बुधवार, 31 जनवरी 2018

राजस्थान:तीनों उपचुनाव में कांग्रेस की जीत दिखाते सटोरिये

राजस्थान में तीनों सीटों पर हुए उपचुनाव का परिणाम आने में अब चंद घंटों का समय ही बचा है। दोनों ही प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के दिग्गजों का भाग्य भी इन चुनाव परिणामों से जुड़ा है। 

 सट्टा बाजार में भी सटोरियों ने भाव खोल दिए हैं। तीनों सीटों पर करीब दो सौ करोड़ से भी ज्यादा का सट्टा लगने का अनुमान है। बाजार भाव के अनुसार तो तीनों ही सीटों पर बीजेपी की स्थिति कमजोर दिखाई दे रही हैं। हालांकि दोनों ही पार्टियों के दिग्गज अपनी-अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रहे हैं।


लोकसभा की दो और विधानसभा की एक सीट पर आना परिणाम 

प्रदेश में 29 जनवरी को हुए तीन सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। इन तीन सीटों में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट है।

तीनों ही सीटों पर उंचे हैं बीजेपी के भाव 

सटोरियों की मानें तो तीनों ही सीटों पर बीजेपी को जीत के लिए बहुत जोर लगाना पड़ सकता है। भाव के अनुसार तो तीनों ही सीटें कांग्रेस की झोली में जाती दिखाई दे रही हैं। सटोरियों के मुताबिक अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के भाव 35-40 पैसे तथा भाजपा के 65-80 रुपए है।


अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के भाव जहां दस से पच्चीस पैसे, वहीं भाजपा के भाव नौ से दस रुपए बताए जा रहे हैं। 

मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के भाव 45-50 पैसे तो भाजपा के 75-90 मान रहे हैं।


मंगलवार, 30 जनवरी 2018

आप विधायकों को अयोग्य ठहराने का आधार क्या था? आयोग बताए।

दिल्ली।हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आप के पूर्व विधायकों की याचिकाओं पर चुनाव आयोग को चार दिन के भीतर अपनी सिफारिशों का आधार बताने का निर्देश दिया है। सिंगल जज ने सोमवार को इन याचिकाओं को खंडपीठ के समक्ष भेज दिया था।


जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस चंद्रशेखर की खंडपीठ ने पूछा कि आयोग बताए कि किस आधार पर आयोग ने आप के विधायकों को अयोग्य ठहराने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी। 


खंडपीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सात फरवरी की तारीख तय की है। इस अवधि में आयोग उपचुनाव संबंधी कोई अधिसूचना जारी नहीं करेगा। चुनाव आयोग के हलफनामा आने पर आप के पूर्व विधायक उस पर अपना पक्ष रखेंगे।


सिफारिश सभी तथ्यों की पड़ताल पर की गई 


चुनाव आयोग के स्थायी अधिवक्ता अमित शर्मा ने कहा कि आयोग अपनी सिफारिशों पर कायम है और जो सिफारिश की गई वह सारे तथ्यों की पड़ताल के बाद की गईं थीं।


इस पर खंडपीठ ने कहा कि जो कहना है वह हलफनामा दायर कर कहें। इससे पहले हाईकोर्ट के सिंगल जज ने मामले में प्रतिवादी अधिवक्ता प्रशांत पटेल की आपत्ति के मद्देनजर संबंधित याचिकाओं को खंडपीठ के समक्ष भेज दिया था।


सोमवार, 29 जनवरी 2018

बस नहर में गिरी- 32 की मौत

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में सोमवार को एक यात्री बस के पुल की रेलिंग तोड़कर घोगरा नहर में गिरने से कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई।  पुलिस के आने में कथित तौर पर देरी के कारण लोगों ने प्रदर्शन किया और गुस्साए लोगों ने पुलिस बल पर हमला कर दिया। उन्होंने पुलिस के एक वाहन में आग भी लगा दी। स्थानीय लोगों ने पुलिस के वाहन में लगी आग पर काबू पाने के लिए घटनास्थल पर पहुंची एक दमकल गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। 

पुलिस ने बताया कि यह हादसा दौलताबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बलीरघाट में सुबह छह बजे हुआ। यह बस नदिया जिले के शिकारपुर से मालदा जा रही थी। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बस में करीब 50-60 यात्री सवार थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि यात्रियों को बचाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हादसे में मरने वालों के परिवार वालों को पांच लाख जबकि गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। 

29-1-2018


अजमेर उपचुनाव में मतदान का रुख कांग्रेस की ओर-स्पेशल रिपोर्ट

29 जनवरी को सायं 6 बजे अजमेर के लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान पूरा होने जा रहा है। मतदान के कुछ समय पहले तक जो रुख सामने आया है उससे प्रतीत होता है कि इस बार कांग्रेस का पलड़ा भारी है। कांग्रेस के पलडे़ को भारी करने में राजपूत, मुसलमान और ब्राह्मण मतों की भूमिका रही है। 

राज्य की सीएम वसुंधरा राजे और भाजपा के विधायकों के प्रति नाराजगी का लाभ भी कांग्रेस को मिला है। पूर्व के चुनावों में मतदान केन्द्रों के बाहर कांग्रेस की टेबलों पर सूनापन रहता था। वहां आज कांग्रेस की टेबल पर मतदाताओं से आबाद नजर हुई। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी अजमेर संसदीय क्षेत्र की आठों विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्रों पर उत्साह से देखा गया। अजमेर शहर के कई मतदान केन्द्रों पर तो भाजपा के एजेंट मतदान शुरू होने के बाद पहुंचे। हालांकि भाजपा ने पन्ना प्रभारी तक की रणनीति बनाई थी, लेकिन शहरी क्षेत्रों में ही मतदाताओं से सम्पर्क नहीं हो सका। गत लोकसभा के चुनाव में अजेमर संसदीय क्षेत्र से भाजपा करीब पौने दो लाख मतों से विजयी हुई थी, लेकिन उपचुनाव में भाजपा में ऐसा जोश देखने को नहीं मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में जाट बहुल्य क्षेत्रों में भाजपा को एक मुश्त वोट मिले, लेकिन वहीं अन्य जातियों ने लामबंद होकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। इस बार बड़ी संख्या में मतदाताओं ने नोटा का भी बटन दबाया है। माना जा रहा है कि नोटा का बटन दबाने वाले मतदाता भाजपा की विचारधारा वाले हैं। जो मतदाता किसी भी स्थिति में कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहते, उन्होंने विकल्प के तौर पर नोटा को चुना है। नोटा का बटन दबने का खामियाजा भी भाजपा को ही उठाना पड़ेगा।

भाजपा का अभी भी जीत का दावाः

भाजपा के उम्मीदवार रामस्वरूप लाम्बा का दावा है कि इस उपचुनाव में सीएम राजे ने जो मेहनत की है, वह बेकार नहीं जाएगी। मेरी जीत निश्चित है। मेरे पिता स्वर्गीय सांवरलाल जाट ने लोकसभा का पिछला चुनाव करीब पौने दो लाख मतों से जीता था। इस बार मैं इससे भी ज्यादा वोटों से विजयी होगा। मुझे भाजपा के कार्यकर्ताओं की मेहनत पर भरोसा है। मुझे मतदान के दौरान मतदाताओं से कोई नाराजगी नहीं दिखी। लोगों ने पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम वसुंधरा राजे की विकास योजनाओं को देखते हुए अपना वोट दिया है।

यह आम व्यक्ति की जीत होगी-रघु शर्मा

मतदान के दौरान कांग्रेस के उम्मीदवार रघु शर्मा बेहद ही उत्साहित नजर आए। रघु शर्मा ने केकड़ी में अपनी पत्नी के साथ वोट डाला और बाहर आकर मीडिया से कहा कि यह जीत आम व्यक्ति की जीत होगी। लोगों को भाजपा सरकार की नाकामियों के खिलाफ वोट दिया है। रघु ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए मतदाताओं का आभार जताया।

(एस.पी.मित्तल)



राजस्थान:तीनों उपचुनावों मेंं भाजपा राष्ट्रीय नेता क्यों नहीं आए? -रिपोर्ट

आखिर क्यों नहीं आए उपचुनाव में प्रचार के लिए भाजपा के राष्ट्रीय नेता? पीएम मोदी के नाम का आखिर दिन उपयोग।

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अजमेर सहित अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में प्रचार के लिए भाजपा के स्टार नेताओं की जो सूची जारी की थी, उसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह का नाम भी था, लेकिन मोदी और शाह की दूर की बात भाजपा कोई भी राष्ट्रीय नेता चुनाव प्रचार के लिए नहीं आया। सीएम वसुंधरा राजे से राजपूत समाज की नाराजगी के बाद भी केन्द्रीय गृहमंत्री और राजपूत समाज में पैठ रखने वाले राजनाथ सिंह तक को नहीं बुलाया गया और तो और राजस्थान से जुड़े राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर और महासचिव भूपेन्द्र सिंह यादव तक ने रुचि नहीं दिखाई। हालांकि यादव 10 जनवरी को नामांकन तथा 29 जनवरी को मतदान के लिए अजमेर आए, लेकिन थोड़ी ही देर में वापस चले गए। जबकि माथुर और यादव को चुनाव राजनीति का खिलाड़ी माना जाता है। सीएम राजे और प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी की ओर अब कुछ भी सफाई दी जाए, लेकिन भाजपा का आम कार्यकर्ता यह तो पूछ ही रहा है कि विपरित परिस्थिति में माथुर और यादव जैसे नेताओं का उपयोग क्यों नहीं किया? जबकि सबको पता है कि इन तीनों उपचुनावों के नतीजे नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव पर असर डालेंगे। खुद भाजपा इन उपचुनावों को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मान रही है। यह भी सही है कि यदि सीएम राजे किसी राष्ट्रीय नेता को बुलाती तो कोई भी मना नहीं करता। इसके बजाए तीनों चुनावों की कमान सीएम ने स्वयं ही संभाले रखी। प्रचार में जो केन्द्रीय मंत्री नजर आए, उनमें राजस्थान से जुड़े मंत्री ही थे। जैसे सीआर च ौधरी, अर्जुनराम मेघवाल आदि। लेकिन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जैसे मंत्रियों को भी उपचुनाव से दूर रखा गया।

