सोमवार, 29 जनवरी 2018

श्यामलाल शर्मा सरदारशहर व भाजपा नेता शिवरतन के विरुद्ध राजियासर में मुकदमा

सूरतगढ़ 29 जनवरी 2018.मुख्त्यार आम आगे किसी को नया मुखत्यार नहीं बना सकता। इस प्रकार के दस्तावेज का इस्तेमाल कानूनी रूप में फर्जी होता है। इस प्रकार के एक प्रकरण में पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू की शिकायत पर राजियासर पुलिस स्टेशन में 8 जनों के विरुद्ध मुकदमा नंबर 19 दिनांक 25 जनवरी 2018 को दर्ज किया गया है।

 जिनके विरुद्ध आरोप लगाया गया है उनके नाम बजरंग दास स्वामी,रामकुमार, श्यामलाल शर्मा पुत्र गोधाराम जैतसीसर सरदारशहर, रामेश्वरलाल,कन्हैया लाल,शिवरतन, विजय कुमार और ओमप्रकाश है।

सिद्धू की शिकायत है कि 2007 में एक मुख्त्यारनामा श्रवण दास लाधू दास लिछमा रुकमा पुत्र /पुत्रियां नत्थू दास निवासी अर्जुन सर के द्वारा बहक महिपाल जाट वार्ड नंबर 7 भादरा के नाम करवाया गया। आरोप है कि मुखत्यार मुकर्रर करने वाले श्रवण दास रुकमा व लिछमा के दस्तकत अंगूठे नहीं हैं। केवल भगवान दास के फर्जी दस्तखत किए गए हैं जो बजरंग दास स्वामी जैतसीसर तहसील सरदारशहर ने किए हैं। रामकुमार कौन है इसका खुलासा नहीं है। 

उसी दिन भगवानदास वगैरह की ओर से इकरारनामा 110 आर डी एल की 40 बीघा जमीन का सौदा का बहक महिपाल द्वारा लिखा गया जो फर्जी दस्तावेज है इस को तहरीर करवाने वाला श्यामलाल पुत्र गोधाराम ब्राह्मण जैतसीसर तहसील सरदारशहर है।दिनांक 3 नवंबर 2017 को श्याम लाल शर्मा ने महिपाल मुखत्यारआम के मुख्त्यारनामा 2007 के आधार पर उसी भूमि का मुखत्यारआम रामेश्वर लाल पुत्र खेतरपाल नायक निवासी जैतसीसर के नाम तहरीर करवाकर नोटरी से तस्दीक करवा दिया। आरोप है कि मुखत्यारआम आगे मुखत्यारआम नियुक्त नहीं कर सकता इसलिए मुख्त्यारनामा जो दिनांक 3 नवंबर 2017 को दिया गया वह फर्जी है।

 यह दस्तावेज कन्हैयालाल शिवरतन विजय कुमार और ओमप्रकाश ने पुलिस स्टेशन राजियासर s h o को दिया जिनके विरुद्ध कोई कार्यवाही ना कर के पुलिस ने आरोपी गणों को सरंक्षित किया। पूर्व विधायक ने इन सब के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की शिकायत दी।राजियासर पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 467 468 469 471 और 120 बी में 8 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया और यह जांच राकेश कुमार सहायक उपनिरीक्षक को सौंपी गई।



रविवार, 28 जनवरी 2018

कोई मुझे कोई उसे पट्टी पढ़ाने लगे, लाठियां तनी रहे सदा, गुर बताने लगे: कविता

 कोई मुझे तो कोई उसे पट्टी पढ़ाने लगे,
लाठियां तनी रहे सदा, ऐसे गुर बताने लगे।
कोई इधर कोई उधर,
पट्टी पढ़ाने लगे​।
लाठियां तनी रहे सदा,
 ऐसा गुर बताने लगे।
मित्रता का सिलसिला,
चल रहा था
सैकड़ों सालों से,
वह खत्म हो गया पल में,
 पट्टी पढ़ाने वालोंसे।
कैसी थी मित्रता और कैसा था व्यवहार,
 सब चौपट हो गया,
 और अभी आगे क्या होगा,
 बुरा हाल मेरा और उसका?
मेरा खेत उसका खेत, लताओं की तरह,
लिपटें हैं पास पास।
 एक दूजे का खेत खोदते,
 एक दूजे का खेत बोते।
फसलें लहलहाती,
निहाल होते,
 हंसते-गाते त्यौंहार मनाते।
अनूठा प्रेम बंधन,
वर्षो का सिलसिला था।
 किसी ने एक दूजे को,
 पराया नहीं माना।
 अपना ही माना,
अपना ही जाना।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह लिपटे हैं,
पास-पास।
हर बार की तरह,
 इस बार भी बीजे थे,एक दूजे के खेत।
फसलें लोगों ने देखी,
सब ने सराहा,
राष्ट्र के उत्पादन की,
 फसल आई।
हम हर्षित हो गए,
एक कदम विकास का और आगे,
कहते हुए प्रशासन ने भी पीठ थपथपाई।
हमारे खेत,
हमारी फसलें,
देखने लोग आने लगे।
चर्चाएं आम होने लगी।
काम हो तो ऐसा हो,
 साथ हो तो ऐसा हो।
 रेडियो और टीवी भी,
सुनाने दिखाने लगे।
अनूठी मिसाल।
अखबार भी नए नए रूप में,
दोहराने लगे।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह लिपटे हैं,
पास पास।
लेकिन,
 यह अचानक कैसा बदलाव आया,
 इस बार की फसलें न घरों में,
और न मंडी में ले जा पाए।
मैंने उसका खेत,
और उसने मेरा खेत,
 जला डाला।
 घरों को भी राख में बदल डाला।
यह कई सालों की दोस्ती में,
 कैसा परिवर्तन आया?
 लाठियां चलीं सिर फूटे,
अस्पताल थाने कचहरी पहुंचे।
 सालों की दोस्ती में,
 दुश्मनी छा गई।
दोनों ओर जुट गए थे लोग,
एक दूजे का सर झुकवाने को,
जो पहले मित्रता की बड़ाई करते थे,
अब दुश्मनी के,
 नए-नए पैंतरे सिखाने लगे।
 समय कितना बदल गया?
एक दूजे का हालचाल,
जाने बिना,
हम दोनों रोटी,
नहीं खाते थे।
अब एक दूजे को,
 बददुआओं के संदेसे,
 भिजवाने लगे।
पड़ोस के लोग,
बन गए  डाकिये।
जो कभी दोनों के,
 खैरख्वाह थे।
शुभचिंतक थे।
 कितना बदलाव आ गया।
कोई मुझे,
 कोई उसे,
पट्टी पढाने लगे।
लाठियां तनी रहे सदा,
 ऐसा गुर बताने लगे।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह,
 लिपटे हैं पास पास।
हमारे खेत लहराते,
 फसलें होती।
 न मैं कर्जदार था,
न वह कर्जदार था।
अब खेत और घर,
 स्वाहा हो गए।
अब कर्जदार मैं हो गया,
और कर्ज़दार वह भी हो गया।
 यह कर्जा न खेतों का है,
 न घरों का है।
 दोनों डूबते जा रहे हैं,
थाना कचहरी के खर्चों में।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह लिपटें हैं,
 पास पास।
 हरियाले फूलों वाले खेत,
 राख में बदल काले हो गए।
यह सपना नहीं सच है।
यह कल्पना नहीं सच है।
एक का मुंह पूरब की ओर,
दूसरे का मुंह पश्चिम की ओर है।
लोग आते हैं,
पीठ थपथपाते हैं,
दुश्मनी भी हो तो ऐसी हो,
 नए पैदा होने वाले के,
 हाथ में भी खंजर हो।
मेरा खेत उसका खेत,
 लताओं की तरह लिपटें हैं
 पास पास।
अनूठे खेतों की कहानी,
नए रूप में उठी,
रेडियो टीवी अखबार,
कारण बताने लगे।
समय बीता और बदले लोग,
उसे और मुझे समझाने लगे।
उसकी बुद्धि और मेरी बुद्धि पर,
कोई तीसरा ही छा गया था।
वह तीसरा दूर बैठा,
आग लगा रहा था।
मामूली मामूली बातों से,
हमको भड़का रहा था।
मैं भी अनजान और,
वह भी अनजान,
उलाहनों में खो गए थे।
मामूली मामूली बातों से,
युद्ध और लड़ाईयां हुई,
वही इतिहास मेरे,
और उसके बीच,
 दोहरा रहा था।
तेरी भैंस मेरा बूटा चर गई,
तेरी गाय मेरी ढाणी में
 गोबर कर गई।
तेरे छोरे ने गाली दी,
मेरे छोरे ने कान उमेठा,
चपत लगाई।
सालों से होती थी यह बातें,
और इन बातों पर,
 हंसी के फव्वारे फूटते थे।
ना कोई झगड़ा था,
ना कोई रगड़ा था,
लेकिन उस दूर बैठे​,
तीसरे को यह,
रास नहीं आ रहा था।
उसने लड़ाया।
बड़ी-बड़ी नहीं,
छोटी-छोटी
मामूली बातों में,
हम उलझ गये।
काश ! हम दोनों,
उसकी हरकतों को,
चालों को, समझ पाते।
एक दूजे के खेतों को,
 यूं आग न लगाते।
वह दूर बैठा तीसरा,
उसे और मुझे ही नहीं,
औरों को भी यूं ही लड़ा रहा है।
 कहीं दंगे और कहीं फसाद,
 करा रहा है।
अरे,
हम समझ गए,
उस तीसरे की चालों को।
समय आ गया है,
और लोगों को भी,
समझा दें।
उस तीसरे की चालों से।
अरे,
रेडियो टीवी अखबार वालों,
देरी न करो जल्दी पहुंचों।
कोई और खेत कहीं,
स्वाहा न हो जाए।
मेरे देश को जलने से बचा लो।
 हमारे खेतों को जलने से बचा लो।
हमारी मित्रता और,
 दोस्ती को बचा लो।
मेरे राष्ट्र को बचा लो।
मेरे राष्ट्र को बचा लो।
**********************
यह कविता लगभग 2001 के करीब रची गई थी और आकाशवाणी सूरतगढ़ केंद्र से प्रसारित हुई थी।
इस कविता में यह संदेश दिया गया है की कोई दूर बैठा तीसरा लड़ा रहा है।।
यही स्थिति देश के भीतर भी है।
*************************


करणीदान सिंह राजपूत, 

 राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,!
 सूरतगढ़। राजस्थान
भारत
संपर्क  94143 81356.

राजेन्द्र भादू की ललकार-भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा-

( विधायक चुने जाने के बाद की थी यह घोषणा जो करणी प्रेस इंडिया में 15-12-2013 को प्रसारित हुई थी। क्या सोचते हैं आप? बोलें बताएं!)

