रविवार, 31 दिसंबर 2017

जापान सरकार के आमंत्रण पर छात्रा कोमल कंवर शेखावत की जापान यात्रा:

 -  करणीदानसिंह राजपूत -

भारत की विश्व विख्यात छात्राओं की शिक्षण संस्था वनस्थली विद्यापीठ की छात्रा कुमारी  कोमल कंवर शेखावत की जापान की शैक्षणिक यात्रा जापान की सामाजिक ऐतिहासिक विविधतापूर्ण संस्कृति की जानकारी उच्चकोटि की तकनीकी और विकास की जानकारी युवाओं को देने के लिए जापान के युवा विभाग के मंत्रालय की ओर से आयोजित की गई थी। यह यात्रा "JENE sys 2017( Japan east Asia network of exchange for students and youth) SAARC countries economic cooperation कार्यक्रम के तहत थी।

 सार्क देशों के युवा और छात्र एवम छात्राओं ने भाग लिया था। 

कोमल कंवर शेखावत का वर्णन प्रथम दृष्टि से इसलिए किया जाना महत्वपूर्ण है कि वह उत्तर भारत की तरफ से एकमात्र छात्रा चयनित हुई थी। कुमारी कोमल शेखावत ने भूटान नेपाल और भारत के तीन देशों के ग्रुप में यह यात्रा प्रतिनिधित्व के रूप में की।

 इस यात्रा में भारत के कुल 16 छात्र छात्राओं ने भाग लिया था। आठ  छात्र छात्र मास्टर डिग्री में अध्ययन करने वाले और  आठ छात्र-छात्रा 11वीं 12वीं कक्षाओं के थे।

 जापान के युवा मंत्रालय के इस आयोजन में भारत की सभी  यूनिवर्सिटी से एक एक  प्रतिभागी का चयन होना था। वनस्थली विद्यापीठ ने शैक्षणिक योग्यता सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी भाषा संवाद कौशल के आधार पर कोमल कंवर शेखावत का चयन इस यात्रा के लिए किया।

 यह यात्रा 26 नवंबर से 6 दिसंबर तक हुई जिसमें 27 नवंबर से 5 दिसंबर तक सभी जापान में रहे।

 हम मानते हैं कि अपने शहर में आस पड़ोस की जानकारी की जिज्ञासा होती है। वह जिज्ञासा बढ़ते हुए पड़ोस के शहरों की,पड़ोस के प्रांत की,पड़ोस के देशों की ओर बढ़ती हुई दूरस्थ देशों की जानकारी के लिए बढ़ती जाती है। हम अवगत हों मेलजोल हो बहुत सी सामाजिक जानकारियां और आधुनिक तकनीकी जानकारियां अपने मस्तिषक में सामान लेने की चाहत होती है। यह भी सोचते हैं कि जो कुछ हमने जाना देखा सीखा,हमारा ज्ञानवर्धन हुआ वह समाज के विभिन्न वर्गों के लाभ के लिए और देश के लाभ के लिए प्रचारित और प्रसारित कर दें ताकि अन्य लोग उन जानकारियों का लाभ उठा सकें। कोमल कंवर शेखावत भी इसे बांटने की इच्छुक हैं।

कोमल कंवर शेखावत ने जापान की इस यात्रा में क्या कुछ देखा क्या पाया? उसकी विस्तृत रिपोर्ट जब देगी तो उसमें बहुत कुछ सामग्री होगी। वैसे तो रिपोर्ट सौंपने की अवधि 3 महीने से 9 महीने के बीच में है। हम कोशिश करेंगे कि कोमल कंवर शेखावत जब अपनी रिपोर्ट पेश करें तब उसके बारे में भी समुचित जानकारी हमारे असंख्य पाठकों को दे सकें। 

जापान के युवा मंत्रालय ने जानकारियों के आदान-प्रदान के रूप में है आयोजन किया था जिसमें  Tepia advanced technology gallery, North Asia University, Warabi za co.ltd. (रंगमंच),Akita shuroi seizoh co.ltd.( उद्योग) का अवलोकन किया। जापान में लोगों के नीति निर्माण पर व्याख्यान आदि भी शामिल थे।अकिता प्रिफेक्चर में द्विदिवसीय जापानी परिवार के संग गृह निवास भी था। यह निवास भी रोचक अनूभूति व आनंददायक रहा होगा।

जापान समुद्रतटीय भूकंपीय पट्टी में अनेक बार की विनाशलीलाओं में संकट झेलते हुए नयी तकनीक में आगे बढने वाले देशों में हैं। वहां के युवा निश्चित रूप से देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान देते हैं। वहां के स्त्री पुरुष राजनेता भी अपने देश को पूरे विश्व में शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित कर चुके हैं। जापान के ज्ञान विज्ञान में तकनीकी में झांकने की कोशिश कोमल कंवर शेखावत ने की है। 

कोमल कंवर शेखावत का सपना भी अपने देश भारत को सर्वोच्च स्थान पर देखने का है। कोमल कंवर शेखावत अर्थशास्त्र की छात्रा है। शैक्षणिक जीवन बड़ा ही जीवट वाला रहा है।

 सैनिक परिवार में जन्मी मां अचरज कंवर जोधा( राठौड़) व सूबेदार प्रेम सिंह शेखावत की संतान  कोमल कंवर शेखावत की शिक्षा विभिन्न स्थानों पर हुई। जहां जहां इनके पिता सूबेदार प्रेम सिंह शेखावत रहे। पिता की  सीमा क्षेत्र में ड्यूटी थी जहां शिक्षा के लिए कोमल को दूर भी रहना पड़ा था।

कोमल के पिता प्रेम सिंह शेखावत सेना से सेवानिवृत्त होने के पश्चात अब राजस्थान के सूरतगढ़ में श्री सीमेंट कंपनी में सुरक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।

कोमल कंवर शेखावत ने शिक्षा में भी नाम रोशन किया है। मोदी यूनिवर्सिटी में भी वह अग्रणीय छात्राओं में रही थीं।

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 कोमल कंवर शेखावत














दायें से - कोमल कंवरशेखावत,माता श्रीमती अचरज कंवर, पिता प्रेम सिंह शेखावत,भाई अजय सिंह शेखावत।

शनिवार, 30 दिसंबर 2017

सूरतगढ़ : अतिक्रमण 3 दिन में हटालें बाद में नगरपालिका खर्च भी वसूलेगी



सूरतगढ़ 30.12.2017.

नगरपालिका सूरतगढ़ ने धरनों प्रर्दशनों मांगों के दौरान भारी कसमकस के बाद आखिर आज 30 दिसंबर को सूचना जारी कर दी है।

रेलवे स्टेशन से महाराणा प्रताप चौक तक दोनों ओर, सिकंदर ज्वैलर्स से सुभाष चौक तक दोनों ओर के अतिक्रमण  सूचना के तीन दिन में स्वयं हटाने के लिए सूचित किया गया है। 

सूचना में चेतावनी भी दी गई है कि अन्यथा नगर पालिका नियमों के अनुसार अतिक्रमण हटाए जाएंगे और संबंधित अतिक्रमी से सारा खर्चा वसूल किया जाएगा।

यह असमंजस भी है कि प्रशासन ने अतिक्रमणों का सर्वे करवाया था लेकिन बताया नहीं कि कहां तक हटाना है?

सही स्थिति है कि साधारण रूप में स्टार से बाहर अतिक्रमण है जो फुटपाथ को तोड़ कर ऊंचा चौकी ( थोड़ी)रूप में पक्का निर्माण कर लिया गया।

स्टर से बाहर 3 फुट रख कर अतिक्रमण हटाने की कोई कानूनी छूट नहीं है।

नरेंद्र साल 2018 का पहला दिन अतिक्रमण हटाने की शुरुआत से होगा।

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मदरसे (स्कूल) में बंधक 51 लड़कियां छुड़ाई गईं- यौन शोषण में मुकदमा-संचालक गिरफ्तार


यूपी की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके के खदीजतुल कुबरा लिलबनात मदरसे से पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापा मारकर शुक्रवार 29.12.2017  रात में 51 छात्राओं को मुक्त करवाया। पीड़ित छात्राओं ने संचालक-प्रबंधक यासीनगंज निवासी कारी तैय्यब जिया पर यौन शोषण और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने तैय्यब पर मारपीट, धमकी देने, जालसाजी देने के अलावा पॉस्को ऐक्ट और 7 सीएलए ऐक्ट में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बयान दर्ज करने के बाद छात्राओं को राजकीय बाल गृह (बालिका) भेज दिया गया है।

सआदतगंज के यासीनगंज में कैम्पबेल रोड पर मदरसा खदीजतुल कुबरा लिलबनात है। एडीएम पश्चिमी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि मदरसे में 125 छात्राएं पढ़ती हैं, लेकिन मौजूदा समय में 51 छात्राएं ही थीं। बाकी घर चली गई हैं।

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इंदिरानगर के ए-ब्लॉक में रहने वाले सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ धार्मिक गुरु हैं। उन्होंने काफी समय पहले सआदतगंज के यासीनगंज में 1660 वर्ग फुट प्लॉट खरीदा था। जिसमें उन्होंने खदीज़तुल कुबरा लिलबनात नाम से मदरसा खोला था। सैय्यद मोहम्मद जिलानी ने बताया कि उन्होंने मदरसे की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी यासीनगंज निवासी कारी तैय्यब जिया को सौंपी थी। कुछ समय के बाद कारी तैय्यब जिया ने मदरसे को गर्ल्स हॉस्टल में तब्दील कर दिया। सैय्यद मोहम्मद जिलानी ने बताया कि कारी तैय्यब जिया मदरसे में अपनी मनमर्जी चलाने लगा। इसका विरोध करने पर वह उन्हें धमकी देकर भगा देता था।

छात्राओं ने चिट्ठी फेंक कर बयां किया दर्द

एएसपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि मौजूदा समय में मदरसे में कुल 125 छात्राएं पढ़ रही थीं। शु्क्रवार दोपहर हॉस्टल में रहने वाली कुछ छात्राओं ने मदरसे की खिड़कियों से चिट्ठी व पर्चे फेंके। इन पर्चों में लिखा था कि.. संचालक ने हम लोगों को बंधक बना रखा है, वह हम लोगों से छेड़छाड़ करता है और विरोध करने पर अमानवीय बर्ताव करता है। पीड़ित छात्राओं ने इन पर्चों में स्थानीय लोगों से गुहार लगाई कि वह उनकी बात पुलिस तक पहुंचाकर उनकी मदद करवाएं। ये पर्चे स्थानीय लोगों के हाथ लगे तो वे सन्न रह गए। मोहल्ले के लोगों ने फौरन इस बात की सूचना मदरसे के मालिक सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ को दी।

मदरसा मालिक को घुसने नहीं दिया

इसकी सूचना मिलने पर जब सैय्यद मोहम्मद जिलानी मदरसे पहुंचे तो छात्राएं अंदर थीं और बाहर से ताला लगा था। जिलानी ने इसकी शिकायत सआदतगंज पुलिस से की। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी दीपक कुमार ने जिला प्रशासन, अल्प संख्यक आयोग व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अधिकारियों को इससे अवगत कराया। एएसपी विकास चन्द्र त्रिपाठी की अगुवाई में पुलिस, प्रशासन व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम ने मदरसे में छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने मदरसे में बंधक बनाकर रखी गईं 51 छात्राओं को मुक्त कराया।

फंसने पर रोने लगा संचालक

पुलिस ने मदरसे के संचालक कारी तैय्यब जिया को गिरफ्तार कर लिया। सीओ बाजारखाला अनिल कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला मुकदमा पीड़ित छात्राओं की तहरीर पर तैय्यब जिया व उसके साथियों के खिलाफ दर्ज किया गया है, जिसमें छेड़छाड़, बंधक बनाने, मारपीट करने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरा मुकदमा मदरसे के मालिक सैय्यद मोहम्मद जिलानी की तहरीर पर किया जा रहा है, जिसमें कारी तैय्यब जिया को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया जाएगा। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं। इसके आधार पर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।


आरोपी संचालक ने पुलिस से की थी झूठी शिकायत


मदरसे के मालिक जिलानी अशरफ का कहना है कि शुक्रवार को जब उन्हें इस बात की शिकायत मिली तो आरोपी संचालक तैय्यब जिया ने उन्हें धमकाते हुए इस मामले से दूर रहने की हिदायत दी। आरोपी ने खुद को बचाने के लिए सैय्यद जिलानी अशरफ व उनके साथियों अहमद मियां और फुरकान अली के खिलाफ सआदतगंज थाने में शिकायत कर दी।


शुरुआत में गंभीर नहीं हुई पुलिस


छात्राओं के साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव का पता चलने पर सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ ने गुरुवार को ही सआदतगंज पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन, पुलिस इस मामले को हलके में ले गई थी। मोहम्मद जिलानी का आरोप है कि पुलिस ने जांच करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया था। इस पर उन्होंने एसएसपी दीपक कुमार से मिलकर मामले की शिकायत की, तब जाकर कार्रवाई हुई।

( टिप्पणी- यह मामला यूपी का है मगर यह संदेश है कि शिकायत होने पर ही कार्यवाही की जाने के बजाय पुलिस व प्रशासन अपने आप भी जांच करते रहें।राजस्थान में भी जांच होनी चाहिए।)





शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

श्रीगंगानगर:किन्नू फल महोत्सव में गाय,भैंस व फूल पत्ता गोभी प्रतियोगिताएं होंगी- तिथि जानें



रामलीला मैदान में 2 दिन चलेगा किन्नू महोत्सव


किन्नू सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं भी होंगी


श्रीगंगानगर, 29 दिसम्बर। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि कृषि प्रधान एवं किन्नू फल में अग्रणी जिला गंगानगर में पहली बार 16 व 17 जनवरी 2018 को रामलीला मैदान में दो दिवसीय विशाल किन्नू महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। 


जिला कलक्टर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में किन्नू महोत्सव की तैयारियों से संबंधित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रथम दिन 16 जनवरी को किन्नू फल से संबंधित आयोजन होगें। किन्नू उत्पादन तकनीक, जल, उर्वरक प्रबंधन, किन्नू फल प्रसंस्करण, कीट रोग प्रबंधन, किन्नू विपणन इत्यादि पर विभिन्न विश्व विधालयों, कृषि अनुसंधान केन्द्रों के अलावा हरियाणा कृषि विश्व विधालय, सीफेट अबोहर के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जानकारी दी जायेगी। 

जिला कलक्टर ने कहा कि किन्नू महोत्सव व किसान मेला व कृषि प्रदर्शनी में किन्नू उत्पादक किसानों को आमंत्रित किया जाये, ऐसे किसान जो किन्नू उत्पादन में अग्रणी है, उनके अनुभव भी बांटे जाये। किन्नू फल के व्यापारी, उद्यमी तथा फलों का प्रसंस्करण करने वाली ईकाईयों के स्वामियों को भी आमंत्रित किया जाये। जिला कलक्टर ने कहा कि किसान के सामने अपनी फसल या फल उत्पादन के पश्चात विपणन की समस्या आती है। उत्पादकों को विपणन का एक अच्छा प्लेटफार्म देना होगा। 


बैठक में बताया कि किन्नू महोत्सव के दूसरे दिन पशुपालन विभाग, डेयरी, बैंकर्स, सहकारी, एग्रोप्रोसेसिंग से संबंधित कार्यक्रमों के अलावा उन्नत नस्ल के पशुओं व सब्जियों की प्रतियोगिताएं भी होगी। प्रथम दिन किन्नू फल की प्रतियोगिताएं होगी। दूसरे दिन सब्जियों में फूलगोबी, पत्तागोबी, गाजर की प्रतियोगिताएं होगी। प्रथम विजेता को 2500 रूपये, द्वितीय विजेता को 1500 रूपये तथा तृतीय विजेता को 1000 रूपये का नगद पुरस्कार दिया जायेगा। इसी प्रकार पशु नस्ल में भी गाय (साहिवाल) एवं भैंस (मुर्रा) की उन्नत नस्लों की प्रतियोगिताएं होगी। 


किन्नू महोत्सव एवं मेले के प्रमुख आकर्षण


जिला कलक्टर ने बताया कि किन्नू महोत्सव में किन्नू के साथ-साथ बीज उर्वरक, कीटनाशक रसायन, जलप्रबंधन तकनीकी ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर, फव्वारा, सौर उर्जा, उन्नत कृषि यंत्रा, मशीनरी, पौध सरंक्षण उपकरण, ट्रेक्टर आदि आकर्षण के केन्द्र रहेंगे। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। महोत्सव में कृषक परामर्श केन्द्र होगा, जिसमें किसानों की समस्याओं व शंकाओं का समाधान होगा व योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। किन्नू महोत्सव में विभिन्न प्रकार की 90 से 100 स्टॉल लगाई जायेगी। 

बैठक में एडीएम सर्तकता श्री वीरेन्द्र कुमार वर्मा, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक श्री वी.एस.नैण, उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. जे.आर.मटोरिया, उपनिदेशक कृषि डॉ. सतीश कुमार शर्मा, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजकुमार मिढ़ढा, एलडीएम श्री जसपाल सिंह भट्टी, उद्योग अधिकारी श्रीमती संतोष, महिला अधिकारिता सहायक निदेशक श्री विजयकुमार तथा श्री मदन जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।



अतिक्रमण चिन्हिकरण व हटाने की कार्यवाही निरन्तर होः- जिला कलक्टर


श्रीगंगानगर, 29 दिसम्बर। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि  अतिक्रमण चिन्हित करने एवं हटाने की प्रक्रिया निरन्तर जारी रहनी चाहिए। 

यह भी सुनिश्चित किया जाये कि अतिक्रमण हटाने के बाद पुनः अतिक्रमण न हों। 

जिला कलक्टर शुक्रवार  29.12.2017 को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में अतिक्रमण हटाने संबंधी बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद व नगरविकास न्यास अपने-अपने क्षेत्र में अतिक्रमणों को चिन्हित करें तथा यह सुनिश्चित करें कि वाकई​ ही अतिक्रमण है। इसके पश्चात संबंधित को नोटिस तामिल करवाकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाये जायें। अतिक्रमण हटाने में किसी प्रकार का व्यावधान न हो, इसके लिये पुलिस जाब्ता व मजिस्ट्रेट भी मौके पर होने चाहिए। 

उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय के निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाये। अतिक्रमण चिन्हिकरण के साथ-साथ अस्थाई अतिक्रमणों को तत्काल हटाना चाहिए। शहर साफ सुथरा हो, इसके लिये होर्डिग्स, पोस्टर, बैनर इत्यादि अनावश्यक रूप से नहीं लगे होने चाहिए। बैठक में बताया गया कि नगरपरिषद द्वारा 103 अतिक्रमण चिन्हित किये गये हैं  जिन्हें हटाने की कार्यवाही की जायेगी। 

नगरविकास न्यास द्वारा सूरतगढ़ मार्ग से चिन्हित किये गये अस्थाई अतिक्रमण हटाये गये। 

बैठक में एडीएम सर्तकता श्री वीरेन्द्र कुमार वर्मा, नगरपरिषद आयुक्त सुनीता चौधरी, न्यास सचिव श्री कैलाशचंद शर्मा, सीओसीटी श्री तुलसीदास पुरोहित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 

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सूरतगढ़ भी इसी जिले का हिस्सा है मगर यहां प्रशासन की जानबूझ कर ढील चल रही है।

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सूरतगढ़: सरकारी अस्पताल में 4सौ रू लेने के बाद बच्चा मां को सौंपा गया

करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ के सरकारी अस्पताल में प्रसूता से प्रसव के बाद ₹400 नर्स विमला द्वारा लिए जाने के बाद बच्चा मां को सौंपने की शिकायत बहुत ही गंभीर मामला है। 

सरकारी अस्पताल में यह भ्रष्टाचार का मामला बिगड़ेहालत की ओर इशारा कर रहा है जो इस सरकारी अस्पताल में धड़ल्ले से चलाई जा रही है।

 सरकारी अस्पताल में अव्यवस्थाओं के लिए स्थानीय संगठन और राजनैतिक दल अनेक बार मांग कर चुके हैं। प्रसूता से ₹400 लिए जाने को दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने 29 दिसंबर 2017 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है।इस शर्मनाक कार्य की शिकायत पोर्टल पर होने के बाद अस्पताल के प्रभारी डॉ दर्शन सिंह ने जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति बनाई है जिसमें एक डॉक्टर वह दो नर्सिंग स्टाफ हैं। देखना है कि इसकी जांच कितने समय में पूरी की जाती है। जांच अतिशीघ्र की जाती है या लटकाई जाती है?

अस्पताल में जो कुछ होता है वह चिकित्सालय प्रभारी दर्शनसिंह व बीसीएमओ डॉ मनोज अग्रवाल से छुपा हुआ तो नहीं होना चाहिए।

महत्वपूर्ण तो यह है कि एक डॉक्टर बराबर के डाक्टर के नाम आने की क्या जांच करेगा? विभागीय जांच सी एम एच ओ को करनी चाहिए?

वैसे भी यह मामला भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी श्रेणी का है जिसके लिए एसीबी है। 

सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि वालों सुविधाएं देती है और यहां उल्टा चक्कर चलाया जा रहा था।











पुलिस हिरासत में थर्ड डिग्री का अमानवीय अत्याचार

 जनसत्ता संपादकीयः हिरासत में मौत

हालांकि भारत ने मानवाधिकार संबंधी संयुक्त राष्ट्र के अन्य संकल्प-पत्रों की तरह कैदियों के भी अधिकारों का खयाल रखने और उन्हें यातना न देने के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किया हुआ है।

हालांकि भारत ने मानवाधिकार संबंधी संयुक्त राष्ट्र के अन्य संकल्प-पत्रों की तरह कैदियों के भी अधिकारों का खयाल रखने और उन्हें यातना न देने के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किया हुआ है। पर सारी दुनिया को जो भरोसा दिलाया गया, हकीकत उससे अलग है। यहां कैदियों के साथ मानवीय सलूक होना तो दूर, उलटे उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा जाता है। पुलिस मानो यह मान कर चलती है कि हिरासत में लिये गए व्यक्ति के साथ कुछ भी किया जा सकता है और इस बारे में किसी की कोई जवाबदेही तय नहीं होगी। सिर्फ शक की बिना पर पकड़े व्यक्ति को हिरासत में बर्बरता झेलनी पड़ती है, जिसमें उसे थप्पड़ मारे जाने से लेकर बुरी तरह मारे-पीटे जाने और यातना दिए जाने के तमामतरीके शामिल हैं। इसलिए हैरत की बात नहीं कि विचाराधीन कैद के दौरान कइयों की मौत हो जाती है। यह राहत की बात है कि हिरासत के दौरान कैदियों की मौत के मामलों को न्यायपालिका ने गंभीरता से लिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर में सभी उच्च न्यायालयों से कहा था कि 2012 के बाद जेलों में हिरासत के दौरान अस्वाभाविक मौत के मामलों में कैदियों के परिजनों की पहचान के लिए स्वत: याचिका दर्ज करें और यदि पहले पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया है तो उचित मुआवजा देने का आदेश दें।

