Tuesday, September 19, 2017

वसुंधरा को चलता कर दो, सबकी चलने लगेगी-घनश्याम तिवाड़ी श्रीगंगानगर में


 

श्रीगंगानगर। राजस्थान में मुख्य मंत्री वसुंधरा के खिलाफ अभियान चला रहे पंडित दीनदयाल वाहिनी के संस्थापक-नेता घनश्याम तिवाड़ी ने सोमवार 18 सितंबर को श्रीगंगानगर में किसानों के आंदोलन में भी साफ शब्दों में वसुंधरा को हटाने का कह गए।

 उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना लगाया। किसान अधिकार यात्रा के साथ आज श्रीगंगानगर पहुुंचे घनश्याम तिवाड़ी ने कलक्ट्रेट पर आयोजित किसानों की विशाल सभा में कहा कि- उन्हें भाजपा से कोई आज निकालना चाहता है तो निकाल दे, वे तो खुद को पार्टी से निकाला हुआ ही समझते हैं। तिवाड़ी ने किसानों की इस सभा में जयपुर के सिविल लाइन्स में मुख्यमंत्री को आवंटित बंगले का पुराना आरोप दोहराया कि वसुंधरा राजे ने इस बंगले को आजीवन अपने नाम करवा लिया है जिस पर कोई भी नहीं बोल रहा।

तिवाड़ी ने कहा कि सीएम बहुत अहंकारी है। भाजपा मेें उनके सामने न तो किसी सांसद की चलती है और न ही विधायक की। अकसर सांसद और विधायक दबी जुबान में यह कहते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे सीएम को चलता कर दें, उन सबकी चलने लगेगी।


अपने भाषण में तिवाड़ी ने मुख्य रूप से वसुंधरा राजे पर ही कड़े प्रहार किये।  पिछले काफी समय से घनश्याम तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा से विद्रोह किया हुआ है। वे लगातार मुख्यमंत्री के खिलाफ खुलकर बोलते आये हैं। आज उन्होंने यहां तक कह दिया कि वे खुद को पार्टी से निकला हुआ ही समझते हैं।

बेशक कोई कहता रहे कि उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाये।

उन्होंने कहा कि वे किसानों की मांगों का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। अधिकार यात्रा के साथ वे पूरे राजस्थान में जायेंगे। विगत 15 सितम्बर को जयपुर से आरम्भ हुई इस किसान अधिकार यात्रा की पहली बड़ी सभा आज श्रीगंगानगर में हुई। यात्रा के साथ, किसानों की महापंचायत के संयोजक रामपाल जाट, पूर्व विधायक नारायण बेहड़ा, खेत बचाओ देश बचाओ अभियान के संयोजक पंकज धनकड़ आदि किसान नेता यहां पहुंचे। रामपाल जाट, नारायण बेहड़ा और पंकज धनकड़ ने कहा कि केन्द्र व राज्य में सत्ता में आने के बाद भाजपा लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है। इसीलिए किसानों को उनके हक दिलाने के लिए अधिकार यात्रा निकाली जा रही है।

लगभग 45 दिन की इस यात्रा के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में एक-एक बड़ी जनसभा की जायेगी। यह यात्रा 23 दिसम्बर को जयपुर में किसानों की एक महारैली के साथ सम्पन्न होगी। बिना जीत के बंटे लड्डू किसानों की इस सभा में कतिपय वक्ताओं ने पिछले सप्ताह प्रदेश में एक अन्य संगठन द्वारा चलाये गये किसान आंदोलन के सम्बंध में कहा कि इसे लेकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है कि उनकी जीत हो गई है। किसान महापंचायत के संयोजक रामपाल जाट ने कहा कि उस किसान आंदोलन में राज्य सरकार ने एक भी मांग स्वीकार नहीं की है। किसानों की 11 मांगों को लेकर यह आंदोलन किया गया था। एक भी मांग कबूल न होने के बावजूद किसानों को उनकी जीत होने का बताकर बिना जीत के ही लड्डू बांटकर खुशियां मनाई जा रही हैं।

 उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक इस किसान महापंचायत का आंदोलन जारी रहेगा।

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