Saturday, October 14, 2017

वकीलों पर पुलिस की लाठियां: बदलते देश की ऐसी तस्वीर:

राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के आगमन का विरोध कर रहे व पर मेरठ में लाठी चार्ज

मेरठ   14.10.2017.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के आज मेरठ में आने पर वकीलों के विरोध का सामना करना पड़ा और विरोध कर रहे वकीलों को पुलिस ने लाठियों से पीटा। आरोप है कि वकीलों की पुलिस थाने में भी पिटाई की गई।

केशरीनाथ त्रिपाठी का मेरठ में इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच के विपक्ष में रहने के कारण आज विरोध किया गया। 


पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में पंडित दीन दयाल उपाध्याय जन्मशताब्दी सम्मान समारोह में आए थे। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में केशरीनाथ त्रिपाठी ने सभा को संबोधित किया। 

उनके आगमन की सूचना पर वकील बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के गेट पर एकत्र थे। यह सभी लोग केशरीनाथ त्रिपाठी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट बेंच विरोधी बताते हुए नारेबाजी कर रहे थे। इन सभी अधिवक्ताओं ने उनके आगमन का विरोध किया। उनके इस विरोध के कारण वकीलों का आज पुलिस से टकराव हो गया। पुलिस ने जमकर लाठी भांजी। वकीलों ने भी वाहनों में तोडफ़ोड़ की और अपना रोष जताया। इस दौरान एसएसपी मंजिल सैनी ने भी वकीलों को रोकने का प्रयास किया। इनके अपना विरोध जारी रखने पर लाठी चार्ज का आदेश दिया गया। 

मेरठ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के आगमन का विरोध कर रहे वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कचहरी से जुलूस के रूप में निकलकर विश्वविद्यालय की ओर जा रहे वकीलों को जेलचुंगी चौराहे पर रोकने के प्रयास के दौरान हालात बेकाबू हो गए। पुलिस और वकीलों के बीच भिड़ंत में पुलिस ने लाठियां फटकार कर कई वकीलों को हिरासत में ले लिया।

वकीलों का कहना है कि केशरीनाथ त्रिपाठी ने ही वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच का विरोध किया था, जिसके चलते आज तक यहां बेंच नहीं मिल सकी। भिड़ंत के बाद बड़ी संख्या में वकील विश्वविद्यालय के गेट के पास पहुंच गए। वकीलों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए विश्वविद्यालय की ओर कूच कर दिया। सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने पुलिस के दूसरे घेरे को भी तोड़कर वकील आगे बढ़ गए। यहां भी पुलिस के साथ वकीलों की जबरदस्त भिड़ंत हुई।

पुलिस ने अधिवक्ताओं का नेतृत्व कर रहे विनोद राणा को लाठियों से पीटा और जीप में डाल लिया। हेलमेट लगाकर एसएसपी मंजिल सैनी ने खुद वकीलों पर लाठियां बरसाईं। विश्वविद्यालय गेट पर पुलिस की वकीलों से जबरदस्त धक्कामुक्की और हाथापाई हो गई।

आक्रोशित वकीलों ने चेतावनी दी कि पुलिस कानून को हाथ में न ले। विश्वविद्यालय गेट पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। दमकल की कई गाडिय़ां और आंसू गैस के गोले लिए जवान मुस्तैद रहे। वकीलों को गिरफ्तार कर ले जाने के लिए रोडवेज की छह बसें मंगा ली गईं।

लाठी

चार्ज से आक्रोशित वकीलों ने कहा कि यहां से हटेंगे नहीं। गिरफ्तार कर सिविल लाइन थाने ले जाए गए वकीलों की थाने में भी पुलिस ने पिटाई की। 



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