गौरतलब है कि इस निर्देश के अनुरूप सोलह उच्च न्यायालयों में कार्यवाही शुरू की गई है। आठ उच्च न्यायालयों ने कार्यवाही की बाबत फिलहाल जानकारी नहीं दी है। सर्वोच्च अदालत ने देश की 1382 जेलों में कैदियों की अमानवीय स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बाकी यानी आठ उच्च न्यायालयों को भी हिरासत में मौत से संबंधित मामलों पर यथाशीघ्र करने का निर्देश भेजा है। इस अदालती पहल का औचित्य जाहिर है। हमारे देश में अधिकतर मामलों में हिरासत संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं होता। जो होता है वह बहुतों के लिए दु:स्वप्न ही साबित होता है। एक विचाराधीन कैदी पर लगा अभियोग सिद्ध न हो, तो अदालत उसे बाइज्जत बरी करने का हुक्म देती है। लेकिन पुलिस थाने और जेल में उसने जो भोगा होता है उसे वह जिंदगी में शायद ही कभी भुला पाता है।

मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2009 से 2015 के दरम्यान यानी छह साल में करीब छह सौ लोग पुलिस हिरासत में जिंदगी से हाथ धो बैठे। पुलिस अमूमन ऐसे वाकये को खुदकुशी या बीमारी से हुई मौत बता कर पल्ला झाड़ लेती है। जबकि असल वजह होती है हिरासत के दौरान दी गई यातना, जिसके लिए ‘थर्ड डिग्री’ नाम प्रचलित है। यों तो कानूनन इस तरह के व्यवहार की मनाही है, और गिरफ्तारी व हिरासत संबंधी दिशा-निर्देश भी बने हुए हैं। पर बहुत सारे मामलों में हिरासत में लिये गए व्यक्ति को चौबीस घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के नियम का भी पालन नहीं होता। सर्वोच्च अदालत और उच्च न्यायालयों ने हिरासत में हुई मौतों पर स्वत: संज्ञान लेकर, नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें संविधान की तरफ से सौंपी गई जिम्मेदारी के प्रति गंभीरता का ही परिचय दिया है। इसी के साथ, उन्हें इस पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए कि क्या किया जाए कि किसी को विचाराधीन कैदी के रूप में, यानी अभियोग सिद्ध हुए बगैर, जेल में न सड़ना पड़े।

जनसत्ता का संपादकीय दि. 29.12.2017.)

( आप इस संपादकीय में प्रस्तुत विचार मानते हैं तो इसे शेयर जरुर करें: पुलिस जांच में आधुनिक तरीके इस्तेमाल हों व  थर्ड डिग्री जैसे अमानवीय तरीके बंद हों)


गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

भाजपा की दिल्ली में छिछली राजनीति

- संजय कुमार सिंह-

मेट्रो का किराया बढ़ने पर नहीं बोलने वाले लोग पानी की कीमत बढ़ने पर बोल रहे हैं। आज जब पर्यावरण की चिन्ता सर्वोपरि है और माना जाता है कि वाहनों (खासतौर से डीजल से चलने वाले) से होने वाला प्रदूषण बहुत ज्यादा है तब सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की अलग अहमियत है। दिल्ली और खासकर एनसीआर के गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद की भौगोलिक और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति ऐसी है कि अंतिम मील की यात्रा के लिए कोई कायदे का साधन नहीं होने से मेट्रो का उपयोग करना वैसे भी मुश्किल है। मेट्रो में सीटें कम होने से भी इसकी यात्रा भले कम समय में हो जाती हो, सुखद तो नहीं ही है। और फिर प्लैटफॉर्म तक पहुंचना और प्लैटफॉर्म से बाहर आना स्वस्थ आदमी के लिए भी आसान नहीं है।


ऐसे में मेट्रो चलाने का मकसद ना तो मुनाफा कमाना होना चाहिए ना किराया दूसरे विकल्पों की तुलना में तय किया जाना चाहिए बल्कि बहुत कम होना चाहिए ताकि लोग इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें जिससे सड़कों पर भीड़ और जाम कम हो तथा प्रदूषण की समस्या को भी कुछ राहत मिले। इस आलोक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मेट्रो का किराया बढ़ाने का विरोध किया तो पार्टी लाइन पर उन्हें अकेला छोड़ दिया गया और किराया आखिरकार बढ़ ही गया जो साधारण नहीं, अच्छी-खासी वृद्धि है। और दैनिक उपयोग करने वाले लोगों को विकल्प तलाशने पर मजबूर कर रही है।

दूसरी ओर, दिल्ली में पानी की कीमत में मामूली वृद्धि पर दिल्ली सरकार का विरोध किया जा रहा है जबकि यह वृद्धि बड़े उपभोक्ताओं के लिए ही है। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार यह वृद्धि फरवरी से लागू होने वाली है और 20,000 लीटर प्रति माह खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए कोई वृद्धि नहीं है या ऐसा कहिए कि इतना पानी मुफ्त मिलता है। इसके बाद 3000 लीटर पानी की कीमत अभी 286.89 रुपए है जो 315.05 रुपए हो जाएगी और यह वृदधि 28.16 रुपए की है। यानी 20,000 लीटर प्रति माह मुफ्त के बाद रोज 100 लीटर पानी खर्च करने वाले के लिए वृद्धि एक रुपए रोज नहीं है। इसका विरोध किया जा रहा है।

विरोध करने वालों में वो लोग भी हैं जो 28 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने का विरोध नहीं कर रहे थे। पेट्रोल की कीमत में बेतुकी वृद्धि का विरोध नहीं करते। गुजरात चुनाव के लिए जीएसटी कम करने में कोई राजनीति या भ्रष्टाचार नहीं देखते। पानी की कीमत में वृद्धि का अंदाजा लगाने के लिए तालिका देखिए। और अखबारों में इसे दिए जा रहे महत्व को देखिए। हिन्दुस्तान टाइम्स ने इसे पहले पेज पर छापा है। नवोदय टाइम्स ने तो पहले पेज पर लीड ही बना दिया है और फिर अंदर इतना विस्तार दिया है। इंडियन एक्सप्रेस में भी यह खबर सिटी पन्ने पर प्रमुखता से विस्तार में छपी है।

( मीडिया दरबार से साभार)

राजस्थान में 2 लोकसभा वे 1 विधानसभा उपचुनाव की तारीख घोषित

भारत निर्वाचन आयोग ने राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख तय कर दी है। तीनों ही सीटों पर आगामी 3 जनवरी 2018 को अधिसूचना जारी होगी और 29 जनवरी को मतदान होंगे।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान में दो लोकसभा सीट अलवर और अजमेर सहित एक विधानसभा सीट मांडलगढ़ पर उपचुनाव होने हैं। इन उपचुनावों की तारीख को लेकर लगातार चर्चाओं का दौर यहां चल रहा था। इन्हीं चर्चाओं को विराम देते हुए आज भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का टाइम टेबल घोषित कर दिया है। आयोग के अनुसार, उपचुनाव का गजट नोटिफिकेशन आगामी 3 जनवरी को जारी होगा। जिसके बाद 10 जनवरी तक प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे।

इसी क्रम में 11 जनवरी को संवीक्षा और 15 जनवरी तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 29 जनवरी को तीनों सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए मतदान होगा और 1 फरवरी को मतगणना होगी। जिसके बाद 3 फरवरी तक आयोग की ओर से पूरी उपचुनाव की प्रक्रिया संपन्न होगी।

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भारत में पुरानी है कांग्रेस पार्टी-जानिए

भारत के राजनीतिक दलों में कांग्रेस पार्टी सबसे पुरानी पार्टी के नाम से जानी जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए।

 कांग्रेस पार्टी में देश आजादी के​ पहले वे  बाद में कितने उतार-चढ़ाव आए और नेताओं में विचार भिन्नता भी रही।

28 दिसंबर 1885 में बनी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का आज 133वां स्थापना दिवस है. ये स्थापना दिवस इस बार खास होगा क्योंकि 19 साल बाद पार्टी को राहुल गांधी के तौर पर नया अध्यक्ष मिला है. राहुल कांग्रेस के 60वें अध्यक्ष हैं. वहीं आजादी के बाद की बात करें तो राहुल पार्टी के 19वें अध्यक्ष हैं. उनकी मां सोनिया गांधी ने 19 साल तक पार्टी की कमान संभाले रखी थी।


कांग्रेस की स्थापना एक अंग्रेज ऑफिसर रहे ए ओ ह्यूम (एलन ऑक्टेवियन ह्यूम) ने की थी. 28 दिसंबर 1885 को 72 सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और वकीलों के दल ने कांग्रेस के पहले सेशन में हिस्सा लिया.


बम्बई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुए उस पहले सेशन के अध्यक्ष थे बैरिस्टर व्योमेश चंद्र बनर्जी. वहीं पार्टी का दूसरा सेशन ठीक एक साल बाद 27 दिसंबर 1886 में कोलकाता में हुआ था. सेशन की अध्यक्षता दादाभाई नैरोजी ने की थी।


इतिहासकारों के मुताबिक, कांग्रेस के शुरुआती सालों में इसका मकसद ब्रिटिश सरकार के साथ मिलकर देश की दिक्कतों को दूर करना था. लेकिन 1905 में बंगाल के विभाजन के बाद कांग्रेस ने खुले तौर पर अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिए.


कांग्रेस की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आजादी के आंदोलन के ज्यादातर बड़े नेताओं का इस पार्टी से सरोकार रहा है. मदन मोहन मालवीय, महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं ने आजादी से पहले इस पार्टी की अध्यक्षता की।

आजादी के बाद कांग्रेस के पहले अध्यक्ष आचार्य कृपलानी रहे. वहीं पार्टी ने जवाहरलाल नेहरू के चेहरे पर चुनाव लड़ा और पहले आम चुनावों में जबरदस्त सफलता पाई. देश के पहले पीएम के तौर पर नेहरू ने लोकतांत्रिक मूल्यों को अपना आधार बनाया, साथ ही देश की विदेश नीति भी कांग्रेस सरकार की खासियत बनी. कांग्रेस ने इसके बाद के सालों में कई अहम फैसले लिए जिसका आज के भारत की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में अहम योगदान है.

साल 2017 में राहुल गांधी के तौर पर कांग्रेस को आजादी के बाद का 19वां अध्यक्ष मिला. राहुल नेहरू-गांधी परिवार की 5वीं पीढ़ी के 5वें ऐसे शख्स हैं जिन्होंने ये कुर्सी संभाली है. इससे पहले उनके नाना जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री रहते समय 5 साल, इंदिरा गांधी- राजीव गांधी ने करीब 5-5 साल, सोनिया गांधी ने 19 साल तक इस पद को संभाला है.

