुई। जब 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के डेढ़ साल के भीतर ही मध्य प्रदेश में भाजपा को उपचुनाव में अपनी लोकसभा सीट गंवानी पड़ी। बीजेपी के कब्जे में रही रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट उपचुनाव में कांग्रेस ने छीन ली। यह सीट बीजेपी सांसद दिलीप सिंह भूरिया के निधन पर खाली हुई थी। पार्टी ने उनकी बेटी निर्मला भूरिया पर दांव लगाया था। इस सीट पर हार इसलिए भी चौंकाने वाली थी, क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों में बीजेपी की सरकार और साथ ही  सहानुभूति की लहर भी बीजेपी प्रत्याशी के लिए जीत की इबारत नहीं लिख सकी।

आमतौर पर निधन पर खाली हुई सीटों पर दल संबंधित सांसद-विधायक के घर वालों को ही प्रत्याशी बनाते हैं, ताकि चुनाव मैदान में सहानुभूति का कार्ड चल सके। खास बात है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रतलाम-झाबुआ सीट के लिए छह दिन में 27 रैलियां की थीं। इसके बाद अप्रैल 2017 में अटेर विधानसभा के उपचुनाव में भी कांग्रेस से बीजेपी को हार झेलनी पड़ी। नवंबर, 2017 में चित्रकूट विधानसभा के उपचुनाव में भी कांग्रेस ने परचम लहराया। चित्रकूट में कांग्रेस उम्मीदवार नीलांशु चतुर्वेदी ने भाजपा उम्‍मीदवार शंकर दयाल त्रिपाठी को 14,333 वोटों से हराया था।

इससे पहले इसी साल दो फरवरी को राजस्थान उपचुनाव मे बीजेपी को कांग्रेस के हाथों अलवर और अजमेर लोकसभा सीट तथा मांडलगढ़ विधानसभा सीट गंवानी पड़ी थी।अलवर सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार करण सिंह यादव ने जहां भाजपा के जसवंत सिंह यादव को 1,56,319 वोट से हराया था, वहीं अजमेर में कांग्रेस के रघु शर्मा ने जीत दर्ज की है। जबकि मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्‍मीदवार विवेक धाकड़ ने भाजपा के शक्ति सिंह को 12,976 मतों से हराया था। सियासी जानकार दोनों राज्यों में बीजेपी की हार के पीछे सत्ताविरोधी लहर( एंटी इन्कमबेंसी) और पार्टी के अंदर आंतरिक असंतोष को वजह मानते हैं।


मध्यप्रदेश:उपचुनाव मुंगावली व कोलारस सीटें कांग्रेस जीती -भाजपा हारी


मध्य प्रदेश की दोनों विधानसभा सीटों, मुंगावली और कोलारस में कांग्रेस ने जीत हासिल कर ली है। जहां मुंगावली से कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह यादव ने भाजपा के बाई साहब यादव को 2000 वोटों से हराया वहीं  कोलारस सीट से कांग्रेस के महेंद्र सिंह यादव ने बीजेपी के देवेंद्र जैन को 8000 वोटों से पटखनी दी है। 

इस उपचुनाव को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा था। अब नतीजों की घोषणा के बाद शिवराज के जादू पर सिंधिया का दबदबा भारी पड़ा है। 

कोलारस उपचुनाव के वोटों की गिनती 23 राउंड में और मुंगावली में मतों की गणना 19 राउंड में हुई।

कोलारस उपचुनाव में 22 और मुंगावली में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।  दोनों स्थानों पर कांग्रेस विधायकों के निधन के चलते उपचुनाव कराए गए थे। कोलारस में कांग्रेस के महेंद्र यादव का भाजपा के देवेंद्र जैन से मुकाबला था। वहीं, मुंगावली में कांग्रेस के बृजेंद्र यादव के सामने भाजपा के बाई साहब थे।

 मुंगावली और कोलारस दोनों ही क्षेत्रों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही।

राजस्थानी मान्यता वास्ते देवकिशन राजपुरोहित का मरणव्रत होगा


जयपुर 28-2-2018.

अगर राजस्थानी भाषा को आगामी 19 मार्च तक मान्यता नहीं मिली तो वरिष्ठ वयोवृद्ध साहित्यकार देवकिशन राजपुरोहित रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने अपना आमरण अनशन का नोटिस राज्यपाल,राजस्थान के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री,भारत सरकार को भेज दिया है।

पिंक सिटी,प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवकिशन राजपुरोहित ने यह जानकारी देते हुए कहा कि अगर राजस्थानी को मान्यता नहीं मिली तो वे अपनी जान दे देंगे।

 राजपुरोहित ने बताया कि संविधान की आठवीं अनुसूची में केवल 14 भाषाएं सम्मिलित थी जबकि 1967 में सिंधी भाषा को जोड़ा गया जो कि किसी भी प्रदेश की भाषा नहीं है इसके बाद 1992 में कोंकणी मणिपुरी और नेपाली को सम्मिलित किया गया।सन 2004 में बोडो,डोगरी,संथाली व मैथिली भाषा को शामिल किया गया।इस प्रकार अब संविधान में 22 भाषाएं हैं।उन्होंने बताया कि राजस्थानी 1200 साल पुरानी भाषा के साथ-साथ 11 करोड़ लोगों की भाषा राजस्थानी आज भी मान्यता को तरसती है। राजस्थानी अमेरिका के वाइट हाउस में मान्यता प्राप्त है तथा नेपाल की दूसरी भाषा के रूप में स्वीकृत है।एक ओर राजस्थानी विश्व भर में 11 करोड़ लोगों की भाषा मान्यता को तरसती हैं। वहीं संथाली 8 लाख,डोगरी 15 लाख,बोडो 8 लाख,सिंधी 22 लाख,मणिपुरी 11 लाख,कोंकणी 15 लाख लोगों द्वारा बोली में लिखी जाती है।

देवकिशन राजपुरोहित ने कहा कि राजस्थानी 36 कौम के मजदूर,किसान,व्यापारी,कर्मचारी और विद्यार्थियों की भाषा है जिसका वृहद शब्दकोश 3 लाख शब्दों का है और लगभग 30 लाख लिखित ग्रंथ हैं।हिंदी में राजस्थानी के अधिकतर रासो ग्रंथ और महाकाव्य पढ़ाए जाते हैं।उन्होंने राजस्थानी की एकरूपता के बारे में बताया कि राजस्थानी का मानक रूप है।

सन 1961 में अब तक फिल्म सेंसर बोर्ड ने 150 राजस्थानी फिल्मों को प्रमाण पत्र दिया है।केंद्रीय साहित्य अकादमी नई दिल्ली ने 30 वर्ष पूर्व राजस्थानी को मान्यता दे दी थी।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा राजस्थानी में नेट और जेआरएफ परीक्षा ली जाती है।आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा भी समाचार वाचन किया जाता है।राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर में स्थापित कर रखी है।

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में स्वतंत्र विभाग के माध्यम से राजस्थान तक स्नातक स्नातकोत्तर शोध कार्य कराया जाता है।राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की सीनियर कक्षा में राजस्थानी ऐच्छिक विषय के रूप में मान्यता प्राप्त है।इस समय नेट जेआरएफ तथा पीएचडी किए हुए 1000 युवक-युवतियां है तथा स्नातक स्नातकोत्तर लगभग 5 हजार युवक-युवतियां हैं।

श्री राजपुरोहित ने बताया कि हमारी प्राथमिक शिक्षा का माध्यम राजस्थानी होना चाहिए।भारत का संविधान अपनी भाषा में शिक्षा का मौलिक अधिकार देता है।भाषा का यह आंदोलन आजादी से पूर्व 1944 में आरंभ हुआ था।सन 1992 में हमने वोट क्लब पर धरना दिया था।25 अगस्त 2003 में राजस्थान विधानसभा ने संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को भेज दिया था। विगत 6 मई 2015 को 5000 लोगों ने जंतर मंतर पर धरना दिया था।गृहमंत्री राजनाथ सिंह कई बार मान्यता का आश्वासन दे चुके हैं मगर प्रगति कुछ भी नहीं हो रही है।

राजपुरोहित ने दोहराया कि अब किसी भी आश्वासन को नहीं माना जाएगा।मेरा यह मरना-धरना भाषा की मान्यता मिलने तक या मेरे मरने तक जारी रहेगा।मेरे मरने पर राजस्थान में होने वाली है अशांति के लिए सरकार दोषी होगी।इस अवसर पर गौतम अरोड़ा,सरंक्षक डॉ. गौरीशंकर निमिवाल,प्रदेश संयोजक,मुकेश गोदारा प्रदेश प्रवक्ता दुलीचंद भोभरिया प्रदेश प्रचार मंत्री,मायड़ भाषा राजस्थानी छात्र मोर्चा, राजस्थान तथा राजस्थानी मासिक पत्रिका माणक के प्रधान संपादक पदम मेहता भी उपस्थित थे।

आमरण अनशन की तैयारियां

19 मार्च रामलीला मैदान में आमरण अनशन की तैयारी बाबत पूरे प्रदेश में राजस्थानी छात्र मोर्चा तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर,संभाग स्तर पर तैयारियां कर रहा है जिसके तहत कल राजस्थान के सांसदों को होली की गूंगा राम राम किया जाएगा।12 मार्च को प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएंगे।अगर सरकार बजट सत्र में मान्यता नहीं देती है तो राजस्थानी छात्र मोर्चा गांव-गांव,ढाणी-ढाणी से लेकर किसानों,मजदूरों,युवाओं के साथ सड़कों पर उतरेगा।


ओडिसा-बीजेपुर उपचुनाव:बीजेडी जीती-बीजेपी हारी


ओडिशा के बीजेपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की नताजो की घोषणा हो चुकी है. 21 चरणों की मतगणना में बीजेडी की उम्मीदवार रीता साहू ने 1,02,871 वोटों से जीत हांसिल कर ली है. वहीं दूरसी तरफ बीजेपी के अशोक पनीगढ़ी के पाले में केवल 60,039 वोट ही आए पाए, इधर कांग्रेस भी 10,274 वोटों में ही सिमट कर रह गई. इसका बीजेडी ने बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़कर 41, 933 वोटो से जीत हांसिल की है।शुरुआत से ही पहले नंबर पर रही बीजेडी ने 20वें राउंड तक पहले नंबर की जगह बरकरार रखी.  वहीं बीजेपी दूरसे नंबर पर रही. इधर कांग्रेस भी तीसरे नंबर से ऊपर नहीं उठ पाई.

