Wednesday, August 9, 2017

भाजपा नेता राजस्थान के पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम गंगानगर का पोता गिरफ्तार


 जयपुर 9-8-2017.

एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) अधिकारी बन पीएचईडी के अधिकारियों से चौथ वसूली करने के आरोप में असली एसीबी ने साहिल राजपाल गंगानगर को गिरफ्तार किया है।आरोपी नेट के जरिए वीडियो कॉलिंग कर वसूली की कार्रवाई को अंजाम देता था। आरोपी का नाम साहिल राजपाल है जिसे एसीबी ने जालूपुरा से गिरफ्तार किया है।

एसीबी की प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक/ पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम गंगानगर का पोता है। चौंकाने वाली बात ये भी सामने आई है कि साहिल जयपुर में बीजेपी एमएलए मोहनलाल गुप्ता के सरकारी आवास पर रहता था।

बताया जा रहा है कि आरोपी पूर्व में जेडीए के भी कई अधिकारियों को अपना शिकार बना चुका है। मामले के मुताबिक पिछले कुछ समय एसीबी लगातार आरोपी पर नजर बनाए हुई थी।

मामले की पक्की जानकारी सामने आने के बाद एसीबी ने आज 9अगस्त  को उसे गिरफ्तार कर लिया। एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि ठगी की कई अन्य वारदातें हो सकती है।

 आरोपी साहिल राजपाल एसीबी का अधिकारी बनकर शंकरदत्त नाम से चौथ वसूली करता था। एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में जालपुरा में एमएलए क्वार्टर पर छापा मार कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने साहिल को विधायक मोहनलाल गुप्ता के सरकारी मकान से गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार साहिल इंटरनेशनल कॉल के जरिए लोगों के साथ ठगी करता था। एसीबी ने बताया कि साहिल को पकड़ने के लिए 9 देशों में ट्रेकिंग की गई थी।

साहिल ने एसीबी के एसपी शंकरदत्त के नाम से एक इंजीनियर को कॉल कर 10 लाख रुपए मांगे थे, जिस पर इंजीनियर ने उसे 2 लाख रुपए दे दिए थे। पीड़ित इंजीनियर ने इसी साल फरवरी में इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई थी।

राधेश्याम गंगानगर इलाके में नामी नेता हैं और अरोड़वंश समुदाय पर बहुत अच्छी पकड़ है। राधेश्याम पहले कांग्रेस पार्टी में थे और नगर विकास न्यास के सन 1974 में अध्यक्ष भी रहे। वह अध्यक्ष काल विवादों में रहा। आर एस एस के श्याम चुघ ने भूखंड आवंटन का मामला उठाया था। पट्टों पर मंत्री व अन्य फोटो छपे थे। 

राधेश्याम  बाद में अवसर देख कांग्रेस छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी में सदस्य बने और श्री गंगानगर से विधायक चुने जाने के बाद सरकार में राज्यमंत्री भी रहे। राधेश्याम पिछला 2013 का विधानसभा चुनाव जीत नहीं पाए। पोते साहिल की गिरफ्तारी से उनकी राजनीतिक छवि पर असर पड़ सकता है।

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