पीएम के नाम का उपयोग भी आखिर दिनः

किसी भी चुनाव को जीताने में पीएम मोदी का चेहरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उपचुनाव में मोदी के चेहरे को भी आगे नहीं रखा गया। राज्य के मंत्रियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर सीएम राजे के कार्यों का ही बखान किया। मोदी का चेहरा मतदान वाले दिन 29 जनवरी एक दिन सामने लाया गया। अखबारों के प्रथम पृष्ठ पर जो विज्ञापन दिया, उसमें सीएम के साथ पीएम का भी फोटो लगाया गया। पूरे चुनाव पहली बार 29 जनवरी के विज्ञापन में पीएम के विचार लिखे गए। शायद सीएम राजे को आखिर दिन यह अहसास हुआ कि उपचुनाव में नरेन्द्र मोदी का चेहरा भी चाहिए। राष्ट्रीय नेताओं के नहीं आने और पीएम के चेहरे का उपयोग आखिर में करने को लेकर भी राजस्थान भाजपा में हलचल मची हुई है। गंभीर बात तो यह है कि प्रदेशाध्यक्ष परनामी तक में इतनी हिम्मत नहीं कि वे सीएम राजे को कोई सलाह दे सकें।

एस.पी.मित्तल) (29-01-2018)


श्यामलाल शर्मा सरदारशहर व भाजपा नेता शिवरतन के विरुद्ध राजियासर में मुकदमा

सूरतगढ़ 29 जनवरी 2018.मुख्त्यार आम आगे किसी को नया मुखत्यार नहीं बना सकता। इस प्रकार के दस्तावेज का इस्तेमाल कानूनी रूप में फर्जी होता है। इस प्रकार के एक प्रकरण में पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू की शिकायत पर राजियासर पुलिस स्टेशन में 8 जनों के विरुद्ध मुकदमा नंबर 19 दिनांक 25 जनवरी 2018 को दर्ज किया गया है।

 जिनके विरुद्ध आरोप लगाया गया है उनके नाम बजरंग दास स्वामी,रामकुमार, श्यामलाल शर्मा पुत्र गोधाराम जैतसीसर सरदारशहर, रामेश्वरलाल,कन्हैया लाल,शिवरतन, विजय कुमार और ओमप्रकाश है।

सिद्धू की शिकायत है कि 2007 में एक मुख्त्यारनामा श्रवण दास लाधू दास लिछमा रुकमा पुत्र /पुत्रियां नत्थू दास निवासी अर्जुन सर के द्वारा बहक महिपाल जाट वार्ड नंबर 7 भादरा के नाम करवाया गया। आरोप है कि मुखत्यार मुकर्रर करने वाले श्रवण दास रुकमा व लिछमा के दस्तकत अंगूठे नहीं हैं। केवल भगवान दास के फर्जी दस्तखत किए गए हैं जो बजरंग दास स्वामी जैतसीसर तहसील सरदारशहर ने किए हैं। रामकुमार कौन है इसका खुलासा नहीं है। 

उसी दिन भगवानदास वगैरह की ओर से इकरारनामा 110 आर डी एल की 40 बीघा जमीन का सौदा का बहक महिपाल द्वारा लिखा गया जो फर्जी दस्तावेज है इस को तहरीर करवाने वाला श्यामलाल पुत्र गोधाराम ब्राह्मण जैतसीसर तहसील सरदारशहर है।दिनांक 3 नवंबर 2017 को श्याम लाल शर्मा ने महिपाल मुखत्यारआम के मुख्त्यारनामा 2007 के आधार पर उसी भूमि का मुखत्यारआम रामेश्वर लाल पुत्र खेतरपाल नायक निवासी जैतसीसर के नाम तहरीर करवाकर नोटरी से तस्दीक करवा दिया। आरोप है कि मुखत्यारआम आगे मुखत्यारआम नियुक्त नहीं कर सकता इसलिए मुख्त्यारनामा जो दिनांक 3 नवंबर 2017 को दिया गया वह फर्जी है।

 यह दस्तावेज कन्हैयालाल शिवरतन विजय कुमार और ओमप्रकाश ने पुलिस स्टेशन राजियासर s h o को दिया जिनके विरुद्ध कोई कार्यवाही ना कर के पुलिस ने आरोपी गणों को सरंक्षित किया। पूर्व विधायक ने इन सब के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की शिकायत दी।राजियासर पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 467 468 469 471 और 120 बी में 8 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया और यह जांच राकेश कुमार सहायक उपनिरीक्षक को सौंपी गई।



रविवार, 28 जनवरी 2018

भ्रष्टाचार की 'दीमक' से पाना होगा छुटकारा- पीएम नरेंद्र मोदी



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 28-1-2018 को कहा कि भ्रष्टाचार करने पर किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। भ्रष्टाचार एवं कालेधन के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी इनमें लिप्त कोई भी व्यक्ति अब बच नहीं पायेगा।

 पीएम ने कहा कि इसकी वजह से ही तीन पूर्व मुख्यमंत्री जेल में 'सड़' रहे हैं। पीएम मोदी ने नेशनल कैडेट कोर की रैली में युवाओं से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मदद करने का आहवान किया।


भ्रष्टाचार की  'दीमक' से पाना होगा छुटकारा


रैली में पीएम ने कहा कि लोगों को लगता था कि धनी और शक्तिशाली लोगों को कभी भी भ्रष्टाचार के मामले में पकड़ा नहीं जा सकेगा लेकिन अब इसी की वजह से तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्री जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के 'दीमक' से छुटकारा पाने का सबसे ज्यादा फायदा गरीबों को होगा। पीएम ने कहा कि वह देश के नौजवानों, एनसीसी कैडेटों से कुछ मांगना चाहते हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे उन्हें निराश नहीं करेंगे। बता दें कि हाल ही में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और जगन्नाथ मिश्रा को चारा घोटाले में सजा हुई है। वहीं भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला भी जेल में है। 


एनसीसी की पहचान एकता और अनुशासन

इसके साथ ही पीएम ने गणतंत्र दिवस पर होने वाली राजपथ परेड का जिक्र करते हुए कहा कि जब राजपथ पर 10 विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और देशवासियों के सामने कैडेट कदमताल कर रहे थे तब वहां सिर्फ कैडेट नहीं बल्कि देश और उसका हौंसला आगे बढ़ रहा था। उन्होंने कहा कि एनसीसी की पहचान एकता और अनुशासन है।



