गुरुवार, 19 अक्तूबर 2017

सरकार के आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही का अभाव

जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने पंचायत समिति सूरतगढ़ की ग्राम पंचायत भगवानगढ़ में  17.10.2017 को रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना लेकिन कुछ अधिकारियों ने निर्देश की परवाह नहीं की और वे इस चौपाल में शामिल नहीं हुए। जिला कलेक्टर कई बार रात्रि चौपाल में उपस्थित होने का निर्देश दे चुके हैं सख्त कार्यवाही नहीं होने के कारण अधिकारी इसे गंभीरता. से नहीं लेते। अधिकारियों की सोच है कि नोटिस देंगे और भूल जाएंगे।

जिला कलक्टर ने इस रात्रि चौपाल में नहीं आने वाले अधिकारियों के बाबत एसडीएम सूरतगढ़ को निर्देशित किया है  कि सार्वजनिक निर्माण विभाग, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक सीएमएचओ, आयुर्वेद अधिकारी तथा सीपीडीओ को रात्रि चौपाल में उपस्थित नही होने पर कारण बताओं नोटिस जारी करें।

जिला कलेक्टर नयी शक्तियों के तहत कार्यवाही करने में सक्षम


 राजस्था सरकार ने जिला कलक्टर की शक्तियों में बढ़ोतरी की है जिससे निकम्मे लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकेगी। 

राज्य के कार्मिक विभाग ने शुक्रवार 13. 10.2017 को इस सबंध में आदेश जारी किया है।

 जिला कलक्टर अब किसी भी अधिकारी और कर्मचारी की तीन वेतन वृद्धि को रोक सकता है। जिला कलक्टर को यह अधिकार राज्य सेवा के कर्मचारियों पर धारा 17 सीसी के तहत कार्रवाई करने के लिए दिए गए हैं।

 यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अनुशासन​हीनता, आदेश की अवेहलना जैसे कार्यों में लिप्त ​पाया जाता है तो उसके खिलाफ सीधे कार्रवाई का अधिकार जिला कलक्टर के पास होगा।

यह कार्रवाई राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण एवं नियंत्रण अपील नियमों के नियम 17 के तहत होगी। अभी तक यह कार्रवाई सबंधित विभाग के द्वारा की जाती थी। उम्मीद की जा रही है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब एक्शन त्वरित होगा। जिससे कि सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार होगा।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें