सोमवार, 22 जनवरी 2018

भाजपा शासित हरियाणा में 4 संसदीय सचिव कानून से अलग कैसे?

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि हरियाणा के 4 संसदीय सचिवों का मामला दिल्ली से इतर है, और इस मामले में दिल्ली जैसी कार्रवाई की मांग करना ठीक नहीं है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘दिल्ली और हरियाणा के हालात अलग अलग हैं, हमारे यहां कानून पहले से मौजूद है, लेकिन फिर भी अदालत ने कहा कि यह ठीक नहीं है इसलिए हमने उन्हें संसदीय सचिव के पद से हटा दिया है।’ इस मामले में याचिकाकर्ता एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने कहा कि मुख्य संसदीय सचिव एक असंवैधानिक टर्म है, हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया था और आदेश जारी किये थे, यदि दिल्ली और हरियाणा भारत के हिस्से हैं तो इनके लिए दो अलग अलग कानून कैसे हो सकते हैं? इन सचिवों को (बीजेपी के विधायक) अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।बता दें कि जे एस भट्टी हरियाणा के 4 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

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