सूरतगढ़,भाजपा के नव निर्वाचित विधायक राजेन्द्रसिंह भादू ने अपनी जीत के समस्त आभार संबोधनों में बड़ी ताकत के साथ कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बरदास्त नहीं किया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भी यही घोषणा है और प्रदेश के लिए स्पष्ट रूप में यही नीति लागू रहेगी। कांग्रेस के मील राज में सूरतगढ़ में हर विभाग में और खासकर नगरपालिका,पुलिस व राजस्व विभागों में जो बुरा हाल रहा है वो जग जाहिर है। इलाके की जनता को पीड़ाओं से मुक्ति दिला कर ही यहां वास्तव में भाजपा का राज स्थापित किया जा सकता है। विधायक चुने जाते ही राजेन्द्र भादू के संबोधनों की सराहना की जानी चाहिए कि वे भ्रष्टाचार को हटाने में आगे रहेंगे।

असल में जनता का कोई भी प्रतिनिधि आए,जो भ्रष्टाचारी अधिकारी व कर्मचारी होते हैं वे कोई ना कोई रास्ता रूपए हजम करने का निकाल लेते हैं। इस प्रकार के अधिकारी व कर्मचारी काम को लटकाते रहते हैं। निर्माण कार्यों आदि में भी घटिया कार्य करते रहते हैं। जब विभागों के अधिकारियों को शिकायत की जाती है तो उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती। लोग मुख्यमंत्री व राज्यपाल आदि को शिकायतें करते हैं जिनके सुने जाने में समय लग जाता है। 

सूरतगढ़ की शिकायत अगर सूरतगढ़ में ही की जाए तो उसका असर तुरंत होगा यह समझा जाना चाहिए। अब विधायक राजेन्द्रसिंह भादू ने जो घोषणा की है,उसका लाभ जनता को तभी मिल सकता है कि जनता सरकारी अधिकारी को व जयपुर में शिकायत भेजने के बजाय सीधे राजेन्द्रसिंह भादू को दे। चाहे उस पर एक व्यक्ति के हस्ताक्षर हो या समूह के हस्ताक्षर हों। इस प्रकिया से विधायक को मालूम पड़ेगा कि कौनसे विभाग में कौनसा अधिकारी भ्रष्ट है तथा जनता का कार्य सही ढ़ंग से नहीं कर रहा है। इस पर विधायक तत्काल ही कार्यवाही भी कर सकेंगे।

इससे एक बड़ा लाभ यह होगा कि भ्रष्ठ अधिकारी हो चाहे कार्यकर्ता हो वह विधायक से नजदीकियां नहीं बना सकेगा। विधायक उनको फटकार कर दूर भी कर सकेगा।

( समय के कुछ खास चित्र भी देखें )







पूर्व विधायक हरचंद सिंह की शिकायत पर भाजपा नेता पर मुकदमा-फर्जी दस्तावेजों के उपयोग का आरोप:



पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू  की शिकायत पर राजियासर पुलिस थाने में शिवरतन,कन्हैया लाल, विजय रिणवा व ओम प्रकाश के विरुद्ध 25 जनवरी 2018 को एक मुकदमा दर्ज किया गया है।

 शिकायत में आरोप है कि ये लोग फर्जी कूटरचित दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं ।

पूर्व विधायक सिद्धू ने संबंधित दस्तावेजों की संबंधित दस्तावेजों की फोटो प्रतियां भी पुलिस को शिकायत के साथ में दी है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सूरतगढ़ तहसील के चक 103 आर डी एल एल डी एल एल डी एल एल के लिए 25 मार्च 1986 को एक इंतकाल रजिस्टर संबंधित तहसीलदार ने जारी किया था। उसको शिवरतन के भाई ने जो उपनिवेशन विभाग में संविदा पर कार्यरत था ने फर्ज कारी करके 103 की जगह 110 आरडीएल कर दिया जिसकी चित्र प्रति प्रति संलग्न है।

 दिनांक 25 मार्च 1986 को इस रजिस्टर में कुल 6 इंतकाल एक ही तारीख में दर्ज किए गए जबकि चक 110 आर डी एल डी एल 110 आर डी एल डी एल का चालू रजिस्टर उपलब्ध था तो दूसरा रजिस्टर क्यों जारी हुआ? सारे इंतकाल की चित्र प्रतियां पेश है जो स्पष्ट फर्जी दस्तावेज है,जिनका उपयोग शिवरतन कन्हैयालाल विजय रिणवा ओमप्रकाश वगैरा वगैरा विजय रिणवा ओमप्रकाश वगैरा सही के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दिनांक 24-10- 1968 से 30-6-1986 तक इस क्षेत्र में भूमि का सेटलमेंट चल रहा था। भूमि के सेटलमेंट के दौरान जमाबंदी और इंतकाल बाधित होते हैं केवल गिरदावरी का ही उपयोग होता है तो यह इंतकाल कैसे दर्ज हो गए?

यह अपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनको फर्जी जानते हुए सही के तौर पर पर उपयोग किया गया है जो संज्ञेय अपराध है। 

पूर्व विधायक ने इंतकाल 25-3-1986 को इंतकाल रजिस्टर जारी करने के आदेश की प्रति, इंतकाल संख्या 3 आरडीएल 100दिनांक 28-3- 1986 इंतकाल संख्या 4, 28-3/1986 की प्रतियां उपलब्ध करवाई है।

 पुलिस ने मुकदमा नंबर 18 आईपीसी की धाराएं 420 467 468 469 471 120 बी में दर्ज किया है।

यह अनुसंधान कार्य सहायक उपनिरीक्षक राकेश कुमार को सौंपा गया है।

विदित रहे कि शिवरतन भाजपा नेता है।




सूरतगढ़: गणतंत्र दिवस 2018.एडीएम चांदमल वर्मा ने ध्वजारोहण किया-रिपोर्ट



-  करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ में गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में अतिरिक्त जिला कलक्टर चांदमल वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर चांदमल वर्मा और  उपखंड अधिकारी श्रीमती सीता शर्मा ने परेड का निरीक्षण किया।

 समारोह में  विधायक राजेंद्र सिंह भादू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, तहसीलदार अजीत गोदारा, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी जुबेर खान मौजूद थे।

 समारोहों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने रंग जमाया।  विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं की ओर से व्यायाम प्रदर्शित किया गया।

नगर पालिका में पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा और अग्निशमन सेवा कार्यालय पर उपाध्यक्ष पवन ओझा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन परिसर में मुख्य अभियंता एम एल शर्मा ने ध्वजारोहण किया।






शनिवार, 27 जनवरी 2018

भाजपा के सत्ता दुरुपयोग करने के बाद भी कांग्रेस जीतेगी-रघु शर्मा:अजमेर कांग्रेस प्रत्याशी


घर-घर तक दस्तक-राठौड़।

====

27 जनवरी को अजमेर लोकसभा उपचुनाव के कांग्रेसी प्रत्याशी रघु शर्मा ने बड़े नेताओं के साथ अजमेर शहर में रोड शो किया। वहीं रघु का कहना रहा कि सम्पूर्ण चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप लाम्बा के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सत्ता का जमकर दुरुपयोग किया है। विधानसभावार मंत्रियों को प्रभारी बना कर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को डराया धमकाया गया तो मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सरकारी साधनों का इस्तेमाल किया गया। जाति विशेष के पुलिस अफसरों ने कांग्रेस के खिलाफ खुला काम किया है। ऐसे सभी कृत्यों की जानकारी दिल्ली में चुनाव आयोग को भी दे दी गई है, लेकिन इतना सब कुछ करने के बाद भी भाजपा की जीत नहीं होगी। पिछले चार वर्षों में राज्य की भाजपा की सरकार ने जो जन विरोधी कार्य किए हैं उससे आम मतदाताओं में नाराजगी है। 

अजमेर के लोगों ने देखा है कि भाजपा के विधायकों ने किस प्रकार भ्रष्टाचार  को बढ़ावा दिया है। आज किसी भी दफ्तर में रिश्वत के बिन कोई काम नहीं होता। अजमेर शहर के दोनों मंत्रियों ने पूरे चार वर्ष लड़ाई-झगड़े में ही गुजार दिया। स्मार्ट सिटी के नाम पर केन्द्र सरकार का करोड़ों रुपया आ रहा है, लेकिन राशि का सदुपयोग नहीं हो रहा है। सांसद बनने पर अजमेर के स्मार्ट सिटी के मामले में पुरजोर तरीके से लोकसभा में उठाऊंगा। सभी कामों की समीक्षा भी कराई जाएगी। मैं भाजपा प्रत्याशी लाम्बा के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता, क्योंकि लाम्बा के पिता पूर्व सांसद स्वर्गीय सांवरलाल जाट मेरे मित्र थे, लेकिन यदि स्व.जाट के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल और कांग्रेस के सांसद रहे सचिन पायलट के पांच वर्षों के कार्यकाल की तुलना की जाए तो हकीकत सामने आ सकती है।

 रघु ने कहा कि इस मौके पर मैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट का भी आभार प्रकट करना चाहता हूं। इस चुनाव में मुझ से भी ज्यादा मेहनत पायलट ने की है। पायलट की मेहनत बेकार नहीं जाएगी। रघु ने कहा कि एक फरवरी को जब नतीजे आएंगे, तब राज्य सरकार और अजमेर के भाजपा विधायकों का घमंड भी चूर हो जाएगा।

विधायक गौतम की भाषा मर्यादित नहीं:

रघु ने कहा कि इन दिनों सोशल मीडिया पर केकड़ी के भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम का एक आॅडियो वायरल हो रहा है। इस आॅडियो में गौतम मुझे भद्दी गालियां दे रहे हैं। गौतम का गालियां बकना आम बात है इसलिए अब केकड़ी के मतदाताओं को गौतम को चुनने पर अफसोस हो रहा है। इस आॅडियो को सुनकर हर कोई व्यक्ति भाजपा विधायक की मानसिकता का अंदाजा लगा सकता है। रघु ने कहा कि गौतम को भाषा पर संयम बरतना चाहिए। राजनीति में हार जीत तो होती रहती है।

घर-घर तक दस्तक:

अजमेर देहात कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना रहा कि चुनाव में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घर-घर तक दस्तक दी है। भाजपा में पन्न प्रमुख के दावे तो अपनी जगह हैं, लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्पूर्ण संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पहुंच गया है। संगठन की दृष्टि से कांग्रेस की स्थिति बाहर मजबूत है। प्रदेश अध्यक्ष पायलट की लगातार मौजूदगी तो कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। कार्यकर्ताओं का यह उत्साह ही जीत की मंजिल तक ले जाएगा। भाजपा कितना भी दुरुपयोग कर ले, लेकिन मतदाताओं ने भाजपा को हराने का मन बना लिया है। अनेक समाजों के लोग अपने स्तर पर रणनीति बना कर कांग्रेस को जितवाने का काम कर रहे हैं।

एस.पी.मित्तल) (27-01-18)ःः



मंगलवार, 23 जनवरी 2018

सूरतगढ:ईंट मारने से हुई हत्या में हत्यारे को उम्र कैद की सजा


सूरतगढ़ 23 जनवरी 2018.

