Friday, November 10, 2017

पद्मावती फिल्म विवाद: विधायक घनश्याम तिवाड़ी का सरकार पर आरोप

भाजपा के वरिष्ठ विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा है। वरिष्ठ भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने आरोप लगाया है कि राजस्थान सरकार ने ही  व्यभिचारी हमलावर अलाउद्दीन खिलजी को चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मावती का प्रेमी बताया है।

राजस्थान में दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष ​घनश्याम तिवाड़ी ने आज पत्रकारवार्ता में कहा कि 'पद्मावती' को लेकर उठे विवाद की जड़ संजय लीला भंसाली नहीं, बल्कि राजस्थान सरकार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का कार्य प्रदेश की आन-बान और शान की रक्षा करना है, लेकिन वीरांगना रानी पद्मावती के मामले में राजस्थान सरकार का रवैया उल्टा ही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए यह दुर्भाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार को इस मामले पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी की भावनाओं से खेलना व ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करना उचित नहीं है। जो संगठन इस पूरे मामले के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं उन्हें बोस्टन नाम की कंसल्टिंग कंपनी के मुद्दे को भी उठाना चाहिए, जिसके इशारे पर  ​प्रदेश सरकार काम कर रही है।

इस निजी कंपनी की लापरवाही का ही नतीजा है कि प्रदेश की शान पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस कंपनी ने राजस्थान ट्यूरिज्म डिपार्टमेंट के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर प्रदेश का गौरव चितौड़गढ़ की रानी पद्मावती को मुगल शासक अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका बता दिया है।

क्यों हटाई कबीर, लक्ष्मीबाई की कविताएं

घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि सरकार ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा की मुख्य प​रीक्षा में राजस्थानी ​भाषा के पाठ्यक्रम को पूरी तरह हटा कर प्रदेश के युवा बेरोजगारों के हितों पर कुठाराघात किया है।बिजली विभाग में एइएन और जेइएन की भर्ती परीक्षा में टेक्निकल सिलेबस हटा दिया गया, इस तरह 2 साल से तैयारी कर रहे अभ्यर्थी व युवाओं को धोखा दिया गया।

साथ ही कुछ बाहरी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दूसरे राज्यों के शहरों में परीक्षा केंद्र बना दिए। इसके अलावा बच्चों के कोर्स से कबीर, निराला, बिस्मिल की 'सरफरोशी की तमन्ना' और 'खूब लड़ी मर्दानी' जैसी महान रचनाएं भी हटा दी गई।

(राजस्थान के पर्यटन विभाग ने एक ट्वीट में चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मिनी को अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका के रूप में प्रचारित कर दिया। राजपूतों के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान में मौजूद उनकी विरासत की गलत तस्वीर पेश करने पर विभाग को कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है।

चित्तौड़गढ़ स्थित रानी पद्मिनी तालाब और महल की तस्वीर के साथ किया गया ट्वीट इस विरोध के बाद हटा दिया गया है लेकिन विभाग का यह ट्वीट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस ट्विटर पोस्ट में चित्तौड़ पर आक्रमण करने वाले अलाउद्दीन खिलजी की बदनीयत का मुंहतोड़ जबाव देते हुए जौहर करने वाली रानी पद्मिनी को अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका बताया गया।

राजस्थान सरकार ने प्रदेश में पर्यटन का बढ़ावा देने के लिए पिछले दिनों पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट बनाई गई और ट्विटर हैंडल भी नया बनाया गया। इसी पर यह गड़बड़ हुई है। दरअसल रानी पद्मिनी चित्तौड़ के राजा रावल रतन सिंह की पत्नी थीं। कहा जाता है कि अद्वितीय सौन्दर्य की धनी पद्मिनी के बारे में जब दिल्ली पर राज कर रहे अलाउद्दीन खिलजी ने सुना उसने रानी पद्मिनी के लिए चित्तौड़गढ़ पर हमला कर दिया, लेकिन रानी पद्मिनी ने समर्पण करने के बजाए अन्य रानियों के साथ जौहर कर लिया।)


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