Sunday, November 26, 2017

जुगाड़ मालिक व चालक मृतक के परिजनों को मुआवजा दे-जुगाड़ को मोटर वाहन माना


 राजस्थान उच्च न्यायालय ने जुगाड़ को मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे के लिए मोटर वाहन माना है तथा जुगाड़ के मालिक कुंभाराम व ड्राइवर सुभाष को निर्देश दिया कि वह मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि 4,94,512 रुपए याचिका दायर करने की तारीख 7 सितंबर 2005 से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दे।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दुर्घटना के समय जुगाड़ सवारी ले जाने का काम कर रहा था । इससे साफ जाहिर होता है कि जुगाड़ के इंजन की क्षमता 25 क्यूबिक सेंटीमीटर से अधिक है । इसमें गियर बॉक्स भी लगा हुआ है ।

ऐसे में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 2 ( 28 ) के प्रावधानों के तहत वह मोटर वाहन की श्रेणी में माना जाएगा । इसके साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत की ओर से क्लेम का दावा खारिज करने के आदेश को भी रद्द कर दिया । 

 अदालत ने सीकर की एमएसीटी कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें मृतक के आश्रितों की क्लेम याचिका खारिज कर दी थी। न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा ने यह आदेश सीकर जिला निवासी संतरादेवी अन्य की अपील को मंजूर करते हुए दिया। अपील में कहा कि मृतक गिरधारी 29 जनवरी 2015 को जुगाड़ में जा रहा था। उस दौरान ही ड्राइवर की लापरवाही के कारण जुगाड़ ने पलटी खाई। इसमें गिरधारी के सिर में चोट लगी और इस कारण उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी व परिजनों ने एमएसीटी कोर्ट में मोटर एक्सीडेंट क्लेम दिलवाए जाने की याचिका दायर की। लेकिन एमएसीटी कोर्ट ने 13 सितंबर 2007 के आदेश से क्लेम याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जुगाड़ मोटर वाहन की परिभाषा में नहीं आता है। एमएसीटी कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए जुगाड़ के मालिक ड्राइवर से क्लेम दिलवाने की गुहार की थी।

जयपुर 24.11.2017.
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