सूरतगढ़ में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुभम पुत्र राकेश कुमार उम्र 18 वर्ष की हत्या ईंट मारने से हुई थी जिसमें मारने वाले अमरीक सिंह मजहबी सिख निवासी गाँव  कोटगुरु तहसील संगत जिला भटिंडा पंजाब को हत्या के अपराध में सूरतगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

 एडीजे अदालत की ओर से 23 जनवरी 2018 को हत्या का
दोषी मानते हुए अमरीक सिंह को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया। अमरीक सिंह वर्ष 2016 से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है।

अदालत में पीड़ित पक्ष की ओ ओर से एडवोकेट विवेक कुमार सेतिया और सरकार की ओर से पीड़ित पक्ष के लिए अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार झोरड़ ने पैरवी की। 

 शुभम पुत्र राकेश कुमार जिसकी ईंट मारने से हत्या हुई, वह सेतिया कॉलोनी श्रीगंगानगर का निवासी था और यहां अपने चाचा के यहां आया हुआ था। चाचा वार्ड नंबर 20 सूरतगढ़ राजकुमार पुत्र हरबंस लाल अरोड़ा ने सूरतगढ़ थाने में यह मामला 27 सितंबर 2016 को दर्ज कराया था।

 घटना के अनुसार शुभम स्कूटी लेकर अमन के साथ बाजार जा रहा था तब त्रिमूर्ति मंदिर रोड पर एक व्यक्ति ने शुभम के सिर पर ईंट फेंक कर मार दी जिससे उसकी हत्या हुई। उस व्यक्ति की पहचान अमरीक सिंह के नाम से हुई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।



रविवार, 21 जनवरी 2018

सूरतगढ़ के गौरव पथ की ऊंचाई से कई इलाको में जल भराव होनेे की चिंता



- करणीदानसिंह राजपूत -

 सेठ रामदयाल राठी राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास से इंदिरा सर्किल तक तक से इंदिरा सर्किल तक तक सर्किल तक बनाने वाला गौरव पथ अभी तक विद्यालय से लेकर ओबीसी बैंक के  पास तक बना है। 

इसकी ऊंचाई देखकर आसपास के इलाके के लोगों को बड़ी चिंता सताने लगी है। गौरव पथ की ऊंचाई के कारण आसपास के कई इलाके वर्षा के समय जलभराव में हो जाएंगे। यह जलभराव कितने घरों में दुकानों में घुसेगा और बरबादी की असर डालेगा इसकी चिंता पथ के निर्माण कराने वालों और करने वालों को नहीं हुई है।

 किसी भी निर्माण से पहले सर्वे होता है और वह सर्वे अकेले उस  निर्माण का नहीं होता आसपास की सड़कों का और मकानों का लेवल भी देखा जाता है। उसके बाद निर्माण का लेवल तय होता है जिससे आसपास के इलाके प्रभावित ना हों और उनको किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचे।

गौरव पथ के कारण पुरानी धान मंडी क्षेत्र, रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पीछे का बहुत बड़ा इलाका, पुराना मोटर मार्केट, रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के आगे का हिस्सा, ब्राह्मण धर्मशाला का क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। 

गौरव पथ की इतनी अधिक ऊंचाई करने का उद्देश्य केवल गौरव पथ पर पानी नहीं आए यही सोचा गया। दोनों ओर के  नाले किस क्षमता के हैं और कितना पानी बरखा में निकास कर पाएंगे?

 एक सड़क का ऊंचा निर्माण होता है तब आसपास के घरों का लेवल नीचा हो जाता है और उसमें पानी घुस जाता जाता पानी घुस जाता है। यह सालों से सूरतगढ़ की जनता की जनता की जनता देखती रही है। सड़क की ऊंचाई से प्रभावित मकानों को ऊंचा करने में करोड़ों रुपए का खर्च आता आता आता है और जनता को भारी परेशानी का शिकार होना पड़ता है। सालों से यह रवैया सूरतगढ़ में चल रहा है। जब पूरे शहर का लेबल लिया लिया लिया हुआ है तब यह गलतियां बार बार क्यों दोहराई जा रही हैं? एक सड़क ऊंची की जाए उसे प्रभावित हो तब पास की दूसरी सड़कें ऊंची कर दी जाए। यह रवैया अपनाया गया और इसमें करोड़ों रुपए का दुरुपयोग होता रहा। 

गौरव पथ निर्माण के साथ सिवरेज का निर्माण भी गलतियों भरा रहा है जो सर्वे हुआ एस्टीमेट बने उनकी प्रतिलिपि कांग्रेस पार्टी के नेता गुरु दर्शन सिंह सोढ़ी ने ने सोढ़ी ने ने सिंह सोढ़ी ने ने सोढ़ी ने ने मांगी थी लेकिन नगरपालिका का व्यवहार सदा जैसा रहा है वैसा ही इसी मामले को लेकर भी रहा है । निर्माण में अनेक खामियां रही है और आगे भी रहेंगी।

 बीकानेर रोड पर गौरव पथ के पास के नाले के निर्माण को लेकर देखा जा सकता है कि यह सीध में नहीं है और सीध में लेने की कोशिश भी नहीं हुई व नाला आड़ा टेढा बनाया जाता रहा। 

पूरा शहर इस तरीके के निर्माण को देख रहा है मगर किसी भी राजनीतिक, सामाजिक व संगठन स्तर पर कहीं से आवाज हीं उठ रही है, ना ही लिखित में लिखित में कोई शिकायत है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग गौरव पथ का निर्माण करा रहा है आश्चर्य है कि लाखों रुपए प्रति माह का वेतन का वेतन लेने वाले इंजीनियर यह सब गलत और त्रुटि पूर्ण निर्माण करवाने में लगे हुए हैं।

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कई नेता तैयारियां कर रहे हैं सोशल मीडिया में उनके संदेश आ आ रहे हैं कोई ना कोई ऐसा काम कर रहे हैं जिससे अखबारों में रोजाना उनके मुखोटे सहित समाचार छपते आ रहे हैं लेकिन गौरव पथ की त्रुटियों के बारे में और भविष्य में जलभराव के बारे में किसी भी नेता को कोई चिंता नहीं है इस मामले में सभी कोमा में है।






शुक्रवार, 19 जनवरी 2018

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सर्वाधिक 14 करोड़ का क्लेम सूरतगढ क्षेत्र को:श्रीगंगानगर जिले को कितना?


अब तक 42.65 करोड़ का पारित हो चुका है क्लेम

श्रीगंगानगर, 19 जनवरी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2016 में फसल खराब होने पर सर्वाधिक सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र के किसानों के क्लेम पारित हुए है। सूरतगढ़ क्षेत्र के किसानों को 14 करोड़ रूपये के क्लेम वितरति होगें। 

जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने बताया कि तहसील क्षेत्र सूरतगढ़ के लिये 14 करोड़, घड़साना के लिये 7.5 करोड़, अनूपगढ़ क्षेत्र के लिये 2.5 करोड़ तथा रायसिंहनगर क्षेत्रलके किसानों के लिये 7 करोड़ रूपये का क्लेम पारित हुआ है। जिला कलक्टर ने बताया कि पूर्व में प्राप्त 11.61 करोड़ में से श्रीगंगानगर तहसील क्षेत्र के किसानों को 1.97 करोड़, सादुलशहर क्षेत्र के लिये 0.23 करोड़, करणपुर क्षेत्र के लिये 1.83 करोड़, पदमपुर क्षेत्र के लिये 4.75 करोड़ तथा विजयनगर क्षेत्र के लिये 2.80 करोड़ के क्लेम वितरित किये जा चुके है। फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारित क्लेम सीधे ही संबंधित किसान के बैंक खातों के माध्यम से भुगतान किया जाता है। 

------------


अॉल इंडिया रेडियो कैजुअल अनाऊंसर-कॉम्पीयर्स यूनियन की मीटिंग दिल्ली में होगी


सूरतगढ़। अॉल इंडिया रेडियो कैजुअल अनाऊंसर एंड कॉम्पीयर्स यूनियन की मीटिंग 21और 22 जनवरी को पहाड़गंज दिल्ली में आयोजित है।

यूनियन की कैजुअल इकाई सूरतगढ़ के अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा ने बताया की मीटिंग यूनियन के अध्यक्ष हरिकृष्ण शर्मा शिमला की अध्यक्षता में सम्पन्न होगी।मीटिंग में यूनियन महासचिव डॉ. शबनम खानम् दिल्ली,उपाध्यक्ष संज्ञा टंडन बिलासपुर,उपाध्यक्ष महेश शर्मा कुरूक्षेत्र,कोषाध्यक्ष अर्चना गोयल दिल्ली,सचिव सुधीर मेश्राम बालाघाट,सचिव करताप ठाकुर शिमला,सहायक सचिव अतुल श्रीवास्तव सागर,प्रवक्ता समीर गोस्वामी छतरपुर,अनीष श्रीवास्तव सागर,ऊषा मलिक रोहतक,ओनिका,विक्टोरिया इम्फाल,अन्जू तिवारी,सुरेखा वाराणसी,दीपेश लोकेश झालावाड़,जुगल चौधरी कोटा,सौरभ,वन्दना कानपुर,अजय मौर्य,सुधीर अरजिया इन्दौर,नवीन भारद्वाज कुरूक्षेत्र,नरेन्द्र चहल हिसार,रवि माथुर,मधुश्री चटर्जी जयपुर,रेशमा इन्दुरकर,प्रिया पोहरे नागपुर,पद्मनाभ,चरणजीत कौर अम्बिकापुर के अलावा लगभग सभी राज्यों के विभिन्न आकाशवाणी केन्द्रों के कैजुअल प्रतिनिधि भाग लेंगे।


इकाई सचिव श्रीपाल शर्मा ने बताया कि सूरतगढ़ कैजुअल इकाई से भी प्रवक्ता नरेश वर्मा और दुर्गाराम नायक दिल्ली मीटिंग में शामिल होंगे।दिल्ली मीटिंग का मुख्य उद्देश्य आकाशवाणी कैजुअल अनाऊंसर कॉम्पीयर्स के नियमितीकरण के प्रयासों को और अधिक तेज करना है।देशभर के विभिन्न केट न्यायालयों द्वारा यथास्थिति का आदेश होने के बावजूद आकाशवाणी महानिदेशालय द्वारा विभिन्न आकाशवाणी केन्द्रों पर रीस्क्रीनिंग और फ्रेश अॉडिशन करवाए जा रहे हैं।देशभर में इसके विरोध में रणनीति बनाकर आन्दोलन तेज किया जाएगा।साथ ही नियमितीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुख्य केस को प्रभावी डॉक्युमेंट् से और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि कोर्ट आदेश से नियमितीकरण की सौगात मिले।


इसके अलावा प्रत्येक केन्द्र और राज्यों में संगठन की मजबूती पर चर्चा होगी। मीटिंग में विचार विमर्श करके देशभर के कर्मठ एवं जूझारू सदस्यों को यूनियन कार्यकारणी में स्थान देकर कार्यकारणी विस्तार करने पर भी चर्चा की जाएगी।मीटिंग की सारी तैयारियां कर ली गई है और देशभर से यूनियन के काफी पदाधिकारी और सदस्य दिल्ली पहुँच चुके हैं।

फोटो:-दिल्ली पहुंचे हुए इकाई के सदस्य व पदाधिकारी



भाजपा नेता ओपी महेन्द्रा के भाई जयप्रकाश महेन्द्रा का सड़क दुर्घटना में निधन

जयप्रकाश और ओपी महेन्द्रा की धर्मपत्नी विजयलक्ष्मी आज सुबह श्री गंगानगर से  कार द्वारा जयपुर रवाना हुए थे। 

हनुमानगढ़ के आगे राष्ट्रीय उच्च मार्ग के कोल्हा मोड़ पर उनकी कार को एक बाल वाहिनी ने टक्कर मारी। इस दुर्घटना में घायल जयप्रकाश और विजयलक्ष्मी को चिकित्सालय पहुंचाया गया। 

जय प्रकाश की मृत्यु हो गई।

 श्री गंगानगर से कार में दोनों कोहरे के कारण करीब 7:00 बजे रवाना हुए और 9:30 बजे के करीब यह दुर्घटना घटित हुई।

गुरुवार, 18 जनवरी 2018

तोगड़िया के एन्काउंटर आरोप बयान पर मोदी व शाह स्पष्टीकरण दें-शिव सेना

शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह पर निशाना साधते हुए उनसे कहा कि वे विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया के उनकी हत्या की साजिश रचे जाने संबंधी दावे पर स्पष्टीकरण दे। 