कोई मुझे कोई उसे पट्टी पढ़ाने लगे, लाठियां तनी रहे सदा, गुर बताने लगे: कविता

 कोई मुझे तो कोई उसे पट्टी पढ़ाने लगे,
लाठियां तनी रहे सदा, ऐसे गुर बताने लगे।
कोई इधर कोई उधर,
पट्टी पढ़ाने लगे​।
लाठियां तनी रहे सदा,
 ऐसा गुर बताने लगे।
मित्रता का सिलसिला,
चल रहा था
सैकड़ों सालों से,
वह खत्म हो गया पल में,
 पट्टी पढ़ाने वालोंसे।
कैसी थी मित्रता और कैसा था व्यवहार,
 सब चौपट हो गया,
 और अभी आगे क्या होगा,
 बुरा हाल मेरा और उसका?
मेरा खेत उसका खेत, लताओं की तरह,
लिपटें हैं पास पास।
 एक दूजे का खेत खोदते,
 एक दूजे का खेत बोते।
फसलें लहलहाती,
निहाल होते,
 हंसते-गाते त्यौंहार मनाते।
अनूठा प्रेम बंधन,
वर्षो का सिलसिला था।
 किसी ने एक दूजे को,
 पराया नहीं माना।
 अपना ही माना,
अपना ही जाना।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह लिपटे हैं,
पास-पास।
हर बार की तरह,
 इस बार भी बीजे थे,एक दूजे के खेत।
फसलें लोगों ने देखी,
सब ने सराहा,
राष्ट्र के उत्पादन की,
 फसल आई।
हम हर्षित हो गए,
एक कदम विकास का और आगे,
कहते हुए प्रशासन ने भी पीठ थपथपाई।
हमारे खेत,
हमारी फसलें,
देखने लोग आने लगे।
चर्चाएं आम होने लगी।
काम हो तो ऐसा हो,
 साथ हो तो ऐसा हो।
 रेडियो और टीवी भी,
सुनाने दिखाने लगे।
अनूठी मिसाल।
अखबार भी नए नए रूप में,
दोहराने लगे।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह लिपटे हैं,
पास पास।
लेकिन,
 यह अचानक कैसा बदलाव आया,
 इस बार की फसलें न घरों में,
और न मंडी में ले जा पाए।
मैंने उसका खेत,
और उसने मेरा खेत,
 जला डाला।
 घरों को भी राख में बदल डाला।
यह कई सालों की दोस्ती में,
 कैसा परिवर्तन आया?
 लाठियां चलीं सिर फूटे,
अस्पताल थाने कचहरी पहुंचे।
 सालों की दोस्ती में,
 दुश्मनी छा गई।
दोनों ओर जुट गए थे लोग,
एक दूजे का सर झुकवाने को,
जो पहले मित्रता की बड़ाई करते थे,
अब दुश्मनी के,
 नए-नए पैंतरे सिखाने लगे।
 समय कितना बदल गया?
एक दूजे का हालचाल,
जाने बिना,
हम दोनों रोटी,
नहीं खाते थे।
अब एक दूजे को,
 बददुआओं के संदेसे,
 भिजवाने लगे।
पड़ोस के लोग,
बन गए  डाकिये।
जो कभी दोनों के,
 खैरख्वाह थे।
शुभचिंतक थे।
 कितना बदलाव आ गया।
कोई मुझे,
 कोई उसे,
पट्टी पढाने लगे।
लाठियां तनी रहे सदा,
 ऐसा गुर बताने लगे।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह,
 लिपटे हैं पास पास।
हमारे खेत लहराते,
 फसलें होती।
 न मैं कर्जदार था,
न वह कर्जदार था।
अब खेत और घर,
 स्वाहा हो गए।
अब कर्जदार मैं हो गया,
और कर्ज़दार वह भी हो गया।
 यह कर्जा न खेतों का है,
 न घरों का है।
 दोनों डूबते जा रहे हैं,
थाना कचहरी के खर्चों में।
मेरा खेत उसका खेत,
लताओं की तरह लिपटें हैं,
 पास पास।
 हरियाले फूलों वाले खेत,
 राख में बदल काले हो गए।
यह सपना नहीं सच है।
यह कल्पना नहीं सच है।
एक का मुंह पूरब की ओर,
दूसरे का मुंह पश्चिम की ओर है।
लोग आते हैं,
पीठ थपथपाते हैं,
दुश्मनी भी हो तो ऐसी हो,
 नए पैदा होने वाले के,
 हाथ में भी खंजर हो।
मेरा खेत उसका खेत,
 लताओं की तरह लिपटें हैं
 पास पास।
अनूठे खेतों की कहानी,
नए रूप में उठी,
रेडियो टीवी अखबार,
कारण बताने लगे।
समय बीता और बदले लोग,
उसे और मुझे समझाने लगे।
उसकी बुद्धि और मेरी बुद्धि पर,
कोई तीसरा ही छा गया था।
वह तीसरा दूर बैठा,
आग लगा रहा था।
मामूली मामूली बातों से,
हमको भड़का रहा था।
मैं भी अनजान और,
वह भी अनजान,
उलाहनों में खो गए थे।
मामूली मामूली बातों से,
युद्ध और लड़ाईयां हुई,
वही इतिहास मेरे,
और उसके बीच,
 दोहरा रहा था।
तेरी भैंस मेरा बूटा चर गई,
तेरी गाय मेरी ढाणी में
 गोबर कर गई।
तेरे छोरे ने गाली दी,
मेरे छोरे ने कान उमेठा,
चपत लगाई।
सालों से होती थी यह बातें,
और इन बातों पर,
 हंसी के फव्वारे फूटते थे।
ना कोई झगड़ा था,
ना कोई रगड़ा था,
लेकिन उस दूर बैठे​,
तीसरे को यह,
रास नहीं आ रहा था।
उसने लड़ाया।
बड़ी-बड़ी नहीं,
छोटी-छोटी
मामूली बातों में,
हम उलझ गये।
काश ! हम दोनों,
उसकी हरकतों को,
चालों को, समझ पाते।
एक दूजे के खेतों को,
 यूं आग न लगाते।
वह दूर बैठा तीसरा,
उसे और मुझे ही नहीं,
औरों को भी यूं ही लड़ा रहा है।
 कहीं दंगे और कहीं फसाद,
 करा रहा है।
अरे,
हम समझ गए,
उस तीसरे की चालों को।
समय आ गया है,
और लोगों को भी,
समझा दें।
उस तीसरे की चालों से।
अरे,
रेडियो टीवी अखबार वालों,
देरी न करो जल्दी पहुंचों।
कोई और खेत कहीं,
स्वाहा न हो जाए।
मेरे देश को जलने से बचा लो।
 हमारे खेतों को जलने से बचा लो।
हमारी मित्रता और,
 दोस्ती को बचा लो।
मेरे राष्ट्र को बचा लो।
मेरे राष्ट्र को बचा लो।
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यह कविता लगभग 2001 के करीब रची गई थी और आकाशवाणी सूरतगढ़ केंद्र से प्रसारित हुई थी।
इस कविता में यह संदेश दिया गया है की कोई दूर बैठा तीसरा लड़ा रहा है।।
यही स्थिति देश के भीतर भी है।
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करणीदान सिंह राजपूत, 

 राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,!
 सूरतगढ़। राजस्थान
भारत
संपर्क  94143 81356.

राजेन्द्र भादू की ललकार-भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं किया जाएगा-

( विधायक चुने जाने के बाद की थी यह घोषणा जो करणी प्रेस इंडिया में 15-12-2013 को प्रसारित हुई थी। क्या सोचते हैं आप? बोलें बताएं!)

सूरतगढ़,भाजपा के नव निर्वाचित विधायक राजेन्द्रसिंह भादू ने अपनी जीत के समस्त आभार संबोधनों में बड़ी ताकत के साथ कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बरदास्त नहीं किया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भी यही घोषणा है और प्रदेश के लिए स्पष्ट रूप में यही नीति लागू रहेगी। कांग्रेस के मील राज में सूरतगढ़ में हर विभाग में और खासकर नगरपालिका,पुलिस व राजस्व विभागों में जो बुरा हाल रहा है वो जग जाहिर है। इलाके की जनता को पीड़ाओं से मुक्ति दिला कर ही यहां वास्तव में भाजपा का राज स्थापित किया जा सकता है। विधायक चुने जाते ही राजेन्द्र भादू के संबोधनों की सराहना की जानी चाहिए कि वे भ्रष्टाचार को हटाने में आगे रहेंगे।

असल में जनता का कोई भी प्रतिनिधि आए,जो भ्रष्टाचारी अधिकारी व कर्मचारी होते हैं वे कोई ना कोई रास्ता रूपए हजम करने का निकाल लेते हैं। इस प्रकार के अधिकारी व कर्मचारी काम को लटकाते रहते हैं। निर्माण कार्यों आदि में भी घटिया कार्य करते रहते हैं। जब विभागों के अधिकारियों को शिकायत की जाती है तो उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती। लोग मुख्यमंत्री व राज्यपाल आदि को शिकायतें करते हैं जिनके सुने जाने में समय लग जाता है। 

सूरतगढ़ की शिकायत अगर सूरतगढ़ में ही की जाए तो उसका असर तुरंत होगा यह समझा जाना चाहिए। अब विधायक राजेन्द्रसिंह भादू ने जो घोषणा की है,उसका लाभ जनता को तभी मिल सकता है कि जनता सरकारी अधिकारी को व जयपुर में शिकायत भेजने के बजाय सीधे राजेन्द्रसिंह भादू को दे। चाहे उस पर एक व्यक्ति के हस्ताक्षर हो या समूह के हस्ताक्षर हों। इस प्रकिया से विधायक को मालूम पड़ेगा कि कौनसे विभाग में कौनसा अधिकारी भ्रष्ट है तथा जनता का कार्य सही ढ़ंग से नहीं कर रहा है। इस पर विधायक तत्काल ही कार्यवाही भी कर सकेंगे।

इससे एक बड़ा लाभ यह होगा कि भ्रष्ठ अधिकारी हो चाहे कार्यकर्ता हो वह विधायक से नजदीकियां नहीं बना सकेगा। विधायक उनको फटकार कर दूर भी कर सकेगा।

( समय के कुछ खास चित्र भी देखें )







पूर्व विधायक हरचंद सिंह की शिकायत पर भाजपा नेता पर मुकदमा-फर्जी दस्तावेजों के उपयोग का आरोप:



पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू  की शिकायत पर राजियासर पुलिस थाने में शिवरतन,कन्हैया लाल, विजय रिणवा व ओम प्रकाश के विरुद्ध 25 जनवरी 2018 को एक मुकदमा दर्ज किया गया है।

 शिकायत में आरोप है कि ये लोग फर्जी कूटरचित दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं ।

पूर्व विधायक सिद्धू ने संबंधित दस्तावेजों की संबंधित दस्तावेजों की फोटो प्रतियां भी पुलिस को शिकायत के साथ में दी है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सूरतगढ़ तहसील के चक 103 आर डी एल एल डी एल एल डी एल एल के लिए 25 मार्च 1986 को एक इंतकाल रजिस्टर संबंधित तहसीलदार ने जारी किया था। उसको शिवरतन के भाई ने जो उपनिवेशन विभाग में संविदा पर कार्यरत था ने फर्ज कारी करके 103 की जगह 110 आरडीएल कर दिया जिसकी चित्र प्रति प्रति संलग्न है।

 दिनांक 25 मार्च 1986 को इस रजिस्टर में कुल 6 इंतकाल एक ही तारीख में दर्ज किए गए जबकि चक 110 आर डी एल डी एल 110 आर डी एल डी एल का चालू रजिस्टर उपलब्ध था तो दूसरा रजिस्टर क्यों जारी हुआ? सारे इंतकाल की चित्र प्रतियां पेश है जो स्पष्ट फर्जी दस्तावेज है,जिनका उपयोग शिवरतन कन्हैयालाल विजय रिणवा ओमप्रकाश वगैरा वगैरा विजय रिणवा ओमप्रकाश वगैरा सही के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दिनांक 24-10- 1968 से 30-6-1986 तक इस क्षेत्र में भूमि का सेटलमेंट चल रहा था। भूमि के सेटलमेंट के दौरान जमाबंदी और इंतकाल बाधित होते हैं केवल गिरदावरी का ही उपयोग होता है तो यह इंतकाल कैसे दर्ज हो गए?