कांग्रेस अध्यक्ष पद को महात्मा गांधी, मोतीलाल नेहरू, मदन मोहन मालवीय, सुभाष चंद्र बोस समेत कुल 59 लोगों ने अबतक संभाला है. राहुल गांधी 60वें अध्यक्ष हैं.कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पहला मतभेद साल 1939 में सामने आया था, जब सुभाष चंद्र बोस ने इस पद से इस्तीफा दे दिया था.आजादी के बाद पार्टी का नेतृत्व करने वाले कुल 18 नेताओं में से 14 नेहरू-गांधी परिवार से नहीं हैं.राहुल गांधी नेहरू-गांधी परिवार की 5वीं पीढ़ी के 5वें ऐसे व्यक्ति हैं जो कांग्रेस अध्यक्ष बनने जा रहे हैं.आजादी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नजर डाले तो जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री रहते समय 5 साल, इंदिरा गांधी- राजीव गांधी ने करीब 5-5 साल और पीवी नरसिंह राव ने भी करीब 4 साल तक इस जिम्मेदारी को संभाला.कांग्रेस में लालबहादुर शास्त्री और मनमोहन सिंह दो ऐसे नेता हैं जो प्रधानमंत्री तो बने लेकिन वो पार्टी के अध्यक्ष नहीं बन पाये.सोनिया गांधी ने सबसे ज्यादा 19 साल बतौर कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाला, वहीं उनकी सास इंदिरा गांधी ने अलग-अलग कार्यकाल में कुल 7 साल इस दायित्व को निभाया है.सोनिया गांधी ने साल 1997 में पार्टी की सदस्यता ली थी और साल 1998 में अध्यक्ष बनी जो 2017 तक पदासीन रहीं। सोनिया गांधी के बाद राहुल गांधी ने पार्टी की बागडोर अध्यक्ष के रूप में संभाली है।


स्वतंत्र भारत में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे नेताओं​ के नाम



स्वतंत्र भारत में कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रह चुके नेताओं के नाम में हैं। वंशवाद का आरोप कितना सच्चा कितना झूठा है?

आचार्य कृपलानी (1947-1948)

पट्टाभिभि सीतारमैया (1948-1950)

पुरषोत्तम दास टंडन (1950-1951)

जवाहरलाल नेहरू(1951-1955)

यू. एन. धेबर (1955-1959)

इंदिरा गांधी ( 1978-84)

नीलम संजीव रेड्डी (1960-1964)

के. कामराज (1964-1968)

एस. निजलिंगप्पा (1968-1969)

पी. मेहुल (1969-1970)

जगजीवन राम (1970-1972)

शंकर दयाल शर्मा (1972-1974)

देवकांत बरआ (1975-1977)

इंदिरा गांधी (1959-1960 और 1978-84)

राजीव गांधी (1985-1991)

कमलापति त्रिपाठी (1991-1992)

पी. वी. नरसिंह राव (1992-1996)

सीताराम केसरी (1996-1998)

सोनिया गांधी (1998-2017)

राहुल गांधी- 2017.

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कांग्रेस प्रवक्ता हिंदुत्व के विरुद्ध नहीं बोलेंगे- राहुल गांधी का निर्देश

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के सभी प्रवक्ताओं को हिन्दुत्व के खिलाफ कोई भी बयान देने से बचने के लिए कहा है।
ऐसा पार्टी के गुजरात में बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए कहा गया है। गुजरात चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कई मंदिरों में गए और धर्मनिरपेक्षता जैसे विषयों से दूर ही रहे। कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि इसी का फायदा पार्टी को गुजरात चुनावों में हुआ।
इसलिए आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी हिन्दुत्व के खिलाफ नहीं दिखना चाहती। इसी के चलते बीते 23 दिसंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई गई थी।
हालांकि राहुल गांधी इस बैठक में पहुंच नहीं सके थे। लेकिन फिर भी प्रवक्ताओं के लिए एक गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें कहा गया है पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी नहीं करें।
​साथ ही हिन्दुत्व की ओर झुकाव रखते हुए भाजपा को इसी मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया जाए। राहुल गांधी की ओर से जारी गाइड लाइन सभी प्रवक्ताओं को ई-मेल के जरिए भी भेजी गई।

राजस्थान सरकार और चिकित्सकों का हस्ताक्षर युक्त समझौता-पूरा देखें पढ़ें-

चिकित्सकों की हड़ताल में क्या थे मुद्दे जिन पर इतने दिन लंबी खींची हड़ताल मौतें हुई और फिर समझौता हुआ पूरा पत्र आपके सामने है।







बुधवार, 27 दिसंबर 2017

एपेक्स सूरतगढ़ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सूचनादाई रहा ईएसआईसी सेमिनार


सूरतगढ़ 27 दिसंबर 2017.

एपेक्स सूरतगढ़ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में ईएसआईसी सेकेंडरी सुविधा प्रारंभ होने के उपलक्ष में आज कर्मचारी राज्य बीमा निगम एवं एपेक्स सूरतगढ़ मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार का आयोजन हुआ जिसमें महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई।

मुख्य अतिथि राज्य चिकित्सा आयुक्त राजस्थान डॉक्टर मोना वर्मा ने अपने वक्तव्य में विभिन्न जानकारियां प्रदान की संयुक्त निदेशक प्रभारी जोधपुर के जी. सी. दर्जी, उप निदेशक जोधपुर बी.सी मीना, श्री गंगानगर के शाखा प्रबंधक मोहम्मद सलीम ने भी विभिन्न प्रकार से संपूर्ण सुविधाओं के बारे में बताया। उपस्थित संभागियों की ओर से पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर भी जानकारियां दी गई। डॉक्टर राजेंद्र छाबड़ा,डॉ अरविंद बंसल ने विचार प्रस्तुत किए।

 कार्यक्रम में डॉ विजय बेनीवाल, डॉक्टर संजय बजाज,डॉक्टर स्वर्णा बंसल भी उपस्थित थे।

अनेक संस्थाओं के संचालकों ने सेमिनार में भाग लिया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में सूरतगढ़ में यह सुविधा शुरू होने का बहुत बड़ा लाभ बताया।

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मुख्यमंत्री खेल प्रतिभाखोज खेलकूद प्रतियोगिता का समापन

श्रीगंगानगर, 26 दिसम्बर 2017. राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद जयपुर द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री घोषणांतर्गत राज्य स्तरीय खेल प्रतिभाखोज योजनांतर्गत मंगलवार को स्थानीय महाराजा गंगासिंह स्टेडियम में हैण्डबाल व टेबल टेनिस की बालक व बालिका खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई, जिसमें हैण्डबाल के मैच काफी संघर्षपूर्ण रहे।

प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि सादुलशहर विधायक श्री गुरजंट सिंह बराड़ तथा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री जगजीत सिंह थे। मुख्य अतिथि द्वारा खिलाड़ियों को खेलों में बढ़ चढ़ कर भाग लेने का आग्रह किया, जिससे खिलाड़ी स्वस्थ रहकर एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण कर सकें। मुख्य अतिथि ने स्टेडियम में नये कबड्डी मैट का भी उद्घाटन किया गया व साथ ही उन्होंने स्टेडियम में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। 

जिला खेल अधिकारी श्री सुरजीत सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के सफल संचालन में निर्णायक मण्डल में सर्व श्री रामपाल, नरेश ज्याणी, ओमप्रकाश, जितेन्द्र कुमार, मनोज शर्मा, भीमसेन इत्यादि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मौके पर पूर्व खेल अधिकारी श्री एम.एस.बराड़, श्री सुरजा राम सिहाग, बास्केटबाल प्रशिक्षक हरजिन्दर सिंह, शमशेर सिंह व स्वामी सुखानन्द भी उपस्थित थे। इस समापन समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री गुरजंट सिंह द्वारा खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कार्यक्रम में खेल अधिकारी श्री सुरजीत सिंह द्वारा सभी अतिथियों, निर्णायकों व खिलाड़ियों को धन्यवाद दिया गया। खेल अधिकारी द्वारा श्री गुरजंट सिंह बराड़ को धन्यवाद ज्ञापित किया गया, जिनकी मेहनत व लगन के कारण ही महाराजा गंगासिंह स्टेडियम श्रीगंगानगर को आठ लाख रूपये की लागत के मैट प्राप्त हुए है। 

जिला खेल अधिकारी श्री सुरजीत सिंह ने बताया कि हैण्डबाल प्रतियोगिता में बालक प्रथम हैण्डबाल में ग्राम पंचायत लालगढ़ जाटान, बालिका प्रथम हैण्डबाल में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विधालय 9टीकेडब्ल्यू तथा बालिका द्वितीय हैण्डबाल में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विधालय मटका चौक श्रीगंगानगर विजेता रहे।।

मंगलवार, 26 दिसंबर 2017

राजस्थान में हथियारों सहित सद्दाम, फिरोज, इरफान गिरफ्तार-मौलाना जाइद फरार

राजस्थान पुलिस की एसओजी टीम ने प्रदेश में हथियार तस्करी का पर्दाफाश करते हुए 20 हथियारों के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये हथियार प्रतापगढ़ में पहुंचाए जाने थे। यहां एक उर्दू शिक्षक मौलाना जाइद ने हथियार मंगाए थे।

एसओजी ने 19 पिस्टल और 1 रिवॉल्वर के साथ आरोपियों सद्दाम हुसैन, फिरोज और इरफान खान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इससे पहले भी हथियारों का कंसाइनमेंट मौलाना को पहुंचाया गया था। ये सभी हथियार रतलाम से लाए गए थे।

मौलाना प्रातपगढ़ में लम्बे समय से अपने परिवार के साथ रहता है और बच्चों को उर्दू और अन्य विषय पढ़ाया करता था। उसने इनसे कहा था कि वह सभी हथियार बिकवा देगा। पुलिस जब इसके घर छापा मारने पहुंची तो यह घर से परिवार सहित फरार हो गया। पुलिस अब इसे ढूंढ रही है।

घोटाले बाज मंचों पर होंगे विराजमान तो कैसे होगा भ्रष्टाचार मुक्त भारत


 - करणीदान सिंह राजपूत -

 भ्रष्टाचार घोटालों और काला बाजार से संपूर्ण देश दुखी है,परेशान है । 

सब जगह से सब तरह से आवाज उठ रही है कि देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराया जाए। 

देश की आजादी का क्या लाभ हुआ ? हालात सब के सामने हैं। 

हम साल भर देशभक्तों के बलिदानों की गाथा गाते हैं। उनकी याद में प्रतिमाओं के आगे या भवनों में समारोह मनाते हैं। राष्ट्रीय पर्व मनाते हैं। उन पर विचार प्रकट करते हैं कि देश भ्रष्टाचार से मुक्त हो तो संपूर्ण देश का कायाकल्प हो जाए। दिन रात दूसरों को उपदेश देते हैं लेकिन सच्चाई कुछ और ही होती है। राष्ट्रीय दिवसों के कार्यक्रमों में शहीदों के कार्यक्रमों में सामाजिक कार्यक्रमों में मंचों पर घोटालेबाजों को भ्रष्टाचारियों को बैठाने में हमें मामूली शर्म महसूस नहीं होती है। 

हम कितने ही परिश्रम करके  आयोजन को सफल बनाने के लिए जनता से सहयोग की अपील करते हैं। जनता को आमंत्रित करते हैं। जनता भौचंकी रह जाती है कि जिन लोगों के विरुद्ध आवाज उठाते रहे हैं वे भ्रष्ट लोग घोटालेबाज लोग त़ मंच पर आसीन हैं। वे घोटालेबाज जनता को अच्छी बनने का उपदेश भी देते हैं। ऐसे में बाहर से आमंत्रित हुए को तो मालूम नहीं होता है कि उसके बराबर में बैठा व्यक्ति किस आचरण का है और जनता में उसकी क्या छवि है? अधिकतर राजनीति लोग जो किन्हीं पदों पर होते हैं उनको मंचों पर बैठा दिया जाता है।वे किन्हीं तिकड़मों से जीत कर पद हासिल कर लेते हैं मगर आयोजकों से तो कुछ छिपा नहीं होता। वे जानते हुए भी ऐसा करते हैं।

ऐसे में जब हम लोग ही घोटालेबाजों को इज्जत देते हैं तब वे सम्मानित हो जाते हैं। उनका स्थान तो जेलों में होना चाहिए लेकिन वे मंचों पर आसीन होते हैं। 

ऐसा तो नहीं है कि हम आयोजन करें और हमें मालूम भी न हो एक प्रकार से हम जीती मक्खी को निगलते हैं। ऐसे में जनता ही विचार करेगी वह ऐसे आयोजनों को माने या न माने और इनमें शामिल होने में परहेज करे। 

जनता जब नहीं पहुंचेगी या आयोजकों से सवाल जवाब करेगी तो निश्चित रुप से आने वाले समय में घोटालेबाजों का स्थान मंच पर नहीं होगा।

 हम एक तरफ तो कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करना चाहते हैं घोटालेबाजों से मुक्त करना चाहते हैं। लेकिन एक प्रधानमंत्री कैसे अपनी योजना को कार्य रूप में परिणित कर सकेगा जब हम या अन्य लोग अच्छे कार्यक्रमों में अच्छे समारोहों में पूजनीय लोगों के याद कार्यक्रमों में घोटालेबाजों को मंचों पर बिठाएंगे? विचार करें कि क्या भ्रष्टाचारियों का स्थान समारोहों के मंचों पर होना चाहिए या जेल में होना चाहिए?