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में कहा, ‘‘जब भारत में हिंदुत्व समर्थक लोगों को अपनी जान का भय हो, तो मोदी और अमित शाह को सामने आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। 

नई (भाजपा के नेतृत्व वाली) सरकार के सत्ता में आने के बाद एल के आडवाणी समेत कई लोगों की आवाज बंद हो गई है।’’ 

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल ने कहा कि अब यह देखा जाना बाकी है कि जब विहिप नेता ने आरोप लगाया है कि उन्हें चुप करने की साजिश रची गई थी, तो अब उन्हें क्या ‘उपाधि’ दी जाएगी।

संपादकीय में कहा गया है, ‘‘तोगड़िया ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं। जब उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सामने आकर न्यायपालिका में (केंद्र के) हस्तक्षेप का आरोप लगाया तो उन्हें राष्ट्र विरोधी और कांग्रेस के एजेंट करार दिया गया। देखना यह होगा कि प्रवीण तोगड़िया को अब क्या उपाधि दी जाएगी।’’ 

पार्टी ने दावा किया कि ताकत और दहशत का इस्तेमाल करके शिवसेना की आवाज को दबाने के लिए पहले कोशिशें की जा चुकी हैं। शिवसेना ने अपने मुखपत्र में कहा कि मंच से जोरदार भाषण देने वाले तोगड़िया जैसे नेता को आंसू बहाते और अपने जीवन के लिए भयभीत देखकर हैरानी होती है। संपादकीय में कहा गया, ‘‘हिंदुत्ववादी नेताओं वीर सावरकर और बालासाहेब ठाकरे ने कभी आंसू नहीं बहाए या अपनी बेबसी नहीं दिखाई। यह दु:ख की बात है कि हिंदुत्ववादी नेता समझे जाने वाले तोगड़िया की हालत ऐसी है कि उन्हें आंसू बहाने पड़े।’’


शिवसेना का बीजेपी पर हमला, कहा- सत्ता और धन के इस्तेमाल से दबाई जा रही विपक्ष की आवाज। इसमें कहा गया है, ‘‘क्या हत्यारे पुलिकर्मियों के वेश में तोगड़िया तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि राजस्थान और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को विहिप प्रमुख को गिरफ्तार करने के लिए पुलिसकर्मिर्यों को भेजे जाने की कोई जानकारी नहीं थी।’’ शिवसेना ने कहा, ‘‘हमने हिंदुत्व की लड़ाई कभी गुरिल्ला तरीके से नहीं लड़ी। हमारे लिए हिंदुत्व कोई खेल या राजनीति करने का जरिया नहीं बल्कि हमारा राष्ट्र धर्म है।’’

तोगड़िया को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। वह 15 जनवरी को उस समय लापता हो गए थे जब राजस्थान पुलिस की एक टीम सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर में दर्ज एक मामले में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अहमदाबाद गई थी। वह बाद में एक पार्क में बेहोश मिले थे और उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्होंने अस्पताल में एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि हिंदू समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण उन्हें चुप कराने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कुछ लोगों ने संदेश दिए थे कि उन्हें (फर्जी) ‘मुठभेड़’ में मारा जा सकता है। राजस्थान पुलिस तोगड़िया को जिस प्रकरण में गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी असल में वह प्रकरण को 3 साल पहले ही सरकारी स्तर पर खत्म हो चुका था। आश्चर्यजनक है कि  उसका रिकॉर्ड में दर्ज क्यों नहीं हुआ?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को शपथ

होगी विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं

श्रीगंगानगर, 18 जनवरी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 25 जनवरी 2018 को आठवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोहपूर्वक मनाया जायेगा। 

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने निर्देशित किया है कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी 2018 एवं इससे पूर्व सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विविध गतिविधियां वाद-विवाद प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, मॉक पोल का आयोजन किया जाये। साथ ही सभी राजकीय विभागों में राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ भी 25 जनवरी 2018 को प्रातः 11 बजे दिलवाई जायेगी। 

शपथ

हम भारत के नागरिक लोकतंत्रा में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते है कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगें।


बुधवार, 17 जनवरी 2018

करोड़ों के नोटों पर सोता था आनंद खत्री-3 बिस्तर :96करोड़ 66 लाख के:

कानपुर: नोटों का बिस्तर बना कर सोता था बिल्डर, NIA की छापेमारी में मिले 96 करोड़ के पुराने नोट

यूपी पुलिस ने मंगलवार (16 जनवरी 2018 को एक होटल और तीन अन्य ठिकानों पर छापा मारा था। इस मामले में आठ लोग पकड़े गये हैं। इसी के आधार पर स्वरुपनगर स्थित आनंद खत्री के घर छापेमारी की गई।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में नोटबंदी के बाद पुराने नोटों की अबतक सबसे बड़ी बरामदगी हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी और यूपी पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में 96 करोड़ 62 लाख के पुराने नोट बरामद किये हैं। NIA और यूपी पुलिस ने छापेमारी के दौरान नोटों के तीन बिस्तर बरामद किये हैं। इनका इस्तेमाल सोने के लिए किया जाता था। ये बरामदगी बिल्डर आनंद खत्री के घर से हुई है। NIA और यूपी पुलिस ने मंगलवार (16 जनवरी) को एक होटल और तीन अन्य ठिकानों पर छापा मारा था। इस मामले में आठ लोग पकड़े गये हैं। इसी के आधार पर स्वरुपनगर स्थित आनंद खत्री के घर छापेमारी की गई। कानपुर के एसएसपी एके मीणा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद इनके घर छापा मारा गया था। उन्होंने कहा कि इस बारे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और आयकर विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।पुलिस के मुताबिक इस व्यापारी ने दूसरे बजनेसमैन से भी एक्सचेंज के लिए नगदी जमा की थी। बता दें कि पिछले दिनों यूपी पुलिस ने मेरठ के एक बिल्डर संजीव मित्तल के लगभग 25 करोड़ रुपये के पुराने नोट जब्त किये थे। इसके बाद NIA को पता चला कि यूपी में कई छोटे-बड़े गिरोह इस काम में सक्रिय हैं।

यूपी पुलिस का यह भी कहना है कि गिरफ्तार किया गया एक शख्स का रिश्तेदार रिजर्व बैंक में नौकरी करता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं इस धंधे में सरकारी अधिकारी तो शामिल नहीं है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता करना है कि क्या ये लोग पुराने नोटों की बदली तो नहीं करते थे। रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक अब पुराने नोटों की बदली नहीं की जा सकती है।



मंगलवार, 16 जनवरी 2018

हज यात्रा सब्सिडी की तरह सरकार आरक्षण भी खत्म करदे



- करणीदानसिंह राजपूत -

भारत सरकार ने हज यात्रा करने वालों को दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करने का एलान किया है। क्या इसी तरह से मोदी सरकार संपूर्ण देश में आरक्षण को भी खत्म करने की घोषणा करेगी देश भर से उठ रही आरक्षण विरोधी आवाज को ध्यान में रखते हुए आरक्षण की समस्त प्रक्रियाओं को खत्म कर दिया जाना चाहिए क्योंकि आरक्षण को संविधान में केवल 10 साल के लिए ही लागू किया गया था हद यात्रा की सब्सिडी  अदालत के निर्देश पर 2022 तक खत्म करनी थी जिसे भारत की मोदी सरकार ने 2018 में खत्म करने की घोषणा कर दी । जब अदालत के निर्देश पर सब्सिडी खत्म करने के लिए यह कार्य उठाया जाएगा उठाया गया है तब आरक्षण खत्म करने के लिए भी संविधान के निर्देश पर कदम उठाया जा सकता है।

संविधान में आरक्षण केवल 10 साल के लिए ही लागू किया गया था जिसे सरकारें बढ़ाती चली गई और देश का एक बहुत बड़ा वर्ग उच्च शिक्षित होते हुए भी पिछड़ता चला गया।

आरक्षण को खत्म करने की मांग सालों से उठ रही है मगर केन्द्र व राज्य सरकारें विभिन्न जाति वर्गों को खुश करने के लिए वोट की राजनीति के हिसाब से आरक्षण को आगे से आगे बढ़ाती रही हैं।

क्या मोदी सरकार संपूर्ण देश के लिए कोई मार्गदर्शक कदम उठाते हुए आरक्षण को खत्म कर देगी? देश की जनता मोदी सरकार से बोल्ड कदम उठाने की प्रतीक्षा कर रही है।



दूरदर्शन के 272 रिले केन्द्रों को बंद करने का आदेश

प्रसार भारती ने दूरदर्शन के 272 रिले केन्द्रों को बंद करने के आदेश दिए हैं जो 12 फरवरी 2018 तक बंद कर दिए जााएंगे। सरकार देशभर में  230 हाई पावर ट्रांसमीटर और 400 एलपीटी को ही चालू रखना चाहती है।

दूरदर्शन एवं इसके क्षेत्रीय चैनल केवल सेटअप बॉक्स से ही देखे जा सकेंगे। नवीनतम तकनीक को टक्कर नहीं दे पाने के कारण प्रसार भारती ने देश के इन केन्द्रों को बंद करने के आदेश दिए। डिजिटल ट्रांसमीटर स्थापित करने की भी योजना बताई जा रही। आदेशों के अनुसार इन केन्द्रों को 12 फरवरी से पहले बंद करना है।

रिले केन्द्रों के बंद होने से इनकी रेंज में आने वाले सैंकड़ों गांवों के लोग मुफ्त में  दूरदर्शन चैनल का आनंद नहीं उठा सकेंगे। एक रिले केन्द्र से 20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले लोग लाभान्वित होते हैं। एक रिले केन्द्र की स्थापना में करीब 1 करोड़ रुपए खर्च हुए हए थे।


सोमवार, 15 जनवरी 2018

मोदी सरकार दम घोंटू-इंदिरा शासन था लोकतांत्रिक मानवीय-शिव सेना


शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र सामना के एक संपादकीय में कहा कि देश का दम घुट रहा था और न्यायाधीशों के आवाज उठाने के बाद अब वह आसानी से सांस ले पा रहा है।

उच्चतम न्यायालय के चार न्यायाधीशों द्वारा मामलों के चुनिंदा तरीके से आवंटन का मुद्दा उठाए जाने के बाद शिवसेना ने केंद्र पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि जो लोग लोकतंत्र की दुहाई देते हैं असल में वही उसे कमजोर कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि जो लोग पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर न्यायिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाते थे, वे आज सत्ता में हैं। साथ ही पार्टी ने कहा कि उनका (इंदिरा) शासन ज्यादा मानवीय और लोकतांत्रिक लगता था। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र सामना के एक संपादकीय में कहा कि देश का दम घुट रहा था और न्यायाधीशों के आवाज उठाने के बाद अब वह आसानी से सांस ले पा रहा है। भारत की न्यायापालिका को लेकर पिछले शुक्रवार से खलबली मची हुई है जब उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीश- न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर मामलों के आवंटन का मुद्दा उठाया था।

सामना ने कहा कि यह चार न्यायाधीशों द्वारा लोकतंत्र की मजबूती के लिए उठाया गया एक साहसी कदम है। राजग की इस सहयोगी पार्टी ने सवाल उठाया, ‘‘क्या यह प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के दवाब में आने और इन चार निष्पक्ष न्यायाधीशों को चुनिंदा सुनवाईयों से दूर रखने के संबंध में है?’’ 