यह अपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनको फर्जी जानते हुए सही के तौर पर पर उपयोग किया गया है जो संज्ञेय अपराध है। 

पूर्व विधायक ने इंतकाल 25-3-1986 को इंतकाल रजिस्टर जारी करने के आदेश की प्रति, इंतकाल संख्या 3 आरडीएल 100दिनांक 28-3- 1986 इंतकाल संख्या 4, 28-3/1986 की प्रतियां उपलब्ध करवाई है।

 पुलिस ने मुकदमा नंबर 18 आईपीसी की धाराएं 420 467 468 469 471 120 बी में दर्ज किया है।

यह अनुसंधान कार्य सहायक उपनिरीक्षक राकेश कुमार को सौंपा गया है।

विदित रहे कि शिवरतन भाजपा नेता है।




सूरतगढ़: गणतंत्र दिवस 2018.एडीएम चांदमल वर्मा ने ध्वजारोहण किया-रिपोर्ट



-  करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ में गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में अतिरिक्त जिला कलक्टर चांदमल वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर चांदमल वर्मा और  उपखंड अधिकारी श्रीमती सीता शर्मा ने परेड का निरीक्षण किया।

 समारोह में  विधायक राजेंद्र सिंह भादू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, तहसीलदार अजीत गोदारा, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी जुबेर खान मौजूद थे।

 समारोहों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने रंग जमाया।  विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं की ओर से व्यायाम प्रदर्शित किया गया।

नगर पालिका में पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा और अग्निशमन सेवा कार्यालय पर उपाध्यक्ष पवन ओझा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन परिसर में मुख्य अभियंता एम एल शर्मा ने ध्वजारोहण किया।






शनिवार, 27 जनवरी 2018

भाजपा के सत्ता दुरुपयोग करने के बाद भी कांग्रेस जीतेगी-रघु शर्मा:अजमेर कांग्रेस प्रत्याशी


घर-घर तक दस्तक-राठौड़।

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27 जनवरी को अजमेर लोकसभा उपचुनाव के कांग्रेसी प्रत्याशी रघु शर्मा ने बड़े नेताओं के साथ अजमेर शहर में रोड शो किया। वहीं रघु का कहना रहा कि सम्पूर्ण चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप लाम्बा के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सत्ता का जमकर दुरुपयोग किया है। विधानसभावार मंत्रियों को प्रभारी बना कर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को डराया धमकाया गया तो मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सरकारी साधनों का इस्तेमाल किया गया। जाति विशेष के पुलिस अफसरों ने कांग्रेस के खिलाफ खुला काम किया है। ऐसे सभी कृत्यों की जानकारी दिल्ली में चुनाव आयोग को भी दे दी गई है, लेकिन इतना सब कुछ करने के बाद भी भाजपा की जीत नहीं होगी। पिछले चार वर्षों में राज्य की भाजपा की सरकार ने जो जन विरोधी कार्य किए हैं उससे आम मतदाताओं में नाराजगी है। 

अजमेर के लोगों ने देखा है कि भाजपा के विधायकों ने किस प्रकार भ्रष्टाचार  को बढ़ावा दिया है। आज किसी भी दफ्तर में रिश्वत के बिन कोई काम नहीं होता। अजमेर शहर के दोनों मंत्रियों ने पूरे चार वर्ष लड़ाई-झगड़े में ही गुजार दिया। स्मार्ट सिटी के नाम पर केन्द्र सरकार का करोड़ों रुपया आ रहा है, लेकिन राशि का सदुपयोग नहीं हो रहा है। सांसद बनने पर अजमेर के स्मार्ट सिटी के मामले में पुरजोर तरीके से लोकसभा में उठाऊंगा। सभी कामों की समीक्षा भी कराई जाएगी। मैं भाजपा प्रत्याशी लाम्बा के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता, क्योंकि लाम्बा के पिता पूर्व सांसद स्वर्गीय सांवरलाल जाट मेरे मित्र थे, लेकिन यदि स्व.जाट के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल और कांग्रेस के सांसद रहे सचिन पायलट के पांच वर्षों के कार्यकाल की तुलना की जाए तो हकीकत सामने आ सकती है।

 रघु ने कहा कि इस मौके पर मैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट का भी आभार प्रकट करना चाहता हूं। इस चुनाव में मुझ से भी ज्यादा मेहनत पायलट ने की है। पायलट की मेहनत बेकार नहीं जाएगी। रघु ने कहा कि एक फरवरी को जब नतीजे आएंगे, तब राज्य सरकार और अजमेर के भाजपा विधायकों का घमंड भी चूर हो जाएगा।

विधायक गौतम की भाषा मर्यादित नहीं:

रघु ने कहा कि इन दिनों सोशल मीडिया पर केकड़ी के भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम का एक आॅडियो वायरल हो रहा है। इस आॅडियो में गौतम मुझे भद्दी गालियां दे रहे हैं। गौतम का गालियां बकना आम बात है इसलिए अब केकड़ी के मतदाताओं को गौतम को चुनने पर अफसोस हो रहा है। इस आॅडियो को सुनकर हर कोई व्यक्ति भाजपा विधायक की मानसिकता का अंदाजा लगा सकता है। रघु ने कहा कि गौतम को भाषा पर संयम बरतना चाहिए। राजनीति में हार जीत तो होती रहती है।

घर-घर तक दस्तक:

अजमेर देहात कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना रहा कि चुनाव में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घर-घर तक दस्तक दी है। भाजपा में पन्न प्रमुख के दावे तो अपनी जगह हैं, लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्पूर्ण संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पहुंच गया है। संगठन की दृष्टि से कांग्रेस की स्थिति बाहर मजबूत है। प्रदेश अध्यक्ष पायलट की लगातार मौजूदगी तो कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। कार्यकर्ताओं का यह उत्साह ही जीत की मंजिल तक ले जाएगा। भाजपा कितना भी दुरुपयोग कर ले, लेकिन मतदाताओं ने भाजपा को हराने का मन बना लिया है। अनेक समाजों के लोग अपने स्तर पर रणनीति बना कर कांग्रेस को जितवाने का काम कर रहे हैं।

एस.पी.मित्तल) (27-01-18)ःः



प्रकृति के साथ रहकर आयुष को अपनाएं : विधायक श्रीमती कामिनी जिन्दल


आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है : श्री संजय महिपाल


श्रीगंगानगर, 27 जनवरी। 

 विधायक श्रीमती कामिनी जिन्दल ने कहा कि स्वस्थ रहना है तो प्रकृति के साथ रहकर आयुष को अपनाना होगा। उन्होंनेे राज्य सरकार का धन्यवाद किया कि इस पद्धति से उपचार के लिए मेघा शिविर आयोजित किये जा रहे है, जिससे आमजन को लाभ मिलेगा।

श्रीमती जिन्दल शनिवार  27-1-2018 को आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग द्वारा गोपीराम गोयल बगीची में संभाग स्तरीय आरोग्य मेला 2018 के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थी। उन्होने कहा कि हम प्रातः उठकर महालक्षी की पूजा करते है। हमें स्वस्थ रहने के लिए भगवान धनवंतरी की अराधना करनी चाहिए। शरीर स्वस्थ होगा तो तन, मन व मस्तिक सब स्वस्थ रहेंगे तो धन की भी कमी नही रहेगी। स्वस्थ तन के बिना धन की कोई महत्ता नही रह जाती। उन्होंने कहा कि हम प्रकृति को नष्ट कर रहे हैं , प्रकृति को संजोगकर रखना पूरे विश्व के लिए कल्याणकारी होगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी मां है जो सदैव हमें  देती रहती है। हमारे देश में प्रकृति में अनेक प्रकार की औषधियां उपलब्ध है, लेकिन मुफ्त की वस्तुओं की उपयोगिता को नहीं समझते। हमारे रीति-रिवाज भी प्रकृति से जुड़े हुए है। उन्होंने हल्दी और शहद का उदाहरण देते हुए बताया कि इनका जन्म व विवाह समारोह में उपयोग किया जाता है।

नगर विकास न्यास के अध्यक्ष श्री संजय महिपाल ने कहा कि आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है। इस पद्धति में प्रकृति से उपचार किया जाता है। हिन्दुस्तान ने इस पद्धति से पूरे विश्व को लाभान्वित किया है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि आयुर्वेद को दो दिवस मिले हैं। पूरा विश्व योग एवं धनवंतरी दिवस मनाता है। उन्होंने कहा कि ये साधुवाद के पात्र हैं जिन्होने खोई हुई भारत की धरोहर को पुनः लौटाया है। आयुर्वेद में स्वास्थ्य का खजाना छिपा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में जड़ी-बुटियों के बीच में से होकर मिलने वाला गंगा का पानी भी इसी लिए पवित्र है। 

श्री रमेश राजपाल ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति में आयुर्वेद बसा हुआ है। रामायण काल में भी जडी़ -बुटियों का उल्लेख मिलता है। आयुर्वेद से असाध्य रोगों का उपचार संभव है। 

आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि यह आरोग्य मेला 30 जनवरी 2018 तक संचलित होगा। आमजन इसका लाभ ले। आरोग्य मेले में परामर्श व औषधियां निःशुल्क दी जाएंगी। आरोग्य मेले में आयुर्वेद के विशेषज्ञों के अलावा पंचक्रम, सौंदर्य, क्लिनीक तथा योग की भी विशेष व्यवस्था की गई है।


30 जनवरी तक रहेगा आरोग्य मेलाः-


 गोपीराम गोयल बगीची में आयोजित आरोग्य मेला 30 जनवरी 2018 तक रहेगा। प्रातः 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक नागरिक इसका लाभ ले सकते है। 