सोमवार, 25 दिसंबर 2017

जिस धार्मिक पर्व को नहीं मानते उसकी छुट्टी भी नहीं मनाएं- छुट्टी भी बंद हो

- करणीदानसिंह राजपूत - 

भारत में विभिन्न धर्मों के त्यौहार हैं जिनको सीमित संख्या में मनाने वाले हैं और बहुत अधिक संख्या नहीं मनाने वालों की है।

अनेक लोग विदेशी व कुछ धार्मिक त्योहारों को नहीं मनाते। वे कुछ त्यौहारों को नहीं मनाने की अपीलें भी करते हैं।


 ऐसे में सबसे बड़ा सवाल भी है और सुझाव भी है। जो विचार करने को मजबूर भी करता है,अगर आप किसी त्यौंहार को नहीं मनाते तो फिर उसकी छुट्टी क्यों मनाते हैं? जवाब में कहा जा सकता है कि छुट्टी सरकार ने की और हमने मनाई? यह उत्तर शाब्दिक रूप से तो सही है लेकिन भावनात्मक रूप से झूठ भरा है। जब किसी धार्मिक त्यौंहार को मनाना ही नहीं है​, तब सरकार को मजबूर किया जाना चाहिए कि वह धार्मिक त्योंहारों की छुट्टियों को ऐच्छिक रूप प्रदान करे। जिस व्यक्ति को त्योंहार मनाना होगा वह ऐच्छिक छुट्टी प्राप्त कर लेगा। 

हमारे सरकारी कार्यालयों में बहुत ही ढीले रूप में काम होता है और ऊपर से एक वर्ष में धार्मिक त्योहारों के राजपत्रित अवकाश करीब 1 माह से अधिक के आ जाते हैं। 

 उदाहरण के रूप में किसी छोटे शहर में क्रिसमस मनाने वाले मातृ 40-50 कर्मचारी हैं फिर भी सारे केंद्र व राज्य के सभी दफ्तर बंद हो जाते हैं। बहुत से महत्वपूर्ण कार्य 1 दिन आगे खिसक जाते हैं। 

यदि इस प्रकार के आधे अवकाश भी ऐच्छिक कर दिए जाएं तो सरकारी कार्यालयों के खुलने के दिन बढ़ जाएंगे। ऐसी स्थिति जनता के लिए लाभदायक ही रहेगी।

 आम जनता संगठन और राजनीतिक संगठन सरकार को लिखें तो धार्मिक अवकाश ऐच्छिक हो सकते हैं जिसको जरुरत हो वह अवकाश प्राप्त कर ले।देश की बहुत बड़ी संख्या जिन त्यौहारों को माने केवल उनको ही राजपत्रित अवकाश कायम रखे जा सकते हैं।

महिला शिक्षक से रिश्वत लेते ही जेईएन गिरफ्तार

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो​ की टीम ने एक जेईएन को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

 यह रिश्वत एक महिला शिक्षक से ली गई थी। एसीबी ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। यह कार्रवाई एसीबी बीकानेर के अपर पुलिस अधीक्षक पर​बत सिंह के नेतृत्व में की गई।

बीकानेर एसीबी एसपी ममता विश्नोई के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कनिष्ठ ​अभियंता रुपेश कुमार है। उसके खिलाफ गांव पारेवड़ा, बीदासर चूरू निवासी महिला शिक्षक चेना कुमारी केवटिया ने एसीबी में 19 दिसंबर को शिकायत दर्ज करवाई थी।

शिकायत में बताया कि वह बीकानेर जिले के भ्याउं ब्लॉक के पांचू स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका है। उनके स्कूल के क्लास रुम की मरम्मत के लिए जिला परियोजना समन्वयक, सर्व शिक्षा अभियान बीकानेर की ओर से 1 लाख 20 हजार रुपए का बजट स्वीकृति हुआ था। इसके चलते क्लास रुम का निर्माण कार्य करवाया गया। 

टीचर का आरोप था कि इस बजट की ​तीसरी किश्त दिलवाने की एवज में आरोपी कनिष्ठ अभियंता रुपेश कुमार ने रिश्वत में 10 हजार रुपए की मांग की है। एससीबी ने दो दिन पहले शिकायत का सत्यापन किया जिसमें रिश्वत आज देना तय हुआ। इसी के चलते एएसपी पर​बत सिंह के नेतृत्व में ट्रेप रचा ​गया। 

योजना के मुताबिक आरोपी जेईएन रुपेश कुमार खुद ही म्यूजियम सर्किल, बीकानेर पर रिश्वत लेने पहुंच गया। वहां शिक्षक से ज्योंही रिश्वत की रकम ली ज्योंहि ईशारा मिलने पर एसीबी ने जेईएन को  रंगे हाथों पकड़ लिया। 

बीकानेर 24.12.2017.


रविवार, 24 दिसंबर 2017

जैन मुनि हेम सूरिश्वर सागर का आश्रम से अपहरण

एक जैन मुनि का अपहरण कर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें जंगल में फेंककर बदमाश भाग गए। 

सूचना मिलने पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी करवाई, लेकिन खबर लिखे जाने तक बदमाशों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। यह सनसनीखेज वारदात राजस्थान के पाली जिले में हुई। आज कुछ अज्ञात बदमाश पाली के केनपुरा स्थित जैन आश्रम में पहुंचे और वहां से जैन मुनि हेमसुरीश्वरी को अगवा कर अपनी गाड़ी में जबरन बैठा लिया। इसके बाद वहां से भाग निकले। 

यह घटना देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने पुलिस को जैन मुनि के अपहरण की जानकारी दी। तब पाली जिले के उच्चाधिकारियों के अलावा रानी, सांडेराव और​ खिंवाड़ा थाने के पु​लिस मौके पर पहुंची।

108 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने पहुंचाया अस्पताल

आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए जिले भर में नाकाबंदी करवा दी। जानकारी में सामने आया कि रास्ते में अपहरणकर्ताओं ने जैन मुनी से बेरहमी से मारपीट की और हाइवे पर जंगल में पटककर चले गए। इसी बीच वहां से गुजर रही 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने जैन मुनि को घायल हालत में देखकर गाड़ी रोकी।

इसके बाद उनकी मदद कर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जानकारी मिलने पर पुलिस भी वहां आ गई। पुलिस के मुताबिक अपहरण की वजह और इसमें शामिल बदमाशों के बारे में जानकारी साफ नहीं हो सकी है। जैन मुनि से बातचीत कर अपहरणकर्ताओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। 

'हाबू'- चित्र रेखांकन एवं शीर्षक - अनाया सिंह ( 2वर्ष 1 माह)


प्रस्तुतकर्ता- करणीदानसिंह राजपूत।


प्रधानमंत्री जी,एक दिन डाक्टर बन कर देखो-कितने दबाव में काम करते हैं डाक्टर?

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में अपना हाल  बताने के लिए जो लिखा वह चर्चाओं में आ गया है।

 उन्होंने अपनी चिट्ठी में पीएम मोदी से अपील की है कि वो एक दिन के लिए उन जैसी जिंदगी जिएं तो उन्हें पता चलेगा कि डॉक्टरों पर किस तरह का दबाव होता है।

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने यह कदम तब उठाया जब राजस्थान में कुछ डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए डॉक्टर सैलरी ना बढ़ाए जाने और प्रमोशन ना मिलने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कर रहे थे।

बता दें कि ऑल राजस्थान इन-‌सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन की हड़ताल पर जाने की मांग के बाद राजस्थान सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन महीने के लिए प्रदेश में राजस्थान इसेंशियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट(रेस्मा RESMA) लागू कर दिया है।


 च‌िट्ठी में लिखा यह-------

राजस्थान सरकार के इसी कदम के बाद एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने मोदी को चिट्ठी लिखते हुए विनती की है कि वह सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों के ऊपर पड़ने वाले प्रेशर को समझें। जिस तरह सरकारी अस्पतालों में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण मरीजों के परिजन उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं उसे भी समझा जाना चाहिए।


एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हरजीत सिंह भट्टी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'हम खुशनसीब हैं कि हमें आपके जैसा सक्रिय पीएम मिला है, अब एम्स का रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन आपसे विनती करता है कि आप सफेद एप्रन पहने और एक दिन सरकारी डॉक्टर के रूप में बिताएं ताकि आप समझ सकें कि हम कितना ज्यादा प्रेशर संभालते हैं। उन मरीजों का गुस्सा जिन्हें खराब होते हेल्थकेयर सिस्टम और बुरे इंफ्रास्ट्रक्टर की वजह से सही इलाज नहीं मिलता।'


उन्होंने आगे ये भी लिखा कि, 'अगर आप ऐसा करते हैं तो आपका एक दिन का सरकारी डॉक्टर बनना हेल्थकेयर सिस्टम के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित होगा और इससे लोगों की मेडिकल प्रोफेशन में आस्था बढ़ जाएगी।



हनुमानगढ़:सरस्वती महाविद्यालय में राजस्थानी विषय शुरू करवाने की मांग


 प्रतिनिधि मंडल ने की प्राचार्य से भेंट

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हनुमानगढ़ 24 दिसंबर 2017.


