Sunday, September 3, 2017

बाबा की नजदीकी हनीप्रीत गायब हुई या गायब कर दी गई: पत्र रहस्य





गुरमीत राम रहीम की नजदीकी युवती हनीप्रीत गायब है। राम रहीम के साथ सुनारियां जेल तक हेलीकाप्टर से आई हनीप्रीत को अधिकारियों ने उसी समय विकास नामक सिपाही के साथ वापस भेज दिया था। अब उसके विदेश भाग जाने की आशंका भी जताई जा रही है। इसी वजह से लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है। शुक्रवार को 7 दिन बाद हनीप्रीत का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। 4 लोगों के साथ दिखी थी हनीप्रीत...


- वीडियो में एक कार को पुलिसकर्मी घेरे हुए हैं और वीडियो बना है। उसके बाद वे गाड़ी में बैठकर चले जाते हैं। कुछ पुलिसकर्मी फोटो भी ले रहे हैं। इसके साथ ही कुछ फोटो भी वायरल हो रहे हैं। इनमें हनीप्रीत कुछ व्यक्तियों के साथ दिखाई दे रही है। साथ में एक फोटो और भी है, जिसमें हनीप्रीत सहित उसके साथ वालों के नाम व पते भी लिखे हैं।


- सोशल मीडिया में एक लैटर की फोटो भी वायरल हो रही है। वायरल हो रहे लैटर में सबसे ऊपर लिखा है कि सिपाही विकास नम्बर 3/783। उसके नीचे विकास ने अपने साइन किए हुए हैं।


- उसके बाद लिखा है मैं हनीप्रीत इंसां सही सलामत सिपाही विकास नम्बर 3/783 फतेहाबाद के साथ जा रही हूं। उसके बाद उसने अपने साइन किए हुए हैं।


- इसके साथ ही 3 लोगों के नाम पते और साइन हैं, जिनमें है संजय पुत्र रामजीदास वासी 330/18 आर्य नगर रोहतक और मोबाइल नम्बर उसके बाद वेदप्रकाश पुत्र छोटूराम वासी राजली जिला हिसार। तीसरा नाम है जितेंद्र कुमार पुत्र फकीर चंद वासी मकान नम्बर 417/17 जिला कालोनी झज्जर।


- नीचे लिखा है, हम उपरोक्त व्यक्ति बाबा राम रहीम की पुत्री हनीप्रीत को अपने साथ आज दिनांक 25 अगस्त 2017 को सही सलामत अपनी जिम्मेदारी व हनीप्रीत की मर्जी से लेकर जा रहे हैं। उन्हें उनके घर पहुंचाने के जिम्मेदार हम हैं।


गुरमीत राम रहीम को भगाने की साजिश करने वाली हनीप्रीत को लेकर एक नया मामला सामने आया है। गायब होने से पहले हनीप्रीत ने जेल से निकलकर संजय नाम के शख्स के घर सीक्रेट मीटिंग की थी। इस बात का खुलासा हनीप्रीत को जेल लेने वाले जीतेंद्र नाम के एक व्यक्ति ने किया है।


वीटी के बाद पुलिस ने जितेंद्र को पकड़कर जेल में भेजा


- जितेंद्र ने बताया कि मेरी गाड़ी की वीटी कर दी गई, चूंकि यह नंबर जेल तक पहले ही जा चुका था। उसने बताया कि मैं सात महीने पहले डेरे से जुड़ा था। मेरे पास 25 अगस्त की शाम को आर्य नगर रोहतक के रहने वाले संजय का फोन आया कि जेल तक कार लेकर जानी है। यहां पिताजी आए हुए हैं।


- उनके साथ कुछ लोग आए हुए हैं, इन्हें छोड़कर आना है। यह बात सुनकर मैं बहकावे में आ गया और गाड़ी लेकर सुनारिया जेल तक गया। संजय के पास रिट्ज कार थी। मेरे पास फोर्ड । जेल में जाने को पुलिस ने वेरिफिकेशन किया।

- एसपी भी यहां पर आए थे। वेरिफिकेशन के दौरान रोहतक के संजय, हिसार के राजली के रहने वाले वेदप्रकाश व मैंने एक कागज पर सिग्नेचर किए। साथ ही फतेहाबाद पुलिस का एक कान्स्टेबल विकास वहीं पर था।

- यहां पर लिखित में हनीप्रीत ने बताया कि वह विकास के साथ फतेहाबाद जा रही है। इसके अलावा हम तीन लोगों ने भी सिग्नेचर किए। जेल से साढ़े 9 बजे निकले थे। इसके बाद हमने हनीप्रीत को संजय के घर छोड़ दिया। यहां पर पहले से इनोवा गाड़ी थी।

- संजय के घर पर एक घंटे तक तीनोें ने सीक्रेट मीटिंग की। इस बैठक में हनीप्रीत, विकास और वेदप्रकाश थे। मैं और संजय बाहर थे। संजय ने खाने के लिए पूछा लेकिन हनीप्रीत ने इंकार कर दिया। इसके बाद हनीप्रीत वहां से इनोवा कार में निकली।

- गोहाना रोड पर बने वीटा मिल्क प्लांट तक हम साथ-साथ चले। इसके बाद उन्होंने मुझे गोहाना बाईपास से वापस भेज दिया। उसके बाद मुझे कुछ पता नहीं कि वे कहां पर गए। 


राम रहीम को भगाने का था प्लान


- 25 अगस्त को डेरा प्रमुख राम रहीम को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने साध्वियों से यौन शोषण मामले में दोषी ठहराया था।


- सूत्रों के अनुसार, दोषी ठहराए जाने के बाद राम रहीम को भगाने का प्लान तैयार किया गया था। इसके लिए पूरी साजिश रच ली गई थी। कोड के लिए पहले से ही लाल रंग का बैग हनीप्रीत ने ले रखा था, लेकिन हरियाणा पुलिस और सेना की मुस्तैदी से पूरी साजिश को नाकाम कर दिया।

- सोमवार 28 अगस्‍त को इस मामले में सीबीआई जज जगदीप सिंह ने राम रहीम को 20 साल कैद की सजा सुनाई। इसके बाद ही हनीप्रीत इंसा अंडरग्राउंड है।


- हनीप्रीत के सुनारिया जेल परिसर से निकलने के बाद रोहतक के आर्य नगर में ही किसी डेरा प्रेमी संजय चावला के घर रुकने की बात भी सामने आई थी।


- अगली सुबह वह परिवार भी घर से गायब मिला। बताया जाता है कि आर्य नगर में इस रात संजय चावला के घर देर रात दो गाड़ियां आई थीं। उसके बाद से हनीप्रीत का कुछ पता नहीं है और तभी से हरियाणा पुलिस हनीप्रीत की तलाश में जुटी है। फिलहाल हरियाणा पुलिस के साथ-साथ जांच एजेंसियां भी हनीप्रीत में जुटी हैं।


कौन है हनीप्रीत

- हनीप्रीत का असली नाम प्रियंका तनेजा है। हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत और विश्वास गुप्ता की शादी डेरा प्रमुख राम रहीम ने ही कराई थी।


- दोनों की शादी ज्यादा दिन नहीं चल सकी।


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