सोमवार, 29 जनवरी 2018

राजस्थान:तीनों उपचुनावों मेंं भाजपा राष्ट्रीय नेता क्यों नहीं आए? -रिपोर्ट

आखिर क्यों नहीं आए उपचुनाव में प्रचार के लिए भाजपा के राष्ट्रीय नेता? पीएम मोदी के नाम का आखिर दिन उपयोग।

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अजमेर सहित अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में प्रचार के लिए भाजपा के स्टार नेताओं की जो सूची जारी की थी, उसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह का नाम भी था, लेकिन मोदी और शाह की दूर की बात भाजपा कोई भी राष्ट्रीय नेता चुनाव प्रचार के लिए नहीं आया। सीएम वसुंधरा राजे से राजपूत समाज की नाराजगी के बाद भी केन्द्रीय गृहमंत्री और राजपूत समाज में पैठ रखने वाले राजनाथ सिंह तक को नहीं बुलाया गया और तो और राजस्थान से जुड़े राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर और महासचिव भूपेन्द्र सिंह यादव तक ने रुचि नहीं दिखाई। हालांकि यादव 10 जनवरी को नामांकन तथा 29 जनवरी को मतदान के लिए अजमेर आए, लेकिन थोड़ी ही देर में वापस चले गए। जबकि माथुर और यादव को चुनाव राजनीति का खिलाड़ी माना जाता है। सीएम राजे और प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी की ओर अब कुछ भी सफाई दी जाए, लेकिन भाजपा का आम कार्यकर्ता यह तो पूछ ही रहा है कि विपरित परिस्थिति में माथुर और यादव जैसे नेताओं का उपयोग क्यों नहीं किया? जबकि सबको पता है कि इन तीनों उपचुनावों के नतीजे नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव पर असर डालेंगे। खुद भाजपा इन उपचुनावों को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मान रही है। यह भी सही है कि यदि सीएम राजे किसी राष्ट्रीय नेता को बुलाती तो कोई भी मना नहीं करता। इसके बजाए तीनों चुनावों की कमान सीएम ने स्वयं ही संभाले रखी। प्रचार में जो केन्द्रीय मंत्री नजर आए, उनमें राजस्थान से जुड़े मंत्री ही थे। जैसे सीआर च ौधरी, अर्जुनराम मेघवाल आदि। लेकिन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जैसे मंत्रियों को भी उपचुनाव से दूर रखा गया।

पीएम के नाम का उपयोग भी आखिर दिनः

किसी भी चुनाव को जीताने में पीएम मोदी का चेहरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उपचुनाव में मोदी के चेहरे को भी आगे नहीं रखा गया। राज्य के मंत्रियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर सीएम राजे के कार्यों का ही बखान किया। मोदी का चेहरा मतदान वाले दिन 29 जनवरी एक दिन सामने लाया गया। अखबारों के प्रथम पृष्ठ पर जो विज्ञापन दिया, उसमें सीएम के साथ पीएम का भी फोटो लगाया गया। पूरे चुनाव पहली बार 29 जनवरी के विज्ञापन में पीएम के विचार लिखे गए। शायद सीएम राजे को आखिर दिन यह अहसास हुआ कि उपचुनाव में नरेन्द्र मोदी का चेहरा भी चाहिए। राष्ट्रीय नेताओं के नहीं आने और पीएम के चेहरे का उपयोग आखिर में करने को लेकर भी राजस्थान भाजपा में हलचल मची हुई है। गंभीर बात तो यह है कि प्रदेशाध्यक्ष परनामी तक में इतनी हिम्मत नहीं कि वे सीएम राजे को कोई सलाह दे सकें।

एस.पी.मित्तल) (29-01-2018)


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