सरस्वती महाविद्यालय में आगामी सत्र 2018 में राजस्थानी साहित्य विषय बीए स्नातक में शुरू करवाने के लिए  डॉ.श्याम सुंदर शर्मा ,प्राचार्य ,सरस्वती महाविद्यालय से प्रतिनिधि मंडल मिला।

गौरतलब है कि कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय,जयपुर द्वारा नए विषय स्वीकृत किए जा रहे हैं।राजस्थानी छात्र मोर्चा राजस्थान में राजस्थानी साहित्य विषय खुलवाने का अभियान चला रहा है जिसके तहत मायड़ भाषा राजस्थानी छात्र मोर्चा,हनुमानगढ़ इकाई के  जिला अध्यक्ष अधिवक्ता अनिल शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल में विक्रम बिश्नोई तहसील संयोजक, राजस्थानी छात्र मोर्चा, हनुमानगढ़,नवदीप कड़वासरा,नरेश स्वामी, राजेंद्र सारण, अजय सिंह झोरड़,एडवोकेट हरपाल सिंह भी शामिल थे।

राजस्थानी छात्र मोर्चा के प्रदेश संयोजक डॉ. गौरीशंकर निमिवाल ने बताया कि महाविद्यालयों में नए विषय खोलने हेतु  30 दिसंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं इसलिए अनेक महाविद्यालयों में नए विषय के रूप में राजस्थानी साहित्य को शुरू करवाने हेतु अभियान चलाया जा रहा है।डॉ.निमिवाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए सदैव तत्पर रहें। गौरतलब है कि राजस्थानी भाषा,साहित्य व राजस्थानी भाषा मान्यता आंदोलन में श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के लेखकों,राजस्थानी भाषा प्रेमियों का बहुत बड़ा योगदान है जिसमें चंद्रसिंह बिरकाली,पदम् श्री रानी लक्ष्मी कुमारी चुंडावत,करणीदान बारहठ,मोहन आलोक,डॉ. मंगत बादल,जनकराज पारीक,ओम पुरोहित कागद,रामस्वरूप किसान,डॉ. सत्यनारायण सोनी,डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी,डॉ. भरत ओला,डॉ. कृष्ण कुमार 'आशु',मनोज स्वामी, विनोद स्वामी,राजू सारसर'राज' राजस्थानी साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर हैं।वर्तमान में राजस्थानी युवा लेखन में इन दोनों जिलों में बहुत काम हो रहा है।राजस्थानी साहित्य के विद्यार्थियों की संख्या भी हजारों की तादाद में  सरस्वती महाविद्यालय में स्नातक स्तर राजस्थानी साहित्य विषय का अध्ययन अध्यापन होना बहुत जरूरी है।




शनिवार, 23 दिसंबर 2017

सूरतगढ़: सेठ नथमल जी लाहोटी की पत्नी सावित्री देवी का स्वर्गवास

सूरतगढ़ 23 दिसंबर2017. सूरतगढ़ के मूल निवासी प्रसिद्ध सेठ स्वर्गीय नथमल जी लाहोटी की धर्मपरायणा पत्नी श्रीमती सावित्री देवी का 80 वर्ष की उम्र में 21 दिसंबर 2017 को फरीदाबाद में स्वर्गवास हो गया। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ कर गई हैं।

उनकी आत्मिक शांति के कार्यक्रम दि. 1-1-2018 को एवं  रस्मपगड़ी कार्यक्रम उसी दिन दोपहर बाद 3 से 4 बजे जनकल्याण मंदिर सेक्टर 7 फरीदाबाद में होंगे।

नथमल जी लाहोटी का सूरतगढ़ में पुरानी आबादी स्कूल के पास पैतृक निवास रहा है।

  





लालू यादव चारा घोटाले के एक मामले में दोषी:सजा 3-1-2018 को सुनाई जाएगी

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में रांची स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने देवघर मामले उन्हें 14 अन्य लोगों के साथ दोषी ठहराया व

पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा सहित सात लोगों को बरी कर दिया है.

यह मामला देवघर कोषागार से 1991 से 1994 के बीच अवैध तरीके से 89.27 लाख रुपये निकाले जाने से जुड़ा है. इस मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा के अलावा पूर्व सांसद आरके राना और तीन आईएएस अधिकारियों सहित 20 आरोपित थे. इस मामले में तीन जनवरी को सजा सुनाई जाएगी. 

इस मामले में लालू प्रसाद यादव द्वारा 1990 के बाद अर्जित की गई सारी संपत्ति अटैच कर ली जाएगी.

अदालत के फैसले के साथ राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

राजद प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि भारतीय इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जिस व्यक्ति ने अवैध निकासी की शिकायत दर्ज कराई, उसी को जेल भेज दिया गया. भारतीय न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, ‘हो सकता है कि ऊपरी अदालत में यह मामला दो पेशी में ही खारिज हो जाए.’ सीबीआई पर निशाना साधते हुए मनोझ झा ने यह भी कहा कि जो लोग लालू प्रसाद यादव से राजनीतिक तौर पर नहीं लड़ पा रहे, वे उन्हें इस तरीके से मजबूर कर रहे हैं।

फैसले के बाद ट्विटर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने लिखा, ‘जो बोया वो पाया! बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होई. यह तो होना ही था.’ जबकि जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ‘लालू प्रसाद यादव भ्रष्टाचार के प्रतीक हैं. यह फैसला उनके लिए नए साल का तोहफा है.’

लालू प्रसाद यादव अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव के साथ शुक्रवार शाम को ही रांची पहुंच गए थे. उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया था और अपने समर्थकों से अदालत के फैसले को लेकर शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी. लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में तीन अन्य मामलों का भी सामना कर रहे हैं. सीबीआई के अधिकारी के मुताबिक 27 अक्टूबर 1997 को पेश चार्जशीट में 38 लोगों को आरोपित बनाया गया था. इनमें से 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन सरकारी गवाह बन गए. इसके अलावा दो आरोपितों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया था.


पंजाब में सरकारी कर्मियों की छुट्टियां हाेंगी आधी, कैप्‍टन सरकार का बड़ा कदम


पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार बड़ा कदम उठाने वाली है जिसमें राज्‍य में गजेडेट हाेलीडे (राजपत्रित अवकाश) आधी करने की तैयारी चल रही है। कैप्‍टन सरकार ने कामकाज को गति प्रदान करने के लिए सरकारी छुट्टियों में कटौती करने का फैसला किया है। अभी राज्‍य मेें गजटेड होलीडे की संख्‍या 34 है। कैप्टन सरकार 2004-2005 की नीति अपनाने जा रही है। ‍मुख्य सचिव की मंजूरी के बाद जल्द ही कार्मिक विभाग इसकी अधिसूचना जारी कर देगा।

गजटेड होली डे 34 से घटाकर 17 की जाएंगी, ज्यादातर धार्मिक छुट्टियों में कटौती की जाएगी। 

वर्तमान में पंजाब में सरकारी कर्मचारियों के लिए 34 गजटेड और 18 ऐच्छिक छुट्टियां हैं। 18 ऐच्छिक छुट्टियों में से कर्मचारी व अधिकारी 2 छुट्टियां ले सकते हैं। 

 अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जो 17 छुट्टियां काटी गई हैं वे कौन सी हैं?

यह माना जा रहा है कि ज्यादातर धार्मिक छुट्टियां हैं।

 सूत्र का यह बताते हैं कि गजटेड होलीडे की संख्या को घटाकर उन्‍हें ऐच्छिक छुट्टियों में शामिल किया जा रहा है।  ऐच्छिक छुट्टियां लेने की संख्या में भी वृद्धि की जा सकती है।

 जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने छुट्टियों में कटौती पर अपनी मोहर लगा दी है। अब इस पर आगे की प्रक्रिया चल रही है। फाइल मुख्‍य सचिव के दफ्तर में पहुंच गई है।मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पहले कार्यकाल (2002 से 2007) के दौरान 2004 में भी छुट्टियों की संख्या में कटौती कर दी थी। उस समय जय सिंह गिल मुख्‍य सचिव होते थे और केंद्र से डेपुटेशन पर आए थे। उन्होंने राज्य में केंद्र की नीति को अपनाया था जिसे लेकर खासा विवाद हुआ था। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि छुट्टियों को लेकर कैप्टन सरकार पुन: पुरानी ही नीतियों को अपनाने जा रही है। 

यह होगा फायदा

गजटेड छुट्टियां कम होने से साल में 17 कार्यदिवस में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। ऐच्छिक छुट्टी में सरकारी दफ्तर बंद नहीं होते और सारा स्टाफ एक साथ छुट्टी नहीं ले सकता।

लड़कियों के हास्टल में चल रहा था सैक्स रैकेट

पॉश कॉलोनी के एक मकान को दलालों ने महिला हॉस्टल में तब्दील कर दिया था. यहां लड़कियों की देर रात तक आवाजाही होती थी. शक होने पर लोगों ने पुलिस को सूचित किया. पुलिस छापा मारकर रैकेट का भंडाफोड़ किया है. 6 लड़कियों सहित 10 लोग गिरफ्तार किए गए हैं.  यह हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का मामला छत्तीसगढ़ के रायपुर की राजेंद्र नगर कालोनी काम है,मगर अन्य स्थानों पर भी नजर रखने की जरूरत है। (

आपके इलाके के हास्टल भी नजरों में रहने चाहिए चाहे लड़के लड़कियों किसी के भी हों। आजकल हर जगह हुड़दंग होते हैं तथा पुलिस से जांच करने के लिए आवाज भी उठती रहती है।)


जानकारी के मुताबिक, गर्ल्स हॉस्टल के रूप में एक माकन का उपयोग हो रहा था. लिहाजा लोगों ने यहां चल रही गतिविधियों को नजर अंदाज किया. सुबह से लेकर रात तक कई रईसजादे इस मकान का रुख करते थे. उनकी लग्जरी गाड़ियां सड़क पर खड़ी रहती थीं. इलाके के लोग समझते थे कि वे लोग अपने परिचित लड़कियों से मिलने के लिए आते हैं.

इसी बीच गर्ल्स हॉस्टल से निकलने वाले आपत्तिजनक कचरे ने यहां चल रहे गोरखधंधे की पोल खोल दी. कचरे में कंडोम, सेक्स टॉनिक की खाली बोतल और शक्तिवर्धक कैप्सूल के रैपर रोजाना निकलने से कॉलोनी के लोगों की नींद उड़ गई. मंगलवार  19.12.2017 की रात जब हॉस्टल में शराब पीकर हंगामा हुआ तो लोगों ने इसकी शिकायत थाने में कर दी.

पुलिस की टीम लोगों द्वारा बताए घर पहुंची. वहां सभी दरवाजे बंद थे. चूंकि महिला हॉस्टल का नाम दिया गया था, लिहाजा पुलिस ने सतर्कता बरती. पुलिस के जवान चोरी छिपे हॉस्टल में दाखिल हुए. उन्होंने भीतर झांक कर देखा तो उन्हें माजरा समझने में देर नहीं लगी. भीतर जाम छलक रहे थे. सिगरेट का धुआं उड़ रहा था. मदहोश लड़के-लड़कियां नाच रहे थे.


पुलिस ने दरवाजा खटखटाया और भीतर दाखिल हो गई. पुलिस के आने की खबर लगते ही इस मकान का पिछला दरवाजा खुला और कई लड़के-लड़कियां 9-11ग्यारह हो गए. हालांकि, मौके से छह लड़कियां और चार लड़के पकड़े गए. ये सभी हॉल में मस्ती कर रहे थे, जबकि पिछले कमरों में मस्ती में तीन लड़के लड़कियों को भागने का मौका मिल गया.


पकड़ी गई लड़कियां कोलकाता और मुंबई की निवासी बताई जा रही हैं. ये सभी दो माह के वर्क कांट्रैक्ट पर रायपुर आई थीं. पुलिस के मुताबिक सभी के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. फरार हुए लड़के-लड़कियों की तलाश की जा रही है. बताते चलें कि इस बीच छत्तीसगढ़जिस्मफरोशी की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ी हैं.



