शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

क्या सोनिया के पत्र पर महिला आरक्षण बिल ला सकती है मोदी सरकार?


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का पीएम मोदी को लिखा पत्रअसर कर गया है? क्या इसीलिए केंद्र सरकार लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक लाने वाली है? इस विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रस्ताव किया गया है। बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि सरकार और पार्टी में शीर्ष स्तर पर इस विधेयक को लेकर चर्चा हुई है और इसे पेश किया जा सकता है। दरअसल, नवरात्रि की पूर्व संध्या पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महिला सशक्तिकरण की बात करते हुए प्रधानमंत्री से लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को जल्द से जल्द पास कराने की अपील की थी। 

उन्होंने लिखा, 'लोकसभा में बीजेपी को मिले बहुमत को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द महिला आरक्षण बिल पास कराने की कोशिश करनी चाहिए। यह बिल मार्च 2010 में राज्यसभा में पास हो चुका है और अब लोकसभा की मंजूरी पाने की बाट जोह रहा है। इसलिए आप इसे लोकसभा में लेकर आइए। साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से सरकार को इस बिल पर पूरा समर्थन दिए जाने का आश्वासन भी दिया।' सोनिया गांधी ने याद दिलाया है कि कांग्रेस और उनके दिवंगत नेता राजीव गांधी ने संविधान संशोधन बिलों के जरिए पंचायतों व स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण के लिए पहली बार प्रावधान किया व महिलाओं को सशक्त बनाने की ओर कदम उठाया था। हाल ही में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं सुष्मिता देव ने गुरुवार को कहा कि महिला आरक्षण बिल बीजेपी के आम चुनाव के मेनिफेस्टो का भी हिस्सा रहा है। ऐसे में पीएम से अपील है कि वह देश की महिलाओं से किया वादा पूरा करें। सुष्मिता देव ने बताया कि महिला कांग्रेस इस मुद्दे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने जा रही है।

मोदीजी किसी दबाव के तहत काम नहीं करते l वे स्वेच्छा से ही चलने वालों में से हैं l 

22.9.2017.

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