गुरुवार, 2 नवंबर 2017

सूरतगढ़ राजकीय महाविद्यालय में राजस्थानी विषय शुरू करने वास्ते विधायक के पत्र

 

राजकीय महाविद्यालय ,सूरतगढ़ में राजस्थानी साहित्य विषय शुरू करने के लिए विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने लिखे पत्र।

सूरतगढ़ उपखंड क्षेत्र के नजदीक के पांच राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में राजस्थानी साहित्य विषय का अध्ययन निरंतर कराया जा रहा है। लेकिन राजकीय महाविद्यालय,सूरतगढ़ में राजस्थानी साहित्य विषय नहीं होने से सैकड़ों विद्यार्थी अपनी पसंद के विषय में अध्ययन करने से वंचित रह जाते हैं । 

इस मांग को विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने अति महत्वपूर्ण मानते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ,उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ए.टी.पेडणेकर को पत्र भेजकर सूरतगढ़ के राजकीय  महाविद्यालय में आगामी शिक्षा सत्र 2018 से राजस्थानी साहित्य विषय शुरू करवाने की मांग की है। 

विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सूरतगढ़ उपखंड में पांच राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में राजस्थानी साहित्य विषय पढ़ाया जा रहा है। जिसमें सरदारपुरा खर्ता,बख्तावरपुरा, मालेर ,जानकीदासवाला, 12 जी.बी.विद्यालय हैं इन पांच विद्यालयों में लगभग 250 ग्रामीण विद्यार्थी राजस्थानी साहित्य विषय का अध्ययन कर रहे हैं।ये विद्यार्थी बी.ए करने हेतु राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में अध्ययन करने हेतु आते हैं। इस राजकीय महाविद्यालय में राजस्थानी साहित्य नहीं होने के कारण विद्यार्थी राजस्थानी साहित्य का अध्ययन नहीं कर पाते हैं इसलिए ग्रामीण व गरीब विद्यार्थियों के अध्ययन की महता रखते हुए रखते हुए सूरतगढ़ में आगामी सत्र से बी. ए. में राजस्थानी साहित्य विषय प्रारंभ करवाने की कृपा करें जिससे राजस्थानी साहित्य के विद्यार्थी अपनी मातृभाषा राजस्थानी साहित्य ,संस्कृति का अध्ययन कर सकें। राजस्थानी भाषा प्रेमी यह मांग काफी समय से कर रहे हैं। अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के प्रदेश मंत्री मनोज कुमार स्वामी, जिलाध्यक्ष परसराम भाटिया के प्रयास निरंतर जारी हैं।

भाजपा सरकार ने घोषणा पत्र में किया था राजस्थानी भाषा को शामिल

भाजपा सरकार के घोषणा पत्र 2013 में राजस्थानी साहित्य के संरक्षण, संवर्धन व संवैधानिक मान्यता का वादा किया था । 

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