दीप प्रज्ज्वलन व धनवंतरी पूजा के साथ शुरू हुआ मेलाः- आयुर्वेद विभाग द्वारा आयोजित आरोग्य मेले की शुरूआत दीप प्रज्जवलन व धनवंतरी देव की पूजा के साथ शुरूआत हुई। 

इस अवसर पर श्री आदित्य चितलांगिया, श्री गोरी शंकर सांई, जिला आयुर्वेद अधिकारी श्री बलदेव राज अरोडा, डॉ0 हरिन्द्र दावड़ा, क्रांति चुघ सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आरोग्य मेले में श्री श्याम सुन्दर शर्मा प्रतिदिन योगाभ्यास तथा योग क्रियाओं की जानकारी देंगे।






शुक्रवार, 26 जनवरी 2018

श्रीगंगानगर के हिंदुमलकोट के पास पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर विक्की गौंडर व 2 अन्य को मार गिराया

नाभा जेल ब्रेक कांड का मुख्य आरोपी विक्की गौंडर शुक्रवार 26-1-2018 की शाम पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। पंजाब- राजस्थान बार्डर पर हुई इस मुठभेड़ में विक्की के साथ उसका दोस्त गैंगेस्टर प्रेमा लाहौरिया भी मारा गया है। जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।  पुलिस घायल को सरकारी अस्पताल ले गई जहां उसने भी दम तोड़ दिया। उक्त तीसरे की पहचान नहीं हो पाई है।


इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए है। पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने इस बात की पुष्टी की है। पंजाब के डीजी इंटेलिजेंस के बयान के अनुसार विक्की गौंडर गंगानगर जा रहा था।

 चंडीगढ़ से आर्गेनाईज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट ने यह एंकाउंटर किया है। इस टीम की तरफ से पिछले 5 दिनों से विक्की गौंडर को ट्रेस किया जा रहा था परन्तु आज जब यह टीम विक्की गौंडर का पीछा करती हुई  राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के  थाना हिंदू मलकोट के पास एक ढाणी पर पहुंची तो वहां इनके बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में विक्की गौंडर मारा गया। मौके पर एसएसपी फाजिल्का भी पहुंच चुके हैं। शवों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, जिनको अबोहर के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया है। 

गौंडर पंजाब में आतंक का पर्याय बन गया था। नाभा जेल कांड के बाद वह चर्चा में आया। उसका लूटपाट सहित कई हत्याओं और मादक पदार्थ की तस्करी में हाथ था। उस पर दस लाख रुपए का इनाम घोषित था। प्रेम लाहौरिया पर पांच लाख रुपए का इनाम था। इस गिरोह का पंजाब में काफी आतंक था।

 पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने आज गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथी की मौत पर पंजाब पुलिस को बधाई दी है। पंजाब पुलिस की तरफ से आज गैंगस्टर विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया को मौत के घाट उतार दिया गया।

कैप्टन ने कहा कि इन खतरनाक गैंगस्टर को मौत के घाट उतार कर डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा और ओ.सी.सी.यू. की टीम ने शानदार काम किया है। इस टीम में ए.आई.जी. गुरमीत सिंह और इंस्पेक्टर विक्रम बराड़ भी शामिल हैं। कैप्टन ने पंजाब पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि मुझे आपके ऊपर मान है। विक्की गोंडर और प्रेम लाहोरिया के शवों का पोस्टमार्टम श्री गंगानगर के चिकित्सालय में किया गया है। 


गणतंत्र समारोह में चकराकर गिर पड़ी कैडेट छात्रा को लोकतंत्र सेनानी महावीर तिवाड़ी ने की सहायता :

सूरतगढ़। श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह 26-1-2018 में एक एनसीसी कैडेट छात्रा प्रभा चक्कर खाकर गिर गई। उसी समय समारोहों में उपस्थित सूरतगढ़ से पहुंचे हुए लोकतंत्र सेनानी महावीर तिवारी व अन्य ने उठाया और सहायता पहुंचाई। समारोहों में भयानक सर्दी थी। छात्रा प्रभा को तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से चिकित्सालय पहुंचाया गया। सूचना है कि वह ठीक है।

समाज सेवा में अग्रणी महावीर तिवारी आपातकाल 1975 में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल के विरोध में थे और प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी दी थी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया भारतीय जनता पार्टी कि राजस्थान सरकार ने इन्हें लोकतंत्र सेनानी कि उपाधि प्रदान की है।इन्हें लोकतंत्र सम्मान निधि भी प्रदान की जाती है।


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श्री गंगानगर: गणतंत्र दिवस समारोह 2018.






जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने किया ध्वजारोहण

श्रीगंगानगर। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2018 का मुख्य समारोह महाराजा गंगासिंह स्टेडियम में आयोजित हुआ। जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने प्रातः 9.05 बजे ध्वजारोहण किया। 

मुख्य अतिथि एवं जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने मार्च पास्ट का निरीक्षण किया तथा परेड की सलामी ली। परेड में आरएसी, राजस्थान पुलिस, एनसीसी जुनियर, एनसीसी सीनियर, विद्यार्थी पुलिस, हिन्दुस्तान स्काउट, राजस्थान राज्य भारत स्काउट, एनसीसी छात्रा, चौधरी बल्लूराम गोदारा कॉलेज, गुरूनानक कन्या महाविद्यालय की टुकड़ियों ने भाग लिया। 

समारोह में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन  नखतदान बारहठ ने महामहिम राज्यपाल का प्रदेशवासियों के नाम संदेश का पठन किया। 

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने आकर्षक व्यायाम प्रर्दशन किया। 

समारोह में स्वतंत्रता सैनानियों एवं वीरागंनाओं का शॉल उढाकर सम्मान किया गया। 

 शिक्षा, खेल, सामाजिक क्षेत्र तथा राजकीय सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 130 नागरिकों को पुरस्कृत किया गया। 

देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन पर आधारित एक लघु नाटिका का प्रर्दशन किया गया। लघु नाटिका हिन्दुस्तान स्काउट, नगरपरिषद की ओर से स्वच्छता का संदेश देने के लिये तैयार करवायी गयी। कार्यक्रम में जुबिन नर्सिंग कॉलेज, गुरूहरकिशन पब्लिक स्कूल, सेकर्ड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल, गुड शैफर्ड तथा नोजगे स्कूल के छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। 

कार्यक्रम में जिला परिषद, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, वन, उद्यान, नगरपरिषद, हिन्दुस्तान स्काउट गाईड, पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मटका चौक, सर्व शिक्षा अभियान, सहकारिता, यातायात तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विकास एवं संदेशपरक झांकियां प्रस्तुत की गई। 

परेड में दक्ष टुकड़ियों में राजस्थान पुलिस ने प्रथम, एनसीसी छात्रा ने द्वितीय तथा एनसीसी जुनियर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अदक्ष टुकड़ियों में गुरूनानक कन्या महाविद्यालय की टुकड़ी ने प्रथम, बल्लूराम गोदारा कन्या महाविधालय की टुकड़ी ने द्वितीय तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मटका चौक की टुकड़ी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुड शेफर्ड ने प्रथम, नोजगे पब्लिक स्कूल ने दूसरा तथा सेकर्ड हार्ट ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार झांकियों में वन विभाग ने प्रथम, सर्वशिक्षा अभियान की झांकी ने दूसरा तथा यातायात की झांकी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। 

आयोजित समारोह में विधायक श्रीमती कामिनी जिंदल, पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र कुमार महावर, जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका श्योराण, अतिरिक्त जिला कलक्टर सर्तकता वीरेन्द्र कुमार वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी  विश्राम मीणा, नगरपरिषद आयुक्त सुनीता चौधरी, क्षेत्रीय उपनिदेशक ऋषिबाला श्रीमाली,  महेन्द्र सिंह सोढ़ी, पूर्व जिला प्रमुख  सीताराम मोर्य,  प्रहलाद राय टॉक, रमेश राजपाल,  सुशील श्योरान,  सुरेन्द्र भांभू सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिक व  शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

गुरुवार, 25 जनवरी 2018

सूरतगढ़ के डीएसपी ओनाड़सिंह का तबादला

सूरतगढ़ 25 जनवरी 2018.

 पुलिस महानिदेशक कार्यालय की सूचना के अनुसार सूरतगढ़ के पुलिस उप अधीक्षक ओनाड़सिंह का स्थानांतरण आर ए सी 10 वीं बटालियन में बीकानेर हुआ है। यह आदेश आज ही जारी हुए हैं।


गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन

श्रीगंगानगर 25.1.2018.

 सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुरूहरकिशन पब्लिक स्कूल, सेंटियन स्कूल, जुबिन स्पास्टिक होम, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नम्बर 2, नोजगे स्कूल, बालनिकेतन विद्यालय, श्री जगदम्बा मूक बधिर विद्यालय, बीडीआईएस, राजेन्द्र चिल्ड्रन एकेडमी, जवाहर नवोदय विद्यालय, गुड शैफर्ड स्कूल, गुप्ता बाल भारती विद्यालय, गुरूनानक बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिहाणी चिल्ड्रन एकेडमी, जैन पब्लिक स्कूल, म्यूर स्कूल, एमडीपीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक प्रस्तुतियां दी। 

इस अवसर पर न्यास सचिव श्री कैलाशचंद शर्मा, क्षेत्रीय उपनिदेशक ऋषिबाला श्रीमाली, उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक श्रीमती मंजू नैण गोदारा, श्री मदनलाल सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी प्राचार्य एवं छात्रा-छात्राएं उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन श्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने किया। इस अवसर पर जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2018 की पूर्व संध्या पर समस्त नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए इस क्षेत्र में निरन्तर तरक्की व विकास की कामना की है। जिला कलक्टर ने गुरूवार को महाराजा गंगासिंह स्टेडियम में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। 

जिला कलक्टर ने कहा कि 25 जनवरी को आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस भी है। सभी युवा जो 1 जनवरी 2018 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं वे अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वायें। अपने परिवार तथा आस-पास के परिवारों में भी कोई नागरिक मतदाता सूची में नामाकंन के बिना न रहें। जिला कलक्टर ने कहा कि आम नागरिकों को यातायात नियमों की पालना करनी चाहिए। इससे स्वयं की एवं दूसरों की जनहानि से बचा जा सकेगा। 

उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छ भारत मिशन अभियान चल रहा है। हम सभी को अपना घर, अपना मोहल्ला, अपना गांव व शहर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करना है। सभी नागरिक स्वच्छता को अपने जीवन में ढ़ाल लें। सफाई को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लेना चाहिए। जब प्रत्येक नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक हो जायेगा, उस दिन हमारा देश साफ-सुथरा नजर आयेगा।








सूरतगढ़ VIP कॉलोनी वसंत विहार में लाखों की चोरी

सूरतगढ़ । शहर से बाहर की ओर पड़ने वाली बाईपास रोड की vip कॉलोनी बसंत बिहार में गर्ग के मकान में हुई चोरी में चोर लाखों रुपए की सामग्री चुरा ले गए। गर्ग परिवार बाहर गया हुआ था और पीछे मकान सूना था। 

आज 25 जनवरी को चोरी का मालूम हुआ जब यह परिवार वापस लौटा।

 एक सीसीटीवी में संदिग्ध फोटोग्राफ्स आए हैं। जिनकी तहकीकात शुरू है। यह फोटोग्राफ्स 22 जनवरी के रात 11:00 बजे के आसपास के मालूम पड़े हैं। गर्ग की राजियासर में किरयाना का कारोबार है।

 वीआईपी कॉलोनियों में सर्दी में सोने के बाद दूसरे मकानों की मामूली सी आवाज़ भी कोई सुन नहीं पाता। वैसे भी इस VIP कॉलोनी के पास से सारी रात ट्रक ट्रॉले गुजरते हैं उनका भी शोर होता रहता है।




सूरतगढ़ इलाके में भयानक कोहरा और सर्द हवाएं


 * करणीदानसिंह राजपूत *

 सूरतगढ़ में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मौसम और ज्यादा सर्द हो गया। इलाके में शाम से ही भयानक कोहरा और तेज हवाएं चलने लगी। शहर में स्ट्रीट लाइटें कोहरे में टिमटिमाती हुई नजर आने लगी। 

यहां पर रेलवे स्टेशन सूरतगढ़ का करीब 8:45 बजे लिया गया फोटो प्रस्तुत है, जिसमें जगमगाती हुई लाइटें मामूली दीपक जैसी नजर आ रही हैं।

" सर्दी से बचें - यात्रा में परिचय पत्र हरेक का अनिवार्य रूप से साथ में रखें। कहीं होटल धर्मशाला में मजबूरी में रूकना पड़े तो सभी का परिचय पत्र होना चाहिए।











मैं हूं हिन्दुस्तान, नशे में पाकिस्तान



मैं हूं हिन्दुस्तान, 
नशे में पाकिस्तान
पगलाया पाकिस्तान
हिन्दुस्तान का जब हो नाम
तब पगलाए पाकिस्तान
मेरा तिरंगा चूमे आकाश
तब पगलाए पाकिस्तान
संसार में गूंजे मेरा नाम
तब तड़पे पाकिस्तान
कहीं अध्यक्षता हो मेरी
दारूमें बहके पाकिस्तान
मेरा नारा लोग लगाएं
जमीं पर लोटे पाकिस्तान
मेरा नाम जब जब गूंजे
गरळावै पाकिस्तान
हिन्दुस्तान को सब माने
नशे में बहके पाकिसतान
मेरे साथ सूरज चमके
अंधियारे में पाकिस्तान
मैं हूं हिन्दुस्तान
पगलाया पाकिस्तान
मेरा नाम मित्रता तगड़ी


दारू में पगलाया पाकिस्तान।
मैं जब चाहूं थप्पड़ से
रसातल जाए पाकिस्तान
मैं हूं हिन्दुस्तान
नशे में मरता पाकिस्तान
पगलाया पाकिस्तान।


 

- करणीदानसिंह राजपूत
विजयश्री करणी भवन,
सूर्योदयनगरी,मिनी मार्केट
सूरतगढ़।

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4-1-2016.
update 21-7-2016. 
update 10-8-2016.  
update 21-9-2016
update    1-5-2017.
update    25-1-2018.

बुधवार, 24 जनवरी 2018

पद्मावत फिल्म के उग्र विरोध से सिनेमा मालिक डरे

बॉलीवुड फिल्म ‘पद्मावत’ का विरोध और उग्र हो गया है। रिलीज से एक दिन पहले बुधवार  24-1-2018 को फिल्म के खिलाफ हरियाणा, राजस्थान, यूपी, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन हुए। उपद्रवियों ने कई सड़कें जाम कर दीं और बसों को फूंक दिया। 

‌दिल्ली-एनसीआर में भी कई जगह तोड़फोड़ हुई है। गुरुग्राम के सोहना रोड पर प्रदर्शनकारियों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया। जिले में रविवार तक थियेटरों की 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लगा दी गई है। यूपी में मेरठ के पीवीएस मॉल में पद्मावत के विरोध में पथराव किया गया। मथुरा में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकने की कोशिश की। 

‌राजधानी लखनऊ में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। मुंबई में अलग-अलग जगहों से करणी सेना के 50 समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। गुजरात में मंगलवार को अहमदाबाद में मल्टीप्लेक्स में हुई तोड़फोड़ के मामले में भी 50 लोग हिरासत में लिए गए हैं। 


इस बीच, मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होगा। यह संस्था 75 फीसदी मल्टीप्लेक्स मालिकों का प्रतिनिधित्व करती है। 


गुजरात के थियेटर मालिकों ने विवाद खत्म होने तक किसी भी मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर में फिल्म न प्रदर्शित करने का फैसला किया है। 

 राजस्थान में राजपूत समुदाय की 1,900 महिलाओं के जौहर करने को तैयार होने से एलान के बाद करणी सेना की चित्तौड़गढ़ इकाई के प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने दावा किया है कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व बिहार के फिल्म वितरकों ने उन्हें फिल्म रिलीज नहीं करने का आश्वासन दिया है।

25 जनवरी को भी जबरदस्त विरोध होने की सूचनाएं हैं।

राजपूतों के अलावा अन्य हिंदू संगठन फिल्म प्रदर्शन के विरोध में हैं। 


राजियासर के पास 2ट्कों की टक्कर:भीषण आग: चालकों खलासियों के आग में फंसने की आशंका


 राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर बीकानेर सूरतगढ़ के बीच में राजियासर के समीप  24-1-2018 रात मे दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर में आग लग गई। आग  बुझाने के बाद  दुर्घटना में एक व्यक्ति के जिंदा जल जाने की सूचना है जिसकी फिलहाल कोई पहचान नहीं हो पाई है।  

  

राजस्थान में 10 संसदीय सचिवों को अयोग्य घोषित करने की मांग





जयपुर दिनांक 22.01.2018

राजस्थान आम आदमी पार्टी ने राजस्थान सरकार के लाभ के पद संसदीय सचिव पद पर आसीन विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त रेखा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।

आम आदमी पार्टी   राजस्थान ने आज  लीगल सेल हेड पी. सी. भंडारी ( Poonam Chand Bhandari ) जी के नेतृत्व में  आज जयपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौपा। ज्ञापन के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने राजस्थान में लाभ के पद पे आसीन विधायकों की संसदीय सचिव की नियुक्ति निरस्त करने की मांग की।

विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष पूनम चंद भंडारी ने बताया कि राजस्थान सरकार में 10 संसदीय सचिव बनाये हुए है जो कि नियमानुसार अवैध है और यह सविंधान के अनुच्छेद 164(1) का उल्लंगन है । उन्होंने बताया कि ये सभी विधायक सरकारी बंगला गाड़ी तथा भत्ते के रूप में लाभ प्राप्त कर रहे है। अतः यह लाभ के पद पर आसीन है अतः  जो भी विधायक संसदीय सचिव नियुक्त किये गए है उनकी नियुक्ति तुरंत प्रभाव से निरस्त की जाए अथवा विधायक को अयोग्य घोषित किया जाये। 

ज्ञापन देते समय श्री ईश्वर सिंह जी ,कमलेश सक्सेना जी, चंदन लालवानी, विवेक जोशी, बेला शर्मा जी,अब्दुल सलाम मनिहार , मोहम्मद आसिफ दौड़ी, प्रदीप कटारिया, अजय धानका, संजय शर्मा जी, इंद्रजीत कथूरिया जी, महेंद्र सिंह जी ,   अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विदित रहे कि चुनाव आयोग ने दिल्ली के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है। हरियाणा के 4 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग उठी हुई है।


मंगलवार, 23 जनवरी 2018

सूरतगढ:ईंट मारने से हुई हत्या में हत्यारे को उम्र कैद की सजा


सूरतगढ़ 23 जनवरी 2018.