28-2-2018.

नरेंद्र मोदी व अमितशाह बीजेपी शासित राज्यों के सीएम से 28 फरवरी को बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज शाम 4 बजे बीजेपी शासित मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे.

 इस बैठक में 2019 के चुनावों के मद्देनजर केंद्र और राज्यों की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विचार किया जाएगा. बैठक में ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ पर खास तौर से चर्चा होगी. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्रियों की ये बैठक को खासा अहम माना जा रहा है.

देश में इस वक्त 19 राज्यों में या तो अकेले बीजेपी की सरकार है या फिर सहयोगी दलों के साथ मिलकर बीजेपी सरकार चला रही है. ऐसे में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आज की बीजेपी मुख्यालय में होने वाली बैठक में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ साथ पार्टी के कई सीनियर लीडर भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे.

बैठक में राज्य स्तर पर चलने वाली कल्याणकारी योजनाओं के साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी कि आखिर बीजेपी शासित राज्यों में योजनाएं किस हद तक सफल हैं और कितनी जमीन पर उतरी है. पार्टी का मानना है कि जो बजट पेश किया गया था उसमें जो गरीब लोगों के लिए बीमा हो, किसानों की बात हो या दूसरी केंद्र सरकार की जो योजनाएं हैं उनको आम आदमी तक प्रभावी ढंग से पहुंच जाना चाहिए. अगर कहीं कमी है उसको ठीक करना चाहिए. इन्हीं तमाम मुद्दों पर आज की बैठक में चर्चा होगी.

साथ ही ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ पर सभी राज्यों के सीएम को अलग से एक नोट भेजा गया है जिसमें सबसे सुझाव मांगा गया है. नोट में ये भी पूछा गया है कि क्या वो समय से पहले एक साथ चुनाव के लिए तैयार हैं?

कांची के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का स्वर्गवास

कांची शंकर मठ के प्रमुख शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का दिल का दौरा पड़ने के बाद बुधवार 28-2-2018 को निधन हो गया। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि 82 वर्ष के शंकराचार्य ने बेचैनी की शिकायत की थी जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी। हालांकि, वह लंबे समय से बीमार थे और उन्हें पिछले महीने भी सांस की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 

जयेंद्र सरस्वती देश के सबसे पुराने मठों में से एक के प्रमुख थे और वह काफी  समय से इस पद पर आसीन थे। 1994 में वह श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती स्वामीगल के बाद इस शैव मठ के 69वें प्रमुख बने थे। 

अयोध्या में राम मंदिर चाहते थे शंकराचार्य

हिन्दू धर्म के प्रचार-प्रसार में अहम रोल निभाने वाले जयेंद्र सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत का सिलसिला शुरू किया था। जयेंद्र सरस्वती की पहल से मुफ्त अस्पताल, शिक्षण संस्थान और बेहद सस्ती कीमत पर उच्च शिक्षा देने के लिए विश्वविद्यालय तक संचालित हैं।

विवादों से भी घिरे रहे

2009 में शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती और उनके भाई विजयेंद्र समेत 23 आरोपियों को कांचीपुरम स्थित वरदराजपेरुमल मंदिर के मैनेजर शंकररमन की हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। आरोप था कि जयेंद्र के इशारे पर मंदिर परिसर में 3 सितंबर 2004 को उनकी हत्या कर दी गई। 9 साल तक चले कानूनी केस में गवाहों के आरोपियों की शिनाख्त करने में असफल रहने पर अदालत ने 2013 में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

दक्षिण भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है कांची मठ

कांची मठ तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थापित है। यह पांच पंचभूतस्थलों में से एक है। यहां के मठाधीश्वर को शंकराचार्य कहते हैं। यह दक्षिण भारत के महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है।


नौ स्कूली बच्चों को रौंदने के आरोपी भाजपा नेता ने किया सरेंडर


आरोपी ने मीनापुर क्षेत्र में बीते शनिवार (24 फरवरी, 2018) को बोलेरो स्कूली बच्चों पर चढ़ा दी। जिससे नौ स्कूली बच्चों की मौत हो गई जबकि 15 से ज्यादा बच्चे घायल हो गए।

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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 9 स्कूली बच्चों की मौत के आरोपी मनोज बैठा ने बुधवार (28 फरवरी, 2018) को पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है। एएनआई की खबर के अनुसार, घटना में आरोपी को भी चोटें आई हैं, जिसके चलते उसे श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज से पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है। 

आरोपी ने मीनापुर क्षेत्र में बीते शनिवार (24 फरवरी, 2018) को बोलेरो स्कूली बच्चों पर चढ़ा दी थी, जिससे 9 बच्चों की मौत हो गई और 15 से ज्यादा बच्चे घायल हो गए। 

 बोलेरो मनोज चला रहा था।  आरोपी भाजपा नेता है, हालांकि पार्टी आलाकमान ने उसे बर्खास्त कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, धर्मपुर माध्यमिक विद्यालय से छुट्टी के समय सभी बच्चे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-77 पार करके वापस अपने घर जा रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बोलेरो ने इन बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। मृतकों की उम्र सात से 13 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इस घटना के बाद बोलेरो सड़क के किनारे जाकर पलट गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था।

इससे पहले बिहार विधानसभा में विपक्षी राजद और कांग्रेस सदस्यों ने मंगलवार (27 फरवरी, 2018) को मनोज बैठा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पर आरोपी को संरक्षण देने का आरोप लगाया और गिरफ्तारी में देरी होने के लिए राज्य विधानसभा में चर्चा की मांग की। विपक्ष के हो-हल्ले के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोपी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए बर्खास्त कर दिया था।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत विपक्षी दलों ने सोमवार को भाजपा नेता की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर राज्यभर में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की भी मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद घटना के वक्त अपनी कार में बैठे बैठा ने शराब पी रखी थी या नहीं।

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

भतीजी से दुष्कर्म में फंसा भाजपा नेता


सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ तस्वीर आई सामने

पीड़िता के परिजनों ने छतरपुर के नौगांव थाने में बीजेपी नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। केस दर्ज होने के बाद से ही संतोष पराशर फरार है। आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी है।


जनसत्ता ऑनलाइनFebruary 27, 2018 

मध्य प्रदेश में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। छतरपुर में एक भाजपा नेता पर भतीजी से दुष्कर्म का संगीन आरोप लगा है। मामला दर्ज होने के बाद से ही वह फरार है। आरोपी की पहचान संतोष पराशर के तौर पर की गई है। वह भाजपा के जिला खेल प्रकोष्ठ का संयोजक है और उसकी पत्नी पंचायत सदस्य हैं। पीड़िता ने कहा, ‘संतोष चाचा (संतोष पराशर) ने मुझे रात में फोन करके बुलाया था। उन्होंने मुझे बताया था कि मेरे पापा ने बुलाया है। इस पर मैं उनके साथ चली गई थी। गाड़ी में पहुंचने के बाद मैंने उनसे पूछा मेरे पापा तो यहां हैं ही नहीं। इस पर उन्होंने मुझे गाड़ी में धक्का दिया और ड्राइवर तेज रफ्तार से गाड़ी भगाने लगा। कुछ दूर जाने के बाद ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी और वहां से निकल गया। इसके बाद उन्होंने मेरे साथ गलत काम किया।’ पीड़िता के मामा ने बताया कि वह छतरपुर में रह कर आईटीआई की पढ़ाई करती है। संतोष ने उसे पापा के बहाने बुलाया था। उन्होंने बताया कि पीड़िता को उसके पापा बाद में घर ले गए थे, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। मां द्वारा पूछे जाने पर उसने घटना के बारे में जानकारी दी थी।


जान से मारने की दी थी धमकी:

 पीड़िता ने बताया कि आरोपी भाजपा नेता संतोष पराशर ने घटना के बारे में किसी को भी जानकारी देने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी थी। इस वजह से उसने जान देने की कोशिश की थी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने स्थानीय नौगांव थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने के बाद से ही संतोष फरार है। 

( साभार)

शव पर सुरक्षा लेप यानी एम्बाममेंट या एम्बामिंग क्या है?

इसमें क्या किया जाता है और ये क्यों ज़रूरी है यानी अगर लेप न किया जाए तो शव के साथ क्या दिक्कतें हो सकती हैं?


एम्बामिंग क्या है?



एम्बामिंग या शव-लेपन वो प्रक्रिया है, जो मौत के बाद शव को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी होती है. इंसान हज़ारों साल से शव को बचाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाता आया है और इसमें रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है.


दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के फ़ॉरेंसिक चीफ़ डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने बीबीसी को बताया कि एम्बामिंग इसलिए की जाती है ताकि शव को सुरक्षित किया जा सके. उसमें कोई इंफ़ेक्शन न आए, बदबू न आए और उसे एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाया जा सके.


लेकिन एम्बामिंग कैसे की जाती है और इसमें क्या किया जाता है? 

 ''कुछ केमिकल इस्तेमाल करते हैं, कुछ अल्कोहल. कुछ मामलों में आर्सेनिक और फ़ॉर्मलडिहाइड. ये सभी वो रसायन हैं, जिनकी मदद से शव को सड़ने से बचा सकते हैं.''