बीकानेर में 2 गिरफ्तार-राहुल गांधी के बहनोई वाड्रा की जमीन मामले:



कांग्रेस पार्टी किसी मामले में जीत हासिल कर खुश होती है कि फिर कोई आफत घेर लेती है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रॉबर्ट वाड्रा भूमि घोटाला प्रकरण में शुक्रवार  22.12.2017 को शहर की जयनारायण व्यास कॉलोनी में छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार किया। दोनों की गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रॉपर्टी डीलर जयप्रकाश बागरवा और अशोक कुमार शामिल हैं। अशोक कुमार ‘मेसर्स स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा.लि.’ के महेश नागर का सहयोगी है। उल्लेखनीय है कि स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी फर्म कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित है। ईडी ने बीते अप्रैल में कुमार और नागर के ठिकानों की तलाशी ली थी।

फर्म द्वारा बीकानेर में जमीन खरीद के चार मामलों में आधिकारिक प्रतिनिधि नागर ही था। ईडी का आरोप है कि कुमार ने अन्य लोगों की ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ का इस्तेमाल कर इसी क्षेत्र में जमीन खरीदी थी। ईडी की यह जांच कुछ साल पहले जिले के कोलायत क्षेत्र में कंपनी द्वारा 275 बीघा जमीन खरीदे जाने से जुड़ी है। पीएमएलए के तहत ईडी इस संबंध में कई सरकारी अधिकारियों व अन्य लोगों की 1.18 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। इस संबंध में 2015 में मामला दर्ज किया गया था।

वसुंधरा सरकार ने यहां के जमीन घोटाले से जुड़े 18 मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। यह मामला बीकानेर के समीप 275 बीघा जमीन के गलत तरीके से आवंटन से जुड़़ा है। जमीन का एक हिस्सा वाड्रा की कंपनी ने खरीदा था।

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नई दिल्ली

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कांग्रेस को थोड़ी राहत मिली लेकिन राबर्ट वाड्रा के इर्द-गिर्द शिकंजा कसना शुरू हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने बीकानेर जमीन घोटाले से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से अशोक कुमार नाम का एक आरोपी महेश नागर का करीबी है, जो राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हास्पीटलिटी का आधिकारिक प्रतिनिधि है। स्काईलाइट हास्पीटलिटी पर विस्थापितों के लिए निर्धारित जमीन पर फर्जी तरीके से खरीद-बेचकर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाने का आरोप है।


ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बीकानेर जमीन घोटाले में पहली गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि दो मुख्य आरोपियों जयप्रकाश बगरवा और अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया है। उनके अनुसार बिकानेर में महाजन फायरिंग रेंज के निर्माण के दौरान विस्थापितों के लिए निर्धारित जमीन को फर्जी तरीके के खरीदने-बेचने में इन दोनों ने अहम भूमिका निभाई थी।


ईडी के अनुसार गिरफ्तार अशोक कुमार ने स्काइलाइट हास्टपीटलिटी को 69.55 हेक्टेयर जमीन 72 लाख रुपये में खरीदने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद इसी जमीन को 5.15 करोड़ रुपये में एलीजनी फिनलीज नाम की कंपनी को बेच दिया गया। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एलीजनी फिनलीज एक मुखौटा कंपनी है और कोई वास्तविक बिजनेस नहीं करती है। यही नहीं, इस कंपनी के कई शेयरहोल्डरों का कोई अता-पता ही नहीं है। आशंका है कि यह राबर्ट वाड्रा की मुखौटा कंपनी है।

विस्थापितों के लिए निर्धारित इस जमीन पर अवैध तरीके और फर्जी नामों से रजिस्ट्री कराने के मामले में राजस्थान पुलिस एफआइआर दर्ज कर जांच कर रही है। इसी आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत इस मामले में केस दर्ज किया था। केस दर्ज करने के बाद ईडी जयप्रकाश बगरवा और अशोक कुमार के ठिकानों पर छापा मार चुका है। इसके साथ ही राबर्ट वाड्रा से ही इस जमीन के खरीद-फरोख्त से संबंधित कई दस्तावेज जमाने कराने को कहा गया था।


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सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कथित कंपनी से जुड़े जमीन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो लोगों को अरेस्ट किया है। आरोपियों को आज जयपुर में अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को 10 दिन की रिमाण्ड पर भेज दिया गया।


ईडी ने  साम्प्रदायिक दंगा मामलों की विशेष एडीजे कोर्ट में आरोपियों को पेशकर पूछताछ के लिए 10 दिन का रिमांड मांगा। इस पर दोनों आरोपियों को 30 दिसंबर तक रिमांड पर सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान के चर्चित बीकानेर घोटाले के मामले में अशोक कुमार और जय प्रकाश को गिरफ्तार किया है।

अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि महाजन फा​यरिंग रेंज के लिए केन्द्र सरकार की ओर से भूमि अवाप्ति की गई। इसके बदले मुआवजे के तौर पर प्रभावितों को भूमि दी गई, लेकिन आरोपियों ने फर्जी लोगों के नाम आवंटन पत्र जारी करा लिए और बाद में भूमि को रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइन कंपनी सहित अन्य कई कंपनियों को बेचा गया। इसे लेकर बीकानेर के कोलायत और गजनेर थाने में आरोपी जयप्रकाश के खिलाफ 18 और अशोक के खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं।


आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन सहयोग नहीं करने पर इन्हें गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि करोडों रुपए का लेनदेन की पूछताछ आरोपियों से करनी है। ऐसे में उन्हें दस दिन का रिमांड दिया जाए। 


जिसका विरोध करते हुए बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि सभी मामलों में आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और अदालत में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है। इसके अलावा किसी दस्तावेज पर भी आरोपियों के हस्ताक्षर नहीं है। ईडी यह भी नहीं बता रहा है कि आरोपियों ने कितनी राशि का लेनदेन किया है। ऐसे में उन्हें रिमांड पर नहीं सौंपा जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को तीस दिसंबर तक ईडी को सौंप दिया है। 


मुआवजे की जमीन को यूं बेचा गया


बीकानेर  जिले में जमीन अवाप्ति हुई थी। कुछ लोगों ने मुआवजा भूमि का फर्जी लोगों के नाम आवंटन पत्र जारी करवाया और वे जमीनें विभिन्न कंपनियों को बेच दी गई। जिन कंपनियों को जमीन बेची गई उनमें राबर्ट वाड्रा के स्वामित्व वाली कंपनी स्काईलाइट भी थी।

बाद में इन कंपनियों ने औने-पौने दामों में खरीदी ये जमीन भारी मुनाफा कमाकर बेची।

बताया जा रहा है कि स्काईलाइट कम्पनी में जमीन खरीदने का अधिकार महेश के पास था और ये खरीद उसके माध्यम से हुई है। आरोपियों ने उसे जमीन बेची थी।



शुक्रवार, 22 दिसंबर 2017

पुलिस थाने में रिश्वत लेते एएसआई गिरफ्तार- एएसआई जगदीश सिंह गिरफ्तार



एसीबी बीकानेर की टीम ने 22.12.2017 को यहां पुलिस थाने के एएसआई जगदीश सिंह को 60 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसके पास से रिश्वत के रूप में लिए गए 60 हजार रुपए बरामद हो गए। यह कार्रवाई एसीबी बीकानेर की टीम ने रावतसर पुलिस थाने में ही की।

 रावतसर तहसील के गांव सरदारपुरा निवासी दलीप कुमार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर को शिकायत की कि उसकी बेची हुई जमीन पर पुन: काश्त करवाने, दूसरी पार्टी को पाबंद करने तथा परिवादी के पक्ष में कार्रवाई करने की एवज में रावतसर पुलिस थाने के एएसआई जगदीश सिंह एक लाख रुपए की मांग कर रहा है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर पुलिस अधीक्षक ममता राहुल ने रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाया।

 यह सौदा 60 हजार रुपए में तय हुआ।


 शिकायत के सत्यापन के बाद शुक्रवार 22.12.2017 दोपहर करीब 12 बजे एसीबी बीकानेर के एएसपी रजनीश पूनिया अपनी टीम के साथ रावतसर पहुंचे। दलीप कुमार को 60 हजार रुपए के अदृश्य रंग लगे नोट देकर रावतसर थाने में एएसआई जगदीश सिंह को देने के लिए भेजा गया। दलीप कुमार ने थाने में एएसआई जगदीश सिंह को रिश्वत राशि सौंप दी। एएसआई ने राशि अपनी पेंट की पीछे की जेब में डाल ली।

इशारा मिलने पर छुप कर लगाकर बैठी एसीबी की टीम वहां पहुंच गई।

 मौके पर ही रिश्वत की रकम बरामद करने के बाद एएसआई के दोनों हाथ व पेंट की पीछे की जेब धुलवाई तो अदृश्य गुलाबी रंग उतर गया। 

इस पर एसीबी की टीम ने एएसआई जगदीश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई ट्रेप की कार्रवाई से थाने में हड़कम्प मच गया। 

टीम में एएसपी रजनीश पूनिया के अलावा सीआई मनोज कुमार व अन्य थे।


अनूपगढ़ से पालिका ईओ पृथ्वीराज जाखड़ को हटाया गया-एपीओ किया गया


- करणीदानसिंह राजपूत -

अनूपगढ़ नगर पालिका के कार्यरत अधिशाषी अधिकारी पृथ्वीराज जाखड़ (  कर निर्धारक ) को इस स्थान से हटाया गया है। जाखड़ को एपीओ किया गया है। नए पद की प्रतीक्षा में जाखड़ की ड्यूटी स्थानीय निकाय निदेशालय जयपुर में रहेगी।


श्रीबिजयनगर के अधिशासी अधिकारी  को अनूपगढ़ अधिशासी अधिकारी पद का अतिरिक्त कार्यभार का आदेश दिया गया है।

 यह आदेश 14 दिसंबर 2017 को अतिरिक्त निदेशक मुकेश मीणा की ओर से जारी किया गया है।

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सूरतगढ थर्मल पावर प्लांट के एक्सईएन को रिश्वत मामले में 2 साल की कैद


सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर प्लांट में 12 सितंबर 2009 को रिश्वत लेते पकड़े गए अधिशासी अभियंता( सिविल) विनोद माथुर को भ्रष्टाचार निवारण विशिष्ट न्यायालय श्री गंगानगर ने 2 साल का  कठोर कारावास और ₹20000 का जुर्माना लगाया। यह आदेश 21.12.2017 को  अदालत में सुनाया गया।

सूरतगढ़ वार्ड नंबर 19 के निवासी महेंद्र प्रताप पुरोहित पुत्र भंवरलाल पुरोहित ने 10 सितंबर 2009 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की थी। उसने शिकायत में लिखा कि उसकी बी आर कंस्ट्रक्शन के नाम से फर्म है जिसने सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट में निर्माण कार्य किए।  इन कार्यों का बकाया बिल 2 लाख 70 हजार रुपए प्राप्त करने के अधिशासी अभियंता विनोद माथुर से संपर्क किया तो उन्होंने ₹70000 की रिश्वत मांगी आखिर में यह सौदा ₹50000 में तय हुआ इसमें ₹25000 एडवांस देना क्या हुआ लेकिन 25,000 के बजाय ₹15000 की बात कही गई। पुरोहित ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क कर लिया।


 पुरोहित ने भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से संपर्क करने के बाद छापे की प्रक्रिया अपनाई गई।

 भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम 12 सितंबर 2009 को सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट पहुंची।

अधिशासी अभियंता ने ज्योंहि रिश्वत की राशि ली तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने अभियंता के विरुद्ध अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने संपूर्ण सुनवाई प्रक्रिया अपनाने के बाद अभियंता को दोषी माना और दंडित किया।अभियंता जोधपुर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड का रहने वाला है।

( टिप्पणी -भ्रष्टाचार के मामले में  सूरतगढ का नाम बेहद बदनाम है।खासकर नगरपालिका व अन्य कुछ विभाग बहुत कुख्यात हैं। लोग सामान्य रूप से मान लेते हैं कि क्या होता है? कुछ भी नहीं होता, लेकिन सच यह है की कार्यवाही होती है। भ्रष्टाचार में लिप्त लोग निश्चित रूप से दंडित होते हैं। इसलिए भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध लोगों को आगे आना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए।)


गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

राजस्थान के मंत्री पुत्र द्वारा युवक का अपहरण अपने घर में कैद कर बुरी तरह मारा: घायल बोलने की हालत में नहीं



राजस्थान गवर्नमेंट में ​केबिनेट मंत्री के बेटे ने एक युवक का अपहरण कर लिया. जानकारी के अनुसार सामा​न्य प्रशासन मंत्री हेमसिंह भडाना के पुत्र सुरेन्द्र सिंह ने अपने दोस्तों के साथ कॉलेज विद्यार्थी तेज​सिंह का अपहरण कर अपने घर में कैद कर लिया.

