Thursday, September 7, 2017

सिरसा में नये पुराने दोनों डेरों की तलाशी की तैयारी: क्या होगा तरीका: जानें

सिरसा। डेरा सच्‍चा सौदा में तलाशी अभियान आज 7 सितंबर को किसी भी समय शुरू हो जाएगा। सर्च अॉपरेशन अर्द्ध सैनिक बलों और पुलिस की 50 टीमें चलाएंगी। इसके अलावा 10 टीमों को रिजर्व रखा गया है। सेना की चार कंपनियां डेरा के बाहर सुरक्षा को संभाल रही हैं। सर्च आॅपरेशन की कमान जम्‍मू-कश्‍मीर में पत्‍थरबाजों से निपटने में माहिर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रशिक्षित जवान संभालेंगे।डेरा में पुलिस और अर्द्ध सैनिक बलों के जवान सबसे पहले बुलेटप्रूफ गाडि़यों में जाएंगे। पूरी कार्रवाई पर हेलीकाप्‍टर से नजर रखी जाएगी। सर्च ऑपरेशन नए और पुराने डेरा दोनों में चलेगा।

अर्द्ध सैनिक बलाें और पुलिस की 50 टीमें करेंगी कार्रवाई, 10 टीमें रिजर्व, सेना की चार कंपनियां बाहर तैनात

हाईकोर्ट द्वारा नियुक्‍त कमिश्‍नर आज यहां पहुंचेंगे और उनके यहां पहुंचने के बाद कार्रवाई शुरू हो जाएगी। बुधवार को उनके यहां नहीं पहुंचने से तलाश्‍ाी अभियान शुरू नहीं हाे सका था। दूसरी आेर, बुधवार को डेरे में मौजूद गैस सिलेंडर हटाए गए। करीब 200 गैस सिलेंडर कब्‍जे में लिए गए। बुलेट प्रूफ गाडिय़ों से अंदर घुसेंगे जवान, सर्च ऑपरेशन की होगी वीडियोग्राफी, हेलीकाप्‍टर से निगरानी

सर्च अभियान के लिए 60 टीमें तैयार की गई हैं, जिनमें से 50 टीमें सर्च ऑपरेशन से जुड़ेंगी और 10 को वैकल्पिक के तौर पर रखा जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने बुलेट प्रूफ गाडिय़ों का इंतजाम किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर एकेएस पंवार के निर्देश पर हरियाणा पुलिस और अर्द्धसैनिक बल नए और पुराने दोनों डेरों को खंगालेंगे। अभियान को लेकर हरियाणा सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

इससे पहले बुधवार को सिरसा में प्रशासनिक अधिकारी कोर्ट कमिश्नर का दिन भर इंतजार करते रहे। देर सायं उपायुक्त की ओर से बताया गया कि कोर्ट कमिश्नर बृहस्पतिवार सुबह सिरसा पहुंचेंगे और इसके बाद सर्च अभियान शुरू किया जाएगा। सर्च अभियान में तीन एसपी और नौ डीएसपी भी शामिल होंगे। जरूरत पड़ने पर दो आइपीएस और सिरसा भेजे जा सकते हैं।


डेरे के अंदर हथियार लेकर लोगों के छिपे होने की आशंका


डेरा प्रबंधन से जुड़े 157 लोगों के पास लाइसेंसी हथियार हैं। इनमें से करीब 120 लोगों ने अपने हथियार जमा करा दिए। पुलिस को आशंका है कि बाकी 37 लोग डेरे के भीतर कहीं छिपे हो सकते हैं। डेरा प्रबंधन ने हालांकि सर्च अभियान में हर तरह का सहयोग देने और डेरे के भीतर किसी हथियारबंद के नहीं होने का दावा किया है, लेकिन पुलिस को आशंका है कि सर्च अभियान के दौरान डेरे के भीतर से हमला हो सकता है। लिहाजा इस स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी के साथ पुलिस व अर्धसैनिक बल भीतर घुसेंगे। यहां अर्धसैनिक बलों की 48 कंपनियां तैनात हैं। हर कंपनी में 100 जवान होते हैं।