''इन रसायनों का इस्तेमाल करने से शव सड़ता नहीं है साथ ही ये ट्रांसपोर्ट के लिए सुरक्षित भी हो जाता है.''


कितने दिन तक सुरक्षित रहता है शव?


यह इस बात पर निर्भर करता है कि शव पर किस रसायन का कितनी मात्रा में इस्तेमाल किया गया है. आम तौर पर जो तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं, उनकी मदद से शव को तीन दिन से लेकर तीन महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है.''


एम्बामिंग न की जाए तो क्या होता है? 


शव दूसरे लोगों के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है. मृत्यु के बाद शव को संरक्षित ना किया जाए तो वो नुकसान दे सकता है.''

''शव से अलग-अलग तरह की गैसें निकलती हैं, बैक्टीरिया का संक्रमण होता है. शव से मीथेन और हाइड्रोजन सल्फ़ाइड जैसी गैस निकलती हैं जो विषैली और बदबू दार होती जिनकी वजह से बैक्टीरिया निकलते हैं, जो दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.''


क्या शव नुकसानदायक है?



हर बार जब शव को एक से दूसरी जगह ले जाया जाता है, तो एम्बामिंग ज़रूरी होती है। यहां तक कि जब कभी शव को ट्रांसपोर्ट किया जाता है, तो लिखा भी जाता है कि शव की एम्बामिंग हो चुकी है और इसे केमिकल से ट्रीट भी किया गया है.''

''और ये भी लिखा जाता है कि इससे कोई बदबू नहीं आएगी, किसी को नुकसान नहीं होगा और इसे सुरक्षित तरीके से ले जाया जा सकता है.''

 आम तौर पर एम्बामिंग के दो तरीके होते हैं, जिन्हें आर्टेरियल और कैविटी कहा जाता है.

आर्टेरियल प्रक्रिया में ख़ून की जगह शरीर में एम्बामिंग फ़्लूड भरा जाता है, जबकि कैविटी एम्बामिंग में पेट और छाती को खाली कर उसमें ये भरा जाता है.


शव को मसाज क्यों किया जाता है?


एम्बामिंग से पहले शव को डिसइंफ़ेक्टेंट सॉल्यूशन से नहलाया जाता है और शरीर को मसाज भी किया जाता है क्योंकि मौत के बाद मांसपेशियां और जोड़ काफ़ी सख़्त हो जाते हैं. इसके अलावा शव की आंखें और मुंह बंद कर दिया जाता है.


आर्टेरियल एम्बामिंग के मामले में धमनियों के ज़रिए शरीर का रक्त निकाल लिया जाता है और उसकी जगह उन्हीं के रास्ते एम्बामिंग फ़्लूड डाल दिया जाता है. एम्बामिंग सॉल्यूशन में फ़ॉर्मलडिहाइड, ग्लूटरल्डेहाइड, मेथेनॉल, इथेनॉल, फ़ेनोल और पानी शामिल होते हैं.


कैविटी एम्बामिंग के मामले में एक छोटा सा छेद करके छाती और पेट से प्राकृतिक फ़्लूड निकाल लिए जाते हैं और उसकी जगह एम्बामिंग सॉल्यूशन डालकर वो छेद बंद कर दिया जाता है.


एम्बामिंग के बाद क्या?


एम्बामिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को कॉस्मेटिक आधार पर तैयार किया जाता है ताकि लोग उसके अंतिम दर्शन कर सकें. इसमें एक बार फिर शव को नहलाया जाता है, कपड़े पहनाए जाते हैं, बाल ठीक किए जाते हैं और मेकअप भी किया जाता है.


एम्बामिंग की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आंखें बंद की जाती हैं, कई बार स्किन ग्लू या प्लास्टिक से बनी आई-कैप लगाई जाती हैं जो आंखों पर लगाई जाती हैं ताकि उनके बाहरी हिस्से को सुरक्षित रखा जा सके.


मुंह बंद कर दिया जाता है और निचला जबड़ा भी संभाला जाता है. इसके लिए सिलाई तक की जाती है.


ये प्रक्रिया टैक्सीडर्मी से अलग है. इसमें मानव शव को सुरक्षित रखा जाता है, जबकि टैक्सीडर्मी में किसी जानवर का शव लिया जाता है, उसे भीतर से खाली किया जाता है और फिर इसमें दूसरी सामग्री भरकर असली रूप देने की कोशिश की जाती है.



श्रीदेवी की पार्थिवदेह मुम्बई लाई गई,अंतिम संस्कार 28 को


27 फरवरी 2018 10:03 रात

अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत से जुड़ीं परिस्थितियों का संदेह खत्म हो गया है। दुबई के सरकारी वकील ने यह कहते हुए परिजनों को शव सौंपने की हरी झंडी दे दी कि अभिनेत्री की मौत दुर्घटनावश बाथटब में गिरने से ही हुई। उनके पति बोनी कपूर और अन्य परिजन मंगलवार देर रात प्राइवेट जेट से पार्थिव शरीर लेकर मुंबई पहुंच गए। बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे मुंबई में उनका अंतिम संस्कार होगा। 

दुबई से शाम 6:30 बजे श्रीदेवी का पार्थिव शरीर लेकर बोनी कपूर, बेटे अर्जुन कपूर समेत अन्य परिजन देर रात मुंबई पहुंचे। इससे पहले दुबई सरकार के मीडिया हाउस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कई बार ट्वीट कर बताया गया कि इस जटिल मामले की सभी नियमित प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद यह केस अब बंद हो चुका है। जांच एजेंसियों ने मामले में किसी साजिश से इनकार कर दिया है। दुबई में भारतीय वाणिज्य दूत ने भी ट्वीट कर पुष्टि की कि दुबई पुलिस ने पार्थिव शरीर का लेपन कराने के बाद शव ले जाने की इजाजत दे दी है। 


श्रीदेवी के सौतेले पुत्र अर्जुन कपूर मंगलवार सुबह ही पिता के साथ दुबई पहुंचे थे। मुंबई स्थित परिजनों ने बयान जारी कर जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच पूरी करने के बाद दुबई पुलिस मुख्यालय ने भी कह दिया कि मौत का कारण बेहोश होकर दुर्घटनावश बाथटब में गिरना था। बेटी खुशी, जाह्नवी, बोनी कपूर और समस्त कपूर एवं अयप्पन परिवार की ओर से संवेदनशील रिपोर्टिंग और भावनात्मक सहयोग के लिए मीडिया का विशेष आभार व्यक्त किया गया। 


मीडिया रिपोर्ट से नाराजगी 


अनिल कपूर के घर सांत्वना देने आए निर्देशक अनीश बज्मी ने कहा, ‘मैंने पूरे कपूर परिवार के साथ काम किया है। मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि बोनीजी के साथ ऐसा हादसा भी हो सकता है। वह श्रीदेवी को बहुत प्यार करते थे। मैंने परिवार को नहीं बताया कि मीडिया में किस तरह की रिपोर्टिंग हो रही है। यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। श्रीदेवी जैसी हस्ती के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए।’

28 को होगी अंत्येष्टि 


मुंबई आते ही श्रीदेवी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए लोखंडवाला के सेलेब्रेशन स्पोर्ट्स क्लब, गार्डन नंबर 5 में रखा जाएगा। इसके बाद बुधवार दोपहर को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशंसकों और शुभचिंतकों के लिए पार्थिव शरीर सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे स्पोर्ट्स क्लब से शवयात्रा शुरू होकर विले पार्ले सेवा समाज शवदाह गृह और हिंदू सेमेट्री तक पहुंचेगी। अंत्येष्टि 3:30 बजे की जाएगी।


शोक संतप्त परिवार के साथ शाहरुख, रजनीकांत भी 



बोनी कपूर के छोटे भाई और अभिनेता अनिल कपूर के घर सांत्वना देने के लिए सुपरस्टार शाहरुख खान, रजनीकांत और कमल हासन के अलावा रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण, तब्बू, रेखा, फराह खान, जावेद अख्तर और शबाना आजमी जैसी कई फिल्मी हस्तियां पहुंची थीं। वहीं श्रीदेवी के लोखंडवाला निवास पर भी दिनभर प्रशंसकों की भीड़ लगी रही। श्रीदेवी की आखिरी फिल्म ‘जीरो’ दिसंबर में रिलीज होने वाली है जिसमें उन्होंने शाहरुख के साथ काम किया था। 


शोक संतप्त परिवार के साथ शाहरुख, रजनीकांत भी 


बोनी कपूर के छोटे भाई और अभिनेता अनिल कपूर के घर सांत्वना देने के लिए सुपरस्टार शाहरुख खान, रजनीकांत और कमल हासन के अलावा रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण, तब्बू, रेखा, फराह खान, जावेद अख्तर और शबाना आजमी जैसी कई फिल्मी हस्तियां पहुंची थीं। वहीं श्रीदेवी के लोखंडवाला निवास पर भी दिनभर प्रशंसकों की भीड़ लगी रही। श्रीदेवी की आखिरी फिल्म ‘जीरो’ दिसंबर में रिलीज होने वाली है जिसमें उन्होंने शाहरुख के साथ काम किया था।


श्रीदेवी की मौत नहीं, हत्या हुई है-सुब्रमण्यम स्वामी भाजपा नेता



 उन्होंने कहा कि अभिनेत्री शराब नहीं बल्कि बीयर पीती थी। जब वह शराब पीती ही नहीं थी तो उनके शरीर में उसके अंश कैसे पाए गए?

