Wednesday, October 25, 2017

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लोगों के आतंक में जीने को मजबूर परिवार

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जाति खेतिहर किसान की दुख भरी गाथा।सत्ता के नजदीक प्रभावशाली लोगों ने आवारा पशु डालकर उस के खेत को उजाड़ा फसल नष्ट की बार बार की गुहार पर  पुलिस राजियासर ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। अदालत के आदेश से मुकदमा दर्ज किया मगर ढीली कार्यवाही किसान को परेशान करने में लगी है। 

राजस्थान की सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है मगर भारतीय जनता पार्टी के सूरतगढ़ विधायक राजेंद्र सिंह भादू के क्षेत्र की पुलिस दीन हीन पीड़ित के साथ कैसा बर्ताव कर रही है?

 

चक 2 जीबीएम( हरिसिंह पुरा ) का किसान ओम प्रकाश पुत्र मघाराम मेघवाल जिसकी कृषि भूमि इसी चक में है और इस वर्ष उस भूमि पर उसने नरमे की फसल उगाई। यह चक  नहर अनूपगढ शाखा  के किनारे है जहां आरडी 42 की पुलिया है। यह पुलिया और उसकी सड़क बीरमाणा संगीता हरदास वाली  सव अन्य गांवों को जोड़ती है। इस पुलिया से प्रभावशाली किसान आवारा पशुओं को लाकर पास के खेतों में छोड़ देते हैं और खेत नष्ट होते हैं।

पशुओं को रोकने के बाबत 4 सितंबर 2017 को श्योकरण कुम्हार के घर पर पंचायत हुई जिसमें श्योकरण कुम्हार,पूर्व सरपंच ओमप्रकाश गेधर, नेतराम स्वामी, डायरेक्टर बिरजा राम कुम्हार,गोपी राम जाट,उदराम कुम्हार, ओम जालप, मघाराम मेघवाल आदि लोग शामिल हुए। पंचायत में यह फैसला किया गया कि अब कोई भी व्यक्ति पुलिया के पास आवारा पशुओं को लाकर के नहीं छोड़ेगा। 

यह निर्णय सत्ता के नजदीक लोगों को पसंद नहीं आया और उसी रात यानी कि 4 सितंबर 2017 की मध्यरात को लाठियां गंडासियां लिए हुए लोग आवारा पशुओं को घेर कर के लाए और ओम प्रकाश मेघवाल के खेत के दरवाजे को खोलकर पशुओं को उस में घुसेड़ दिया। ओमप्रकाश को गालियां निकाली गई धक्का-मुक्की की गई और ओमप्रकाश लाठियों के डर से वहां से भाग निकला। उसकी नरमे की करीबन 1 लाख रुपए की फसल आवारा पशुओं के द्वारा नष्ट करवा दी। इस घटना को अन्य काश्तकारों राजू राम मेघवाल और सुनील कुमार आदि ने भी देखा।

पीड़ित ओमप्रकाश ने अगले दिन 5 व बाद में 8  सितंबर 2017 को राजियासर थाने में प्रार्थना पत्र दिये।।

 पुलिस ने एक सिपाही नटवरलाल को मौके पर भेजा लेकिन अपराधियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीड़ित ओमप्रकाश थाना अधिकारी से मिलता रहा और जब कार्यवाही नहीं हुई तब उसने 12 सितंबर को रजिस्टर्ड डाक से अपनी पुकार  जिला पुलिस अधीक्षक को भेजी लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। लगातार परेशानियां भोगते हुए पीड़ित ओमप्रकाश मेघवाल ने 25 सितंबर 2017 को माननीय विशिष्ट न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति  अत्याचार निवारण श्रीगंगानगर की अदालत में परिवाद दायर किया।  माननीय न्यायालय ने सीआरपीसी की धारा 156 /3 के तहत राजियासर पुलिस थाने को निर्देशित किया।पुलिस ने प्राथमिकी नंबर 218 दि. 6.10.2017 को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 447, 427,  323, 504,149 व अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की। 

इसकी जांच उप पुलिस अधीक्षक ओनाड़सिंह को सौंपी गई। 

यह प्राथमिकी 6 अक्टूबर 2017 को दर्ज की गई । पुलिस उप अधीक्षक की ओर से 10 अक्टूबर को मौके का नक्शा बनाया गया मुआयना किया गया। 5-6 गवाहों के बयान लिए गए। नुकसान वाली फसल की पैमाइश की गई लेकिन आश्चर्य है कि अभी तक अभियुक्तों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई। नहर की बुर्जी नंबर 42 की पुलिया की सड़क बीरमाना बीरमाना हरदासवाली संगीता आदि कई गांवों को जोड़ती है वहां पर रात को सुनसान होता है।

 पीड़ित ओमप्रकाश का खेत पड़ता है और वह वहां अपने परिवार के साथ रह रहा है पुलिस की कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रभावशाली लोग रात को पुलिया पर एकत्रित होते हैं और यह दहशत ओमप्रकाश को अपने परिवार के साथ सहन करने पड़ रही है।ओम प्रकाश ने आशंका है कि उसके परिवार के साथ रात को आने वाले लोग कुछ भी बुरी घटना कर सकते हैं। उसने सुरक्षा की मांग की लेकिन अभी तक पुलिस ने ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की जिससे वह अपने को सुरक्षित समझ सके। 

सूचना है कि पुलिस आरोपियों के साथ सामने बैठा कर कोई बात कराना चाहती है। ओम प्रकाश भयभीत है और उसे आशंका है कि पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया वह आमने सामने के नाम की कार्यवाही में उसे दबाने की कार्यवाही में ही लगी हुई है। 

पुलिस मौके की जांच कर चुकी है तब उसे अपनी रिपोर्ट अदालत को पेश कर देनी चाहिए।

इस मामले में आरोपी पंचायत में आए और रात को खेत में पशुओं को घुसाने में भी शामिल रहे।

पीड़ित ओमप्रकाश  ने जिनके विरूद्ध मामला दर्ज कराया है। उनमें भालाराम पुत्र लालचंद 2GBM, गुरमीत सिंह पुत्र भोला सिंह 4 एपी,राजू पुत्र चंदू राम कुम्हार चक 2GBM,  रामचंद्र पुत्र काशीराम कुम्हार  4 एपी, जगपाल पुत्र जीत सिंह 4 एपी,लाल चंद पुत्र जगदीश स्वामी चक 4 एपी, कालूराम कुम्हार पुत्र राम कुमार चक 3 जीबीएम, गणेशाराम जाट  3 एपी, धर्माराम जाट पुत्र जगदीश जाट चक 4 एपी, रामलाल कुम्हार पुत्र लालचंद 2GBM,रामकरण पुत्र लालचंद ब्राह्मण चक 4एपी और इनके अलावा कई लोग अन्य। 

पुलिस जब तक कार्यवाही नहीं करती ओमप्रकाश मेघवाल का परिवार आतंकित हैं। सवाल यह है कि इस परिवार की सुरक्षा की जाएगी या लोगों के आतंक में छोड़ा हुआ रखा जाएगा। सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है या नहीं?

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