Wednesday, August 30, 2017

राजस्थानी रा मानीता साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी रो परिचय अर पोथियां





मनोज कुमार स्वामी राजस्थानी भाषा री मान्यता सारूं आपरै जीव नै जितरो तोड़्यो मरोड़्यो, उण रो बखान करण वास्ते कई दिन चाईजै।पण अठै परिचय देवण री कोसिस करीजी है- करणीदानसिंह राजपूत-


मायड़ भासा राजस्थानी री संवैधानिक मान्यता सारू संकळपित‘ संघर्ष मांय सामल।
कन्या भू्रण हत्या रोकण सारू संकळपित गर्भस्थ शिशू संरक्षण समिति मांय सामल।
रंगमंच सूं जुड़ाव, साक्षरता, जनचेतना नाटकां रो स्थापित मंचा अर नुक्कड़ नाटकां रो मंचन।
‘‘गांव की गळी-गाळी‘‘ अर ‘‘कफन’’ रो मंचन घणों सराइज्यो।
दूरदर्शन रै कल्याणी कार्यकम मैं ‘‘द्रोपदी’’ फीचर मांय अभिनय।
सन् 1982 सूं आकाशवाणी केन्द्र सूरतगढ़ सूं लगो लग कहाणी पाठ अर लिख्योड़ै नाटकां रो प्रसारण। जिणां मांय ‘‘कुवारो’’ नाटक तो सो सूं बैसी बार प्रसारित।
कहाणी ‘‘औसर’’ पर भगवान दास शर्मा रै निर्देसण मांय बणी टेली फिलम, ’ओसर द पार्टी आफ डेथ’ श्रेष्ठ कथानक सूं पुरस्कृत।
बाल नाटकां री पोथी ‘‘ तांतड़ै रा आसूं’’ पर राजस्थान सरकार रो ’’ राजस्थानी भासा साहित्य एंव सुस्कृति अकादमी बीकानेर संू, ‘‘बाल साहित्य पुरस्कार 2006।’’
स्वर्गीय कुरड़ाराम ढिल राजस्थानी साहित्य सम्मान ( बरवाली- नोहर) स्वर्गीय नानूराम संस्कर्ता राजस्थानी साहित्य सम्मान (लूणकरणसर- बीकानेर)
 सुरजाराम जारीवाला राजस्थानी सृजन-सम्मान (श्रीगंगानगर 

 अमेरिका री संस्था 'राना' रो पदमश्री कन्हैया लाल सेठिया राजस्थानी साहित्य सम्मान( समारोह स्थल जोधपुर-राजस्थान)
---------------
जागती जोत, राजस्थली, माणक, बिणजारो, नैणसी, हथाई, लीलटांस, अपरन्च, कथैसर, दिल्ली प्रेस युगपक्ष, सीमां संदेश, सूं लगो लग रचनावं रो प्रकासन।
मायड़ भासा सारू, 30 बरसां सूं पखवाड़ियै अखबाकर ‘‘सूरतगढ़ टाईम्स’’ रो प्रकासण।
पंजाब केसरी जालंधर सारू 22 बरसां स्यूं संवाद प्रेसण।
खास -मायड़ भासा राजस्थानी मांय देस मांय पैली बारी 10 दिना ताई रामलीला रौ सफल मंचन

छप्योड़ी पोथी

1. तांतड़ै रा आसूं ः- राजस्थानी नाटक संग्रै

2. काचो सूत ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

3. बेटी ः- राजस्थानी कविता संग्रै

4. रिचार्ज ः- राजस्थानी नाटक संग्रै

5. इमदाद ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

6. किंया...!! ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

7. खैचळ अर खैचळ ः- राजस्थानी आत्मकथा

8. नाव अर जाळ ः- राजस्थानी उल्थौ 
उपन्यास मछुआरे (चेम्मीन)

लेखक पिल्लैई शिव शंकर

9. रामलीला राजस्थानी माय:- नाटक


10. टोपां-टोपां जूण ः- राजस्थानी उल्थौ 

उपन्यास कतरा-कतरा जिदगीं -

लेखक यादवेन्द्र शर्मा चंद्र


छपणै री अडीक में हिन्दी सूं राजस्थानी मांय उल्थौ

तिरस्कृत - सूरजपाल चौहान

संतप्त - सूरजपाल चौहान
---------------------------------------
मनोज कुमार स्वामी अर जोड़ायत गंगादेवी
 ----------------------------------------------------------------

 ठिकाणों:-    पुराणो बस   स्टैण्ड, सूरतगढ़़,335804,
                
                    जिला श्रीगंगानगर ‘राजस्थान’,


कानाबातीः  9414580960.


                 9782113751.

ईमेल पता.  manojswami2011@gmil.com

.

No comments:

Post a Comment

Search This Blog