 भाजपा नेता ने कहा कि श्रीदेवी जिस होटल में थीं, उसके सीसीटीवी का क्या हुआ? इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि बाथटब में डूबकर मरना संभव नहीं लगता। 

दुबई पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत होटल के कमरे के बाथरूम में अचेतावस्था में टब में डूबने से हुई है। 

वहीं स्वामी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भी जिक्र करते हुए कहा कि अभिनेत्रियों से दाऊद के नाजायज रिश्तों पर भी हमें थोड़ा ध्यान देने की जरूरत ह




सूरतगढ़:भाजपा पदाधिकारी 3 पिस्तोलों सहित गिरफ्तार

- युवामोर्चा उपाध्यक्ष गुरप्रीत पकड़ा गया -

चौकी पुलिस ने बाईपास स्थित सैनी गार्डन के पास जोड़कियां निवासी गुरप्रीत से  दो पिस्तौल 32 बोर व एक पिस्तौल 315 बोर पकड़ी।

 पुलिस के अनुसार गुरप्रीत हनुमानगढ़ BJP युवा मोर्चा का वर्तमान उपाध्यक्ष है।

यह कार्यवाही करने  में चौकीप्रभारी एस आई कलावती चौधरी,ए एस आई लक्ष्मणसिंह,कांस्टेबल वेदप्रकाश,शीशपाल मूंड,रोशनलाल,सुरेंद्र ज्याणी व तरसेमसिंह थे।

सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

श्रीदेवी की मौत का उलझा रहस्य



^सरकारी वकील को सौंपा गया केस^


^श्रीदेवी मौत मामले में पति बोनी कपूर का बयान ले सकती है दुबई पुलिस ^


दुबई पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर बताया गया कि दुबई पुलिस ने मामला ‘‘दुबई लोक अभियोजक’’ यानी की दुबई के सरकारी वकील के हवाले कर दिया है, जो इस तरह के मामलों में अपनाई जाने वाली नियमित कानूनी प्रक्रिया अपनाएगा।

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अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत अपने होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से हुई । दुबई सरकार ने सोमवार को यह कहा। दुबई पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर बताया गया कि दुबई पुलिस ने मामला ‘‘दुबई लोक अभियोजक’’ यानी की दुबई के सरकारी वकील के हवाले कर दिया है, जो इस तरह के मामलों में अपनाई जाने वाली नियमित कानूनी प्रक्रिया अपनाएगा। दुबई सरकार के मीडिया अधिकारी ने ट्विटर पर कहा, ‘‘पोस्टमार्टम विश्लेषण होने के बाद दुबई पुलिस मुख्यालय ने आज बताया कि भारतीय अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत उनके होटल के कमरे में बाथटब में बेहोश होने के बाद डूबने से हुई।’’ दुबई पुलिस अब इस तरह के मामलों में अपनाई जाने वाली नियमित कानूनी प्रक्रिया के तहत श्रीदेवी के पति बोनी कपूर का बयान भी ले सकती है। बता दें कि 54 वर्षीय श्रीदेवी का शनिवार की रात को दुबई के एक होटल में निधन हो गया था।वह एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने यहां आई थीं।

UAE के अखबार खलीज टाइम्स ने भी दुबई फॉरेंसिक डिपार्टमेंट के हवाल से कहा है कि श्रीदेवी की मौत नशे की हालत में दुर्घटनावश बाथ टब में डूबने से हुई।अखबार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यूएई सरकार की फोरेंसिक रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट में मौत की वजह दुर्घटनावश डूबना बताई गई है। पोस्ट के साथ फोरेंसिक रिपोर्ट की एक कॉपी भी लगाई गई है, जिसपर यूएई स्वास्थ्य मंत्रालय और दुबई के निवारक दवा निदेशक की मुहर लगी है। अखबार ने अपनी खबर में अदाकारा का पूरा नाम ‘‘श्रीदेवी बोनी कपूर अय्यपन’’ उनके पासपोर्ट का नंबर, हादसे की तारीख और मौत की वजह बताई है।

इस बीच खबर है कि श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को भारत लाने में देवी हो सकती है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दुबई पुलिस को अब मजिस्ट्रेट की इजाजत का इंतजार है। मजिस्ट्रेट से परमिशन मिलने के बाद ही पुलिस श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप सकती है। दुबई में भारत का काउंसलेट भी बोनी कपूर और उनके परिवार की पूरी मदद कर रहा है।

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मैं कींगै सागै खेलूं होळी,न कोई भायला अर न कोई भायली-कविता:करणीदानसिंह राजपूत:



मैं कींगै सागै खेलूं होळी,

मैं कींगै लगाऊं गुलाल अर कींगै लगाऊं रंग,

न कोई भायला अर न कोई भायली,

मैं कींगै सागै खेलूं होळी,

ब भायला,लंगोटिया यार,

बण गया नेता

पहरै झक सफेद कुरता पायजामा

बिंयानै बुरो लागै लाल पीळौ गुलाबी रंग

खोटा खोटा कारनामा रा काळा काळा

बढ़ता दाग धब्बा

बिंयानै कुण दिखावै,

लोगां नै कांई दोष,

बै बिचारा आपरा काम निकाळै,

जिका कहावता बात अर कलम रा धणी

बै बण गया डावड़ा जीवणा चाटुकार

सागै पीवै सागै खावै,

अर सागै करै खोटा खोटा काम

बै दारूडिय़ा दागी,

कीयां कलम कैमरा चलावै।

पैली भायलियां नै भी भिजो देता

लगा देता रंग अर गुलाल,

अब टॉप जींस बिंयारी भूंडी हो जावै

म्हारे रंग गुलाल सूं

अब बै क्लब मांय रंगीज इतरावै

अब नेता जी रा लाडला सपूत

बिंयारै रंग लगावै

बिंयारा हाथ कठै कठै लागै,

कुण रोकै कुण टोकै, क्यूं रोकै क्यूं टोकै

ब तो मुसकावै अर बिछ बिछ जावै

साची साची तो आ है

बै भायला अर भायलियां

जिका नेतावां रे सागै रळ मिल ग्या,

बै म्हारै सागै क्यूं खेलै होळी,

मैं कींगै सागै खेलूं होळी

मैं कींगै लगाऊं गुलाल अर कींगै लगाऊं रंग

न कोई भायला अर न कोई भायली

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27- 3- 2013.
up date 28-2-2017.
अपडेट 26-2-2018.
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सूरतगढ़ में वेश्यावृत्ति अड्डे पर 2 औरतें 2 आदमी गिरफ्तार



राजो देवी उर्फ चांदनी वार्ड 1 नया हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में चला रही थी वेश्यावृति का अड्डा।

प्रशिक्षु एएसपी IPS मृदुल कच्छावा ने की कार्रवाई। सभी को पीटा एक्ट में गिरफ्तार किया गया।मृदुल कच्छावा ने बताया कि वेश्यावृत्ति का यह अड्डा कस्बे के वार्ड नंबर 1 के राजो देवी उर्फ चांदनी  के मकान में संचालित किया जा रहा था।  पुलिस ने बताया कि राजो देवी उर्फ चांदनी बाहर से लड़कियां  व औरतें  बुलाकर कमीशन पर वेश्यावृति करवाती थी। पुलिस ने अपने स्तर पर  रैकी की और इसके बाद पुलिस ने एक पुलिसकर्मी को बोगस ग्राहक बनाकर अडडे पर भेजा। बाद में इशारा मिलने पर पुलिस की टीम ने  अड्डे पर दबिश दी तो  राजोदेवी उर्फ चांदनी निवासी वार्ड नं 1 सूरतगढ़, रेशमा निवासी घड़साना वार्ड नं 14, अख्तर निवासी ठुकराना हाल वार्ड नं 1 सूरतगढ़, रमजान वार्ड नं 1सूरतगढ़ आपत्तिजनक अवस्था में मिले। पुलिस ने चारों को पीटा एक्ट में गिरफ्तार कर लिया 



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सूरतगढ़ से कांग्रेसी टिकट नये गैरजाट चेहरे पर जोर

( 26-2-2018 स्पेशल/जयपुर)

सूरतगढ़ के पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस पार्टी की ओर से विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पिछले काफी समय से यहां मांग चल रही है कि जाट जाति में से कैंडिडेट खोजने के साथ ही अन्य जातियों में भी कैंडिडेट की खोज की जाए।

 कांग्रेस इस बार कोई नया चेहरा उतारना चाहती है।

 पुराने देखे भाले चेहरों के बजाय नए चेहरे पर दांव लगाया जाएगा ताकि यह सूरतगढ़ सीट कांग्रेस की झोली में चली आए।

 कांग्रेस के गैर जाट कार्यकर्ता जाट कार्यकर्ता काफी समय से यह प्रयास कर रहे हैं कि अन्य समुदाय के बीच में से पार्टी का कैंडिडेट उतारा जाए।

 सूत्र के अनुसार कांग्रेस पार्टी आने वाले चुनाव के लिए जन भावनाओं को मुख्यरूप से सामने रखते हुए कार्य करेगी।

सूरतगढ़ से वणिक समुदाय, सिख समुदाय, अरोड़ा व किसी अन्य  समुदाय में से टिकट दे सकती है।

 पूर्व में यहां कांग्रेस की ओर से बिश्नोई जाट दो समुदायों को विशेष रूप से प्रमुखता दी हुई हुई दी हुई हुई है।

 जाट समुदाय वैसे यहां राजा राम साईं साईं चौधरी मनफूल सिंह भादू गंगाजल मील वह बिश्नोई समुदाय से सुनील बिश्नोई और उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी बिश्नोई को प्रमुखता रही है।

सुनील बिश्नोई ने 4 बार चुनाव लड़ा बार चुनाव लड़ा दो बार जीते दो बार हारे। विजयलक्ष्मी ने दो बार चुनाव लड़ा एक बार जीती एक बार हारी बार हारी। एक ही परिवार ने 30 साल तक यहां क्षेत्र पर कब्जा जमाए रखा रखा।