सूरतगढ़ में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शुभम पुत्र राकेश कुमार उम्र 18 वर्ष की हत्या ईंट मारने से हुई थी जिसमें मारने वाले अमरीक सिंह मजहबी सिख निवासी गाँव  कोटगुरु तहसील संगत जिला भटिंडा पंजाब को हत्या के अपराध में सूरतगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

 एडीजे अदालत की ओर से 23 जनवरी 2018 को हत्या का
दोषी मानते हुए अमरीक सिंह को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया। अमरीक सिंह वर्ष 2016 से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है।

अदालत में पीड़ित पक्ष की ओ ओर से एडवोकेट विवेक कुमार सेतिया और सरकार की ओर से पीड़ित पक्ष के लिए अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार झोरड़ ने पैरवी की। 

 शुभम पुत्र राकेश कुमार जिसकी ईंट मारने से हत्या हुई, वह सेतिया कॉलोनी श्रीगंगानगर का निवासी था और यहां अपने चाचा के यहां आया हुआ था। चाचा वार्ड नंबर 20 सूरतगढ़ राजकुमार पुत्र हरबंस लाल अरोड़ा ने सूरतगढ़ थाने में यह मामला 27 सितंबर 2016 को दर्ज कराया था।

 घटना के अनुसार शुभम स्कूटी लेकर अमन के साथ बाजार जा रहा था तब त्रिमूर्ति मंदिर रोड पर एक व्यक्ति ने शुभम के सिर पर ईंट फेंक कर मार दी जिससे उसकी हत्या हुई। उस व्यक्ति की पहचान अमरीक सिंह के नाम से हुई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।



पद्मावत का 25 को प्रदर्शन तय- विरोध जारी-क्या होगा?

फिल्म पद्मावत 25 जनवरी को पूरे देश में रिलीज होगी। सुप्रीम कोर्ट ने ‘पद्मावत’ के प्रदर्शन को रोकने के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान की ओर से दायर याचिकाओं को आज खारिज कर दिया। उधर करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी, पद्मावत देखने से मना कर दिया है। उन्होंने फिल्म पर पूरी तरह से बैन लगाने की मांग की है। इसके साथ ही करनी सेना की ओर से फिल्म को लेकर विरोध भी बरकरार है। आज की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि एक संवैधानिक संस्था ने इसको रिलीज करने की इजाजत दी है। अब राज्यों की जिम्मेदारी बनती है कि वे कानून-व्यवस्था को बनाए रखें और इस फिल्म को रिलीज कराएं। 


कोर्ट के आदेश को समझें और उसका पालन करें 


प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चन्द्रचूड़ की पीठ ने सोमवार  22-1-2018 को दोनों राज्यों की अर्जी पर संज्ञान लिया और मामले की सुनवाई के लिए मंगलवार 23-1-2018  की तारीख तय की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि लोग यह समझें की सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है और ऐसे में उसका पालन किया जाना चाहिए।  

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश और राजस्थान, दोनों राज्यों के अनुरोध पर अपने पुराने आदेश में बदलाव से इनकार कर दिया और इसके साथ ही पद्मावत की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफतौर पर अपने आदेश में कहा है कि राज्य उसके 18 जनवरी के आदेश का पालन करें, कोई जरूरत होने पर, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के पास आने की पूर्ण स्वतंत्रता है। मध्य प्रदेश और राजस्थान की ओर से दायर याचिकाओं में राज्यों ने दावा किया है कि सिनेमैटोग्राफ कानून की धारा छह उन्हें कानून-व्यवस्था के संभावित उल्लंघन के आधार पर किसी भी विववादित फिल्म के प्रदर्शन को रोकने का अधिकार देता है।


18 जनवरी का आदेश 


सुप्रीम कोर्ट ने अपने 18 जनवरी के आदेश के जरिए पूरे देश में 25 जनवरी को फिल्म रिलीज करने का रास्ता साफ कर दिया था। अपने आदेश में उसने गुजरात और राजस्थान में फिल्म के प्रदर्शन पर लगी रोक को स्थगित कर दिया था। इस संबंध में हालांकि हरियाणा और मध्यप्रदेश ने कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की है, लेकिन उन्होंने कहा है कि राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होगा ।


कालवी ने.सीएम योगी से की मुलाकात


संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत की रिलीज रोकने के लिए राजपूत करणी सेना पूरा जोर लगा रही है। सोमवार को करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

सीएम से मुलाकाम के बाद बातचीत में लोकेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी सिर्फ एक मांग है कि फिल्म को रिलीज नहीं किया जाए। इसके लिए सिनेमा हॉल मालिकों से मनुहार भी किया जा रहा है कि वे फिल्म को अपने सिनेमाघर में रिलीज ही न करें। उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज के दिन सिनेमा हॉल में जनता कर्फ्यू लगाया जाएगा।

लोकेंद्र सिंह ने कहा कि सु्प्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोई भी राज्य फिल्म को बैन नहीं कर सकता है लेकिन योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे पर हमारे साथ शुरू से हैं। उनमें संवेदनशीलता है इसलिए उनसे मुलाकात सकारात्मक रही। लोकेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी कीमत पर इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मुरादाबाद में बहुचर्चित फिल्म पद्मावती के विरोध में क्षत्रिय समाज पूरी तरह उतर पड़ा है

भंसाली ने दिया फिल्म देखने का न्योता

लोकेंद्र सिंह ने बताया कि एक दिन पूर्व संजय लीला भंसाली ने फिल्म देखने का न्योता दिया है लेकिन हम वही फिल्म देखना चाहते हैं जो रिलीज हो रही है। फिल्म वाले कोई भी चाल चल सकते हैं। कुछ और दिखाकर कुछ अलग रिलीज कर सकते हैं। इसलिए हम फिल्म उन छह लोगों को दिखाना चाहते हैं, जिन्हे सेंसर बोर्ड ने आमंत्रित किया था फिल्म प्रमाण पत्र देने से पहले। उन्होंने कहा कि संजय लीला भंसाली हमेशा से ही इतिहास से छेड़छाड़ करते आए हैं। बाजीराव मस्तानी में पूरा महराष्ट्र जल उठा था। 

लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि फिल्म वालों की ओर से कहा जाता है कि फिल्म को बनाने में दो सौ करोड़ रुपये लगे हैं। वे ये क्यों नहीं सोचते जिन 16 हजार महिलाओं ने जौहर किया था, उनकी जान और अस्मिता की कीमत क्या है। इसके बावजूद हम दो सौ करोड़ जुटा कर देने को तैयार है लेकिन फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे।


सब्र की परीक्षा न लें

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कालवी ने कहा कि खानवा के युद्ध के बाद पहली बार राजपूत समाज अपनी आन के लिए एकजुट है। उन्होंने कहा कि वह अहिंसा के पुजारी हैं, इसीलिए सभी सिनेमा हॉल संचालकों से निवेदन कर रहे हैं कि वह फिल्म को चलाकर उनके सब्र की परीक्षा न लें। यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे।  

15 राज्य विचारों से सहमत : 

कालवी ने कहा कि भंसाली ने फिल्म की रिलीज तिथि जानबूझकर 25 जनवरी निर्धारित की है। ऐसा इसलिए किया गया है कि गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर सरकार उनकी फिल्म का प्रदर्शन कराएगी, लेकिन 15 राज्यों की सरकार ने उनके विचारों पर सहमति जताते हुए साफ कर दिया है कि वह रिलीज तिथि पर सुरक्षा नहीं मुहैया करा सकते। 

पद्मावतः फिल्म की रिलीज के खिलाफ करणी सेना की हुंकार, जनता कर्फ्यू की अपील की

सभी मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे 

सेना संस्थापक ने कहा कि वह पवित्र यात्रा पर निकल चुके हैं। अगले दो दिनों में वह सभी राज्यों के मुख्मंत्रियों एवं समाज के लोगों से मिलेंगे। उनका यही प्रयास होगा कि यह फिल्म कम से कम भारत में तो रिलीज नहीं हो। 

मध्यप्रदेश 

भोपाल में करणी सेना ने भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित लालघाटी चौराहे पर चक्काजाम किया। विभिन्न राजपूत संगठनों ने शहर के व्यस्ततम एमपी नगर में भी प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला। इंदौर-उज्जैन और इंदौर-देवास, इंदौरा अहमदाबाद मार्ग पर भी प्रदर्शनकारियों ने पहिए जलाकर रास्ता बाधित करने की कोशिश की।

राजस्थान 

  प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान के राजसमंद और बाडमेर जिले में कई स्थानों पर राजमार्ग को बाधित किया। वहीं, भीलवाड़ा में करणी सेना का कार्यकर्ता उपेंद्र सिंह मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वह फिल्म पर रोक लगाने की मांग कर रहा है। पुलिस उसे मनाने की कोशिश कर रही है। इस बीच, चित्तौड़गढ़ की जौहर स्वाभिमान मंच की महिलाओं ने जौहर करने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया है। 

उत्तरप्रदेश

 गोरखपुर में एसआरएस सिनेमा हाल के सामने प्रदर्शनकारियों ने पद्मावत का विरोध किया और निर्देश संजय लीला भंसाली का पुतना फूंका। राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह ने सोमवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर फिल्म पर रोक की मांग की। इस बीच,रविवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने के आरोप में 16 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।   

राजस्थान: राजपूत महिलाए बोलीं- बैन करो पद्मावत या हमें मरने की मंजूरी दो

दिल्ली

राष्ट्रीय राजधानी में फिल्म के विरोध में किसी तरह के बवाल को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने कहा, फिल्म की रिलीज को ध्यान में रखते हुए हमने पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं। पुलिस थाने सिनेमा घरों के संपर्क में हैं। हॉल में एक छोटी सी जगह भी छोड़ी जाएगी, जिससे हॉल में कम से कम समय में पहुंचा जा सके। असमाजिक तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है। 