पार्टी ने कहा कि जो लोग इंदिरा गांधी पर न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते थे, वे अब सत्ता में हैं। और अगर कई संवैधानिक पदों पर उठ रहे सवालों को देखा जाए तो इंदिरा का शासन ज्यादा मानवीय और लोकतांत्रिक मालूम होता है।

चीफ जस्टिस पर सुप्रीम कोर्ट के ही चार जजों ने ही उठाए सवाल, जानें इस पर किसने क्या कहा है


शिवसेना ने कहा, ‘‘आप (केंद्र) लोकतंत्र की बात करते हैं लेकिन असल में आप इसे कमजोर कर रहे हैं और देश में फिलहाल यही हो रहा है।’’ बता दें कि कुछ दिनों पहले ही पार्टी प्रमुख उद्भव ठाकरे ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) दीपक मिश्रा और न्याय प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ हुंकार भरने को लेकर जस्टिस जे.चेलामेश्वर समेत चार वरिष्ठ जजों की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि कानून को गूंगा और बहरा बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार को इस मामले में दखल नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा था, “उन जजों (चारों की) के फैसले की सराहना की जानी चाहिए। उन चारों के खिलाफ जांच बिठाए जाने की संभावना है। हालांकि, यह जांच निष्पक्ष होनी चाहिए।”

जन।सत्ता _15.1.2018.

गुरुवार, 11 जनवरी 2018

सूरतगढ़:ग्रामीण प्राइवेट बसों में टिकट नहीं-मर्जी का किराया,समय व रूट

- करणीदान सिंह राजपूत -

सूरतगढ़ से चलने वाली ग्रामीण प्राइवेट बसों में काफी समय से टिकट नहीं दिए जा रहे हैं। बसों का चलने का कोई समय निश्चित नहीं। जो समय बताया जाता है उसके बाद चलती है। बस अड्डे के बाहर निकल कर रुक जाती है फिर सड़क पर रुक जाती है और आगे धीमे धीमे चलती है।जिन लोगों को समय पर अपने अपने गांव पहुंचना होता है वे परेशानहोते हैं और आगे लिंक नहीं मिल पाते। बस संचालकों का किराया भी मन माना है इसलिए टिकट नहीं देते। दुर्घटना होने पर मालूम नहीं पड़ेगा कि कौन सवारी थी या कौन नहीं थी।बसों पर बसों के भीतर रूट चार्ट और किराया सूची लगाई जाने अनिवार्य होती है मगर वह नहीं है। एक परिचालक के रूप में यात्रियों से रूपये वसूल करते युवक से पूछा गया तो जवाब मिला कि टिकटें छपवाई ही नहीं। कमाल कारण लापरवाही भरा जवाब था।

यह सब परिवहन विभाग की मिलीभगत से ही संभव है कि बिना टिकट दिए ही बसें संचालित की जा रही है। प्रत्येक टिकट पर बस नंबर छपा होना अनिवार्य है। 

यह बड़ा घोटाला/ भ्रष्टाचार है। बिना टिकट संचालित हो रही बसों को सीज कर थाने में लगाया जाना चाहिए।

किस ग्रामीण रूट पर कितनी बसें हैं और उनका समय क्या है और क्या सभी बसें चल रही है। कम बसें संचालित कर यात्रियों को क्षमता से दुगना ठूंसा जाता है।

 ड्राइवर और कंडक्टर बस को लगाकर बाहर चाय की दुकानों पर बैठ जाते हैं। बस के अंदर बस के चलने का समय बताने वाला कोई नहीं होता कि बस कितने बजे चलेगी बस के ड्राइवर और कंडक्टर की कोई ड्रेस नहीं जिससे मालूम पड़ेगी बस का ड्राइवर कंडक्टर कौन है। जब बसों में क्षमता से अधिक यात्री भर जाते हैं तब रवाना की जाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इसकी शिकायत प्रशासन से करनी चाहिए और तुरंत ही इलाके के सरपंच व ग्रामीण सचिव से भी लिखित में दें ताकि यह भ्रष्टाचार रुक सके।

***********


सोहराबुद्दीन मुठभेड़ के ट्रायल जज बीएच लोया की मौत पर SC करेगा सुनवाई


सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले के ट्रायल जज बीएच लोया की मौत की जांच का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. महाराष्ट्र के एक पत्रकार बंधुराज संभाजी लोने ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार 12.1.2018 को इस मामले की सुनवाई करेगा। महाराष्ट्र के एक पत्रकार बंधुराज संभाजी लोने ने याचिका दायर की है।

जज लोया की मौत पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई है. दरअसल 2005 में सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात पुलिस ने हैदराबाद से अगवा किया गया था.

आरोप लगाया गया कि दोनों को मुठभेड़ में मार डाला गया. शेख के साथी तुलसीराम प्रजापति को भी 2006 में गुजरात पुलिस द्वारा मार डाला गया. उसे सोहराबुद्दीन मुठभेड़ का गवाह माना जा रहा था.

2012 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल को महाराष्ट्र में ट्रांसफर कर दिया और 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रजापति और शेख के केस को एक साथ जोड़ दिया. शुरुआत में जज जेटी उत्पत केस की सुनवाई कर रहे थे लेकिन आरोपी अमित शाह के पेश ना होने पर नाराजगी जाहिर करने पर अचानक उनका तबादला कर दिया गया. फिर केस की सुनवाई जज बी एच लोया ने की और उन्होंने भी अमित शाह के कोर्ट में हाजिर होने कार्यक्रम कहा। नवंबर 2014 में नागुपर में उनकी मौत हो गई थी. उनकी मौत संदिग्ध रही।


बुधवार, 10 जनवरी 2018

सूरतगढ़-क्रिकेट बुकी चलाते सुरेश धानुका व जुगल जसूजा पकड़े गए



सूरतगढ़ सिटी पुलिस की बड़ी कार्यवाही में सटोरियों को बड़ी रकम के हिसाब किताब व नगदी के साथ गिरफ्तार किया गया । थानाधिकारी सीआई निकेत पारीक के निर्देश पर यह बड़ी कार्यवाही की गई। 

सब इंस्पेक्टर कलावती चौधरी ने की यह कार्यवाही की।

 पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। उसके आधार पर  कार्रवाई करते हुए वार्ड नंबर 14 के एक मकान में छापा मारा | पुलिस ने  मौके पर  बिग बैस सीरीज  20-20  के मैच में सट्टा करवा रहे सटोरिये सुरेश धानुका और जुगल किशोर जसूजा को पकड़ा। पुलिस ने सटोरियों के कब्जे से एक लैपटॉप , एक कंप्यूटर और 7 मोबाइल जप्त किए | सटोरियों के पास से बड़ा  हिसाब  भी मिला है| 

सूरतगढ़  शहर में क्रिकेट सट्टा लगने की चर्चाएं आम थी।  मकान किसका है जिसे इस्तेमाल किया जा रहा था के बारे में कोई खुलासा नहीं हुआ है।

सूरतगढ़ 10.1.2018.

मंगलवार, 9 जनवरी 2018

ऐसा शानदार था अपणा अतिक्रमण

- करणीदान सिंह राजपूत-

अपने अतिक्रमण की फोटो जरूर खिंचवालें ताकि बाद में याददाश्त के रूप में जब चाहे देख सकें। फोटो खिंचवाई हुई होगी तो उसे फ्रेम करके बैठक में भी लगा सकेंगे ताकि आप के खास लोग जब घर में आएं तो वे भी याददाश्त के रूप में चर्चा कर सकें। आप बखान कर सकें कि क्या अतिक्रमण था! क्या खूबसूरती थी! कितने दिल से अतिक्रमण किया था! संगमरमरी! ट्रक मंगवाया था और यहीं कटवाया,पास में खड़े खड़े। खास मिस्री से लगवाया जिसने दुगनी मजदूरी ली। घिसाई भी शानदार। घर के आगे क्या चौंतरा था!

चर्चा में कह सकेंगे कि मैं JCB के आगे खड़ा हो गया था। दो घंटे तक तो मुंसपैलिटी वालों को पास में फटकने नहीं दिया था।

और दो घंटे JCB नहीं चलाने दी लेकिन क्या करता? खाकी का लिहाज करना पड़ गया। थानेदार की हाथाजोड़ी के कारण जेसीबी के आगे से हट गया।थानेदारी का लिहाज कर गया वरना किस की हिम्मत होती। और वह तो मैंने खुद ने ही कहा कि चला दो जेसीबी।मेरी अनुमति के बिना नहीं चली।साफ साफ कह दिया था कि चौंतरे के अलावा मकान के मामूली खरोंच भी नहीं लगनी चाहिए। थोड़ी सी देर के लिए पानी पीने चला गया कि मेनगेट के जेसीबी ठोक दी।

कौन माथा मारे सोचकर नहीं बोला। पार्षद धक्के चढ गया। उसे तो खूब खरी खोटी सुनाई।सुनता रहा बोला नहीं। बोलता तो खैर नहीं थी। अपण कोई ताकत में कमजोर नहीं थे।

 मैंने कह डाला कि याद रखना मेरा जिस दिन पावर चल गया उस दिन तुम्हें मजा जरूर चखाउंगा। दिन में तारे दिखाऊंगा। क्या समझते हो।

अरे! तुम 2 दिन के बाद  यहां मेरे दरवाजे पर वोटो की भीख मांगते हुए नजर आओगे। फिर मैं तुम्हें बताऊंगा कि मेरी पावर क्या है?आज तो तुमने तोड़ दिया मेरा कब्जा!

 लेकिन राजनेताओं का नहीं छेड़ा। सत्ताधारियों को नहीं छेड़ा।

कोई बात नहीं आज उनकी चली। कल किसी और पार्टी की सत्ता होगी तो  आज के सत्ताधारियों का नंबर जरूर लगवा दूंगा। क्या समझे।

हमारे में भी इतनी पावर तो होगी ही।जहां तक फोटो खिंचवाने का सवाल है तो इसमें कोई खास बात नहीं। एक क्या कई फोटो खिचवा लेंगे।कई कोणों  से खिचवा लेंगे। फोटोग्राफर की भी जरूरत नहीं है। मोबाइल कैमरा है हमारे पास। मोबाइल से खींच कर के रख लेंगे।

फोटो होगी तो याददाश्त भी रहेगी।

मैं घर के आगे डटा रहा और मुंसपैलिटी वाले शौ रूम को खिंडा गये। दस फुट ही आगे था। मौके पर होता तो सच्च में फौजदारी हो जाती। लेकिन मजा आ गया कि शौ रूम पड़ोसी का भी खिंड गया। पूरी सड़क के साफ हो गए। अपणै अकेले को कोई नहीं सुणा सकता।

8.7.2017.

अपडेट  9.1.2018.