 इससे पूर्व इस क्षेत्र में भादू परिवार का विशेष कब्जा रहा 1952 में मनफूल सिंह भादू व 1962 और 1967 में मनफूल सिंह भादू इस इलाके से से विजई रहे। 1957 में एक बार राजा राम साईं को को साईं को को विधायक चुना गया।

इस प्रकार से देखा जाए तो इस क्षेत्र में जाट और बिश्नोई परिवारों का ही वर्चस्व रहा था।

 सन 2008 में गंगाजल मील कांग्रेस की टिकट पर जीते लेकिन 2013 में जनता ने उन्हें तीसरे क्रम पर पहुंचा दिया। मील परिवार अभी भी टिकट की ट्राई करने में करने में लगा हुआ है,मगर जनता मील के नाम पर उत्सुक नहीं है।

 गंगाजल मील ने 2003 में भारतीय जनता पार्टी की ओर से से पीलीबंगा सीट पर चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा से नाराज होकर स्वतंत्र रूप से लड़ने वाले रामप्रताप कासनिया से मात खाई।

 इस क्षेत्र में जो सूरतगढ़ तहसील कहलाती है लोगों ने भाजपा और कांग्रेस में रामप्रताप कासनिया गंगाजल मील और राजेंद्र सिंह भादू को ही 15  सालों से देखा है। ये तीनों एक दूसरे का विरोध भी नहीं करते।

लोगों का मानस है कि कि कांग्रेस पार्टी इस बार अपनी सीट को हर हालत में जीतने के लिए परिवर्तन करें जिसमें समुदाय का परिवर्तन भी हो और नया प्रत्याशी कोई मैदान में आए। पिछले आठ 15 सालों से जो लोग यहां चर्चा में रहे हैं, उनको जनता इस  2018 के चुनाव में देखने को उत्सुक नहीं है।

चाहे भाजपा हो चाहे कांग्रेस हो।

दोनों पार्टियों में लोग नए चेहरों को देखना चाहते हैं । 

भाजपा की राजनीतिक स्थिति बहुत कमजोर नजर आती है ऐसी स्थिति में कांग्रेस का नया चेहरा लोगों को प्रभावित कर सकता है।

राजस्थान के तीन उपचुनाव कांग्रेस ने जीते जो 17 विधानसभा क्षेत्र में हुए। इस परिवर्तन को नजर में रखते सूरतगढ़ पर नजर है। जयपुर में यह दबाव चल रहा है और उसके अनुसार वणिक समुदाय की ओर से भी टिकट के लिए प्रयास और दबाव शुरू है।

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रविवार, 25 फ़रवरी 2018

कट्टर हिंदुत्व पर क्या बोला आर एस एस प्रमुख ने

मेरठ में रविवार 25-2-2018 को आरएसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में आरएसएस सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि  संपूर्ण समाज को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ना पड़ेगा, तभी समाज का उत्थान हो पाएगा। पूरी दुनिया को समय-समय पर धर्म देने वाला हमारा देश है। हम हिन्दू हैं इसलिए हम एक हैं। दुनिया मानती है कि एक होने के लिए एक सा होना पड़ेगा। 

उन्होंने कहा कि कट्टर हिन्दुत्व का अर्थ कट्टर सत्य निष्ठा और कट्टर अहिंसा का पालन करने वाला कट्टरता उदारता के लिए है।  हमारे देश के पूजा करने वाले लोग और पूजा नहीं करने वाले लोग, कई भाषाओं को बोलने वाले लोग और हजारों जातियों में खुद को गिनने वाले लोगों का एक ही धर्म है।

उन्होंने कहा कि हमारा देश एक है, क्योंकि हमारे यहां वसुधैव कुटुम्बकम के मंत्र पर लोग चलते हैं। हम हिन्दू कट्टर होंगे तो अधिक विविधताओं को समाहित करेंगे। भारतीय माता को अपनी माता मानने वाला हिन्दू है। हमारे देश में हिन्दू लोग हैं लेकिन वो जानते नहीं कि वो हिन्दू हैं। स्वयंसेवक 1 लाख 70 हजार से ज्यादा सेवा कार्य कर रहे हैं। जब कभी देश पर संकट आता है तो स्वयंसेवक वहां पहुंचते हैं और प्राणों की चिंता किए बगैर राष्ट्र के लिए अपना जीवन दांव पर लगा देते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन करने के लिए नहीं करते, क्योंकि शक्ति होती है तो उसे दिखाने की जरूरत नहीं होती। इससे पहले जैन मुनि विहर्ष सागर जी महाराज ने कहा कि देश और धर्म के रथ को अब युवा खींचेंगे। इस देश, समाज को युवाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तीन बार पाकिस्तान से युद्ध हुआ, तब हमारे संघ स्वयंसेवक डटे रहे।




 

होळी री मसखरी 2018: हंसो हंसाओ: खेलो रंग गुलालः




होली: हंसी मजाक चुटकियों से भरी ठिठोली

बुरा ना मानो होली है

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नरेन्द्र भाई- बिना भाभी

वसुंधरी- सदा धुलंडी खेल्योड़ी

भाजपा - भागै पाछै नीं देखे

कांग्रेस- फूट्यौड़ो घड़ो आवती सत्ता कुण सामसी

बसपा- लारली बात कोनी-अंजन सपीड कोनी पकड़



 