इसके  बाद आरोपी सुरेन्द्र ने तेजसिंह के साथ जमकर मारपीट की. जब घटना की जानकारी तेजसिंह के परिवार को हुई तब उसके पिता और भाई मंत्री भडाना के अलवर शहर स्थित निवास पर पहुंचे.इसके बाद मंत्री के बेटे के साथ उनकी बहुत ज्यादा बहसबाजी हुई व फिर उन्होंने तेजसिंह को आरोपी सुरेन्द्र की कैद से आजाद कराया. इसके बाद तेजसिंह को गंभीर हालत में अलवर के सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया.

इसके बाद शिवाजी पार्क थाना प्रभारी विनोद सामरिया को जब घटना की जानकारी मिली तब वे अस्पताल पहुंचे. इस दौरान पीड़ित के पिता ने मामला पुलिस में मामला दर्ज कराया है. वहीं पीड़ित तेजसिंह का कहना है​ कि वह मंत्री भडाना के घर के नजदीक ही किराए का कमरा लेकर पढ़ाई करता है. बुधवार दोपहर बाद मंत्री भडाना का बेटा सुरेन्द्र वह उसके दोस्त स्कॉर्पियों गाड़ी लेकर आए व उसके साथ मारपीट की.

इसके बाद उसे जबरन उठा कर ले गए व अपने घर में एक कमरे में कैद कर दिया. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के दौरान मंत्री हेमसिंह भडाना घर में मौजूद थे या नहीं.

21.12.2017.

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनिमोड़ी समेत सभी आरोपी बरी

 नई दिल्ली।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के पहले मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनिमोड़ी समेत सभी  आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने तीनों मामलों में बरी कर दिया।

फैसला आते ही कोर्टरूम तालियों से गूंज उठा। बताया जा रहा है कि सबूतों के अभाव में सभी अरोपियों को बरी किया गया है। फैसला सुनाते वक्‍त जज ने कहा कि सीबीआई आरोप साबित करने में नाकाम रही है। 2जी घोटाले में फैसला आते ही लोकसभा और राज्‍यसभा में कांग्रेस ने हंगामा शुरू कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि घोटाला हुआ, तो फिर किसने किया?

अदालत का फैसला 

वकील विजय अग्रवाल ने बताया कि जज ने कहा कि सीबीआई आरोप साबित करने में नाकाम रही है, इसलिए सभी आरोपियों को बरी किया जाता है। सीबीआइ ने अभी पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्‍पणी नहीं की है। उन्‍होंने सिर्फ इतना कहा है कि हम फैसले की कॉपी का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। इधर सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि प्रवर्तन निदेशालय ने पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआइ अदालत के फैसले के खिलाफ हाइकोर्ट जाने का निर्णय लिया है। हालांकि ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 2जी घोटाले में बरी किए गए सभी आरोपियों से 5 लाख का बेल बॉन्ड भराया गया है, ताकि उच्च अदालत में मामला गया तो उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके।


नहीं हुआ कोई घोटाला - कांग्रेस

डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। यूपीए सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए हैं। मुझे खुशी है कि अदालत ने कहा है कि यूपीए सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर बिना किसी आधार के आरोप लगाए गए थे। 

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्‍बल ने कहा कि आज मेरी बात सिद्ध हो गई, कोई भ्रष्‍टाचार नहीं हुआ, कोई घाटा नहीं हुआ है। अगर कोई घोटाला है, तो झूठ का घोटाला है। विपक्ष और विनोद राय के झूठ का घोटाला। कोर्ट का फैसला आने के बाद विनोद राय को सामने आकर देश की जनता से अपनी गलती के लिए माफी मांगनी चाहिए। 

मनमोहन सिंह सरकार में पूर्व वित्‍त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने कहा कि हमारी सरकार पर लगे बड़े घोटाले का आरोप झूठा था। आज यह साबित हो गया है।


हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचे गए - डीएमके 

फैसला आने के बाद खुशी जाहिर करते हुए, कनिमोड़ी ने कहा, 'मैं अपने उन सभी समर्थकों का धन्‍यवाद करती हूं, जो इस मुश्किल दौर में मेरे साथ खड़े रहे।' डीएमके के वरिष्‍ठ नेता दुराय मुरुगन ने कहा कि विजय अब शुरू हुई, राजनैतिक उद्देश्यों के साथ यह मामला हमारे ऊपर थोपा गया था। हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचे गए थे, लेकिन अब सब कुछ साफ हो गया है। द्रमुक नेता आरएस भारती ने कहा कि यह एक झूठा केस था। पिछले 2 विधानसभा चुनावों के दौरान यह मामला हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया गया था, लेकिन अब यह गलत साबित हुआ है।

भाजपा अपनी बात पर अड़ी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 2जी आवंटन में अनियमितता हुई थी। नीलामी के जरिए लाइसेंस नहीं दिए गए थे। कांग्रेस को कोर्ट के फैसले को सर्टिफिकेट नहीं समझना चाहिए। इस पर एजेंसी ध्यान देगी।


लोकसभा राज्य सभा में हंगामा


2जी घोटाले में फैसला आते ही लोकसभा और राज्‍यसभा में कांग्रेस में हंगामा शुरू कर दिया। गुलाम नबी आजाद ने सदन में कहा कि इस 2जी घोटाले के आरोप की वजह से हम विपक्ष में पहुंच गए। वह 1 लाख 76 हजार करोड़ का घोटाला कहां गया?

समर्थकों में उत्‍साह

डीएमके समर्थकों में पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर गजब का उत्‍साह देखने को मिल रहा है। फैसला आते ही समर्थकों ने कोर्टरूम में ही तालियां बजानी शुरू कर दी थीं। इसके बाद कोर्ट के बाहर मिठाइयां बांटी गईं। कुछ समर्थकों ने कोर्ट के बाहर आतिशबाजी भी की। झंडे बैनर लिए कार्यकर्ताओं​ ने अपनी खुशी नाच कर जाहिर की।


दर्ज हुए थे कुल 3 मामले


इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, द्रमुक सांसद कनिमोड़ी के अलावा रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी), यूनिटेक लिमिटेड, डीबी रीयल्टी व अन्य पर आरोप थे। सीबीआइ द्वारा पहला आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की सुनवाई छह साल पहले शुरू हुई थी। इससे संबंधित सभी मामलों की सुनवाई विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी कर रहे थे। दो मामले सीबीआइ ने दायर किए हुए थे, जबकि एक प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर किया गया था।


सीबीआइ द्वारा दायर पहले मामले में ए राजा और कनिमोड़ी के अलावा पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, राजा के पूर्ववर्ती निजी सचिव आरके चंडोलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा, विनोद गोयनका, यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के तीन शीर्ष कार्यकारी गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा तथा हरिनायर पर मामला चल रहा था।


क्या है 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला? 


2010 में आई एक सीएजी रिपोर्ट में 2008 में बांटे गए स्पेक्ट्रम पर सवाल उठाए गए थे। इसमें बताया गया था कि स्पेक्ट्रम की नीलामी के बजाए 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर इसे बांटा गया था। इससे सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। इसमें इस बात का जिक्र था कि नीलामी के आधार पर लाइसेंस बांटे जाते तो यह रकम सरकार के खजाने में जाती।


दिसंबर 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में विशेष अदालत बनाने पर विचार करने को कहा था। 

2011 में पहली बार स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आने के बाद अदालत ने इसमें 17 आरोपियों को शुरुआती दोषी मानकर 6 महीने की सजा सुनाई थी।

 इस घोटाले से जुड़े केस में एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रविकांत रुइया, अंशुमान रुइया, लूप टेलीकॉम के प्रमोटर किरण खेतान उनके पति आई पी खेतान और एस्सार ग्रुप के निदेशक विकास सरफ भी आरोपी थे।


गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति का 37 वां प्रांतीय व 7 वां राष्ट्रीय अधिवेशन अलवर में आयोजित हुआ






अलवर के इतिहास की सबसे बड़ी जनजागरण रैली का आयोजन

19 दिसम्बर 2017 में

-- गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति का 37 वां प्रांतीय व 7 वां राष्ट्रीय त्री दिवसीय अधिवेशन. 16 से 18 दिसंबर को महावर भवन अलवर में आयोजित हुआ।

 सम्मेलन में कार्यक्रम की अध्यक्षता चैन्नई से आए समिति संरक्षण मोतीलाल बिनानी ने की। मुख्य अतिथि भाजपा नेता ज्ञानदेव आहुजा थे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी थे। विशिष्ट अतिथी के रूप में प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार राणियां वाला, महिला प्रदेश प्रभारी सरिता रूवाटियां, यूआईटी अलवर के चैयरमैन देवीसिंह शेखावत, प्रदेश मंहामंत्री लीलाधर पटवा व सरिता सरावगी मंचासिन थे। मेहमानों द्वारा सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ शुरू हुए इस अधिवेशन में छात्रा प्राची ने 'औ री चिरैया अंगना में आजा रै' सुनाया। सबसे पहले अलवर संभाग प्रभारी प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबुलाल शर्मा ने स्वागत उदबोधन दिया। 

 राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी ने अपने सम्बोधन में सबसे पहले बेमिशाल रैली के आयोजन के लिए अलवरवासियों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भी यही नारा देते हैं  कि बेटी बचाओ तो क्या भ्रूण हत्या बेटों की नहीं होती। गर्भ में पलने वाले सभी जीवों की रक्षा होनी चाहिए। 

गिरजा व्यास, अर्जुनराम मेघवाल आदि सांसदों द्वारा विधेयक लाने के वादे को भूल जाने पर नाराजगी जताई क्योंकि भ्रूण हत्या जैसे गंभीर विषय पर हमारे प्रतिनिधी संवेदन नहीं है। मानवता के मुद्दों से उन्हे कोई लेना देना नहीं है। कुछ सरकारी कानून ऐसे हैं जिनके चलते हजारों बेटियों की हत्या गर्भ में हो जाती है। गर्भस्थ शिशु के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। मुख्य अतिथि रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहुजा ने कहा कि हमारी भक्ति, हमारी शक्ति को परमात्मा इतनी शक्ति दे की हम सब इस जघन्य अपराध को रोकने में कामयाब हो सकें।



            साधक सम्मान से इन्हे किया गया सम्मानित


गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति की ओर से 37 वें प्रातीय अधिवेशन में विशेष कार्य करने के लिए समिति से जुड़े साधकों को मुख्य अतिथि ज्ञानदेव आहुजा व अन्य अतिथियों ने शाल ओढाकर व समृति प्रतीक देकर साधक सम्मान से सम्मानित किया। जिनमें महेन्द्र वर्मा चूरू, योगेन्द्र कुमार भाटी बीकानेर, गिरधारी बेनीवाल सरदारशहर, मनोज कुमार स्वामी सूरतगढ़, श्याम खेड़लवाल बांदीकुई, लीलाधर पटवा श्रीगंगानगर, सरिता सरावगी तारानगर, करणीदान मंत्री सुजानगढ़, श्याम मंत्री कुचामन, राजकुमार राणियांवाला नोहर, बाबुलाल शर्मा, प्राची पारीक, दलीप सिंह यादव अलवर शामिल थे। 

श्रीगंगानगर समिति की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी को शॉल ओढाकर सम्मानित किया गया। 

इससे पहले विशाल जनजागरण रैली को कम्पनी बाग से डीएसपी यशपाल त्रिपाठी न हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का संचालन धर्मवीर पारासर ने किया।



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