Saturday, December 30, 2017

मदरसे (स्कूल) में बंधक 51 लड़कियां छुड़ाई गईं- यौन शोषण में मुकदमा-संचालक गिरफ्तार


यूपी की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके के खदीजतुल कुबरा लिलबनात मदरसे से पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापा मारकर शुक्रवार 29.12.2017  रात में 51 छात्राओं को मुक्त करवाया। पीड़ित छात्राओं ने संचालक-प्रबंधक यासीनगंज निवासी कारी तैय्यब जिया पर यौन शोषण और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने तैय्यब पर मारपीट, धमकी देने, जालसाजी देने के अलावा पॉस्को ऐक्ट और 7 सीएलए ऐक्ट में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बयान दर्ज करने के बाद छात्राओं को राजकीय बाल गृह (बालिका) भेज दिया गया है।

सआदतगंज के यासीनगंज में कैम्पबेल रोड पर मदरसा खदीजतुल कुबरा लिलबनात है। एडीएम पश्चिमी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि मदरसे में 125 छात्राएं पढ़ती हैं, लेकिन मौजूदा समय में 51 छात्राएं ही थीं। बाकी घर चली गई हैं।

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इंदिरानगर के ए-ब्लॉक में रहने वाले सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ धार्मिक गुरु हैं। उन्होंने काफी समय पहले सआदतगंज के यासीनगंज में 1660 वर्ग फुट प्लॉट खरीदा था। जिसमें उन्होंने खदीज़तुल कुबरा लिलबनात नाम से मदरसा खोला था। सैय्यद मोहम्मद जिलानी ने बताया कि उन्होंने मदरसे की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी यासीनगंज निवासी कारी तैय्यब जिया को सौंपी थी। कुछ समय के बाद कारी तैय्यब जिया ने मदरसे को गर्ल्स हॉस्टल में तब्दील कर दिया। सैय्यद मोहम्मद जिलानी ने बताया कि कारी तैय्यब जिया मदरसे में अपनी मनमर्जी चलाने लगा। इसका विरोध करने पर वह उन्हें धमकी देकर भगा देता था।

छात्राओं ने चिट्ठी फेंक कर बयां किया दर्द

एएसपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि मौजूदा समय में मदरसे में कुल 125 छात्राएं पढ़ रही थीं। शु्क्रवार दोपहर हॉस्टल में रहने वाली कुछ छात्राओं ने मदरसे की खिड़कियों से चिट्ठी व पर्चे फेंके। इन पर्चों में लिखा था कि.. संचालक ने हम लोगों को बंधक बना रखा है, वह हम लोगों से छेड़छाड़ करता है और विरोध करने पर अमानवीय बर्ताव करता है। पीड़ित छात्राओं ने इन पर्चों में स्थानीय लोगों से गुहार लगाई कि वह उनकी बात पुलिस तक पहुंचाकर उनकी मदद करवाएं। ये पर्चे स्थानीय लोगों के हाथ लगे तो वे सन्न रह गए। मोहल्ले के लोगों ने फौरन इस बात की सूचना मदरसे के मालिक सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ को दी।

मदरसा मालिक को घुसने नहीं दिया

इसकी सूचना मिलने पर जब सैय्यद मोहम्मद जिलानी मदरसे पहुंचे तो छात्राएं अंदर थीं और बाहर से ताला लगा था। जिलानी ने इसकी शिकायत सआदतगंज पुलिस से की। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी दीपक कुमार ने जिला प्रशासन, अल्प संख्यक आयोग व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अधिकारियों को इससे अवगत कराया। एएसपी विकास चन्द्र त्रिपाठी की अगुवाई में पुलिस, प्रशासन व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम ने मदरसे में छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने मदरसे में बंधक बनाकर रखी गईं 51 छात्राओं को मुक्त कराया।

फंसने पर रोने लगा संचालक

पुलिस ने मदरसे के संचालक कारी तैय्यब जिया को गिरफ्तार कर लिया। सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला मुकदमा पीड़ित छात्राओं की तहरीर पर तैय्यब जिया व उसके साथियों के खिलाफ दर्ज किया गया है, जिसमें छेड़छाड़, बंधक बनाने, मारपीट करने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरा मुकदमा मदरसे के मालिक सैय्यद मोहम्मद जिलानी की तहरीर पर किया जा रहा है, जिसमें कारी तैय्यब जिया को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया जाएगा। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं। इसके आधार पर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।


आरोपी संचालक ने पुलिस से की थी झूठी शिकायत


मदरसे के मालिक जिलानी अशरफ का कहना है कि शुक्रवार को जब उन्हें इस बात की शिकायत मिली तो आरोपी संचालक तैय्यब जिया ने उन्हें धमकाते हुए इस मामले से दूर रहने की हिदायत दी। आरोपी ने खुद को बचाने के लिए सैय्यद जिलानी अशरफ व उनके साथियों अहमद मियां और फुरकान अली के खिलाफ सआदतगंज थाने में शिकायत कर दी।


शुरुआत में गंभीर नहीं हुई पुलिस


छात्राओं के साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव का पता चलने पर सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ ने गुरुवार को ही सआदतगंज पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन, पुलिस इस मामले को हलके में ले गई थी। मोहम्मद जिलानी का आरोप है कि पुलिस ने जांच करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया था। इस पर उन्होंने एसएसपी दीपक कुमार से मिलकर मामले की शिकायत की, तब जाकर कार्रवाई हुई।

( टिप्पणी- यह मामला यूपी का है मगर यह संदेश है कि शिकायत होने पर ही कार्यवाही की जाने के बजाय पुलिस व प्रशासन अपने आप भी जांच करते रहें।राजस्थान में भी जांच होनी चाहिए।)





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