 राजेन्द्र भादू -मुस्कुराते मारै

अमित भादू - बाप सूं दो कदम आगै

महेश सेखसरिया-  आपां बैठ्या पूजीजां

हरचंदसिंह सिद्धु-टिकस री जुगाड़

गंगाजल मील - फाट्योड़ो ढब्बू कीयां फूल सी

डूंगर राम गेदर - अबकै कीं बटण री आस में 

पृथ्वीराज मील -आ रिपियां री कांई मजाक  

 बलराम वर्मा-टिकट आपणी पक्की समझो, समझ गया

शोपत मेघवाल- सरकार क तगड़ो डोको

राकेश-कांग्रेस रो छल कपट




रामप्रताप कासनियां- पक्का लड़स्यां,हुक्के री गुड़गुड़ सूं

अशोक नागपाल -  पंप मांय पड़्या है वोट   

काजल छाबड़ा- मुड़दे शहर री मजेदार अध्यक्षता

सुनील छाबड़ा -   आपणो राज

श्रीमती राजेश सिडाना - ताबै कोनी आवै 

श्रीमती रजनी मोदी -  हुण चंगी हां

हरबक्सकौर बराड़-  नेतागिरी आपणी

लालचंद सांखला -अब करणपुर रो लालो

मुरली पारीक -नांव रो नेता

प्रेमप्रकाश राठौड़- पुतला बाल नेता     

गौरव बलाना- कासनिये रो लाऊडस्पीकर      

बाबूसिंह खीची-   ठेकेदार      

अशोक आसेरी -   कठै रैवे भाईड़ा

विजय गोयल-लुप्त

राजेन्द्र तनेजा-आजकाल कठै,निजरां कोनीआवै

पीताम्बरदत्त शर्मा-कीं कोनी,पण लड़स्यू

शरणपालसिंह-आपा नूं ठगी जांदे

परमजीतसिंह बेदी-विधायकी में लड़ांगै     

एन.डी.सेतिया -  अब पालिका का स्पीकर  

विष्णु शर्मा - पेट संभाल

श्याम मोदी-ओ विधायक तो जमा काम रो नहीं

परसराम भाटिया-टूल

गुरदर्शनसिंह सोढ़ी -जियां गंगलो कैवे,बीं रे सागै   

वली मोहम्मद -  दारू री धार         

इकबाल कुरैशी-  पालिका रा पुरखा

बनवारीलाल  मेघवाल-चुनाव री तैयारी

संजय धुआ-कित्थे चले गये

पी.के.मिश्रा-  साई किल समेत भाजपा में 

लक्ष्मण शर्मा-रेल में पेल

मदन औझा-लाल सलाम

महावीर भोजक-     भासणी नेतो

ओम पुरोहित-करसाणा रो नेतो

प्रवीण अरोड़ा-कनपटी सफेद,बुजुर्ग हुवे

राजकुमार अग्रवाल-मसालेदार 

सुशील जेतली-   अब कहीं फिट करलो     

महावीर सैनी-दौड़ भाईड़ा,दौड़

चांदमल वर्मा-उम्मीदां पर खरो

सीता शर्मा-सूरतगढ़ री अजब रामलीला,

अजय गोदारा-सूको कोई नीं जावै

निकेत पारीक- ठीक ठाक चालै

प्रवीण भाटिया- राजनीति रा सपना,

घनश्याम शर्मा-निजरां रो खिलाड़ी

सुखवंत-सगला साथी

रवि खुराना-सब ठीक ठाक

बीरबल सैनी-बाईपास

साहित्यकार

मनोज स्वामी-कीं हंसले

हरिमोहन रूंख -बीण बजावण मांय माहिर

परमानन्द दर्द,-अब कोई नहीं दर्द

राजेश चड्ढा - मस्ती री जुगलबंदी

रामेश्वर दयाल तिवाड़ी-मेरी किताब

नन्दकिशोर सोमाणी-टैम सर छाप लै

साहबराम स्वामी- आच्छी करै मजाक

नगेन्द्र सिंह शेखावत-थारी सोगन

खबरां रा धणी

करणीदानसिंह राजपूत-तीखी मार

हरिमोहन सारस्वत-      एकलो खिलाड़ी

जितेन्द्र - पुठो आयो जीत

हनुमंत-ओ भी हड़मान

ब्रह्मप्रकाश-दादै री बात

मनोज स्वामी-टीपलै भाईड़ा

मालचंद जैन -बिना कलम रो पत्रकार

राजेन्द्र पटावरी-दुकानदारी रो चैनल

विजय स्वामी- स्टोरी चालै

प्रवीण डी जैन-रामलीला री खबर

शिव सारड़ा-स्याणो पत्रकार

नवल भोजक-फोटू पत्रकार

सुभाष राजपूत-टींगरपणो

गोविंद भार्गव-आजकल खूब चालै

राजेन्द्र उपाध्याय-राजा 

प्रेमसिंह सूर्यवंशी-सगळा रो साथ

महेन्द्र जाटव-धारदार खबर

कैलाश सोनी-बहकते समाचार

सुरेन्द्र निराणियां -  दोपहर तक

कृष्ण सोनी आजाद -  एसीबी भी भ्रष्ट

सुमित्रा मांगीलाल-स्टोरी राईटर

डाक्टरां रो टोळौ

मनोज अग्रवाल -      बेहोशी री कमाई

विजय भादू- हड्डियां जोड़ 



राजेन्द्र छाबड़ा,विजय बेनीवाळ,अरविंद बंसल, संजय बजाज- एपेक्स की दुकान

के.एल.बंसल-   अच्छा काम,आच्छा नाम

पर्वतसिंह-    गळा कान 

जी.डी.शर्मा-गोड गिफ्ट

अक्षय भंसाली - सब नजरों का खेल

इन्द्र चुघ-सच्चा डागधर

राहुल छाबड़ा - बढते कदम

जे.एम.डे.  - ठीक ठाक

विशाल छाबड़ा - दांतां री किरपा

अनिल पैंसिया-  दांतों का गौरव

हरप्रीतसिंह - प्रीत की बेल

सतीष मिश्रा   - ईलाज भी, बातां भी

रतनलाल जोशी- पेट सफा चूरण

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बाकी रैया गेलसफा!

आगली होली मांय बियां नै भी कीं न कीं जरूर देस्यां।

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मंत्री सांसद विधायक ने जूते पहने आरती की







फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक समेत तमाम भाजपा नेताओं ने पूजा उपासना में आस्था का उपहास कर डाला।

 सभी ने फर्रुखाबाद के एक कार्यक्रम के दौरान श्रीराम की आरती जूते पहने ही कर दी। 

प्रथम पूज्य गणेश प्रतिमा इस सबकी साक्षी रही। उन्हीं की प्रतिमा के सामने दीप-प्रज्ज्वलन भी जूते पहन कर ही किया जाना चर्चा का विषय रहा। 


सीता स्वयंवर का मंचन


‌मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कार्यक्रम के शुभारंभ पर गणेश प्रतिमा के सामने दीप-प्रज्ज्वलन के दौरान प्रभारी मंत्री चेतन चौहान के अलावा सांसद व विधायकों में से किसी ने भी अपने जूते उतारना मुनासिब नहीं समझा। इसके बाद गायत्री समाज की ओर से सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। इसमें श्रीराम विवाह में मंच से प्रभारी मंत्री चेतन चौहान, सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुशील शाक्य, अमर सिंह खटिक, पार्टी जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, क्षत्रिय नेता वीरेंद्र सिंह राठौर आदि ने श्रीराम की आरती उतारी। इस अवसर पर भी सभी लोग जूते पहने रहे। 

इसे भूल भी नहीं कहा जा सकता। सभी कैसे भूल सकते हैं? 

24-2-2018.







शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

मोदी द्वारा पत्नी छोड़ने के आरोप वाले बयान पर हलचल

राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सार्वजनिक मंच से बयान देकर हलचल मचा.दी है।

रघुवंश प्रसाद सिंह ने मोदी के वैवाहिक जीवन के बारे में सवाल खड़ा किया है।

रघुवंश प्रताप सिंह ने मोदी के वैवाहिक जीवन को तीन तलाक के कानून से जोड़ते हुए बयान दिया है। रघुवंश ने मुजफ्फरपुर की एक सभा में कहा कि तीन तलाक बोलकर जनानी को छोड़ने वाला कानून गलत है। उसमें हम सुधार करेंगे। यह नरेंद्र मोदी तीन तलाक के लिए कानून बनाता है और बिना तीन तलाक कानून के जनानी को छोड़ दिया, उसका क्या। 

यह सब लड़ाई है और सवाल है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि लालू यादव को बेवजह फंसाया गया है। आपको बता दे कि लालू यादव का मामला उनके वैवाहिक संबंधों से जुड़ा न होकर भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है जिसमे कानून अपना काम कर रहा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री  मुजफ्फरपुर के बोचहा प्रखंड में 22 फरवरी 2018 को आयोजित तेजस्वी की न्याय यात्रा के दौरान मंच से बोल रहे थे। इसी दौरान रघुवंश प्रसाद सिंह ने पीएम मोदी पर निजी हमला बोलते हुए यह बातें कही। इस विवादित बयान के सामने आने के बाद राजनीति के तेज होने की संभावना जतायी जा रही है।

गौरतलब हो कि इससे पूर्व भी राजद नेता और लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पीएम मोदी के खिलाफ विवादास्पद बयान दे चुके हैं, जिसे लेकर राजद की काफी किरकिरी हुई थी। बाद में लालू यादव ने उस बयान के लिए मीडिया में अफसोस जताया था। राजद नेताओ के यह बयान उनकी मानसिकता और बुद्धिमता को दर्शाते हैं जिसके कारण बिहार का एक पूरा परिवार भ्रष्टाचार से घिरता नज़र यरह है। मुखिया जेल में है और बाकी जांच एजेंसियों के घेरे में है।

रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि लालू यादव को फंसाया गया है और सीबीआइ अपने आका के कहने पर यही सब काम करती है। राजनीतिक लोगों और नेताओं को बदले की कार्रवाई के तहत फंसाया जाता है।


व्यवसायी ओमप्रकाश डागा सूरतगढ का जयपुर मेंं निधन

- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 24 फरवरी 2018.

सूरतगढ़ निवासी प्रसिद्ध समाचार पत्र विक्रेता रहे ओम प्रकाश जी डागा का जयपुर में आज दोपहर निधन हो गया। वे करीब 77 वर्ष के थे। उनका निवास सूरतगढ़ वार्ड नंबर 19 में है।

 सूरतगढ़ में प्रमुख अखबार राजस्थान पत्रिका के बड़े एजेंटों में उनकी गणना थी। कुछ वर्ष पहले उनके पुत्रों ने जयपुर में कंप्यूटर व्यवसाय शुरू किया तब ओमप्रकाश डागा जी भी यहां का व्यवसाय बंद कर जयपुर रहने लगे। सूरतगढ़ में उनका आना जाना और मित्रों से मिलना जानकारों से मिलना कायम रहा था। उनका अंतिम संस्कार कल 25 को जयपुर में किया जाएगा।

ओमजी डागा के बड़े भाई दिवानचंद डागा वार्ड नं 19 में ही निवास करते हैं। दिवानजी के पुत्र आनन्द डागा व विजय डागा राजस्थान पत्रिका के सूरतगढ़ में सबसे बड़े एजेंसी मालिक हैं। एक भाई गजानंद श्रीगंगानगर में व्यवसाय करते हैं।

सूरतगढ़ में डागा कुनबा काफी विस्तृत

 है। 

ओम जी डागा मेरे मित्र थे।


शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

राज्य सभा की 58 सीटों का चुनाव 23 मार्च 2018.


इसमें सबसे अधिक सीटें उत्तर प्रदेश से हैं.

नई दिल्ली 23-2-2018.

 निर्वाचन आयोग ने 58 सीटों के लिए राज्यसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया. आगामी अप्रैल और मई माह में रिक्त हो रही राज्यसभा की 58 सीटों के लिये 23 मार्च को द्विवार्षिक चुनाव होगा. निवार्चन आयोग ने शुक्रवार को इन सीटों का चुनाव कार्यक्रम घोषित करते हुए यह जानकारी दी. 

चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार संसद के उच्च सदन की 16 राज्यों में खाली हो रही 58 सीटों के लिये निर्वाचन प्रक्रिया पांच मार्च को चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी. इन सीटों पर चुनाव के लिये 23 मार्च को मतदान कराया जायेगा और उसी दिन मतगणना भी होगी.

इसी के साथ केरल से राज्यसभा की एक सीट के लिये उपचुनाव भी होगा। यह सीट जदयू सदस्य एम पी वीरेन्द्र कुमार के गत वर्ष 20 दिसंबर को इस्तीफे के कारण रिक्त हुयी थी. आयोग द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक 13 राज्यों से 50 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल आगामी दो अप्रैल को, दो राज्यों (उड़ीसा और राजस्थान) से छह राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल तीन अप्रैल और झारखंड से दो सदस्यों का कार्यकाल तीन मई को समाप्त हो रहा है. इनमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 10 सदस्यों का कार्यकाल दो अप्रैल को खत्म हो रहा है. वहीं महाराष्ट्र और बिहार से छह-छह, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच तथा गुजरात और कर्नाटक से चार चार सदस्यों का कार्यकाल इसी दिन पूरा होगा.

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तिथि 12 मार्च तय की गयी है. वहीं, नामांकन पत्रों की जांच 13 मार्च को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 15 मार्च है. मतदान 23 मार्च को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और शाम पांच बजे मतगणना होगी.