गंगागनर रै लोगां नै सांस आयौ:सूरतगढ़ मांय कद तांई घुटता रैस्यां:


भोळू राजस्थानी री नुंई बातां
======
-आ भाईड़ा भोळू राजस्थानी। कठै कठै घूमी घामी कर आयौ।
-हूं,भाई जी लारला बीस दिनां सूं गंगानगर मांय भटकतो फिरतो दिन रात सड़कां नापी।
-आ किंकर होई।
- अब कांई बताऊं। राजा भाईजी सागै गंगानगर उठ ग्यौ। बै पाटी्र री मीटिंग मांय चला ग्या अर हूं घणी ताळ बाट जोवतौ सड़क पर आयौ अर गंगासिंघजी री मूरती खनै खड़्यौ बियारै चेरै नै देखण लाग ग्यौ। खासी ताळ बाद पूठो आयौ। ना राजा भाईजी मिल्या अर ना बिंयारी कार मिली।
आपणी जेब खाली री खाली। आपां कद काम धंधौ करयौ। बिना पीसा ना रेल अर ना बस।
-अरै भोळू तूं तो भोळू रो भोळू ही रैयो। कीं रै कने सूं पीसा मांग तांग आ जावतौ।
-मांगतो किण सूं। बठै कोई जाण पिचाण आळौ मिलतो जणा तो मंग लेवतो। अणजाण क्यूं देवै। पण भाईजी बुरो ना मान्या। एक बात कैयदूं। आत तक किण कनै सूं मांग्या कोनी। जै नट जावै तो मरणो हो जावै। पचास साठ रूपियां वास्तै सारी ईज्जत रो धेलो हो जावै। इण वास्तै किण सूं मांग्या कोनी। आज दोपारै सूरतगढ़ रो एक भळमानुस मनै देख लियौ अर आपरै टरक मांय बिठालायौ।
-भोळू तूं इत्ता दिन गंगानगर री सड़कां नापी। कांई कांई देख्यौ सुण्यौ।
-भाईजी बठै रा लोग कैवता सुणीजै हा,कै अब कीं खुलौ सांस आवणो सुरू होयो है। कब्जा धब्जा हटणा सुरू होवण सूं सड़कां चौड़ी होवण लागी है। अै बातां सुण सुण हूं भी बठै देखण चल्यौ ग्यौ। लोगां री बातां तो साची है। खुली खुली सड़कां माथै घूमण रो मजो तो आवै।
-बडगर नेता राधेश्याम बाबूजी अर अजय चांडक जी आळी सड़क माथै भी घूमणो होयो कांई। आजकाळै दोनूंआ री घणी घणी बातां अर सिमचार पर सिमचार अर खबरा माथै खबरां।
-भाईजी थै भी हो भोत काईंयां। अै बातां हूं खुद बतावण वाळौ हो पण थै पैलां पूछ ली।
-देख ले,भोळू तूं जकी बात सोचै बाई बात हूं भी सोचूं। आपां दोनूं री यारी इण वास्तै ही मजबूत है।
-भाईजी चा रो ओरडर दो। सागै चा पीतां रैवांगा अर सागै सागै चरचा करता रैवांगा।
-चा रै सागै टांगर भुजिया कैयदूं।
-वाह भाईजी,सोनै माथै सुहागो।
चा आयगी अर चा रै सागै मोटा मोटा भूजिया। गजब रो सुवाद।
- हां तो भोळू अब चालूं करदै।
- भाई जी बाऊजी राधेस्याम जी री अर अध्यक्ष अजय चांडकजी री चाली कोनी। दोनुआं री हालत जमालघोटो लियौड़ी रही। घरां सूं बारै कोनी निकळया। ना जाणै कणा दस्त री पिचकारी छूट जावै। एक रे बाद एक डागदर इलाज करण सारूं  बुलाया। डागदरां भी हाथ ऊंचा कर दिया अर बोल्या कै जकी गंदगी भरी पड़ी है बा निकळ जावण दो। जै सगळौ गंद नहीं निकळयौ तो जेर बण जावैगो अर हरेक छोटो बडो बीं जेर नै हिलावतो रैसी। आ बात दोनूं मानी। अर जकां जकां रै ओ रोग लाग्योड़ौ हो बै सगळा भी मानी। भाईजी गंगानगर मांय तो हालत आ हो रैई है कै अब लोग बाग आपै मती आ दुवाई लेवण लाग रैया है। भाईजी मजौ तो भोत आवण लाग रेयौ हो। जी तो करण लाग रेयौ हो कै कई दिनां तक गंगानगर मांय औरूं रैवूं पण सूरतगढ़ रो साथ हो जणै देरी कोनी करी।
- तेरे कैवण रो ओ मतलब है कै गंगानगर रै बाऊजी दवा सूं ठीक हो ग्या।
-लोगां री जबान सूं जकी बातां निकळती हूं सुणी बै थानै बताई है। न कोई हसल न कोई पाई। आपणी तरफ सूं कीं नीं जोड़ी।
- गंगानगर रा लोग अब सांस सोरो सोरो लैवण लाग ग्या। ओई मतलब है।
- बस थै ठीक समझ ग्या।
-भोळू चा ओर मंगाऊं।
-नहीं भाई जी। भाई जी....।
-भोळू थारै दिल मांय कीं फस्योड़ौ लागै। निकाळ फेंक बारै।
-भाई जी,एक बात म्हारेै अंतस मांय फदक फदक कर रैयी है।
-भोळू तूं जकी बात है बिनै बारै फदका दै।
-भाईजी,आपणै सैर मांयनै भी सांस लेणौ दोरो हो रेयौ है। सड़कां माथै चालणो दोरो। सारा सारा दिन जाम लागता रेवै। अर बां सूं गाडिय़ां घघावै जणा पटरोल डीजल री बास। चलो भाई जी। थै म्हारा कछिया यार हो थानै तो कैय दूं। आपणा राजा भाई जी जमालघोटो खुद लैसी या कोई डागदर रै कैवण बाद लैसी।
-भोळू तं अब कीं ज्यादा बोलण लाग ग्यौ। अब जा।
- भाईजी लोग तो आपणै सैर मांय कहवण तो लाग ग्या कै राजाभाईजी तो कोरट रै रूके मांय जकी दवा लिख्यौड़ी होसी बा ही मानसी अर बा दवाई लैसी।
- अब तूं जल्दी सूं खिसक जा।
- भाईजी लोग कैहवै है कै हरचंदो वकील कीं करण लाग रैयो है।
- अब तूं टाप लगा। मनैं दुकानदारी करण दै। एक बात आच्छी तरियां सुण लै। जकां रो राज है बियांरो आज है। पावर राजाभाई कनै है अर वसुंधरा रो सिर माथै हाथ है। तूं हरचंदो हरचंदो करतो फिरै। जे दम है तो हरचंदो छींट क्यूं कोनी फाड़ै। जोधपुर क्यूं कोनी जावै। बो तो बड़ो बकील है अर राजनीति रो खिलाड़ी है। बो वसुंधरा नै शिकयतां करै है अर वसुंधरा राजा एक पार्टी एक सरकार है।
-भाई जी थै सारो कीं राजा माथै ना ढोळो अर म्हारी बातां रो मतलब अकेले राजा सूं ना निकाळो। राजा भाई सूं बता लोग बिराजै है। जै खुली हवा मांय सांस लेवण री बात है तो अठै घणा बाऊजी है। देखां सूरतगढ़ मांयनै कांई होसी। हूं चालूं। रामीराम।

update 9-6-2016.
अपडेट 9.1.2018.
 

सोमवार, 8 जनवरी 2018

पद्मावत' रिलीज को लेकर चल रही कवायद के बीच राजपूत समाज ने हूंकार भरी है और सरकार को चेतावनी दे डाली है। राजपूत समाज ने कहा है कि यदि फिल्म रिलीज के प्रयास किए, तो सरकार को राजपूत समाज वोट के माध्यम से कड़ी चोट पहुंचाएगा। करणी सेना गुस्से में है।

जयपुर स्थित राजपूत सभा भवन में आज 8.1.2018 को राजपूत समाज की ओर से हुई प्रेस कांफ्रेंस में राजपूत समाज ने राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार को फिल्म रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी है और भाजपा को राजस्थान के  उपचुनावों में सबक सिखाने की बात की गई।

राजपूत समाज के गिरिराज सिंह लोटवाड़ा ने कहा कि पद्मावती हमारे सम्मान से जुड़ा विषय है। हमने इस फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध करने की सरकार से मांग की है। अगर सरकार इसकी रिलीज पर रोक नहीं लगाती है तो उपचुनावों में भाजपा का विरोध किया जाएगा।

गौरतलब है कि राजस्थान में दो लोकसभा सीटों व एक विधानसभा सीट पर इसी महीने उपचुनाव हैं और राजनीतिक माहौल बना हुआ है। साथ ही, राजस्थान में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। अतः ये चुनावी वर्ष भी है। राजपूत समाज ने कहा है कि यदि फिल्म रिलीज के प्रयास भी हुए, तो राजपूत समाज द्वारा भाजपा को वोट नहीं डाले जाएंगे।

इस संवाददाता सम्मेलन में सांवराद प्रकरण में संघर्ष समिति की ओर से कहा गया कि प्रकरण में हुए समझौते का उल्लंघन किया गया है। उसके मुताबिक सरकार सांवराद प्रकरण के मुकदमे वापिस लेती, स्थानीय पुलिस से संबंधित अधिकारियों  को हटाकर जांच करवाती और केवल आनंदपाल प्रकरण की सीबीआई जांच की अनुशंसा करती। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके उलट भाजपा सरकार ने दमकारी कदम उठाया है।

समाज की ओर से आयोजित की गई प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि उपचुनावों के दौरान सभी बातों का ध्यान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 'पद्मावती' विवाद के ​बीच साफ कहा है कि राजस्थान में इसे रिलीज नहीं होने दिया जाएगा। राजे ने कहा है कि रानी पद्मिनी का बलिदान प्रदेश के मान-सम्मान और गौरव से जुड़ा हुआ है, उनकी मर्यादा को हम किसी भी सूरत में ठेस नहीं पहुंचने देंगे।

उदयपुर में आज मीडिया से बाचतीत में वसुंधरा राजे ने कहा कि, मैंने पहले भी कहा था और ​अब फिर कह रही हूं, राजस्थान में यह विवादित फिल्म रिलीज नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य में पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा। यह फिल्म प्रदेश के किसी भी सिनेमाघर में नहीं दिखाई जाएगी।

राजे ने कहा कि रानी पद्मिनी हमारे लिए सिर्फ इतिहास का एक अध्याय भर नहीं, बल्कि हमारा स्वाभिमान है। गौरतलब है कि विवाद के बाद फिल्म 'पद्मावती' का नाम 'पद्मावत' कर दिया गया है। पहले जब ये फिल्म गत दिसम्बर में रिलीज होने वाली थी तब भी सीएम वसुंधरा राजे ने कहा था कि ये फिल्म राजस्थान में रिलीज नहीं होगी।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पद्मावती विवाद को देखते हुए इस मामले में पहले ही केंद्र सरकार को पत्र लिखा था।

+

 गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहले ही केन्द्र सरकार को विवादित फिल्म पद्मावती को राजस्थान में रिलीज नहीं करने के लिए पत्र लिख चुकी हैं।

 विदित रहे कि संजय ​लीला भंसाली ने इस फिल्म की रिलीज तारीख 25 जनवरी 2018 तय की है। उन्होंने इस विवादित फिल्म का नाम पद्मावती से बदलकर पद्मावत किया है। इसके बाद यह मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। करणी सेना समेत​ विभिन्न राजपूत संगठनों ने राजस्थान ही नहीं देश में कहीं भी इसे रिलीज नहीं होने की चेतावनी दी है। इस विवाद के बीच सीएम राजे ने आज एक बार फिर सरकार का इस फिल्म को लेकर रूख स्पष्ट किया है।

पुस्तकालयों​ का महत्व मंदिर मस्जिद गुरूद्वारों से कम नहीं- मनोज स्वामी राजस्थानी साहित्यकार