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जमीन से ढूंढ निकालेंगे विस्फोटक व नर कंकाल


हरियाणा पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने सर्च अभियान के तहत ऐसी तैयारी की है कि यदि जमीन के भीतर कुछ विस्फोटक अथवा नरकंकाल छिपाए गए होंगे तो उन्हें भी खोज लिया जाएगा। इसके लिए विशेष प्रशिक्षित स्टाफ व बम निरोधक दस्ते से जुड़े उपकरण मंगवाए गए हैं। बम निरोधक दस्ते में कई दर्जन विशेषज्ञ शामिल हैं। मेटल डिटेक्टर भी बड़े स्तर पर मंगवाए गए हैं।


मीडिया को दूर रखने की तैयारी


जिला प्रशासन डेरा के सर्च अभियान के दौरान मीडिया को अंदर नहीं जाने देगा, बल्कि उन्हें दोनों डेरों से दूर पुलिस नाकों पर रोक लिया जाएगा। पुलिस प्रवक्ता ने मीडिया कर्मियों को शाह सतनाम चौकी तक ही रहने को कहा है। उनका कहना है कि प्रशासन के आदेश मीडिया कर्मियों के लिए यहीं तक रहने के हैं। इससे आगे नहीं जाने दिया जाएगा। 


तलाशी शुरू होने से पहले डेरा सच्‍चा सौदा के पास के क्षेत्र में तैनात अर्द्ध सैनिक बलाें के जवान।



मुसीबत में काम आएंगे सेना की चार कंपनियां


सिरसा में आई सेना अभी भी तैनात है। सेना के जवान डेरा की तलाशी में शामिल नहीं होंगे। सरकार ने उसे मुसीबत में इस्तेमाल करने के लिए रखा है। यहां सेना की चार कंपनियां तैनात हैैं और डेरा सच्चा सौदा की ओर जाने वाली सड़क पर सेना का ही पहरा है। सीआरपीएफ एसएसबी की टुकडिय़ों को भी डेरे के पास तैनात किया जा चुका है। 


डेरे से बाहर निकाले गए गैस सिलेंडर


तलाशी अभियान शुरू होने से पहले डेरा सच्चा सौदा के गैस सिलेंडर हटाए गए। प्रशासन के आदेश के बाद  डीएफएससी की टीम डेरा सच्चा सौदा पहुंची और डेरे से गैस सिलेंडर बाहर निकालने का काम शुरू किया। डेरे में  200 से अधिक गैस सिलेंडर होने की सूचना प्रशासन के पास पहुंची थी। ये डेरे की विभिन्न कैंटीन व अन्य कार्यों में प्रयुक्त किए जाते थे।        


60 फोटोग्राफर व वीडियोग्राफर भी बुलाए


पुलिस महानिदेशक बीएस संधू के अनुसार अर्द्ध सैनिक बलों, पुलिस,  ड्यूटी मजिस्ट्रेट, राजस्व अधिकारी, कमांडो स्वैट, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते तैयार हैं। पूरे सर्च अभियान की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके लिए 60 फोटोग्राफरों को बुलाया गया है।  यह सर्च अभियान दिन और रात दोनों समय चलेगा। रात में बिजली के लिए बड़े जेनरेटर सेट की व्यवस्था की गई है। 20 ट्रैक्टर ट्रालियों की व्यवस्था की गई है।


ताले खोलने के लिए 22 लोहारों की टीम


प्रशासन ने 60 लोहार का प्रबंध भी किया है जो प्रत्येक टीम में शामिल होंगे। कमिश्नर नियुक्त किए गए रिटायर्ड सेशन जज की देखरेख में डेरे के सभी गुप्त ताले तोड़े जाएंगे। डेरे में गुफा और कई गुप्त कमरे होने की चर्चा सालों से है।


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