आयोग ने स्पष्ट किया मतपत्रों के माध्यम से होने वाले मतदान के दौरान मतदाताओं को निर्वाचन केन्द्र पर मौजूद निर्वाचन अधिकारी द्वारा खास पेन मुहैया कराया जायेगा. मतदाता सिर्फ इसी पेन से अपनी पसंद के उम्मीदवार को मत दे सकेंगे। किसी अन्य पेन के इस्तेमाल वाले मतपत्र को अमान्य श्रेणी में रखा जायेगा।


दुपहिया के पिछले सवार की सुरक्षा:ऐसे होंगे दुपहिया



सुप्रीम कोर्ट का मोटर साइकिल पर पीछे बैठने वालों की सुरक्षा को लेकर अहम फैसला।

मोटरसाइकल में पीछे बैठने वालों की सुरक्षा पर SC का अहम आदेश

वाहन निर्माताओं को ड्राइवर सीट के पीछे या बगल में सेफ्टी हैंडल लगवाना पड़ेगा।

पीछे के चक्के को दोनों तरफ से सेफ्टी ग्रिप से ढंकना होगा व पैर रखने के लिए उचित फुट रेस्ट लगाने होंगे।

इनके बिना बाइक का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।








आरएसएस के 125 स्कूलों को बंद किया, भाजपा हुई आग बबूला

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े 125 स्कूलों को बंद कर दिया है. राज्य सरकार के इस निर्णय पर विवाद शुरू हो गया है. ममता सरकार के इस कदम की आरएसएस और बीजेपी ने तीखी आलोचना की है. बीजेपी नेता विनय कटियार ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ममता बनर्जी वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसा कर रही हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य शिक्षा विभाग ने मार्च 2017 में इन स्कूलों को दिए गए एफलिएशन की जांच शुरू की थी. जांच से पता चला कि ये सभी 125 स्कूल तीन ट्रस्टों शारदा शिशु तीर्थ, सरस्वती शिशु मंदिर, और विवेकानंद विद्या विकास परिषद द्वारा चलाए जा रहे हैं, जो विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से एफलिएडेट हैं. विद्या भारती का मुख्यालय लखनऊ में है.

गौरतलब है कि राज्य में आरएसएस से जुड़े करीब 400 स्कूल हैं. 

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थो चटर्जी ने बताया, 'हमने 125 ऐसे स्कूलों की पहचान की है जिनके पास नो ऑब्जेशन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं है. बंगाल में कुछ स्कूल ऐसे हैं जो प्रदेश के सिलेबस के

अनुसार नहीं चल रहे. हमने ऐसे 125 को बंद किया है और दूसरे स्कूलों की भी जांच कर रहे हैं. उसके बाद हम कोई फैसला लेंगे.'

स्कूल सिलेबस के अनुसार चलना चाहिए, धर्म के आधार पर नहीं.'

बीजेपी नेता विनय कटियार ने बंगाल सरकार के कदम की आलोचना करते हुए कहा, 'संघ के स्कूल में कट्टरवाद नहीं राष्ट्रवाद सिखाया जाता है. कट्टरवादी तो ममता बनर्जी हैं. संघ के स्कूलों में कुछ ग़लत नहीं पढ़ाया जा रहा है और सभी एजुकेशन नॉर्म्स पूरे हैं. पूरे देश में संघ के स्कूल चल रहे हैं, कहीं कोई दिक़्क़त नहीं है. ममता डर गईं हैं, इसलिए वोट बैंक की राजनीति के लिए ये सब कर रही हैं. ममता बनर्जी को अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए.'

आरएसएस के प्रवक्ता जिस्नु बसु ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इसके पीछे सरकार का इरादा कुछ और है. यह मामला सिर्फ शिक्षा का नहीं है.'

बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार के ऐसे कदमों से विभाजन और बढ़ रहा है.



भाजपा नेता के घर मेंं बोर्ड परीक्षा:पुलिस का छापा

23-2-2018.

उत्तर प्रदेश के अतरौली में एक बड़े गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। अतरौली के गांव तेवथू में भाजपा नेता व स्कूल प्रबंधक के घर में प्रशासन की टीम ने एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में छापा मारकर 62 लोगों को इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपी लिखते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यहां से करीब सौ और मुहर लगी हुई कॉपियां भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया है। अतरौली थाना क्षेत्र के गांव तेवथू के बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज के प्रबंधक राज कुमार शर्मा का घर स्कूल के ठीक सामने बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि राज कुमार शर्मा के साथ रहने वाले व उनके भतीजे भाजपा नेता के घर में यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियां लिखी जाती हैं।  पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और एसडीएम शिवकुमार व सीओ सुरेश कुमार मलिक ने फोर्स के साथ बताए गए घर पर छापा मार दिया। घर को चारों ओर से घेर लिया गया। सूचना इतनी सटीक थी कि जिस कमरे में कॉपी लिखी जा रही थीं, पुलिस ने सीधा उसी कमरे को घेरा। जैसे ही पुलिस को देखा तो उनमें भगदड़ मच गई और कॉपियां आधी छोड़कर भागने लगे। यहां तक कि वह लोग पुलिस से भी भिड़ने लगे।  सीओ और उनके चालक सुधीर चौधरी को अपनी रिवाल्वर व सुरक्षा गार्डों को अपनी राइफल तक निकालनी पड़ गई, तब जाकर यह लोग काबू में आ सके। पकड़े गए लोगों में 53 युवक, तीन पेपर सॉल्व करने वाले, तीन किशोर के साथ तीन युवतियां भी शामिल हैं। इनकी कुल संख्या 62 है। पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने मौके से गनियावली कालेज के प्रबंधक राम कुमार शर्मा को भी पकड़ा है।  कॉलेज प्रबंधक का भाई डीआईओएस दफ्तर में लिपिक के पद पर तैनात है। इधर, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर 59 लड़कों और तीन लड़कियों, कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ नकल अधिनियम व धारा 384 के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह के मुताबिक राज कुमार शर्मा के भतीजे भूवेन्द्र शर्मा उर्फ चुनमुन भाजपा के सदस्य हैं।

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शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के विधानसभा क्षेत्र में नकल का गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा। अतरौली के गांव तेवथू में कॉपियां लिखने का पहला मामला पकड़ में आया है। इसके अलावा कई अन्य स्कूल भी ऐसे हैं, जहां सौ कॉपी प्रतिदिन लिखकर लगाई जा रही हैं। 

सवाल यह है कि डीआईओएस ऑफिस
से यूपी बोर्ड की इतनी बड़ी संख्या में कॉपियां आखिर शिक्षा माफिया तक पहुंची कैसे। जबकि प्रत्येक कॉपी में कोडिंग है। शिक्षा माफिया के गलियारे से इसका जवाब भी मिल रहा है। बताया जा रहा है कि डीआईओएस ऑफिस में तैनात एक लिपिक के माध्यम से यह कॉपियां सीधे माफिया के पास पहुंचती हैं। इसमें बड़ा लेनदेन किया जाता है। इन कॉपियां को रिकार्ड में हेरफेर कर फर्जी तरीके से शिक्षा माफिया के पास पहुंचाया जाता है। 

‘अमर उजाला’ ने इस बाबत खबर भी प्रकाशित की थी कि शिक्षा माफिया ने सीसीटीवी कैमरों और अधिकारियों के दौरों से बचने के लिए खुलेआम नकल कराने का तरीका बदला और रुपये लेकर कॉपी लगाने का धंधा शुरू कर दिया। ‘अमर उजाला’ ने यह भी खुलासा किया था कि कई सेंटर ऐसे हैं, जहां सौ से दो सौ कॉपी दो से तीन हजार रुपये लेकर प्रति पाली के हिसाब से लगाई जा रही हैं। यह तो अभी पहली कार्रवाई है अगर अधिकारी इसी तरह छापेमारी करते रहे तो कई स्कूलों में जखीरा बरामद होगा। बताया जाता है कि इसी लिपिक पर पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई भी हुई थी। बाद में भाजपा सरकार आने पर उसे फिर से डीआईओएस ऑफिस में अटैच किया गया। 

डीआईओएस कार्यालय के कर्मी का भाई भी पकड़ा

डीआईओएस ऑफिस में तैनात एक कर्मी के भाई राम कुमार शर्मा का गांव गनियावली में कॉलेज है। गनियावली का सेंटर बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज तेवथू में है। तेवथू में पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए लोगों में लिपिक का कॉलेज प्रबंधक भाई राम कुमार शर्मा भी शामिल है। 

2015 में भी इसी कालेज में नकल कराने के प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज हुई थी

बौहरे किशनलाल इंटर कॉलेज तेवथू में 11 मार्च 2015 को कोतवाली में परीक्षार्थी नदीम अहमद की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें इसी कॉलेज प्रबंधक पर नकल के लिए रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर मारपीट कर चित्रकला की परीक्षा से बाहर करने का आरोप लगाया गया था। तब सूचना पर मजिस्ट्रेट की गाड़ी मौके पर पहुंची थी और 9.40 बजे बच्चों को परीक्षा में शामिल कराया गया था। इतना सब कुछ होने के बाद भी ऐसे विद्यालयों को डीआईओएस ऑफिस की मिलीभगत से हर साल परीक्षा केंद्र बना दिया जाता है।

छापा पड़ते ही पुलिस पर हमलावर हो गए सॉल्वर

तेवथू में घर में कॉपी लिखे जाने की सूचना पर एसडीएम शिवकुमार व सीओ सुरेश कुमार मलिक ने बाइक से छापा मारा। जैसे ही वह बताए गए कॉलेज प्रबंधक के घर पहुंचे तो देखा गेट अंदर से बंद था। सीओ ने बिना देरी किए दूसरे मकान की छत से होते हुए करीब 20 फुट की ऊंचाई से एक पुलिस कर्मी के साथ प्रबंधक के घर में घुस गए। पहले उन्होंने घर का गेट खोला। तब तक उनकी गाड़ियां कुछ ही देर में वहां पहुंच गईं। सीओ एसडीएम की दोनों गाड़ियों में केवल छह पुलिस कर्मी थे। उसके बाद फोर्स के साथ सीधे उस कमरे तक जा पहुंचे, जहां कॉपियां लिखी जा रही थीं।

