Saturday, September 16, 2017

डेराप्रबंधक रणजीत सिंह व पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याओं के मामलों पर अंतिम सुनवाई 16सितंबर से शुरू

राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सजा सुनाने वाले जज जगदीप सिंह ही रणजीत सिंह व रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड की सुनवाई कर रहे हैं। छत्रपति और डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या मामलों में शनिवार  16 सितंबर 2017 से अंतिम  बहस शुरू होगी। रोहतक जेल में यह पहला मौका होगा, जब किसी कैदी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। उधर, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा के नए गृह सचिव एसएस प्रसाद, पुलिस महानिदेशक बीएस संधू, चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक और पंजाब के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक की।

गृह सचिव व डीजीपी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए कदमों की जानकारी दी। राज्य में अभी 33 कंपनियां अद्र्धसैनिक बलों की तैनात हैैं। गुरमीत राम रहीम की पेशी के बाद फिर से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होगी। उसके बाद पंचकूला, सिरसा और रोहतक जिलों को छोड़कर बाकी जिलों से अद्र्धसैनिक बलों की कंपनियों को वापस भेजा जा सकता है।

रणजीत व छत्रपति मर्डर केस भी 15 साल पुराने

10 जुलाई 2002 को डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत का मर्डर हुआ था। डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच की मांग की। वहीं 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक 'पूरा सच' के संपादक रामचंद्र छत्रपति को पांच गोलियां मारी गई थी, जिसके बाद 21 नवंबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मृत्यु हो गई।

बताया जाता है कि अपने अखबार में साध्वी यौन शोषण मामले को उठाने पर ही प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या  हत्या की गई। जनवरी 2003 में पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच की मांग की। इसके बाद हाई कोर्ट ने पत्रकार छत्रपति व रणजीत हत्याकांड की सुनवाई एक साथ करते हुए 10 नवंबर 2003 को सीबीआइ को एफआइआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए। दिसंबर 2003 में सीबीआइ ने छत्रपति व रणजीत हत्याकांड में जांच शुरू की। डेरे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच पर रोक की मांग की। नवंबर 2004 में दूसरे पक्ष की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डेरे की याचिका खारिज कर दी।

पंचकूला में पैरामिलिट्री व पुलिस तैनात

गुरमीत राम रहीम की पेशी भले ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी, लेकिन पंचकूला स्थित सीबीआइ कोर्ट की सुरक्षा शुक्रवार को ही बढ़ा दी गई है। पंचकूला कोर्ट में हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री को तैनात कर दिया गया है।


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