गुजरात 

अहमदाबाद के दस सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स ने पद्मावत फिल्म प्रदर्शित करने की इच्छा जताई है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने प्रत्येक सिनेमाघर को राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपीएफ) की एक-एक प्लाटून मुहैया कराने का फैसला किया है। ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। साथ सरकार ने चेतावनी दी है कि हंगामा करने वालों पर गैर इरादतन हत्या का प्रयास करने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 

उत्तराखंड में फिल्म के प्रदर्शन पर विरोध तेज 

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में फिल्म पद्मावत के खिलाफ युवा सेना ने दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। युवा सेना कार्यकर्ताओं ने कार्निवाल मल्टीप्लैक्स के संचालकों को फिल्म रिलीज होने पर तोड़फोड़ की धमकी दी। उत्तराखंड रक्षा अभियान के संयोजक हरिकिशन किमोठी ने फिल्म रिलीज होने पर आत्मदाह की धमकी दी है।

 

पटना में सिनेमाहॉल ने ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग रोकी   

पटना के सिनेमाघरों में फिल्म पद्मावत की बुकिंग का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को करणी सेना, श्रीराम सेना और अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने कुर्जी स्थित सिने पॉलिस पहुंच विरोध जताया। इसके बाद एक सिनेमा हॉल ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग रोक दी। वहीं, अन्य तीन सिनेमा हॉल ने फिलहाल अपने यहां फिल्म की एडवांस बुकिंग की सूचना नहीं दी है। 

करणी सेना की अपील, सिनेमाघर मालिक न दिखाएं फिल्म

फिल्म पद्मावत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही राजपूत करणी सेना ने सोमवार को सिनेमाघर मालिकों से इसे प्रदर्शित नहीं करने की अपील की। साथ चेतावनी देते हुए कहा कि 25 जनवरी तो आएगी, लेकिन पद्मावत नहीं आएगी। 

करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने राजपूत समाज के साथ हरियाणा के सभी 36 बिरादरी से भी पद्मावत को नहीं देखने का आह्वान किया।

उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक के बयान पर टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन साफ तौर पर कहा कि गुरुग्राम क्या, हरियाणा में यह फिल्म नहीं आ रही है। 

 

सूरतगढ़:श्री बालाजी किशन पितर जी मंदिर में 24 जनवरी को संकीर्तन दरबार

सभी भक्तों की सुख समृद्धि की मनोकामना पूर्ण होने के लिए दिव्य ज्योत की जाएगी। कीर्तन दरबार में भजन गायकों द्वारा गुणगान किया जाएगा। भजन गायक सूरतगढ़ बीकानेर कालू लूणकरणसर से पहुंचेंगे।

इस भव्य कार्यक्रम में अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर पवन कुमार खदरिया हनुमानगढ़ व पूर्ण बंसल अंकुर बंसल दिल्ली निवासी की तरफ से भंडारा होगा।


आप’ तो बच जाएगी, लेकिन अगर छत्तीसगढ़ में चला EC का डंडा तो गिर जाएगी बीजेपी सरकार!

                                                                             


  दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिए जाने के बाद राष्ट्रपति ने सदस्यता रद्द कर दी है,अब छत्तीसगढ़ के 11 संसदीय सचिवों पर भी विधायकी खोने का ख़तरा मंडराने लगा है. ऐसा हुआ तो राज्य की बीजेपी सरकार के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी. राज्य की कुल 90 सीटों में बीजेपी के पास 49 विधायक हैं. जबकि बहुमत के लिए उनके पास 46 विधायक होने चाहिए.

कांग्रेस समेत तमाम विरोधी दलों ने संसदीय सचिवों के खिलाफ जल्द कार्रवाई को लेकर चुनाव आयोग को पत्र भेजा है. हालांकि, संसदीय सचिवों की विधायकी ख़त्म करने को लेकर हाई कोर्ट में भी मामला विचाराधीन है, लेकिन तारीख पर तारीख के चलते मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही है. दिल्ली में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के विधायकों पर चुनाव आयोग और राष्ट्रपति की गिरी गाज के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब छत्तीसगढ़ की बारी है. कांग्रेस समेत कई स्वयं सेवी संगठनों ने राज्य के 11 संसदीय सचिवों की विधायकी खत्म करने को लेकर चुनाव आयोग को बहुत समय पहले शिकायत की थी, लेकिन आयोग ने इस शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की. अब जब दिल्ली में आप पार्टी के विधायक चुनाव आयोग के रडार में आए, और राष्ट्रपति ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी है, इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि आयोग छत्तीसगढ़ में बीजेपी के विधायकों पर भी अपना फैसला सुनाएगा. मई 2015 में छत्तीसगढ़ में 11 संसदीय सचिवों की नियुक्ति कर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उन्हें सभी 13 मंत्रियों के साथ अटैच कर दिया। था.


छत्तीसगढ़ में सचिवों को मिली हैं ये सुविधाएं


सभी संसदीय सचिवों को मंत्रियों की तरह सुविधाएं मुहैया कराई गई है. मसलन उन्हें सरकारी बंगला, दो पीए, पुलिस सुरक्षा, वाहन सुविधा और 11 हजार रुपए मासिक भत्ता के अलावा 73 हजार रुपए वेतन सरकारी खजाने से दिया जा रहा है. ये सभी संसदीय सचिव अपने विभाग के मंत्रियों से जुड़े काम संभालते हैं.

इनका जलवा किसी मंत्री से कम नहीं होता. राज्य में संसदीय सचिवों को सरकारी बोझ और अपव्यय के साथ-साथ इसे संविधान का उलंघन बताते हुए हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की है. हालांकि, इस पर दो तीन बार सुनवाई हुई और उसके बाद से लगातार तारीख पे तारीख मिलती जा रही है.

RTI कार्यकर्त्ता डॉ. राजेश डेगवेकर के मुताबिक यह संविधान की धारा 163-164 का उल्लंघन है. साथ ही ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का भी उल्लंघन इसलिए है, क्योंकि राज्य की बीजेपी सरकार ने मनमाने तरीके से एक ऐक्ट बनाया जिसका नाम है विधान सभा सदस्य निर्भरता निवारण संशोधन अधिनियम. इसमें इन्होंने 90 पदों को लाभ के पदों से अलग कर दिया, जो कि अपने आप में मनमानी है. उनके मुताबिक उन्होंने उस संशोधन ऐक्ट को भी चैलेंज किया है. बिलासपुर हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में डॉ. डेगवेकर ने जनता के धन का दुरूपयोग बताते हुए जल्द ही फैसले की मांग की है.

ये हैं छत्तीसगढ़ के संसदीय सचिव

छत्तीसगढ़ में विधायक तोखन लाल साहू, अंबेश जांगड़े, लखन लाल देवांगन, गोवर्धन मांझी, रूपकुमारी चौधरी, शिवशंकर पैकरा, सुनीति सत्यानंद राठिया, लाभचंद बाफना, चंपा देवी पावले, मोतीराम चन्द्रवंशी और राजू सिंह क्षत्रिय को राज्य की बीजेपी सरकार ने संसदीय सचिव की कुर्सी सौपी है.

बिलासपुर हाई कोर्ट ने अगस्त 2017 में अपनी शुरुआती सुनवाई में सभी 11 संसदीय सचिवों को प्रदत्त अधिकारों पर रोक लगा दी थी. यही नहीं, उनके वेतन और भत्तों पर भी पाबन्दी लगाई गई. लेकिन कानूनी दावपेच का इस्तेमाल करते हुए राज्य की बीजेपी सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देशों को हवा में उड़ा दिया.

उन्हें पहले की तरह सुख सुविधाएं जारी रहीं. अब जबकि दिल्ली में संसदीय सचिवों पर गाज गिरी है, उसे चुनाव आयोग की तहरीर मानते हुए कांग्रेस समेत सभी विरोधी दल एकजुट होकर राज्य के संसदीय सचिवों के खिलाफ ठीक वैसी ही कार्रवाई जल्द किए जाने की मांग कर रहे हैं.

उनके मुताबिक एक संविधान और दो विधान नहीं हो सकते, मसलन ‘आप’ पार्टी के लिए चुनाव आयोग के निर्देश कुछ और राज्य के बीजेपी विधायकों के लिए और कुछ. लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह इन दिनों ऑस्ट्रेलिया प्रवास पर हैं, लिहाजा तमाम संसदीय सचिव चुनाव आयोग के रुख के बाद अपने इलाकों से नदारद हो गए हैं.

उम्मीद की जा रही है कि रमन सिंह के छत्तीसगढ़ आने के बाद ये संसदीय सचिव रायपुर की राह पकड़ लें. फिलहाल, राज्य के प्रभारी कानून मंत्री बृजमोहन अग्रवाल मोर्चा सभाले हुए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में दिल्ली जैसा संकट नहीं है, क्योंकि उनकी सरकार ने वैधानिक रूप से कार्रवाई करते हुए संसदीय सचिव के पद को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के दायरे से बाहर रखा है.

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल बीड़ी टंडन के पास बीते दो सालों में 22 आवेदन और शिकायतें संसदीय सचिवों के खिलाफ दर्ज कराई हैं. इसमें 11 आवेदन संसदीय सचिवों को उनके पदों से हटाने के हैं, जबकि शेष 11 उन्हें अयोग्य घोषित करने के.

हालांकि, कांग्रेस का आरोप है कि राज्यपाल ने किसी भी आवेदन और शिकायतों को चुनाव आयोग को नहीं भेजा और ना ही खुद उस पर सुनवाई की. बीजेपी के विरोधी तमाम दल और संगठन इसे ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला करार देकर अपनी बॉल चुनाव आयोग के पाले में डाल दी है।

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