सीओ की कमांडो ट्रेनिंग का मिला फायदा

एसडीएम और सीओ को खुद अंदाजा नहीं था कि कॉपी लिखने वाले इतनी बड़ी तादात में होंगे। उन्होंने जैसे ही छापा मारा तो कमरे की भीड़ देखकर उनके होश उड़ गए। माफिया की भीड़ भी पुलिस पर टूट पड़ी। जमकर गुत्थम-गुत्था होने लगी। इस पर पुलिस ने अपनी कमांडो ट्रेनिंग का इस्तेमाल किया और पल भर में पूरी प्लानिंग बनाकर अपने चालक व छह पुलिस कर्मियों के बल पर 58 लोगों को काबू में कर लिया। यहां तक कि माफिया को काबू में करने के लिए पुलिसकर्मियों को अपने हथियार तक निकालने पड़े। बाद में थाने और चौकी से पुलिस पहुंच गई और सबको बस में बैठाकर थाने लाया गया।

नकल का ट्रेंड बदला.. कॉपिया लिख रहे साल्वर

इस बार की परीक्षा में नकल पर हुई सख्ती से जब परीक्षार्थी हजारों की संख्या में परीक्षा छोड़ने लगे तो नकल माफिया ने नया तरीका इजाद किया सीधे लिखी लिखाई कॉपियां लगा कर परीक्षार्थी पास कराए जाएं। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कुछ खास लोगों को सेट किया गया। जब वो सेट हो गए तो निर्धारित संख्या से अधिक की उत्तर पुस्तिकाएं अलग अलग परीक्षा केंद्रों पर पहुंची। मसलन परीक्षा केंद्र पर परिक्षार्थियों की संख्या हकीकत में 70 है तो वहां 100 कॉपियां भेजी गई। बची हुई 30 कॉपियों को साल्वर के माध्यम से लिखवा कर नकल कराई गई। पूरी बोर्ड परीक्षा में एक दो पेपर होने के बाद यही तरीका अपनाया गया। हाल ही में इगलास में इसका खुलासा हुआ था। अब अतरौली में बड़े पैमाने पर ये खेल सामने आया है। यही नहीं अधिकांश परीक्षा केंद्रों के संचालकों ने पहले से ही बढ़ी हुई परीक्षार्थी संख्या दर्शा कर इस प्लान को साकार रूप दिया। अगर शुरुआत से ही परिक्षार्थियों की संख्या की सही जांच होती तो शायद ये संभव नहीं होता। 

भुड़िया स्कूल के बंडल में बदली कॉपियां

 थाना छर्रा क्षेत्र के गांव भुड़िया छबीलपुर स्थित लाला रामश्री देवी इंटर कॉलेज के खिलाफ भी जेडी ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए सेंटर को डिबार करने की संस्तुति की है।संयुक्त शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार को शाम की पाली में इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान की परीक्षा में उन्होंने अपने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी कि बंडल को अपने सामने सील कराएंगे। इसके बाद जेडी संकलन केंद्र केएमवी पहुंच गए। उन्होंने देखा कि जिन लोगों के हाथों बंडल जमा करने को भेजा गया था, वह दूसरे थे और बंडल लेकर दूसरे आए। चेक किया तो संकलन पर्ची पर कटिंग थी। बंडल को खोलकर देखा तो उसमें छेड़छाड़ की गई। इतना ही नहीं छह कॉपियां अतिरिक्त थीं। इससे साफ है कि बंडल रास्ते में खोलकर कॉपियां लगाई गईं।


गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

बसपा नेता नसीमुद्दीन 101 नेताओं कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस मेंं शामिल

बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकीने बृहस्पतिवार 22-2-2018 को बसपा के 101 नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं के साथ अपने राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का कांग्रेस में विलय कर दिया। नसीमुद्दीन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में अगर कांग्रेस का बसपा से कोई तालमेल होता है तो भी नेतृत्व का फैसला जिंदगी भर मानेंगे। प्रेस कांफ्रेस के दौरान बसपा छोड़ने का दर्द भी उनकी जुबान पर आया लेकिन कहा कि अब मायावती से उन्हें कोई शिकायत या नाराजगी नहीं है।

यूपी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद और अध्यक्ष राजबब्बर ने तीन चरणों में 101 छोटे बड़े नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने की औपचारिकताएं पूरी कीं। एक महीने पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सेे हुई मुलाकात में ही  नसीमुद्दीन को दलबल के साथ आने की हरी झंडी मिल गई थी। शामिल होने वालों में पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, एमएलसी और बसपा संगठन से जुड़े रहे कई बड़े पदाधिकारी हैं।

इस मौके पर नसीमुद्दीन ने शायराना अंदाज में कहा कि दिल तोड़ना कठिन है मगर तोड़ना पड़ा, किश्ती को साहिलों की तरफ मोड़ना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके बाप-दादा की पार्टी रही है। हम भटक गए थे, नहीं भटके होते तो देश के ऐसे हालात न होते। धीरे-धीरे अन्य भटके लोग भी राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करेंगे। इस दौरान नसीमुद्दीन के मुंह से दो बार कांग्रेस की जगह बसपा निकला। फिर खुद को संभालते हुए कहा कि 34 साल जहां रहा उसे दिल और दिमाग से हटाने में 34 मिनट तो लगेंगे ही। 

मायावती के नाराज होने का कोई कारण नहीं: आजाद

बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ बड़ी संख्या में नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मायावती के नाराज होने का कोई कारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने हमारे वर्तमान विधायक को तोड़ लिया था, तब भी हम नाराज नहीं हुए। इसके बावजूद हम चुनाव में गठबंधन को लेकर मायावती जी से मिले थे। जो लोग शामिल हुए हैं, उनमें से कुछ को बसपा से निकाला जा चुका है और कुछ उनके निकाले जाने के कारण पार्टी छोड़ आए हैं।

आजाद ने भविष्य में विपक्षी एकता की मजबूती और बड़े उद्देश्य को लेकर होने वाले समझौते से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि हम तो 27 साल यूपी बेहाल का नारा लेकर चुनाव में उतरे थे लेकिन रणक्षेत्र में ही सपा से समझौता हो गया।

कांग्रेस का मंच छोटा पड़ गया

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के मंच पर दो पंक्तियों में कुर्सियां लगाने के बावजूद बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता खड़े रहे या हॉल के बाहर थे। इसमें यूपी के विभिन्न हिस्सों और वर्गों के नेता शामिल हैं। उनके साथ आए कार्यकर्ताओं के कारण भी कांग्रेस मुख्यालय में भीड़ बढ़ गई।

कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व मंत्रियों में ओपी सिंह, रघुनाथ प्रसाद शंखवार, लियाकत अली, पूर्व एमएलसी में अनिल अवाना और हुस्ना सिद्दीकी, पूर्व विधायक वीजेंद्र व्यास, राव वारिस, हाजी शाहबन, अरशद खान, मो. आसिफ, अली यूसुफ अली के अलावा प्रमुख नेताओं में ब्रह़्म स्वरूप सागर, अच्छेलाल निषाद, केपी मावी, कैप्टन दिनेश सिंह, शिव शंकर भुरजी, प्रीतम सिंह प्रेमी, देशराज, प्रदेश प्रभारी जमीरूद्दीन, मनोज सक्सेना, हीरालाल विश्वकर्मा, मुमताज अली और सैय्यद महबूल अली आदि मौजूद 



पुलिस की कई मजबूरी- गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया

22-2-2018.

कसानों के प्रदर्शन घेराव घोषणा बाबत विधानसभा में गृह मंत्री कटारिया ने कहा कि यह गंभीर मसला है। सभी को लोकतंत्र में विरोध करने और अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन सच्चाई तो ये है कि पुलिस की कई तरह की मजबूरी है। राजस्थान उच्च न्यायालय के 4 जुलाई 2017 को जारी अंतरिम आदेश में प्रशासन को पांबद किया गयया था कि जयपुर में कार्य दिवस के दौरान विरोध प्रदर्शन, रैली, जुलूस नहीं हो। 8 दिसम्बर 2017 को संशोधित आदेश में राजनीतिक व अन्य रैलियों को कार्य दिवस में दोपहर 12 से लेकर 4 बजे तक करने की छूट दी गई। 17 फरवरी को किसान सभा के संयुक्त सचिव संजय माधव ने किसान महापड़ाव की घोषणा की। महापड़ाव का अर्थ है, अनिश्चितकालीन धरना। वहीं कोर्ट के फैसलेे का पालन करना जरूरी है कि महापड़ाव नहीं हो।

किसानों ने अपने महापड़ाव के लिए न तो स्थान बताया न यह बताया कि कितने घंटे प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में जयपुर में महापड़ाव संभव नहीं होगा। इसके चलते पुलिस विभिन्न स्थानों पर किसानों को रोक रही है और गिरफ्तारी भी कर रही है। अब तक 179 लोगों को विभिन्न धाराओं में गिरफतार किया है। 17 लोगों अपनी जमानत पर रिहा हो गए। किसान यदि कह देंगे कि महापड़ाव नहीं होगा तो पुलिस उन्हें रिहा कर देगी।


ढाई करोड़ किसान परेशान-कांग्रेस

22-2-2018.

विधानसभा में कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रदेश का ढाई करोड़ किसान परेशान हैं । उनको फसल का दाम नहीं मिल रहा है। भाजपा ने सुराज संकल्प यात्रा के दौरान किसानों को उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था। सरकार ने 2017 में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं दिलाकर करीब 32 अरब रुपए का नुकसान किया है। कर्जमाफी के नाम पर सरकार ने किसानों से छलावा किया। सीकर में किसानों के आंदोलन के बाद सरकार ने सिर्फ कमेटी बनाने का खेल किया। अधूरी कर्जमाफी की घोषणा से आहत किसानों ने आंदोलन करना चाहा तो सरकार ने उसे भी कुचलने का काम किया। आज सरकार ने किसानों का जयपुर में प्रवेश बंद कर दिया है। जगह-जगह नाकाबंदी कर किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।

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