- करणीदानसिंह राजपूत- 

सूरतगढ़। चक 18 एसपीडी के पंचायत घर में सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना समारोह पूर्वक की गई। यह शुभ दिन 7 जनवरी 2018 था। 

पुस्कालयों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मनोजकुमार स्वामी ने कहा कि पुस्तकालयों का महत्व मंदिर मस्जिद गुरूद्वारों से कम नहीं आंका जा सकता। पुस्तकें समाज की पथ प्रदर्शक और सबसे बड़ी व सच्ची दोस्त होती हैं।

कवि हृदय राजेश चड्ढा ने कहा कि पुस्कालयों से निकलने वाले ही जिन्दा हैं। उन्होंने शब्द की महिमा का वर्णन करते  शब्द को ब्रह्म बताते कहा कि पढें जरूर चाहे किसी भी भाषा में लिखा पढ़ें।

 साहित्यकार प्रहलाद राय पारीक ने बताया कि किताबें सबसे बड़ी प्रेरक होती है। 

 व्याख्याता राजेन्द्र छींपा ने कहा कि पढ़ने की रूचि का विकास सही मायने में पुस्तकालयों से  ही होता है। 

वकील विष्णु शर्मा ने कहा कि पुस्तकों पर आए संकट को दूर करना हमारा कर्तव्य है।

कार्यक्रम की अध्यक्ष संरपच श्रीमती विनोद कुमारी भाटी ने कहा कि यह गांव में नया फूल खिलाने का प्रयास है जिसमें सभी का सहयोग जरूरी है।

पंच निकूराम मूड व रामकुमार छींपा, सुखराम मंचासीन थे।

संयोजन कर रहे सेलेब्रिटी ख्याली सहारण ने अपने जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग पुस्तकों के महत्व चर्चा करते हुए अपने अदाज में खूब मनोरंजन किया।

साहित्यकारों ने पुस्तकें भेंट की।




रविवार, 7 जनवरी 2018

आपातकाल लोकतंत्र रक्षा सेनानियों को राष्ट्रीय पर्वों पर ससम्मान आमंत्रित किया जाएगा




सूरतगढ़, श्रीगंगानगर व अन्य स्थानों की सम्मान निधि प्राप्त करने वालों के नाम

 - करणीदानसिंह राजपूत -

आपातकाल में लोकतंत्र बचाने वाले लोकतंत्र रक्षा सेनानियों को राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवसों पर जिला समारोह में सम्मान सहित आमंत्रित किया जाएगा 

जिला स्तरीय समारोहों में आमंत्रित करने के लिए जिला कलेक्टरों को राजस्थान सरकार ने निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 5 जनवरी  2018 को यह आदेश समस्त जिला कलेक्टरों को भिजवाया गया है।


प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा लगवाए गए आपातकाल 1975 से 77 तक में विरोध करने पर  राजनीतिक व सामाजिक कारणों से जागरुक नागरिकों को मीसा रासुका वह सीआरपीसी  की विभिन्न धाराओं में जेलों में बंद कर दिया गया था। 

राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शासन में सन 2008 में मीसा  रासुका बंदियों को पेंशन देने का नियम बनाया लेकिन सरकार बदलने के बाद कांग्रेस की सरकार ने वह लागू नहीं किया। 

इसके बाद सन 2013 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सन 2014 में मीसा रासुका बंदियों को लेकर 1 जनवरी 2014 से पेंशन सुविधा शुरू की। प्रतिमाह ₹12000 पेंशन और 1200 चिकित्सा के लिए दिए जाने लगे। सन 2017 दिसंबर में इस पेंशन का नाम बदल दिया गया और मीसा रासुका बंदी रहे जागरुक लोगों को  नया नाम लोकतंत्र रक्षा सेनानी  प्रदान किया गया। 

वह पेंशन का नाम भी बदल दिया गया सम्माननीय निधिकर दिया गया।


अब लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को जिला स्तर पर आयोजनों में जिला कलेक्टर की ओर से ससम्मान आमंत्रित किया जाएगा।

 विदित रहे थे श्रीगंगानगर जिले में लोकतंत्र रक्षा सेनानियों में 26 लोगों को यह सम्मान निधि मिल रही है।

श्रीगंगानगर मुख्यालय के अलावा सूरतगढ़ व अन्य स्थानों पर लोकतंत्र रक्षा सेनानी निवास कर रहे हैं। 

सूरतगढ़ में 1.बलराम वर्मा जो वर्तमान में कांग्रेस में जिला उपाध्यक्ष हैं।2. लक्ष्मण शर्मा माकपा नेता हैं। 3 नेमीचंद छिंपा पूर्व पार्षद हैं। 4. महावीर प्रसाद तिवारी सेवानिवृत्त कर्मचारी और वर्तमान में क्रांतिकारी नेता हैं। 5.सुगन पुरी राजस्थान में शिक्षक हैं। 7.हनुमान मोटियार ग्राम सचिव हैं।

8.गोप सिंह सूर्यवंशी स्वर्गवासी हो चुके हैं व उनकी पत्नी श्रीमती रोमिला को सम्मान निधि मिल रही है।

श्री गंगानगर वह अन्य स्थानों में निवास कर रहे माननीय लोकतंत्र रक्षा सेनानी व स्वर्ग वासियों की वीरांगनाओं के नाम निम्न हैं।

8. लीलाधर सेन रामदेव कॉलोनी, श्री गंगा नगर।

9.रामस्वरूप मांझू रिड़मलसर।

10.श्रीमती शांतिदेवी पत्नी स्व.उदाराम चक 4 जेएसडी बुगिया।

11.रामकुमार पुत्र मोहनलाल कीकरवाली रायसिंहनगर। आंदोलन में सूरतगढ़ में गिरफ्तारी दी थी।

12.श्रीमती कैलाशवंती पत्नी स्व.रामप्रकाश सूढ़ा वासुदेवनगर श्रीगंगानगर।

13. मदनलाल श्रीगंगानगर।

14. श्रीमती सावित्री पत्नी स्व.श्रीराम शर्मा दुर्गा विहार श्रीगंगानगर।

15.श्रीमती प्रकाश देवी पत्नी मिल्ख राज श्रीगंगानगर।

16. भंवरलाल भार्गव देवनगर श्रीगंगानगर।

17. एडवोकेट हुलासमल चौपड़ा  अग्रसेन नगर श्रीगंगानगर।

18.मंजुबाला टांटिया पत्नी गोविंदराम टांटिया आनन्द विहार श्रीगंगानगर।

19.श्रीमती सरोज चुघ स्व.श्याम चुघ महाराणा प्रताप कॉलोनीश्रीगंगानगर। श्याम चुघ पत्रकार थे।

20.गंगाराम अरोड़ा जवाहर नगर श्रीगंगानगर।

21.द्वारका प्रसाद पुरानी धानमंडी श्रीगंगानगर।

22.लक्ष्मीनारायण कालड़ा मुकर्जीनगर श्रीगंगानगर।

23.श्रीमती लक्ष्मीदेवी पत्नी ओमप्रकाश अग्रवाल अशोकनगर श्रीगंगानगर।

24.दीनदयाल अरोड़ा आदर्शनगर श्रीगंगानगर।

25.श्रीमती त्रिवेणी देवी पत्नी स्व.मदनलाल श्रीबिजयनगर। मदनलाल ने भी आंदोलन में सूरतगढ़ में गिरफ्तारी दी थी।

26.डा. सुरेंद्र कुमार गुप्ता। वर्तमान में ऐलनाबाद ( हरियाणा) में निजी चिकित्सालय चला रहे हैं।

विस्तृत जानकारी कलक्टर श्रीगंगानगर कार्यालय से प्राप्त हो सकती है। 

 इनके अलावा सीआरपीसी बंदी रहे लोकतंत्र रक्षा सेनानियों को भी सम्मान प्रदान किए जाने के लिए विभिन्न संगठन सक्रिय हैं।

गुरुवार, 4 जनवरी 2018

सूरतगढ़: भाजपा राज में भ्रष्टाचार हुआ-पीएम सीएम की घोषणाएं झूठी साबित हुई- गगनदीप विडिंग


- करणीदानसिंह राजपूत-

 सूरतगढ़ 4 जनवरी 2018.

युवक कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष गगनदीप सिंह विडिंग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर घोषणा की कि  युवक कांग्रेस संपूर्ण क्षेत्र में गांव और शहर के प्रत्येक वार्ड में पोल खोल अभियान चलाएगी जिसमें जनता को वर्तमान भाजपा राज के बारे में बताया जाएगा।

 विडिंग आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार के 4 साल बीत गए हैं और केंद्रीय सरकार के करीब साढ़े तीन साल बीत गए प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में बहुत कुछ कहा लेकिन वह भाषण जुमले साबित हुए। जनता को रोजगार नहीं मिला लेकिन नोटबंदी और जीएसटी के कारण हजारों कल-कारखाने व्यवसायिक क्षेत्र बंद हो गए जिनके कारण लाखों लोग बेरोजगार हो गए। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की गई जिससे किसान दुखी हैं। किसानों को 7 घंटे बिजली देने की घोषणाएं पूर्ण नहीं हुई घरेलू बिजली भी पूरी नहीं दी जा रही। हालात बड़े नाजुक हैं। 

बैंकों ने जीरो बैलेंस के नाम पर पेनाल्टी लगा कर गरीबों से करोड़ों रूपए वसूले।

राजस्थान सरकार सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन को बेचने की तैयारी में है जिसके कारण यहां बार-बार उत्पादन रोका जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रिफाइनरी का उद्घाटन पीएम ने किया जो कि पूर्व में किया जा चुका था। इतिहास में इस प्रकार का कार्य घटियापन का उदाहरण है।

सूरतगढ़ परेशान है सीवरेज के नाम पर पूरे शहर की हालत खराब कर दी गई। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ओवर ब्रिज अंडर ब्रिज और सीवरेज स्कीमों के लिए खुद की पीठ थपथपा रही है लेकिन सच्चाई यह है कि यह स्कीम कांग्रेस राज में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में स्वीकृत हो चुकी थी। 

उन्होंने कहा कि शहर में दुकानदारों और रेहड़ी वालों की समस्या को भाजपा की सरकार नेता हल नहीं करना चाहते। दोनों वर्ग शहर के निवासी हैं और दोनों को ही अपने व्यवसाय से पेट पालना है। प्रशासन चाहता तो दोनों को राजी कर समस्या का निपटान कर सकता था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

 शहर के अंदर चप्पे-चप्पे पर अव्यवस्था है। सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंदर जो हालात है उसके लिए युवक

कांग्रेस की ओर से गांव और शहर के समस्त वार्डों पोल खोल अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति को इस अभियान में सजगता के लिए तैयार किया जाएगा।

***********************


मंगलवार, 2 जनवरी 2018

वकील हरचंदसिंह सिद्धु की गिरफ्तारी- अभिभाषक संघ द्वारा निंदा-राजियासर थाना अधिकारी गणेशाराम को हटाने की मांग

 

- करणी दान सिंह राजपूत -

 सूरतगढ़ 2 जनवरी 2018.

