शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

सूरतगढ़: सरकारी अस्पताल में 4सौ रू लेने के बाद बच्चा मां को सौंपा गया

करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ के सरकारी अस्पताल में प्रसूता से प्रसव के बाद ₹400 नर्स विमला द्वारा लिए जाने के बाद बच्चा मां को सौंपने की शिकायत बहुत ही गंभीर मामला है। 

सरकारी अस्पताल में यह भ्रष्टाचार का मामला बिगड़ेहालत की ओर इशारा कर रहा है जो इस सरकारी अस्पताल में धड़ल्ले से चलाई जा रही है।

 सरकारी अस्पताल में अव्यवस्थाओं के लिए स्थानीय संगठन और राजनैतिक दल अनेक बार मांग कर चुके हैं। प्रसूता से ₹400 लिए जाने को दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने 29 दिसंबर 2017 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है।इस शर्मनाक कार्य की शिकायत पोर्टल पर होने के बाद अस्पताल के प्रभारी डॉ दर्शन सिंह ने जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति बनाई है जिसमें एक डॉक्टर वह दो नर्सिंग स्टाफ हैं। देखना है कि इसकी जांच कितने समय में पूरी की जाती है। जांच अतिशीघ्र की जाती है या लटकाई जाती है?

अस्पताल में जो कुछ होता है वह चिकित्सालय प्रभारी दर्शनसिंह व बीसीएमओ डॉ मनोज अग्रवाल से छुपा हुआ तो नहीं होना चाहिए।

महत्वपूर्ण तो यह है कि एक डॉक्टर बराबर के डाक्टर के नाम आने की क्या जांच करेगा? विभागीय जांच सी एम एच ओ को करनी चाहिए?

वैसे भी यह मामला भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी श्रेणी का है जिसके लिए एसीबी है। 

सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि वालों सुविधाएं देती है और यहां उल्टा चक्कर चलाया जा रहा था।











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