रविवार, 21 जनवरी 2018

सरकारी नौकरियां नहीं है...पकौड़े बेचो


- करणीदानसिंह राजपूत-

पकोड़े  बेचना  रोजगार  है या नहीं  मोदी पूछ रहे हैं इसका  सीधा और स्पष्ट  उत्तर यही बनता है कि  भारत सरकार  लोगों को  युवाओं को  सरकारी नौकरियां उपलब्ध करवाने में असमर्थ रही है और गंभीर भी नहीं है।

 ऐसा लग रहा है कि  सरकारी  स्तर पर  नौकरियां देने की तरफ सरकार का  ध्यान नहीं है। मोदी सरकार के तीन  साल  बीत गए हैं और सन 2019 में  चुनाव होंगे। उससे पहले की  गंभीर स्थिति पर देश के नागरिकों को  सोच लेना चाहिए।

पकोड़े  बेचना  या  किसी दुकान पर  साधारण काम करना  रोजगार तो  कहे जा सकते हैं लेकिन हर युवा  इससे आगे भी बढ़ना चाहता है। सरकारी नौकरियों की  हालात के कारण ही  चपरासी के इंटरव्यू में  25 -30 हजार तक लोग पहुंच जाते हैं और उनमें इंजीनियर  वकील तक होते हैं। इन सब  हालातों का  जिम्मेवार  सरकार ही होती है।

पीएम  नरेंद्र मोदी के विचारों  पर समीक्षा की जाए तो  लगेगा कि  जनता को  अपने स्तर पर ही  नौकरी रोजगार  ढूंढना होगा बल्कि  यह कहना उचित होगा कि  पेट भरने के लिए  कुछ भी किया जाए  मगर सरकार का भरोसा न किया जाए। मोदी जी ने न जाने कितने भरोसे  दिलाए थे पर वे सभी  भरोसे  कचरे के ढेर में  दाल दिए गए।

  मोदी जी ने कहा कि पकोड़े वाला भी  ₹200 रोजाना के  कमा कर के ले जाता है। मोदी जी से  कोई पूछने वाला हो कि माननीय प्रधानमंत्री जी  प्रतिदिन ₹200 में  क्या-क्या किया जा सकता है?  क्या वह  अपने बच्चों को  उचित शिक्षा दिला सकता है? क्या वह उचित स्थान पर रह सकता है ?क्या उचित  इलाज करवा सकता है?सब का जवाब एक ही मिलेगा कि  नहीं?

 वैसे भी  नोटबंदी के बाद  यह छोटे-मोटे रोजगार  जिनका आप हवाला दे रहे हैं  वे भी खत्म हो गए  और अनेक लोग  नोटबंदी के बाद सब कुछ  बर्बाद करके  बैठ गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का साक्षात्कार  यहां  दिया जा रहा है। 

नरेंद्र मोदी इंटरव्‍यू: पीएम ने सुधीर चौधरी से पूछा- अगर जी टीवी के बाहर कोई पकौड़े बेच रहा तो वो रोजगार है कि नहीं?

एंकर सुधीर चौधरी ने सरकार द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के मामले पर सवाल किया तब उन्होंने कहा कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं?

शुक्रवार 19-1-2018 की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2018 का पहला इंटरव्यू दिया। हिंदी चैनल जी न्यूज़ को दिए इस खास इंटरव्यू में पीएम मोदी ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतराष्ट्रीय मसले और कूटनीति से लेकर रोजगार तक के मुद्दों पर बात की। उनसे जब एंकर सुधीर चौधरी ने सरकार द्वारा किए गए रोजगार के अवसर पैदा करने के वादे के मामले पर सवाल किया तब उन्होंने कहा कि अगर जी टीवी के बाहर कोई व्यक्ति पकौड़ा बेच रहा है तो क्या वह रोजगार होगा या नहीं? एंकर ने श्रम मंत्रालय के आंकड़े पेश करते हुए सवाल किया कि क्या सरकार नौकरियां पैदा करने की दिशा में सही रास्ते पर चल रही है या नहीं।

सुधीर चौधरी ने पीएम मोदी द्वारा नवंबर 2013 में आगरा में किए गए उस वादे को लेकर सवाल किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह देश में एक करोड़ नौकरियां पैदा करेंगे, इस सवाल पर प्रधानमंत्री ने जवाब दिया, ‘हाल ही में एक स्वायत्त संस्था ने ईपीएफ के आंकड़े निकाले हैं और यह आंकड़े गलत नहीं होते, क्योंकि इसमें आधार नंबर होता है, बैंक अकाउंट होता है और पैसा होता है, यह हवाबाजी नहीं होती। इस एक साल में 70 लाख ईपीएफ जुड़े हैं। यह एक स्वायत्त संस्था का आंकड़ा है। दूसरा हमने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना बनाई। इसमें जो भी व्यक्ति रोजगार करना चाहता है, उसे बिना बैंक गारंटी के पैसा दिया जाता है। इस देश को गर्व होना चाहिए कि दस करोड़ लोगों ने मुद्रा योजना का लाभ लिया है और चार लाख करोड़ रुपए इनको दिया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें से 3 करोड़ लोग वह हैं जिन्होंने पहले कभी भी बैंक से एक रुपए भी नहीं लिए थे। इसका मतलब यह है कि यह नए व्यवसायी हैं। कोई व्यक्ति पैसा लेता है, एक दुकान भी चलाता है तो वह खुद तो रोजगार पाता ही है एक दूसरे व्यक्ति को भी रोजगार का अवसर देता है, क्या इसको रोजगार मानेंगे कि नहीं मानेंगे।’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि छोटा व्यवसाय करने वाले भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक कारणों से अगर किसी को किसी भी प्रकार की बयानबाजी करनी है तो वो उनका हक है। इसी मामले पर उन्होंने आगे कहा, ‘कोई मुझे बताए कि अगर आपके जी टीवी के बाहर किसी ने पकौड़े की दुकान लगाई और शाम को वह 200 रुपए कमाकर घर गया, इसको आप रोजगार कहेंगे कि नहीं कहेंगे? किस रजिस्टर में लिखा होगा कि यहां कोई व्यक्ति 200 रुपए रोज कमाता है। यह सीधी-सीधी समझ का विषय है कि बैंक से 10 करोड़ लोगों को पैसा दिया गया है, मतलब इतने सारे लोगों ने रोजी-रोटी पाई है।’ इसके अलावा पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सही रास्ते पर जा रही है। युवाओं के लिए काम किया जा रहा है, स्किल डेवलपमेंट का काम भी किया जा रहा है। ग्लोबर रिक्वायरमेंट के आधार पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को व्यवसायी बनाने के लिए आर्थिक मदद भी दे रहे है और मार्केट भी दे रही है।

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