 न्यायिक अभिभाषक संघ सूरतगढ़ की आज हुई बैठक में वरिष्ठ वकील सरदार हरचंद सिंह सिद्धू को राजियासर पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किए जाने की निंदा की संघ ने पुलिस विभाग से इस घटना की गई व जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून सम्मत कार्यवाही की मांग की गई व चेतावनी दी कि ऐसा नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे।

 अभिभाषक संघ ने कहा कि वरिष्ठ वकील सरदार हरचंद सिंह सिद्धू को थाना अधिकारी गणेशाराम ने अपमानित करने की नीयत से गिरफ्तार किया। सरदार हरचंद सिंह सिद्धू उनके ड्राइवर राजेंद्र कुमार व एक अन्य किशनलाल स्वामी 25 दिसंबर 2017 को राजियासर पुलिस स्टेशन गए थे। थाने में दाखिल होते ही थाना अधिकारी गणेश कुमार व कुछ स्टाफ ने गाली गलौज करते हुए धक्का मुक्की करके किशन लाल को हवालात में बंद कर दिया। ड्राइवर राजेंद्र वहां गया तो उसको भी बंद कर दिया गया और उसके बाद वरिष्ठ वकील हरचंद सिंह सिद्धू को गिरफ्तार किया गया।

अभिभाषक संघ ने थानाधिकारी गणेशाराम व संबंधित स्टाफ को राजियासर से हटाने की मांग की है।

अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गोपी राम गोदारा की अध्यक्षता में हुई बैठक में थाना अधिकारी की इस कार्यवाही की निंदा की गई। इस प्रस्ताव की प्रतियां मुख्यमंत्री, गृह मंत्री,महानिदेशक पुलिस जयपुर, महा निरीक्षक पुलिस बीकानेर, संभागीय आयुक्त बीकानेर, जिला कलेक्टर श्री गंगानगर, जिला पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर,बार काउंसिल ऑफ राजस्थान को भिजवाई गई है।

विदित रहे कि स. हरचंद सिंह सिद्धू 2 बार विधायक रह चुके हैं।


सुख-समृद्वि के लिये हुआ श्रीबालाजी बगीची में हवन - पूर्णिमा के मौके पर उमड़े श्रृद्धालु



श्रीगंगानगर। सिद्धपीठ श्रीझांकीवाले बालाजी मंडल की ओर से जिले की सुख-शांति व खुशहाली के लिए आज पूर्णिमा के मौके पर श्रीबालाजी बगीची में हवन-यज्ञ किया गया। मंडल के मुख्य सेवादार प्रेम अग्रवाल गुरूजी ने बताया कि सुबह 8 बजे मंदिर प्रांगण में रामनाम संकीर्तन किया गया, इसके बाद  9 बजे बगीची में ब्राह्मणों के सानिध्य में वैदिक मंत्रों के बीच जिले की खुशहाली के लिए हवन-यज्ञ हुआ। जिसमें यजमानों ने हवन में आहुतियां दी। उन्होंने बताया कि हवन के बाद श्रीबालाजी महाराज की आरती की गई तथा प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर प्रधान सुरेन्द्र चौधरी, प्रेम अग्रवाल गुरूजी, सुरेन्द्र सिंगल, मदनगोपाल अग्रवाल, शंकर अग्रवाल, राजीव मिड्ढा, सुनील उतरेजा, हवन यज्ञ प्रभारी रामचन्द्र मोदी, योगेंद्र वधवा, पवन राजपाल, राजू चौहान, मीडिया कोर्डिनेटर लक्ष्मीकान्त शर्मा, श्रवण पारीक, राजकुमार जैन, अनिल मल्होत्रा सहित काफी संख्या में श्रृद्वालूगण मौजूद थे। वहीं इस दौरान आसपास की मंडिय़ों व पंजाब क्षेत्र से भी पूर्णिमा के मौके पर भक्तगण बाबा के धोक लगाने पहुंचे।


गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से नेताओं द्वारा इस्तीफा नहीं मांगना शर्मनाक-पुलिस द्वारा अश्लील फोटो लेने का सीरियल कांड

- करणीदानसिंह राजपूत -

राजस्थान के बीकानेर संभाग में महाजन पुलिस थाने की जैतपुर पुलिस चौकी स्टाफ द्वारा लोगों को पकड़कर औरत के साथ अश्लील फोटो खिंचाने और ब्लैकमेलिंग करने का मामला पकड़े जाने का समाचार नव वर्ष 2018 के प्रथम दिन समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। 

पुलिस द्वारा इससे अधिक घिनौना कार्य क्या होगा? पुलिस चौकी का स्टाफ लोगों को पकड़े और पुलिस की पहचान वाली औरत के साथ जबरदस्ती अश्लील फोटो खींचे और फिर लोगों को हजारों लाखों में ब्लैकमेल करें। 

एक घटना 31 दिसंबर 2017 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चौकी श्रीगंगानगर के द्वारा पकड़ी गई। स्टाफ के मोबाइल में अनेक लोगों के साथ अश्लील फोटो खींचे हुए सामने आए। पुलिस द्वारा यह हरकत बहुत ही शर्मनाक है और यह कार्य चौकी का स्टाफ धड़ल्ले से कर रहा था।

 यह समाचार राजस्थान में ही नहीं बाहर के समाचार पत्रों में भी छपा चैनलों पर भी प्रसारित हुआ लेकिन आश्चर्यजनक और शर्मनाक है कि क्षेत्र के राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की तरफ से गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया से इस्तीफे की मांग नहीं हुई। 

राजनीतिक लोग नववर्ष के पहले दिन की बधाइयां टेलीफोन पर और सोशल मीडिया में देने में लगे रहे। वे लोग जो सत्ता में है वे भी चुनाव की तैयारियों में है।

 प्रतिपक्ष के लोग जो वसुंधरा राजे की सरकार को कोसने में लगे हुए हैं, जबानी विरोध करने में लगे हुए हैं। किसी ने भी इस घटना के पकड़ में आने के बाद गृह मंत्री से त्यागपत्र की मांग नहीं की। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 4 वर्ष पूरे कर चुकी है और पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार अनैतिकता पर लगभग रोजाना ही समाचार छपते रहते हैं। राजस्थान के गृह मंत्री कहते हैं कि अपराधों में कमी आई है लेकिन जब पुलिस ही घिनौने अपराध करने में लग जाए तब कैसे माना जाए कि राजस्थान में अपराधों में कमी आ गई? लोगों को जबरदस्ती घिनौने अपराध के अंदर फंसाने के लिए औरत के साथ अश्लील फोटो खींचे जाएं। इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है?

एक तरफ तो भारतीय जनता पार्टी नारी सम्मान की बात करती है और दूसरी तरफ उसी भाजपा की सरकार की पुलिस ब्लेकमेलिंग अपराध के लिए नारी का  इस्तेमाल करे। 

भारतीय जनता पार्टी की सरकार है इसलिए उसे चाहे जितना कोसें आरोप लगाए उसके नेताओं को फुर्सत नहीं है। लेकिन प्रतिपक्ष के नेताओं को भी बख्शना उचित नहीं होगा।

जैतपुर पुलिस चौकी के आसपास का क्षेत्र श्री गंगानगर हनुमानगढ़ बीकानेर चूरू जिलों  का पड़ता है, कम से कम इस क्षेत्र के  नेताओं और कार्यकर्ताओं को तो गृहमंत्री मंत्री गुलाब चंद कटारिया से त्याग पत्र की मांग करनी चाहिए थी। यह पुलिस चौकी महाजन थाना क्षेत्र की है। महाजन का थाना अधिकारी, इस क्षेत्र का पुलिस उपाधीक्षक किस तरह का सुपर सुपरविजन करते रहे? क्यों इस चौकी के स्टाफ पर नजर नहीं रखी गई? यह ढील अनदेखी अत्यंत गंभीर है और इनके विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए। बीकानेर में पुलिस महानिरीक्षक पद स्थापित हैं,क्या उन्होंने पुलिस को बिल्कुल अनदेखा कर दिया है?

सोमवार, 1 जनवरी 2018

राजस्थान: पुलिस चौकी में औरत के साथ फोटो खींच 3 को फंसाया फिर खुद भी एसीबी में फंसे


पुलिस चौकी में औरत के साथ तीन युवकों की आपत्तिजनक तस्वीरें खींची गई और फिर उन्हें ब्लैकमेल करने का खेल शुरू हुआ। 

 राजस्थान के बीकानेर जिले के महाजन थाना इलाके की जैतपुर पुलिस चौकी का है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 31.12.217 को छापा मार कर रिश्वत में ली गई रकम सहित ब्लैकमेलिंग के आरोप में चौकी प्रभारी और दो पुलिस कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया। 

यह कार्रवाई एसीबी श्रीगंगानगर के प्रभारी एएसपी राजेंद्र प्रसाद ढिढारिया के नेतृत्व में की गई। राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी हैडकांस्टेबल शिवराम मीणा है। वह बीकानेर जिले के महाजन थानान्तर्गत जैतपुर पुलिस चौकी प्रभारी है।

शिवराज मीणा निवासी रुपवास जिला अलवर निवासी है। इसके अलावा भादवा, हनुमानगढ़ निवासी कांस्टेबल राकेश कुमार स्वामी और हनुमानगढ़ सदर निवासी कांस्टेबल देवीलाल मेघवाल भी पुलिस चौकी जैतपुर पर पदस्थापित हैं। 

पुलिसवालों की परिचित थी औरत।


परिवादी मुकेश कुमार जाट निवासी उदयपुर गोदारान, सूरतगढ़ जिला श्रीगंगानगर ने 24 दिसंबर को एसीबी में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वह 22 दिसंबर को अपने दोस्त पवन कुमार और रामकुमार के साथ रात करीब एक बजे श्रीसीमेंट से बाइक पर सवार होकर पल्लू जा रहे थे। इसी दौरान एक प्राइवेट कार में सवार तीनों पुलिसकर्मियों ने परिवादी और उसके दोस्त को बीच रास्ते में रुकवा लिया। वे उन्हें जबरन पकड़कर जैतपुर पुलिस चौकी ले गए। वहां पुलिसकर्मियों ने अपनी एक औरत के साथ कपड़े उतरवा कर आपत्तिजनक फोटों खींचे और फिर मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए मोटरसाइकिल जब्त कर ली। उनके पास रखे 10 हजार रुपए भी छीन लिए। उक्त महिला पुलिस वालों की परिचित है।

पीड़ितों का आरोप है कि इसके बाद चौकी प्रभारी और दोनों पुलिसकर्मियों ने धमकियां दी और मुकदमा दर्ज नहीं करने तथा मोटरसाइकिल छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तब चौकी पर तैनात घूसखोर पुलिस​कर्मियों ने 45 सौ रुपए रिश्वत ले ली। इसके बाद आज ट्रेप के दौरान पीड़ित 10 हजार रुपए लेकर पुलिस चौकी पर पहुंचे। जहां आरोपी कांस्टेबल राकेश ने रिश्वत की रकम 10 हजार रुपए लेकर रख लिए। तभी एसीबी टीम ने कांस्टेबल को रंगे हाथों धरदबोचा। पूछताछ में रिश्वत के इस खेल में चौकी प्रभारी शिवलाल व कांस्टेबल देवीलाल का नाम सामने आया। तब एसीबी ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

शिकायत कर्ता का मोटरसाइकिल भी  चौकी के एक ताला बंद कमरे में बरामद किया गया। देवीलाल के मोबाइल में शिकायत कर्ता व महिला की तस्वीरें मिली। अन्य पुरुषों की तस्वीरें भी औरत  के साथ मिली। इससे लगता है की अनेक लोगों को शिकार बनाया गया। एक माह पहले ही इनकी चौकी पर नियुक्ति हुई थी। जिस कार में ये घूमा करते थे वह इन्हीं में से एक की पत्नी के नाम से बताई जाती है।


यह ब्लॉग खोजें